चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र के ब्लॉक मोड़ समीप नईपारम में कोयला ढोने वाले वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में अनियंत्रित कोल वाहनों ने चार मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हादसे से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया है और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीएनएम, बालाजी, रबीन्द्र इंटरप्राइजेज, ओसेल, और जिएआरएल (GARL) जैसी कंपनियाँ इस मार्ग से लगातार कोयला ढुलाई कर रही हैं। कंपनियों पर प्रतिदिन हजारों टन कोयला डिस्पैच करने का दबाव होता है, और इसी ‘टारगेट’ को पूरा करने के चक्कर में वाहन चालक सड़कों पर गाड़ियों को अंधाधुंध और तेज गति से दौड़ाते हैं। इस लापरवाही का खामियाजा आए दिन राहगीरों और बेजुबान पशुओं को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की मनमानी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनकी यह भी माँग है कि जिम्मेदार कंपनियों और लापरवाह ड्राइवरों के खिलाफ सख्त मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। लोगों का मानना है कि अगर प्रशासन सख्ती बरते तभी इन हादसों पर अंकुश लग पाएगा। वहीं, इस घटना के बीच स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने पशु मालिकों से भी अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें, क्योंकि बेसहारा या आवारा मवेशी भी अक्सर राहगीरों के साथ बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जिससे उनकी और दूसरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।
चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र के ब्लॉक मोड़ समीप नईपारम में कोयला ढोने वाले वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में अनियंत्रित कोल वाहनों ने चार मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हादसे से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया है और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीएनएम, बालाजी, रबीन्द्र इंटरप्राइजेज, ओसेल, और जिएआरएल (GARL) जैसी कंपनियाँ इस मार्ग से लगातार कोयला ढुलाई कर रही हैं। कंपनियों पर प्रतिदिन हजारों टन कोयला डिस्पैच करने का दबाव होता है, और इसी ‘टारगेट’ को पूरा करने के चक्कर में वाहन चालक सड़कों पर गाड़ियों को अंधाधुंध और तेज गति से दौड़ाते हैं। इस लापरवाही का खामियाजा आए दिन राहगीरों और बेजुबान पशुओं को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों की मनमानी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनकी यह भी माँग है कि जिम्मेदार कंपनियों और लापरवाह ड्राइवरों के खिलाफ सख्त मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। लोगों का मानना है कि अगर प्रशासन सख्ती बरते तभी इन हादसों पर अंकुश लग पाएगा। वहीं, इस घटना के बीच स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने पशु मालिकों से भी अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें, क्योंकि बेसहारा या आवारा मवेशी भी अक्सर राहगीरों के साथ बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, जिससे उनकी और दूसरों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।
- हजारीबाग के कटमदाग में एक चापाकल पिछले दो साल से खराब पड़ा है, जिसके कारण गाँव के लोग भीषण गर्मी में पानी के बिना प्यासे और परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने एक बार जल विभाग के पास इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह चापाकल सरकार ने पैसा खर्च करके लगवाया था, लेकिन जल विभाग ने इसे केवल दो-चार महीने ही चलाया, जिसके बाद से यह खराब पड़ा है और इसकी मरम्मत नहीं की गई है।1
- यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि गलतियां और कमियां होने के बावजूद, व्यक्ति का दिल साफ और इरादे सच्चे होते हैं। इसमें कहा गया है कि लोगों को खुश करने के बजाय अपनी सच्चाई में जीना अधिक पसंद है। पोस्ट स्पष्ट रूप से बताती है कि "मैं परफेक्ट नहीं... लेकिन रियल हूं", यह मानते हुए कि नकली दिखावे से बेहतर अपनी असली पहचान के साथ जीना है।1
- ओरिया भला सिंह ने बोरवेल में फंसी सबमर्सिबल मोटर या किसी भी अन्य प्रकार के समर्सिबल उपकरण को बाहर निकालने के लिए अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं। इस सुविधा के लिए 926288976 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, जो प्लंबर बोरिंग का पता लगवाएगा, उसे ₹200 का इनाम भी दिया जाएगा।1
- हजारीबाग के कोर्रा चौक स्थित मुसन साव गली में बने कुमार बॉयज हॉस्टल में गिरिडीह निवासी छात्र पंकज कुमार सिंह ने आत्महत्या कर ली है। पंकज कुमार सिंह बीसीए सेमेस्टर-1 का छात्र था और हॉस्टल के दूसरे तल्ले पर अकेले एक कमरा लेकर रह रहा था। बताया गया है कि वह पढ़ाई में बेहद होनहार विद्यार्थी था और उसकी तकनीक के क्षेत्र में भी अच्छी रुचि थी। पंकज ने दूर-दराज से पढ़ाई करने आने वाले छात्रों की परेशानी को देखते हुए 'One Near' नाम से एक एप्लीकेशन भी तैयार किया था, जिसका उद्देश्य नए छात्रों को कमरा खोजने में मदद करना था और इस प्रयास की लोग सराहना भी करते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए एसबीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पंकज के परिजनों से भी बातचीत की है। पंकज के परिजन हजारीबाग पहुंच गए हैं। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, और खबर लिखे जाने तक हॉस्टल के कमरे का दरवाजा नहीं खोला गया था।1
- झारखंड के हजारीबाग में एक ‘कोयला सिंडिकेट’ तेजी से पनप रहा है, जिससे क्षेत्र में गंभीर चिंता का माहौल है। यह सिंडिकेट नेताओं, माफियाओं और दलालों के एक संगठित गठजोड़ के कारण सक्रिय है, जिसके चलते पूरे कोल बेल्ट में स्थिति 'गर्म' हो रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह खतरा मंडरा रहा है कि हजारीबाग में भी धनबाद जैसे भयावह और अस्थिर हालात उत्पन्न हो सकते हैं।1
- चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड में 'चतरा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। वरिष्ठ आंदोलनकारी जगदीश भुईया की अध्यक्षता और दिनेश कुमार सिंह के कुशल संचालन में संपन्न हुई इस बैठक में दर्जनों आंदोलनकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, वहीं सचिन सुगन साहू ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि सालों के लंबे संघर्ष और कई बलिदानों के बाद भले ही एक अलग झारखंड राज्य का गठन हो गया हो, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने सरकार से जोरदार मांग की है कि आंदोलनकारियों को उनका उचित सम्मान, पहचान और आवश्यक सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएं। साथ ही, उनकी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस एवं प्रभावी नीति बनाने पर भी जोर दिया गया। संगठन ने अपनी मांगों को लेकर आगे और भी बड़े स्तर पर आवाज उठाने और संघर्ष करने का संकल्प लिया है, ताकि आंदोलनकारियों को उनका हक मिल सके।1
- रातु के गुडू गांव में महान स्वतंत्रता सेनानी ठेबले उराँव की 68वीं पुण्यतिथि मनाने की तैयारी को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। कुरमाली भाषा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने इस दौरान गुडू गांव का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने ठेबले उराँव के परिवारों से मुलाकात की और जनसंपर्क अभियान चलाया। डॉ. महतो ने 1 जून को होने वाले पुण्यतिथि समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और बताया कि गुडू गांव में ठेबले उराँव की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा स्थापना और ठेबले उराँव के पैतृक गांव गुडू के सर्वांगीण विकास की मांग को लेकर उनके वंशजों ने झारखंड के राज्यपाल को एक आवेदन सौंपा है। डॉ. राजाराम महतो ने अपने पत्र में यह भी बताया कि स्वतंत्रता सेनानी ठेबले उराँव स्वतंत्र भारत के प्रथम नामित सांसद थे। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि झारखंड सरकार के निर्णय के अनुरूप ठेबले उराँव के पैतृक गांव गुडू रातू का सर्वांगीण विकास किया जाए और उनकी आदमकद प्रतिमा लगाई जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। पत्र में यह भी जानकारी दी गई है कि रातु अंचल के मौजा गुडू में खाता संख्या 79, प्लॉट संख्या 1, रकबा 21 डिसमिल गैर-मजरूआ जमीन को जिला प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए चिन्हित किया गया है। डॉ. महतो के पत्र में ठेबले उराँव के महत्वपूर्ण योगदानों का भी उल्लेख है; उन्होंने शिक्षक के रूप में अपना जीवन शुरू किया और बाद में समाज व देश सेवा में खुद को समर्पित कर दिया। उन्होंने वर्ष 1900 में छोटानागपुर उन्नति समाज की स्थापना की और उसके अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 1908 में उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए लंबे समय तक प्रयास किए, 1916 में गो-रक्षा के लिए आंदोलन चलाया और 1928 में साइमन कमीशन के समक्ष झारखंड को अलग प्रांत बनाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर किसानों को संगठित किया और रांची विश्वविद्यालय की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. राजाराम महतो के साथ शिवशंकर नीलकंठ महतो, नरेश महतो, भावेश मिश्रा, जीतराम लोहारा, सोहराय उरांव, टूना उरांव, बसंती उरांव और अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।1
- आगामी बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने अपनी तैयारियों के तहत बड़कागांव थाना क्षेत्र के बड़कागांव चौक पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह मॉक ड्रिल पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव श्री अमित आनंद (भा. पु. से.), पुलिस निरीक्षक बड़कागांव, परिचरी प्रवर कुमार देवव्रत और थाना प्रभारी, बड़कागांव उपस्थित रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बकरीद पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु वे 24x7 तत्पर हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने वाले भ्रामक संदेशों के प्रति भी लोगों को आगाह किया। जनता से अनुरोध किया गया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह के भ्रामक मैसेज आने पर उसके बहकावे में न आएं, बल्कि तत्काल उसकी सूचना अपने नजदीकी थाना में दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसी सूचना का सत्यापन करते हुए अभिलंब कार्रवाई की जाएगी।4