*मैहर जिले की प्रतिभाओं का अभिनंदन:- नारायण त्रिपाठी* माई शारदा की नगरी से चयनित प्रतिभाएं जिन्होंने दसवीं बारहवीं के परीक्षा परिणामों में अपना नाम प्रवीण्य सूची में दर्ज करा हम सभी को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया ऐसे सभी विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र छात्राओं को बधाई उनका अभिनंदन। शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है जो जीवन के हर परस्थिति में हमारे साथ होती है हमारा सहयोग करती है हमे अलग पहचान दिलाती है। मैं मैहर जिले की उन तमाम प्रतिभाओं को बधाई देता हु जिन्होंने मैहर जिले के साथ प्रदेश में हम सभी का मान बढ़ाया साथ ही उन माता पिता गुरुजनों का अभिवादन करता हु जिनके सहयोग से इन प्रतिभाओं ने मुकाम हासिल किया। मैहर पढ़ेगा तभी तो आगे बढ़ेगा। *मैहर जिले की प्रतिभाओं का अभिनंदन:- नारायण त्रिपाठी* माई शारदा की नगरी से चयनित प्रतिभाएं जिन्होंने दसवीं बारहवीं के परीक्षा परिणामों में अपना नाम प्रवीण्य सूची में दर्ज करा हम सभी को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया ऐसे सभी विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र छात्राओं को बधाई उनका अभिनंदन। शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है जो जीवन के हर परस्थिति में हमारे साथ होती है हमारा सहयोग करती है हमे अलग पहचान दिलाती है। मैं मैहर जिले की उन तमाम प्रतिभाओं को बधाई देता हु जिन्होंने मैहर जिले के साथ प्रदेश में हम सभी का मान बढ़ाया साथ ही उन माता पिता गुरुजनों का अभिवादन करता हु जिनके सहयोग से इन प्रतिभाओं ने मुकाम हासिल किया। मैहर पढ़ेगा तभी तो आगे बढ़ेगा।
*मैहर जिले की प्रतिभाओं का अभिनंदन:- नारायण त्रिपाठी* माई शारदा की नगरी से चयनित प्रतिभाएं जिन्होंने दसवीं बारहवीं के परीक्षा परिणामों में अपना नाम प्रवीण्य सूची में दर्ज करा हम सभी को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया ऐसे सभी विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र छात्राओं को बधाई उनका अभिनंदन। शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है जो जीवन के हर परस्थिति में हमारे साथ होती है हमारा सहयोग करती है हमे अलग पहचान दिलाती है। मैं मैहर जिले की उन तमाम प्रतिभाओं को बधाई देता हु जिन्होंने मैहर जिले के साथ प्रदेश में हम सभी का मान बढ़ाया साथ ही उन माता पिता गुरुजनों का अभिवादन करता हु जिनके सहयोग से इन प्रतिभाओं ने मुकाम हासिल किया। मैहर पढ़ेगा तभी तो आगे बढ़ेगा। *मैहर जिले की प्रतिभाओं का अभिनंदन:- नारायण त्रिपाठी* माई शारदा की नगरी से चयनित प्रतिभाएं जिन्होंने दसवीं बारहवीं के परीक्षा परिणामों में अपना नाम प्रवीण्य सूची में दर्ज करा हम सभी को गौरवान्वित होने का अवसर प्रदान किया ऐसे सभी विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र छात्राओं को बधाई उनका अभिनंदन। शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है जो जीवन के हर परस्थिति में हमारे साथ होती है हमारा सहयोग करती है हमे अलग पहचान दिलाती है। मैं मैहर जिले की उन तमाम प्रतिभाओं को बधाई देता हु जिन्होंने मैहर जिले के साथ प्रदेश में हम सभी का मान बढ़ाया साथ ही उन माता पिता गुरुजनों का अभिवादन करता हु जिनके सहयोग से इन प्रतिभाओं ने मुकाम हासिल किया। मैहर पढ़ेगा तभी तो आगे बढ़ेगा।
- दतिया - नगर पालिका बाबू आत्महत्या मामले में सीएमओ समेत तीन पर एफआईआर दर्ज,22 फरवरी 2026 की घटना, अपने घर पर फांसी लगाने के पहले बना वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल ।1
- हमारे पास सभी ब्रांड के ऐसी के साथ टीवी फ्रिज वॉशिंग मशीन एवं सादी व ग्रह शोभा हेतु फर्नीचर की सम्पूर्ण रेंज जैसे सोफा पलंग ड्रेसिंग ब्रांडेड अलमारी गद्दे जैसे प्रोडक्ट अच्छी क्वालिटी में बेचे जाते हैं।4
- इस तरह मरीज और उनके परिजनों से वसूले जाते पैसे।1
- थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है। जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?” यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातना से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे थे। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है। जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं। भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है। यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की। यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता। थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें। यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार फिर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है। जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।1
- सतना। भगवान श्री परशुराम जी की शोभायात्रा में हिंदू पर्व समन्वय समिति ने सहभागिता की। कार्यकर्ताओं ने विप्र बंधुओं का स्वागत किया और मार्ग में पुष्प वर्षा की। समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाया।1
- Post by Unchehra news1
- भीम आर्मी का प्रदर्शन जारी?1
- नाले निर्माण में घटिया गुणवत्ता पर भड़के नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी, निष्पक्ष जांच की मांग मैहर- शारदा कॉलोनी पुराने एनएच से लगे नाले के निर्माण कार्य को लेकर नगर की राजनीति गर्मा गई है। नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने निर्माण कार्य पूर्ण होने के महज एक सप्ताह के भीतर ही नाले के क्षतिग्रस्त होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है और गुणवत्ता के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। नगर अध्यक्ष ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र का परिणाम बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी बड़े प्रश्न खड़े किए निर्माण में इस्तेमाल हो रही रेत नदी की रेत ना होकर मिट्टी है गंभीर जांच की आवश्यकता पूरे मैहर शहर में खासकर सरकारी कार्यों में रामनगर कुबरी से आने वाली गुणवत्ता विहीन रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसके परिणाम सामने है। प्रभात द्विवेदी दद्दा ने कहा कि जनता के पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों में इस तरह की अनियमितता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नवागत कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाए। नगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयासरत रहेंगे और जब तक गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक आवाज उठाते रहेंगे। स्थानीय नागरिकों ने भी नाले की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है और जल्द से जल्द सुधार कार्य की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। नगर में इस मुद्दे को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है और सभी की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।1