रीवा जिले के त्यौंथर में बाढ़ के बाद का कहर ,,जिसके तबाही की भयावह तस्वीरें अब सामने आने लगी हैं,, ऐसा ही मंजर ग्राम पंचायत मनिका से सामने आया है ,, जहां पीड़ित यादव किसान परिवारो के कई घरों के अंदर बाढ़ का पानी लगभग 5 फिट था,, जिनके अनाज खाने पीने की सामग्री के साथ गृहस्थी का पूरा सामान नष्ट हो गया,, चार दिन बीत जाने के बाद भी त्यौंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी,,ग्राम पंचायत के सरपंच,, सचिव,, रोजगार सहायक,, पटवारी त्यौंथर के प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंच से दूर हैं अभी भी पीड़ित ,, फिर भी आस लगाए भोजन और दवाई के व्यवस्था की गुहार लगा रहे पीड़ित,, मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री को क्या मालूम त्यौंथर की प्रशासनिक कार्यवाही जमीन पर नहीं कागजों तक सीमित रहती है,, जबकि दो दिन पहले ही रीवा आए थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सख्त निर्देश दिए थे कि,, बाढ़ पीड़ितों तक बिना देरी किए पहुंचे प्रशासन,, तुरंत भोजन और दवाई की व्यवस्था उपलब्ध कराए,,, राहत शिविर लगाकर एवं सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि प्रदान करे।। रीवा जिले के त्यौंथर में बाढ़ के बाद का कहर ,,जिसके तबाही की भयावह तस्वीरें अब सामने आने लगी हैं,, ऐसा ही मंजर ग्राम पंचायत मनिका से सामने आया है ,, जहां पीड़ित यादव किसान परिवारो के कई घरों के अंदर बाढ़ का पानी लगभग 5 फिट था,, जिनके अनाज खाने पीने की सामग्री के साथ गृहस्थी का पूरा सामान नष्ट हो गया,, चार दिन बीत जाने के बाद भी त्यौंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी,,ग्राम पंचायत के सरपंच,, सचिव,, रोजगार सहायक,, पटवारी त्यौंथर के प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंच से दूर हैं अभी भी पीड़ित ,, फिर भी आस लगाए भोजन और दवाई के व्यवस्था की गुहार लगा रहे पीड़ित,, मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री को क्या मालूम त्यौंथर की प्रशासनिक कार्यवाही जमीन पर नहीं कागजों तक सीमित रहती है,, जबकि दो दिन पहले ही रीवा आए थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सख्त निर्देश दिए थे कि,, बाढ़ पीड़ितों तक बिना देरी किए पहुंचे प्रशासन,, तुरंत भोजन और दवाई की व्यवस्था उपलब्ध कराए,,, राहत शिविर लगाकर एवं सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि प्रदान करे।।
रीवा जिले के त्यौंथर में बाढ़ के बाद का कहर ,,जिसके तबाही की भयावह तस्वीरें अब सामने आने लगी हैं,, ऐसा ही मंजर ग्राम पंचायत मनिका से सामने आया है ,, जहां पीड़ित यादव किसान परिवारो के कई घरों के अंदर बाढ़ का पानी लगभग 5 फिट था,, जिनके अनाज खाने पीने की सामग्री के साथ गृहस्थी का पूरा सामान नष्ट हो गया,, चार दिन बीत जाने के बाद भी त्यौंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी,,ग्राम पंचायत के सरपंच,, सचिव,, रोजगार सहायक,, पटवारी त्यौंथर के प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंच से दूर हैं अभी भी पीड़ित ,, फिर भी आस लगाए भोजन और दवाई के व्यवस्था की गुहार लगा रहे पीड़ित,, मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री को क्या मालूम त्यौंथर की प्रशासनिक कार्यवाही जमीन पर नहीं कागजों तक सीमित रहती है,, जबकि दो दिन पहले ही रीवा आए थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सख्त निर्देश दिए थे कि,, बाढ़ पीड़ितों तक बिना देरी किए पहुंचे प्रशासन,, तुरंत भोजन और दवाई की व्यवस्था उपलब्ध कराए,,, राहत शिविर लगाकर एवं सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि प्रदान करे।। रीवा जिले के त्यौंथर में बाढ़ के बाद का कहर ,,जिसके तबाही की भयावह तस्वीरें अब सामने आने लगी हैं,, ऐसा ही मंजर ग्राम पंचायत मनिका से सामने आया है ,, जहां पीड़ित यादव किसान परिवारो के कई घरों के अंदर बाढ़ का पानी लगभग 5 फिट था,, जिनके अनाज खाने पीने की सामग्री के साथ गृहस्थी का पूरा सामान नष्ट हो गया,, चार दिन बीत जाने के बाद भी त्यौंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी,,ग्राम पंचायत के सरपंच,, सचिव,, रोजगार सहायक,, पटवारी त्यौंथर के प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंच से दूर हैं अभी भी पीड़ित ,, फिर भी आस लगाए भोजन और दवाई के व्यवस्था की गुहार लगा रहे पीड़ित,, मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री को क्या मालूम त्यौंथर की प्रशासनिक कार्यवाही जमीन पर नहीं कागजों तक सीमित रहती है,, जबकि दो दिन पहले ही रीवा आए थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सख्त निर्देश दिए थे कि,, बाढ़ पीड़ितों तक बिना देरी किए पहुंचे प्रशासन,, तुरंत भोजन और दवाई की व्यवस्था उपलब्ध कराए,,, राहत शिविर लगाकर एवं सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि प्रदान करे।।
- गड्ढे में टवेरा धंसने से मचा हड़कंप मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से रेलवे स्टेशन बाइपास को जोड़ने वाली सड़क पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब रास्ते से गुजर रही एक टवेरा गाड़ी सड़क पर बने गहरे गड्ढे में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह मशक्कत कर वाहन को गड्ढे से बाहर निकाला। प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग से सटे इस मार्ग पर करीब 10 से 12 फीट लंबे और लगभग चार फीट गहरे हिस्से में सड़क धंस गई है। इसी दौरान टवेरा वाहन वहां से गुजर रहा था। अचानक सड़क में धंसे हिस्से में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह घुस गया। वाहन के गड्ढे में फंसते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और काफी प्रयास के बाद वाहन को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलने पर मेजारोड चौकी प्रभारी हरिओम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क की स्थिति को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराकर रास्ते के क्षतिग्रस्त हिस्से को बंद करा दिया, ताकि कोई अन्य वाहन गड्ढे में न फंसे और संभावित हादसे को टाला जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा काफी समय से जर्जर था। लगातार बारिश के कारण सड़क और धंस गई, जिससे खतरा बढ़ गया है। मार्ग पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। लोगों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। गड्ढे में टवेरा धंसने से मचा हड़कंप मेजा, प्रयागराज। मेजारोड बाजार के पटेल नगर चौराहे से रेलवे स्टेशन बाइपास को जोड़ने वाली सड़क पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब रास्ते से गुजर रही एक टवेरा गाड़ी सड़क पर बने गहरे गड्ढे में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह मशक्कत कर वाहन को गड्ढे से बाहर निकाला। प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग से सटे इस मार्ग पर करीब 10 से 12 फीट लंबे और लगभग चार फीट गहरे हिस्से में सड़क धंस गई है। इसी दौरान टवेरा वाहन वहां से गुजर रहा था। अचानक सड़क में धंसे हिस्से में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह घुस गया। वाहन के गड्ढे में फंसते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और काफी प्रयास के बाद वाहन को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलने पर मेजारोड चौकी प्रभारी हरिओम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क की स्थिति को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराकर रास्ते के क्षतिग्रस्त हिस्से को बंद करा दिया, ताकि कोई अन्य वाहन गड्ढे में न फंसे और संभावित हादसे को टाला जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा काफी समय से जर्जर था। लगातार बारिश के कारण सड़क और धंस गई, जिससे खतरा बढ़ गया है। मार्ग पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। लोगों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।1
- Post by Ashwin Kumar Tripathi1
- हाई कोर्ट से चूड़ी बड़ी खबर प्रधानों के प्रशासक बनने वाली आज क्या पर सुनवाई आज होनी थी पर सुनवाई टली अगली तारीख निर्धारित कर दी गई है पूरी रिपोर्ट देखी हाई कोर्ट से जुड़ी बड़ी खबर प्रधानों की प्रशासक बनने वाली याचिका पर सुनवाई होनी थी पर अगली तारीख पर अब सुनवाई होगी जरा सुनिए हाईकोर्ट में अगली तारीख कब की निर्धारित करी गई पूरी रिपोर्ट देखें1
- हंडिया मांडा खास में संसद विधायकों का कुछ अता पता नहीं ग्रामीणो के घरो में घुसा पानी मेजा विधानसभा क्षेत्र के मांडा ब्लाक के हंडिया गांव में पानी से घर गिरने के कगार पर है स्थानीय लोगों का कहना है हमारे गांव में पानी निकासी न होने पर घर में पानी घुस गया करीब 15 दिन से लगातार घरों के चारों तरफ पानी भरा हुआ है जिससे घर जर्जर हो गया है कब बड़ी घटना हो सकती है लोगों का कहना यहां पर न सांसद न विधायक का पता चला सीर्फ वोटों के लिए आते हैं1
- मेजा क्षेत्र स्थित जेवनिया गांव में राज कुमार सोनी व्दारा सावन मास में रुद्राभिषेक कराया गया । जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मेजा क्षेत्र स्थित जेवनिया गांव में राज कुमार सोनी व्दारा सावन मास में रुद्राभिषेक कराया गया । जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- बारा का विकास मेरी प्राथमिकता रही है और जनता ने हमे बारा से विधायक बनाया है तो हमे उनके विस्वास पर खरे उतरना है--वाचस्पति स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए विधायक वाचस्पति ने कहा कि बारा विधानसभा के विकास के लिए उन्होंने अपनी ओर से कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। जब भी उन्हें क्षेत्र की किसी समस्या की जानकारी मिली, उन्होंने उसके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क, बिजली, जनसुविधाओं या आम जनमानस से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो, उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि जनता को समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। वाचस्पति ने कहा कि “बारा विधानसभा का विकास और क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान हमेशा मेरी प्राथमिकता रहा है। जनता ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस विश्वास को कायम रखना मेरी जिम्मेदारी है।” समाजसेवी मोहम्मद कमर ने विधायक वाचस्पति का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि बारा विधानसभा में विकास के लिए किए गए कार्यों के लिए क्षेत्र की जनता उनकी आभारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की असली पहचान केवल चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देने से नहीं, बल्कि जरूरत के समय जनता के साथ खड़े रहने से होती है। विधायक वाचस्पति ने इस कसौटी पर खुद को साबित किया है। मोहम्मद कमर ने विशेष रूप से कहा कि नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि मुकेश द्विवेदी, श्यामू, अर्पित जायसवाल और नीरज केसरवानी जिस तरह विधायक वाचस्पति और आम जनता के बीच लगातार संवाद एवं समन्वय स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सक्रियता से जनता की समस्याएं विधायक तक तेजी से पहुंच रही हैं और जनता तथा जनप्रतिनिधि के बीच की दूरी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की मुकेश द्विवेदी, श्यामू भाई, अर्पित जायसवाल और नीरज केसरवानी का जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं को विधायक तक पहुंचाने में भूमिका निभाना इसी मजबूत जनसंपर्क व्यवस्था का उदाहरण है। मोहम्मद कमर ने कहा कि जब-जब आम जनता को विधायक की जरूरत पड़ी, वाचस्पति जनता के बीच खड़े दिखाई दिए। वहीं उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका ने इस जुड़ाव को और मजबूत किया है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों में विधायक वाचस्पति के प्रति विश्वास और सम्मान लगातार मजबूत हुआ है। साथ ही कहा “वाचस्पति जी ने सबका साथ, सबका विकास की भावना को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से उसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। उनके साथ उनके प्रतिनिधियों का जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना इस बात का प्रमाण है कि बारा में जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने कहा कि “बारा की जनता को वाचस्पति जैसे सहज, सरल और मृदुभाषी जनप्रतिनिधि को तलाशने के लिए चिराग लेकर निकलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनता के बीच रहकर अपनी कार्यशैली से अपनी पहचान बनाई है। ऐसे जनप्रतिनिधि की जरूरत बारा को आज भी है और आने वाले समय में भी रहेगी।” *घूरपुर से साफ दिखाई दिया जनता का मूड* विधायक वाचस्पति के घूरपुर भ्रमण के दौरान जिस तरह स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके सामने पहुंचे और विधायक ने मौके पर ही संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए, उससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। वहीं, मोहम्मद कमर की अपील पर जुटे लोगों द्वारा वाचस्पति के कार्यकाल की सराहना और आगामी चुनाव में पुनः समर्थन का भरोसा राजनीतिक रूप से भी इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बना गया। घूरपुर में हुए इस जनसंवाद ने एक बात स्पष्ट कर दी कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए तत्काल पहल करना ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान होती है। बारा विधानसभा में वाचस्पति की सक्रियता और जनता से सीधा संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर पत्रकार साथी परवेज आलम,निहाल अहमद,हाजी अहमद,मोहम्मद जफर,वफ़ात उल्ला,इम्तियाज अहमद,मो0 मोबिन,शमशेर अली,गुलजार अहमद,अमजद अली,रिजवान अहमद,बुलाकी,अच्छे, वसीम अहमद,राजाराम, सोनू ,अंसार खां सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने घूरपुर में किया जनसंपर्क, लोगों की सुनीं समस्याएं। बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने घूरपुर में किया जनसंपर्क, लोगों की सुनीं समस्याएं प्रयागराज, बारा। विधायक डॉ. वाचस्पति ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान घूरपुर ग्राम सभा पहुंचकर जनसंपर्क किया। उन्होंने समाजसेवी मोहम्मद कमर के आवास पर रुककर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। जनता द्वारा बताई गई समस्याओं पर विधायक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। ग्रामीणों ने बारा विधानसभा में हुए विकास कार्यों की सराहना की और आगामी विधानसभा चुनाव में फिर से समर्थन देने का भरोसा दिलाया।1
- संदीपन घाट थाना क्षेत्र में खुलेआम जुआ, 15 गांवों से पहुंच रहे लोग संदीपन थाना के संरक्षण में हो रहे हैं जुआ *तिल्हापुर मोड़, कौशांबी*। संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उजिहिनी फरीदपुर गांव में खुलेआम जुए का फड़ संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रोजाना दूर-दराज के क्षेत्रों से 50 से 100 लोग जुआ खेलने पहुंचते हैं, जिससे करीब 15 गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जुआ संचालित कराने वाले लोग बाहरी लोगों को बुलाकर उनसे कमीशन लेते हैं और यह कहते हैं कि पुलिस से उनकी "सेटिंग" है, इसलिए किसी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है और लोग निडर होकर जुआ खेलने आते हैं। स्थानीय लोगों ने मुख्य रूप से बबलू गुप्ता, बच्चा निषाद, मेघि निषाद और बिल्ला भारतीय पर जुए के संचालन में शामिल होने का आरोप लगाया है। आरोप है कि इनमें से दो लोग जुआ खिलाते हैं, जबकि दो अन्य लोकेशन पर रहकर निगरानी करते हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इन्हीं के भरोसे पर बाहरी लोग यहां जुआ खेलने पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि के कारण कई परिवार आर्थिक संकट में फंस चुके हैं, कई घर बर्बाद हो गए हैं और नए युवाओं को भी जुए की लत की ओर धकेला जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1