राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कोटा मंडल ने 12 से 18 जुलाई तक चार परीक्षा विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। कोटा मंडल के इस फैसले से कोटा, झालावाड़, बारां, रामगंजमंडी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में सुविधा होगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि प्रतिदिन दो जोड़ी यानी कुल चार परीक्षा विशेष ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जो अकलेरा-कोटा-अकलेरा तथा छबड़ा गुगोर-सोगरिया-छबड़ा गुगोर के बीच चलेंगी। इन रेल सेवाओं के तहत ट्रेन संख्या 09803 अकलेरा-कोटा परीक्षा विशेष रोजाना सुबह 3:05 बजे अकलेरा से रवाना होकर अमेठा, झालावाड़ सिटी, झालरापाटन, जुल्मी, रामगंजमंडी, मोड़क सहित विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव करते हुए सुबह 6:25 बजे कोटा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 09804 कोटा-अकलेरा परीक्षा विशेष रात 8:30 बजे कोटा से चलकर न्यू कोटा, दाढ़देवी, मोड़क, रामगंजमंडी, झालावाड़ सिटी सहित अन्य स्टेशनों से होते हुए रात 12:25 बजे अकलेरा पहुंचेगी। इसके अलावा, ट्रेन संख्या 09802 छबड़ा गुगोर-सोगरिया परीक्षा विशेष सुबह 4:30 बजे छबड़ा गुगोर से रवाना होकर बारां, अन्ता और दिगोद होते हुए सुबह 7:30 बजे सोगरिया पहुंचेगी, जबकि वापसी में ट्रेन संख्या 09801 सोगरिया-छबड़ा गुगोर परीक्षा विशेष शाम 7:15 बजे सोगरिया से चलकर रात 10 बजे छबड़ा गुगोर पहुंचेगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों के चलने से अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त टिकट जांच कर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती भी की जाएगी। रेल प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से वैध टिकट लेकर यात्रा करने तथा इन विशेष ट्रेनों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कोटा मंडल ने 12 से 18 जुलाई तक चार परीक्षा विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। कोटा मंडल के इस फैसले से कोटा, झालावाड़, बारां, रामगंजमंडी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने में सुविधा होगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि प्रतिदिन दो जोड़ी यानी कुल चार परीक्षा विशेष ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जो अकलेरा-कोटा-अकलेरा तथा छबड़ा गुगोर-सोगरिया-छबड़ा गुगोर के बीच चलेंगी। इन रेल सेवाओं के तहत ट्रेन संख्या 09803 अकलेरा-कोटा परीक्षा विशेष रोजाना सुबह 3:05 बजे अकलेरा से रवाना होकर अमेठा, झालावाड़ सिटी, झालरापाटन, जुल्मी, रामगंजमंडी, मोड़क सहित विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव करते हुए सुबह 6:25 बजे कोटा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 09804 कोटा-अकलेरा परीक्षा विशेष रात 8:30 बजे कोटा से चलकर न्यू कोटा, दाढ़देवी, मोड़क, रामगंजमंडी, झालावाड़ सिटी सहित अन्य स्टेशनों से होते हुए रात 12:25 बजे अकलेरा पहुंचेगी। इसके अलावा, ट्रेन संख्या 09802 छबड़ा गुगोर-सोगरिया परीक्षा विशेष सुबह 4:30 बजे छबड़ा गुगोर से रवाना होकर बारां, अन्ता और दिगोद होते हुए सुबह 7:30 बजे सोगरिया पहुंचेगी, जबकि वापसी में ट्रेन संख्या 09801 सोगरिया-छबड़ा गुगोर परीक्षा विशेष शाम 7:15 बजे सोगरिया से चलकर रात 10 बजे छबड़ा गुगोर पहुंचेगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों के चलने से अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त टिकट जांच कर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती भी की जाएगी। रेल प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से वैध टिकट लेकर यात्रा करने तथा इन विशेष ट्रेनों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
- कोटा के रामगंज मंडी से एक गरीब किसान और उसके संघर्ष की कहानी सामने आई है। यह कहानी एक किसान, उसके जीवन के संघर्ष और माँ भवानी पर आधारित है।1
- कोटा के मोड़क क्षेत्र के पीपल्दा गांव में सड़क किनारे बने एक सीसी नाले की पिछले पांच महीनों से सफाई नहीं हो रही थी। लगातार शिकायतों के बावजूद जब कोई समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों ने 10 जुलाई को पीपल्दा में आयोजित ग्रामीण शिविर में ग्राम विकास अधिकारी को नाले की बिगड़ती सफाई व्यवस्था से अवगत कराया। ग्राम विकास अधिकारी ने इस मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और अगले ही दिन यानी शनिवार को पूरे नाले की सफाई करवा दी। इस त्वरित कार्रवाई के बाद नाले के आसपास रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है और ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त किया है।4
- झालावाड़ में पुलिस द्वारा पौधरोपण किया गया। इस पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान महिला कांस्टेबल भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।1
- झालावाड़ के खानपुर रोड स्थित शहीद स्मारक पर आज सेना के पैरा कमांडो अमर शहीद मुकुट बिहारी मीणा की 8वीं पुण्यतिथि पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से लोहा लेते वक्त वीरगति को प्राप्त हुए मुकुट बिहारी मीणा झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र के निवासी थे। इस मौके पर शहीद के परिजनों और झालावाड़ सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोगों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस श्रद्धांजलि सभा में शहीद की पत्नी अंजना मीणा और पुत्री आरवी ने भी स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। इस कार्यक्रम में नागा रेजीमेंट के सदस्य, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। समारोह के मुख्य अतिथि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी बी एस शेखावत ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि राजस्थान वीर योद्धाओं की धरती है और देश के लगभग हर युद्ध में यहां के सैनिकों का योगदान गौरवपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि शहीद मुकुट बिहारी मीणा जैसे सैनिकों ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिससे युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने शहीद परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।4
- झालावाड़ के खानपुर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीद मुकुट बिहारी मीणा को शत-शत नमन किया जा रहा है। वीरों के इस महान बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीद मुकुट बिहारी मीणा का अद्वितीय साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम हम सभी के लिए सदैव एक प्रेरणास्रोत बना रहेगा। देश की रक्षा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीद को याद करते हुए 'शहीद मुकुट बिहारी मीणा अमर रहें' और 'जय हिंद' के उद्घोष के साथ उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की जा रही है।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिड़ावा में स्थित सूरजकुंड महादेव मंदिर परिसर में समाजसेवियों द्वारा पौधारोपण कर उन्हें सहेजने का संकल्प लिया गया है। रविवार की सुबह समाजसेवियों ने मंदिर परिसर में विकसित की गई शिव पुष्प वाटिका में गुलाब के एक दर्जन पौधे रोपे, जिसकी सुरक्षा और देखभाल का जिम्मा मंदिर समिति ने उठाया है। महेश भावसार ने जानकारी दी कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मंदिर के आसपास पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में एक छोटी सी पुष्प वाटिका विकसित की गई है, जिससे यहाँ आने वाले दर्शनार्थियों को धर्म लाभ के साथ-साथ शुद्ध वातावरण का लाभ भी मिल सके। इस दौरान महेश भावसार, राजूलाल प्रजापत, महेश प्रजापत, सुनील शर्मा सहित मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित रहे।2
- मंदसौर के धुंधडका सरपंच अपनी बुलेट से नीचे गिरकर घायल हो गए हैं। हादसे के बाद उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया है।1