विधवा की जमीन हड़पने के लिए फर्जी दानपत्र का खेल, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा बेटियों के अपहरण और तेजाब डालने की धमकी, पति की मौत के बाद संपत्ति पर कब्जे की कोशिश धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। शहर के सिविल लाइन, रेलवे स्टेशन रोड स्थित जमीन के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। एक महिला ने अपनी और अपनी बेटियों के हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अधिकारियों से मिलीभगत करने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में बेटियों के अपहरण और तेजाब डालने जैसी धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया है। वही थाना कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके विवेचना शुरू कर दिया है। शिकायत के मुताबिक, नवाबगंज क्षेत्र की महिला ने बताया कि उसके पति के नाम शहर में करीब 0.310 हेक्टेयर और 246.87 वर्गमीटर भूमि थी। इसमें पति के हिस्से की लगभग 5992 वर्गफुट जमीन बताई गई है। आरोप है कि जमीन के एक हिस्से को अलग-अलग समय पर बिक्री के बाद शेष भूमि पर भी विपक्षी पक्ष की नजर पड़ गई। पीड़िता के अनुसार उसके पति ने 22 नवंबर 2015 को वसीयतनामा के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति पत्नी और दोनों पुत्रियों के नाम कर दी थी। पति की 11 अप्रैल 2022 को मृत्यु के बाद वह अपनी बेटियों के साथ संपत्ति पर काबिज रही। महिला के अनुसार, पति ने वसीयत में अपनी चल-अचल संपत्ति पत्नी और दोनों पुत्रियों के नाम कर दी थी। 11 अप्रैल 2022 को पति की मौत के बाद जेठ के पुत्र सदफ कमाल, सैफ कमाल, शरफ कमाल फारुकी, आरिज, सामिया अफजल, अफजल, आसिफ रसीद, नुजहत परवीन ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया। आरोप है कि न्यायालय में भी फर्जी मौखिक हिबानामा प्रस्तुत किया गया। पीड़िता के मुताबिक, न्यायालय ने संबंधित वाद में 8 सितंबर 2023 को फैसला देते हुए उसके पक्ष में संपत्ति की बिक्री का अधिकार प्रदान किया था। इसके बावजूद विवाद थमा नहीं और कथित रूप से नए दस्तावेज तैयार कर उपनिबंधक कार्यालय में भी इस्तेमाल किए गए। पीड़िता के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को वह बेटियों के साथ अपनी जमीन देखने पहुंची तो बाउंड्री पर विपक्षी पक्ष का नाम और मोबाइल नंबर लिखा मिला। इसके बाद वह मामले की जानकारी देने के लिए कचहरी और नगर पालिका कार्यालय पहुंची। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष प्रभावशाली और दबंग किस्म के लोग हैं तथा संपत्ति पर कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने आशंका जताई है कि उसके या उसकी पुत्रियों के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। *बेटियों को लेकर धमकी से सहमा परिवार* सबसे गंभीर आरोप धमकी को लेकर लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि विपक्षीजन उसे और उसकी पुत्रियों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। शिकायत में आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि उसकी बेटियां कॉलेज जाती हैं, किसी दिन उनका अपहरण कर लिया जाएगा या उन पर तेजाब डाल दिया जाएगा। साथ ही धमकी दी गई कि जमीन उनके नाम कर दी जाए, वरना गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
विधवा की जमीन हड़पने के लिए फर्जी दानपत्र का खेल, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा बेटियों के अपहरण और तेजाब डालने की धमकी, पति की मौत के बाद संपत्ति पर कब्जे की कोशिश धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। शहर के सिविल लाइन, रेलवे स्टेशन रोड स्थित जमीन के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। एक महिला ने अपनी और अपनी बेटियों के हिस्से की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अधिकारियों से मिलीभगत करने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में बेटियों के अपहरण और तेजाब डालने जैसी धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया है। वही थाना कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके विवेचना शुरू कर दिया है। शिकायत के मुताबिक, नवाबगंज क्षेत्र की महिला ने बताया कि उसके पति के नाम शहर में करीब 0.310 हेक्टेयर और 246.87 वर्गमीटर भूमि थी। इसमें पति के हिस्से की लगभग 5992 वर्गफुट जमीन बताई गई है। आरोप है कि जमीन के एक हिस्से को अलग-अलग समय पर बिक्री के बाद शेष भूमि पर भी विपक्षी पक्ष की नजर पड़ गई। पीड़िता के अनुसार उसके पति ने 22 नवंबर 2015 को वसीयतनामा के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति पत्नी और दोनों पुत्रियों के नाम कर दी थी। पति की 11 अप्रैल 2022 को मृत्यु के बाद वह अपनी बेटियों के साथ संपत्ति पर काबिज रही। महिला के अनुसार, पति ने वसीयत में अपनी चल-अचल संपत्ति पत्नी और दोनों पुत्रियों के नाम कर दी थी। 11 अप्रैल 2022 को पति की मौत के बाद जेठ के पुत्र सदफ कमाल, सैफ कमाल, शरफ कमाल फारुकी, आरिज, सामिया अफजल, अफजल, आसिफ रसीद, नुजहत परवीन ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर संपत्ति पर कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया। आरोप है कि न्यायालय में भी फर्जी मौखिक हिबानामा प्रस्तुत किया गया। पीड़िता के मुताबिक, न्यायालय ने संबंधित वाद में 8 सितंबर 2023 को फैसला देते हुए उसके पक्ष में संपत्ति की बिक्री का अधिकार प्रदान किया था। इसके बावजूद विवाद थमा नहीं और कथित रूप से नए दस्तावेज तैयार कर उपनिबंधक कार्यालय में भी इस्तेमाल किए गए। पीड़िता के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को वह बेटियों के साथ अपनी जमीन देखने पहुंची तो बाउंड्री पर विपक्षी पक्ष का नाम और मोबाइल नंबर लिखा मिला। इसके बाद वह मामले की जानकारी देने के लिए कचहरी और नगर पालिका कार्यालय पहुंची। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष प्रभावशाली और दबंग किस्म के लोग हैं तथा संपत्ति पर कब्जा करने के लिए किसी भी हद तक जाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता ने आशंका जताई है कि उसके या उसकी पुत्रियों के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। *बेटियों को लेकर धमकी से सहमा परिवार* सबसे गंभीर आरोप धमकी को लेकर लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि विपक्षीजन उसे और उसकी पुत्रियों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। शिकायत में आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि उसकी बेटियां कॉलेज जाती हैं, किसी दिन उनका अपहरण कर लिया जाएगा या उन पर तेजाब डाल दिया जाएगा। साथ ही धमकी दी गई कि जमीन उनके नाम कर दी जाए, वरना गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
- बाराबंकी में बिजली गई तो शिकायत नंबर भी ‘बिजी’! | उपभोक्ताओं ने उठाए गंभीर सवाल बाराबंकी में बिजली गई तो शिकायत नंबर भी ‘बिजी’! | उपभोक्ताओं ने उठाए गंभीर सवाल1
- लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में 36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र लखनऊ ब्रेकिंग न्यूज़ थाना वजीरगंज क्षेत्र में 36 लाख रुपये की ठगी और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर इमरान जाफरी का गंभीर-पत्र लखनऊ। हाल ही में सामने आए एक हस्तलिखित पत्र के अनुसार, इमरान जाफरी नामक व्यक्ति ने अपने भाई फरहान और परिवार को संबोधित करते हुए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का खुलासा किया है। पत्र में इमरान ने आरोप लगाया है कि उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया और उनके बैंक खातों एवं रुपयों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। पत्र में इमरान जाफरी ने लिखा है कि औन रज़ा के पास उनके 36 लाख रुपये हैं। आरोप है कि यह पैसा आलम आरा, सना जैदी, कुलसुम जैदी और औन रज़ा द्वारा दिलवाया गया था। जब बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तो औन रज़ा ने यह कहकर गुमराह किया कि फ्रॉडुलेंट अमाउंट की वजह से सारा पैसा ब्लैक मनी से कन्वर्ट हो गया है, इसलिए इसे फर्म अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा। पत्र में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सना जैदी, आलम आरा और कुलसुम जैदी को भी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि औन रज़ा और अन्य लोगों ने पार्टनर बनाने का झांसा दिया और बाद में साल खत्म होने पर आलम आरा और सना जैदी के माध्यम से जबरन उनकी जमीन बिकवा दी। इमरान के मुताबिक, इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है जिसमें आलम आरा और औन रज़ा यह कहते सुने जा सकते हैं कि या तो जमीन बेच दो, वरना तुम्हारा पैसा और बैंक अकाउंट फिर से फ्रीज करवा देंगे। पत्र के अंत में इमरान ने अपने भाई फरहान और अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है कि थाने में एप्लीकेशन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मामले को पेंडिंग रखा गया। उन्होंने अपने परिवार से अम्मा का ख्याल रखने की अपील की है और कहा है कि वे इस मानसिक तनाव और धोखे से बेहद परेशान हो चुके हैं।1
- सफदरगंज में रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कथित अवैध मिट्टी खनन, संबंधित विभागों पर उठे सवाल रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कथित अवैध मिट्टी खनन, संबंधित विभागों पर उठे सवाल बाराबंकी। थाना सफदरगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सफदरगंज में रेलवे क्रॉसिंग से कैलाशपुरी खड़ंजा मार्ग पर गोरखपुर ब्रिक फील्ड से पहले बाईं तरफ स्थित खेत से रात के अंधेरे में कथित रूप से मिट्टी का खनन और परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मौके पर कन्वेयर बेल्ट मशीन के साथ दो-तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मिट्टी निकालकर क्षेत्र में ऊंचे दामों पर बिक्री की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी को करीब 1200 से 1300 रुपये में बेचे जाने की बात सामने आ रही है, जिससे राजस्व को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि थाना सफदरगंज से कुछ ही दूरी पर रात के अंधेरे में कथित रूप से मिट्टी खनन का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कई बार क्षेत्रीय लेखपाल सहित संबंधित विभाग के कर्मचारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से कथित रूप से अवैध खनन में लगे लोगों के हौसले बढ़ने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। सवाल यह भी है कि थाना क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर रातभर खनन और मिट्टी का परिवहन होने के बावजूद संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर इसकी भनक क्यों नहीं लगी। फिलहाल, अब देखना होगा कि खबर प्रसारित होने के बाद संबंधित विभाग मामले का संज्ञान लेते हैं या नहीं और कथित अवैध खनन के संबंध में जांच कर क्या कार्रवाई की जाती है।1
- लखनऊ के बुद्धेश्वर चौराहे पर फाइनेंसर कर्मियों पर दबंगई का आरोप बकाया किस्त के नाम पर सड़क पर वाहन रोकने और अभद्रता का आरोप.. पीड़ितों से बिना कानूनी प्रक्रिया के गाड़ियां रोकने व खींचने की कोशिश.. गाड़ी रोके जाने पर विवाद, विरोध में बीच सड़क पर बैठा पीड़ित..हंगामे के बाद वाहन छोड़ा गया.. स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की1
- 1090 चौराहे पर आयुष डॉक्टरों का प्रदर्शन,कैंडल लेकर आयुष डॉक्टर 1090 के पास धरने पर बैठे, बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद लखनऊ 1090 चौराहे पर आयुष डॉक्टरों का प्रदर्शन कैंडल लेकर आयुष डॉक्टर 1090 के पास बैठे MBBS की तर्ज पर सामान्य वेतन करने की मांग प्रदेश भर के BAMS BUMS और BHMS के इंटर्न कर रहे प्रदर्शन पिछले कई दिनों से हो रहा प्रदर्शन प्रदर्शनकारियों का कहना है आश्वासन जो अधिकारियों की ओर से दिया गया था अभी तक पूरा नही हुआ 1090 के पास बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद कल रात प्रदर्शनकारी जीपीओ पर भी कर रहे थे प्रदर्शन पुलिस से तीखी नोंकझोंक के बाद हटाया गया था2
- इटौंजा-सीतापुर हाईवे के मानपुर टोल प्लाजा पर पहुंची एसटीएफ टीम लखनऊ एसटीएफ ने कोर्ट के आदेश पर टोल प्लाजा में कार्रवाई की। एसटीएफ ने कंप्यूटर, डीवीआर सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए। सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज कोर्ट में उपलब्ध कराने के निर्देश थे। सूत्रों के मुताबिक, अनुपालन न होने पर टोल प्रबंधन को नोटिस भेजा गया था। कोर्ट के आदेश के बाद एसटीएफ टीम मौके पर पहुंची। एसटीएफ टीम सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर और डीवीआर लेकर गई। टोल प्लाजा से लिए गए दस्तावेज भी कोर्ट में उपलब्ध कराए जाएंगे। तब तक मानपुर टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली पर रोक लगा दी गई। टोल प्रबंधन को एसटीएफ द्वारा ले जाए गए दस्तावेज कोर्ट से दोबारा मिलेंगे। कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई से टोल प्लाजा में हड़कंप।3
- *लखनऊ दुबग्गा में महिला की मौत के बाद परिजनों कार रहे हंगामा* *अंधे की चौकी स्थित मेडविन हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई* *लखनऊ दुबग्गा में महिला की मौत के बाद परिजनों कार रहे हंगामा* *अंधे की चौकी स्थित मेडविन हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई*1
- कहा- मेरी जान लो, मैं तुम्हारी लूंगा; लखीमपुर में हत्या करके सुसाइड किया वारдат की वजह: पुलिस के अनुसार, स्कूल की 26 वर्षीय शिक्षिका निशात फातिमा और नौरंगाबाद निवासी 28 वर्षीय मोहम्मद सऊद के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग था. कुछ समय पहले निशात ने सऊद से ब्रेकअप कर लिया था, जिससे नाराज होकर सऊद ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया."मेरी जान लो, मैं तुम्हारी लूंगा": सऊद अपने बैग में दो अवैध तमंचे लेकर स्कूल की पहली मंजिल पर पहुँचा. उसने निशात फातिमा के सामने एक तमंचा रखकर कहा, "तुम मेरी जान लो, मैं तुम्हारी जान लूंगा".लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में 'चिल्ड्रंस एकेडमी' स्कूल के अंदर एक दिल दहला देने वाला हत्या और आत्महत्या (मर्डर-सुसाइड) का मामला सामने आया है. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार पत्र1