मथुरा जनपद में कोसीकलां थाना पुलिस और साइबर/सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अपराधियों के कब्जे से 58 फर्जी आधार कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई कोसी-शाहपुर रोड स्थित पतराम की पुलिया के पास 7 जुलाई की रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर मुखबिर की सूचना पर की गई, जहां संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कोसीकलां थाना क्षेत्र के नगला सिरौली और नगला उटावर गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले फर्जी आधार कार्ड तैयार करते थे और उन्हीं के आधार पर सिम कार्ड प्राप्त करते थे। इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल कर वे अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मोबाइल नंबर बदलते थे। इसके बाद, वे लोगों को फोन, लिंक और ओटीपी के माध्यम से झांसे में लेकर साइबर ठगी करते थे और ठगी से मिली धनराशि को अपने खातों में स्थानांतरित कर अवैध लाभ कमाते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोसीकलां में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों पर पहले से भी मारपीट, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, आईटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों के मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही, पुलिस उनके आपराधिक इतिहास से जुड़ी जानकारी अन्य राज्यों और थानों से भी जुटा रही है। मथुरा पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
मथुरा जनपद में कोसीकलां थाना पुलिस और साइबर/सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अपराधियों के कब्जे से 58 फर्जी आधार कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई कोसी-शाहपुर रोड स्थित पतराम की पुलिया के पास 7 जुलाई की रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर मुखबिर की सूचना पर की गई, जहां संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कोसीकलां थाना क्षेत्र के नगला सिरौली और नगला उटावर गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले फर्जी आधार कार्ड तैयार करते थे और उन्हीं के आधार पर सिम कार्ड प्राप्त करते थे। इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल कर वे अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मोबाइल नंबर बदलते थे। इसके बाद, वे लोगों को फोन, लिंक और ओटीपी के माध्यम से झांसे में लेकर साइबर ठगी करते थे और ठगी से मिली धनराशि को अपने खातों में स्थानांतरित कर अवैध लाभ कमाते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोसीकलां में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों पर पहले से भी मारपीट, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, आईटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों के मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही, पुलिस उनके आपराधिक इतिहास से जुड़ी जानकारी अन्य राज्यों और थानों से भी जुटा रही है। मथुरा पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
- नगर कोर्ट में संगीता नाम की महिला के खिलाफ एक मामला चल रहा है, जिसके तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला संगीता द्वारा दूसरी शादी करने से संबंधित है, जिसके कारण उसके खिलाफ अखबार में नोटिस भी जारी किया गया है। कोर्ट में इस केस की सुनवाई 24 अगस्त को होनी है। संगीता, जो नगला हरीकमरे की निवासी है, गांव जयश्री की बहू है और उसके पति का नाम प्रहलाद है। उसके पिता का नाम देवी सिंह है, जो नगलारी गांव के रहने वाले बताए गए हैं। यह कानूनी कार्यवाही नगर कोर्ट के क्षेत्र 9 में चल रही है।4
- मथुरा के पांचजन्य प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य के शिक्षकों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा। इस कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से धनराशि भी वितरित की गई, साथ ही शिक्षामित्रों को बढ़ा हुआ मानदेय प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक उपस्थित रहे, और उन्होंने मुख्यमंत्री के सजीव संबोधन का भी अवलोकन किया। कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी उठा सकेंगे। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत, परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र ₹1,200 की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई, जो यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं अन्य आवश्यक सामग्री के लिए है। लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इन योजनाओं से शिक्षकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी आयुष्मान भारत पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना कैशलेस हेल्थ कार्ड बनवा सकते हैं।1
- गोवर्धन के कस्बा सौंख स्थित वासुदेव कृष्ण गार्डन में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में एक पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सुनील कुमार चित्तौड़ पहुंचे, जहां क्षेत्रीय गणमान्य लोगों और हजारों की संख्या में मौजूद जनसमूह ने उनका भव्य स्वागत किया। अपने संबोधन में सुनील कुमार चित्तौड़ ने आजाद समाज पार्टी की स्थापना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि यह पार्टी गरीब, दलित और पिछड़ा वर्ग के पीड़ितों को सम्मान दिलाती है, तथा उनकी हर दुख-परेशानी में सबसे आगे खड़ी रहती है। उन्होंने आज लड़कियों के साथ हो रहे अत्याचारों का प्रमुखता से जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा, उन्हें 'अत्याचारी' बताया और वर्तमान सरकार को 'भ्रष्टाचारी और धोखेबाज लोगों की सरकार' करार दिया। चित्तौड़ ने आगे कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई चंद्रशेखर आजाद सबके हकों और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं और न्याय दिलाते हैं। इसी क्रम में, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) और भाजपा सहित विभिन्न दलों के कई नेताओं ने अपनी पार्टियों को छोड़कर आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया। सुनील कुमार चित्तौड़ ने क्षेत्रीय वरिष्ठ नेता भाई दीपक चौधरी को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद, दीपक चौधरी ने जनसमूह से अपील की कि वे उन्हें विधायक चुनकर विधानसभा भेजें, जिस पर हजारों लोगों की तालियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।4
- डीग पुलिस लाइन में एडीजीपी दिनेश एम.एन. का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में आयोजित परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस दौरान, एडीजीपी ने गो तस्करों को पकड़ने के लिए किए गए मॉक ड्रिल का प्रदर्शन देखा और साइबर क्राइम की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने आरआई कार्यालय, विविध स्टोर, शस्त्रागार, बैरक, मैस और लाइब्रेरी सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण भी किया। एडीजीपी ने कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया, और उन्होंने एसपी के साथ संयुक्त रूप से वृक्षारोपण भी किया। एडीजीपी ने पुलिसकर्मियों के साथ एक संपर्क सभा आयोजित की, जिसमें उन्होंने उनके सुझावों और समस्याओं को सुना। इस अवसर पर एडीजीपी दिनेश एम.एन. ने डीग पुलिस द्वारा सीमित संसाधनों के बावजूद कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनसेवा के क्षेत्र में किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से बारिश के मौसम में पुलिस जवानों के अनुशासन, जोश और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस कार्यक्रम में एसपी कांबले शरण गोपीनाथ, एएसपी, सीओ, एसएचओ सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।4
- मथुरा के गोवर्धन में आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेले के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय मंदिरों के महंतों और नगर पंचायत चेयरमैन ने भी प्रतिभाग किया। समीक्षा बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन आगरा, मंडलायुक्त आगरा मंडल आगरा, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र आगरा, जिलाधिकारी मथुरा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा सहित शीर्ष अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की कार्ययोजना बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न होने दें, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाएं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को समय रहते पूर्ण कर लें।3
- सरकार ने शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज योजना का शुभारंभ किया है। मथुरा में शुरू की गई यह योजना शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से एक बड़ी सौगात मानी जा रही है, जिसके अंतर्गत उन्हें ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध हो सकेगा।1
- मथुरा के पांचजन्य प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, उन्होंने छात्रों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से धनराशि वितरित की और शिक्षामित्रों को बढ़ा हुआ मानदेय भी प्रदान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के सजीव संबोधन का भी अवलोकन किया। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत राज्य के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी इस योजना का सीधा लाभ उठा सकेंगे। पात्र शिक्षक एवं कर्मचारी आयुष्मान भारत पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना कैशलेस हेल्थ कार्ड बनवा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए भी लाभ सुनिश्चित किए गए, जहाँ यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री हेतु प्रति छात्र ₹1,200 की धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए हस्तांतरित की गई। कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन नई योजनाओं से शिक्षकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।4
- मथुरा जिले के गोवर्धन धाम स्थित मानसी गंगा कुंड पर श्रद्धालुओं के डूबने की लगातार हो रही घटनाओं और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था की कमी से आहत होकर, एक समाजसेवी विनोदी चौधरी सात दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठी हैं। बीती रात, उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई, लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें कोई स्वास्थ्य सेवा नहीं मिली। यह मामला मानसी गंगा कुंड से जुड़ा है, जहाँ आए दिन श्रद्धालु कुंड में डूब रहे हैं। हाल ही में आगरा, धौलपुर और मध्य प्रदेश सहित लगभग आधा दर्जन श्रद्धालुओं की मृत्यु हो चुकी है। इन घटनाओं से व्यथित होकर, विनोदी चौधरी ने मानसी गंगा कुंड के घाटों पर जाल लगवाने और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने इस संबंध में एसडीएम गोवर्धन और क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन भी दिया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया या समाधान न मिलने पर उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। जब फिर भी कोई हल नहीं निकला, तो उन्होंने 6 जुलाई को भूख हड़ताल शुरू कर दी। गत दिवस रात लगभग 8 बजे उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद भी प्रशासन ने उन्हें कोई स्वास्थ्य लाभ नहीं दिया। इसकी जानकारी फेसबुक के माध्यम से महिला संगठनों तक पहुंची, जिसके बाद कॉमरेड राधा चौधरी उनके सहयोग के लिए गोवर्धन पहुंचीं। राधा चौधरी ने शासन-प्रशासन को एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जो न केवल शहरों बल्कि गाँव-गाँव में चलाया जाएगा। वहीं, अधिवक्ता रवि शर्मा भी समाजसेवी विनोदी चौधरी को समर्थन देने गोवर्धन पहुंचे और उन्होंने जनप्रतिनिधियों व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक आंदोलन की चेतावनी जारी की।1
- मथुरा के राया स्थित अयरा खेड़ा गांव में हुए एक पारिवारिक विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला घायल हो गई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1