सीतापुर के नैपालापुर इलाके से आया एक वीडियो इंसानियत को शर्मसार करने वाला बताया गया है, जिसमें मोहम्मद आरिफ नामक एक व्यक्ति को दूध के डिब्बे में थूकते हुए देखा गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को जनस्वास्थ्य के साथ एक घिनौना खिलवाड़ और लोगों की आस्था व भरोसे का कत्ल करार दिया गया है, क्योंकि एक दूधिया पर बच्चों और परिवार के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होती है। वीडियो में 3 से 4 बार दूध में थूकना किसी गलती के बजाय एक सोची-समझी विकृत मानसिकता का प्रमाण माना गया है। सीतापुर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी सराहना की गई है। हालांकि, यह सवाल उठाया गया है कि क्या केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त है, या समाज को अपनी थाली और गिलास की शुद्धता को प्रभावित करने वाले ऐसे 'अदृश्य खतरों' के साये में कब तक जीना होगा। इस घटना ने खाद्य पदार्थों की स्वच्छता के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया है, जिसे अब एक मजबूरी बताया गया है। सोशल मीडिया की ताकत को भी सराहा गया है, जिसकी वजह से यह घिनौनी करतूत सामने आ सकी। कठोर सजा की मांग की गई है ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ एक मिसाल कायम हो और कोई दोबारा किसी की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि दूध शरीर को पुष्ट करने के लिए होता है, न कि किसी की गंदी मानसिकता का शिकार बनने के लिए, और सवाल किया गया है कि क्या केवल गिरफ्तारी काफी है, या समाज को अपनी व्यवस्था खुद दुरुस्त करने की जरूरत है।
सीतापुर के नैपालापुर इलाके से आया एक वीडियो इंसानियत को शर्मसार करने वाला बताया गया है, जिसमें मोहम्मद आरिफ नामक एक व्यक्ति को दूध के डिब्बे में थूकते हुए देखा गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना को जनस्वास्थ्य के साथ एक घिनौना खिलवाड़ और लोगों की आस्था व भरोसे का कत्ल करार दिया गया है, क्योंकि एक दूधिया पर बच्चों और परिवार के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होती है। वीडियो में 3 से 4 बार दूध में थूकना किसी गलती के बजाय एक सोची-समझी विकृत मानसिकता का प्रमाण माना गया है। सीतापुर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी सराहना की गई है। हालांकि, यह सवाल उठाया गया है कि क्या केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त है, या समाज को अपनी थाली और गिलास की शुद्धता को प्रभावित करने वाले ऐसे 'अदृश्य खतरों' के साये में कब तक जीना होगा। इस घटना ने खाद्य पदार्थों की स्वच्छता के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया है, जिसे अब एक मजबूरी बताया गया है। सोशल मीडिया की ताकत को भी सराहा गया है, जिसकी वजह से यह घिनौनी करतूत सामने आ सकी। कठोर सजा की मांग की गई है ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ एक मिसाल कायम हो और कोई दोबारा किसी की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि दूध शरीर को पुष्ट करने के लिए होता है, न कि किसी की गंदी मानसिकता का शिकार बनने के लिए, और सवाल किया गया है कि क्या केवल गिरफ्तारी काफी है, या समाज को अपनी व्यवस्था खुद दुरुस्त करने की जरूरत है।
- भारतीय रेलवे में नियमों का उल्लंघन कर ट्रेन के भीतर निजी सजावट करने का मामला सामने आने के बाद दक्षिण मध्य रेलवे प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (1AC) कूपे को 'सुहागरात' थीम पर सजाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, रेलवे ने ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर (टीटीई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई की है, जब नंदीग्राम एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक दंपति ने फर्स्ट एसी कूपे बुक कराया था और आरोप है कि उन्होंने एक निजी ऑनलाइन डेकोरेटर को ट्रेन के भीतर बुलाकर कूपे को फूलों व अन्य सामग्रियों से 'सुहागरात' की तरह सजाया था। रेलवे अधिकारियों ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया और जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रेलवे के नियमों के विपरीत जाकर ट्रेन के भीतर अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश कराया गया और नियमों का उल्लंघन कर सजावट की गई। इस लापरवाही के चलते, ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर को अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने और नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, बिना वैध टिकट के ट्रेन के भीतर प्रवेश कर सजावट करने वाले निजी डेकोरेटर के खिलाफ रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि ट्रेनों की गरिमा और सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिना अनुमति के यह सजावट कैसे संभव हुई और इसमें और किन लोगों की संलिप्तता है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन के अंदर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कार्य न करें, जो सुरक्षा या नियमों के दायरे में न हो।1
- हमारे नेता जी अयोध्या पहुंचे और उन्होंने हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन किए।1
- बस्ती में मंगलवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश की बस्ती इकाई द्वारा एक शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसे जिले के प्रमुख व्यापारी आयोजनों में से एक बताया गया। खचाखच भरे सभागार में जिले भर से आए व्यापारियों, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। इस पूरे आयोजन के दौरान व्यापारी एकजुटता, संगठन विस्तार और व्यापारिक हितों के संरक्षण का संकल्प प्रमुख रूप से देखने को मिला। समारोह के मुख्य अतिथि व्यापारी शिरोमणि लोकेश अग्रवाल थे, जबकि इसकी अध्यक्षता उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बस्ती मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह 'मनोज' ने की। अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. मनोज ने बस्ती शहर की वर्षों पुरानी वाहन पार्किंग समस्या और पटरी व ठेला व्यवसायियों के लिए स्थायी व्यापारिक स्थल उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को प्रस्ताव देकर विस्तृत कार्ययोजना शासन को भेजी जा चुकी है और विशिष्ट अतिथि राणा दिनेश प्रताप सिंह से शासन स्तर पर प्रभावी पहल कर इस योजना को धरातल पर उतारने में सहयोग की अपील की। जिला अध्यक्ष राकेश सिंह ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि संगठन हर स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेगा। इस अवसर पर किशन सिंह ने पूर्व संगठन छोड़कर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश की सदस्यता ग्रहण की और उन्हें बस्ती मंडल का संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया। विशिष्ट अतिथि राणा दिनेश प्रताप सिंह ने व्यापारियों के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहने और व्यापारिक समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि एवं प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी समाज प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और संगठन उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने नवमनोनीत पदाधिकारियों – प्रदेश, मंडल, जिला, नगर, युवा, महिला और उद्योग मंच के प्रतिनिधियों को संगठन के प्रति निष्ठा और व्यापारी हितों की रक्षा की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान प्रदेश एवं बस्ती मंडल की टीम ने डॉ. हरिमूर्ति सिंह 'मनोज' के नेतृत्व में सामूहिक शपथ ली, वहीं जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष राकेश सिंह, नगर इकाई ने नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप, युवा मोर्चा ने जिला युवा अध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव, महिला मोर्चा ने वंदना वर्मा तथा उद्योग मंच ने कमलेश चौधरी के नेतृत्व में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद मद्धेशिया ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन व्यापारी समाज की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाने के लिए निरंतर सक्रिय रहेगा। जिले भर से आए व्यापारियों की भारी भागीदारी ने संगठन की एकजुटता और प्रभाव का स्पष्ट संदेश दिया।1
- बस्ती जिले के बस्ती-सदर ब्लॉक के अंतर्गत कोइलपुरा में कम्पोजिट विद्यालय स्थित है।4
- शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, जो एक शास्त्रीय और लोक गायक हैं, उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग में एक पंजीकृत कलाकार के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। वे जनपद संत कबीर नगर से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं और भावी प्रत्याशी भी हैं।1
- एक भक्त ने अपने सभी परिजनों के साथ माई महारानी तरकुलही देवी के दर्शन किए। इस अवसर पर, उन्होंने 'जय माता दी' का उद्घोष करते हुए माता रानी से आशीर्वाद माँगा और यह कामना की कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।1
- संतकबीरनगर जनपद में पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से, थाना महुली पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट ने बुधवार, 08 जुलाई को क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर वृद्धजनों से मुलाकात की। इस दौरान पुलिस टीम ने उनके घर जाकर कुशलक्षेम जानी, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आवश्यक सहायता व मार्गदर्शन भी प्रदान किया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में, पुलिसकर्मियों ने वृद्ध नागरिकों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे वृद्धावस्था पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या, उत्पीड़न या आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए जागरूक किया। वृद्धजनों ने पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का उनके बीच पहुंचना सुरक्षा का एहसास कराने के साथ-साथ समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग में विश्वास तथा आत्मबल भी बढ़ाता है। महुली पुलिस का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ संवेदनशील संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करना भी है, जिससे कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच सहयोग, विश्वास और आत्मीयता और अधिक मजबूत हो सके और एक सुरक्षित, जागरूक व सशक्त समाज का निर्माण हो सके।1
- बस्ती जिले में स्थित खमरिया चौराहे की हालत बेहद खराब बताई गई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस चौराहे पर अक्सर ऐसी ही दयनीय स्थिति देखने को मिलती है।1