फोटो भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । प्रेस विज्ञप्ति, सादर प्रकाशनार्थ फोटो भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । - ग्रामीण क्षेत्र के मरीज को लाइफ सेविंग केस में मिला सहारा, चेहरे पर आई सुकुनभरी मुस्कान। कोटा. टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।
फोटो भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । प्रेस विज्ञप्ति, सादर प्रकाशनार्थ फोटो भुवनेश गुप्ता ने भीषण गर्मी में एमबीएस पहुंचकर की 71 वी एसडीपी डोनेशन, कुल 180 बार हो चुका है डोनेशन । - ग्रामीण क्षेत्र के मरीज को लाइफ सेविंग केस में मिला सहारा, चेहरे पर आई सुकुनभरी मुस्कान। कोटा. टीम जीवनदाता हमेशा ही लोगों की मदद को आगे रहती है, ये ही नहीं स्वयं पहले एसडीपी डोनेशन करते हैं और दूसरों को मोटिवेट करते हैं, मदद करते हैं और अनमोल जीवन को बचाने का पूरा प्रयास किया जाता है। ऐसा ही वाकया देखने को मिला जब लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संयोजक व संरक्षक भुवनेश गुप्ता ने स्वयं एमबीएस पहुंचकर एक ग्रामीण की मदद की। यह कोई पहली बार नहीं अनगिनत कई बार ग्रामीणों को संबल प्रदान किया गया। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान की प्लेटलेट 5 हजार से भी कम रह गई थी, उनका भतीजा भरत योगी परेशान हो रहा था, व उसे बताया गया कि ये लाइफ सेविंग केस है । उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में सेवाभाव रखने वाले भुवनेश गुप्ता एमबीएस ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने 71वीं बार एसडीपी डोनशन किया। वह इससे पूर्व 109 बार रक्तदान भी कर चुके हैं और हजारों लोगों को इस सेवा कार्य से जोड़ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में एसडीपी के लिए रजनीश खंडेलवाल तैयार थे, लेकिन किसी कारण से एमबीएस में एसडीपी की गई, इस दौरान टीम जीवनदाता के मनीष माहेश्वरी , नितिन मेहता, शुभम, सिद्धार्थ सहित कई लोग भी उपस्थित रहे। - गर्मी में ना करें संकोच, व्यक्ति का जीवन है अनमोल भुवनेश गुप्ता ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करने में संकोच करते हैं, भ्रांतियां उनके मन में रहती है, लेकिन किसी की जान का महत्व समझों और गर्मी में एक या दो बार हर व्यक्ति को रक्तदान व एसडीपी डोनेशन करना चाहिए ताकी मदद का यह हाथ किसी के जीवन की डोर को थाम सकता है। सबसे अधिक एसडीपी व ब्लड की आवश्यकता गर्मी में रहती है, ऐसे में एक बार भी रक्तदान किया गया तो रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है।
- यूपी के लखीमपुर खीरी में मुंडन कराने जा रही महिलाओं व बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ट्राली अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई, पांच लोगों की मौत, दर्जनों के घायल होने की खबर...1
- नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एक सार्वजनिक बैठक में उनका "फर्जी भौकाल" उन्हीं पर भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के मुताबिक, पात्रा साहब बिना किसी औपचारिक निमंत्रण के एक मीटिंग में जा धमके थे। क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि संबित पात्रा मीटिंग में पहुँचकर अपनी चिर-परिचित शैली में भाषण देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने जैसे ही मंच संभाला और माहौल बनाने की कोशिश की, आयोजकों और वहां मौजूद लोगों ने उनके अनपेक्षित आगमन पर आपत्ति जता दी। छीन लिया गया माइक! हंगामा तब बढ़ गया जब पात्रा के "फर्जी भौकाल" को दरकिनार करते हुए, आयोजकों ने सीधे उनके हाथ से माइक छीन लिया। बीच भाषण में माइक कटने और हाथ से छीने जाने के बाद पात्रा की स्थिति 'काटो तो खून नहीं' जैसी हो गई। सोशल मीडिया पर उड़ा मज़ाक इस घटना का वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। लोग इसे संबित पात्रा का "लाइव मोये-मोये" बता रहे हैं। विपक्षी समर्थकों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने चुटकी लेते हुए कहा कि: "जब निमंत्रण न हो, तो केवल कैमरे के सामने ही भौकाल काम आता है, ज़मीन पर नहीं!" 🤣🤣 फिलहाल, इस 'फजीहत' पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पात्रा का यह वीडियो डिजिटल गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। रिपोर्ट: कोटा स्टोरीलाइन1
- Post by VKH NEWS1
- कोटा। प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, हाडौती संभाग द्वारा 27 अप्रैल को जैन धरोहर दिवस का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा निर्धारित करने हेतु बुधवार को विज्ञान नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में संरक्षक राजमल पाटौदी, पुरातत्व संयोजक जे.के. जैन, महासभा अध्यक्ष नरेश पांड्य, महामंत्री राकेश चपलमन, कार्याध्यक्ष राजेन्द्र गोधा, कोषाध्यक्ष जीवंधर सोगानी सहित सकल दिगम्बर जैन समाज के पदम बड़ला, निखलेश सेठी, रितेश सेठी, राजेश जैन बंटी एवं अमित जैन चीकू उपस्थित रहे। संरक्षक राजमल पाटौदी ने बताया कि यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संरक्षण कार्यों को गति देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जे.के. जैन ने जानकारी दी कि 27 अप्रैल को प्रातः 9 बजे विज्ञान नगर मंदिर की धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में महासभा के पूर्व रा.अध्यक्ष निर्मलकुमार जैन सेठी को विन्यांजलि भी दी जाएगी। अध्यक्ष नरेश पांड्य एवं महामंत्री राकेश चपलमन ने बताया कि महासभा की यह शाखा दीर्घकाल से प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों, मूर्तियों एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सर्वेक्षण, जीर्णोद्धार तथा संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से लाभान्वित हो सकें।5
- Post by Kuamr Sonu3
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- Post by VKH NEWS1