अंबेडकरनगर जिले में ससुराल से अपने मायके आ रही एक महिला से गहने छीनने और विरोध करने पर उसके पति पर हमला कर घायल करने के मामले में जैतपुर पुलिस ने छिनैती का मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, इस घटना को लेकर पुलिस की शक की सुई तेजी से घूम रही है, जिसके चलते कई पहलुओं पर गहन छानबीन जारी है। घटना के अगले दिन, पीड़ित महिला मीना यादव की तहरीर पर जैतपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया। मीना ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने पति अभयराज और बेटे के साथ जैतपुर गांव के काली का पुरा स्थित अपने पिता के घर आ रही थी। काली चौरा के पास बाइक सवार दो व्यक्तियों ने उनकी बाइक रुकवाकर गाली देने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। इसी बीच, उन दोनों ने असलहा निकाल लिया, जिससे डरकर मीना ने अपने गले की चेन निकालकर दे दी। उसने आरोप लगाया कि इसके बाद बदमाशों ने उसके पति के सिर पर असलहे के बट से वार कर घायल कर दिया और फिर मौके से फरार हो गए। जैतपुर थानाध्यक्ष प्रेमचंद ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर लूट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं। वहीं, पुलिस इस घटना को लेकर उठे कई सवालों के मद्देनजर अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अहिरौला से चलकर घर के करीब ऐसे जर्जर मार्ग पर यह घटना हुई, जहां से बदमाशों का आसानी से भागना संभव नहीं लगता। इसके अलावा, घायल पति अभयराज ने बताया कि दोनों बदमाश गमछे से मुंह ढके थे और एक के हाथ में असलहा था, जबकि पत्नी मीना का कहना है कि बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था और दोनों के पास असलहे थे। साथ ही, गोली चलने की बात भी सामने आई है, जिसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इन्हीं सभी विरोधाभासी बयानों और परिस्थितियों के चलते पुलिस अपनी जांच को कई कोणों से आगे बढ़ा रही है।
अंबेडकरनगर जिले में ससुराल से अपने मायके आ रही एक महिला से गहने छीनने और विरोध करने पर उसके पति पर हमला कर घायल करने के मामले में जैतपुर पुलिस ने छिनैती का मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, इस घटना को लेकर पुलिस की शक की सुई तेजी से घूम रही है, जिसके चलते कई पहलुओं पर गहन छानबीन जारी है। घटना के अगले दिन, पीड़ित महिला मीना यादव की तहरीर पर जैतपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया। मीना ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने पति अभयराज और बेटे के साथ जैतपुर गांव के काली का पुरा स्थित अपने पिता के घर आ रही थी। काली चौरा के पास बाइक सवार दो व्यक्तियों ने उनकी बाइक रुकवाकर गाली देने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। इसी बीच, उन दोनों ने असलहा निकाल लिया, जिससे डरकर मीना ने अपने गले की चेन निकालकर दे दी। उसने आरोप लगाया कि इसके बाद बदमाशों ने उसके पति के सिर पर असलहे के बट से वार कर घायल कर दिया और फिर मौके से फरार हो गए। जैतपुर थानाध्यक्ष प्रेमचंद ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर लूट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं। वहीं, पुलिस इस घटना को लेकर उठे कई सवालों के मद्देनजर अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अहिरौला से चलकर घर के करीब ऐसे जर्जर मार्ग पर यह घटना हुई, जहां से बदमाशों का आसानी से भागना संभव नहीं लगता। इसके अलावा, घायल पति अभयराज ने बताया कि दोनों बदमाश गमछे से मुंह ढके थे और एक के हाथ में असलहा था, जबकि पत्नी मीना का कहना है कि बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था और दोनों के पास असलहे थे। साथ ही, गोली चलने की बात भी सामने आई है, जिसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इन्हीं सभी विरोधाभासी बयानों और परिस्थितियों के चलते पुलिस अपनी जांच को कई कोणों से आगे बढ़ा रही है।
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में लगभग सभी तहसील क्षेत्रों में इन दिनों जमीनी विवादों को लेकर हाहाकार की स्थिति देखी जा रही है, जिसके चलते जगह-जगह खूनी संघर्ष हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच, आरोप है कि राजस्व कर्मचारी दोनों पक्षों से 'सुविधा शुल्क' वसूल कर 'मलाई काट' रहे हैं, जबकि अधिकारी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं। अधिकारियों की इस निष्क्रियता और कर्मचारियों के कथित भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी बेहद हैरान और परेशान है, और गरीब लोग न्याय के लिए तरस रहे हैं। बताया गया है कि अधिकारी फाइलों में उलझे हुए हैं, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर यह 'कब्जे का खेल' कब रुकेगा और लोगों को इंसाफ कब मिलेगा। मौजूदा हालात में, कर्मचारियों को 'जोंक' की तरह बताया जा रहा है।1
- सुलतानपुर शहर के घंटाघर चौकी क्षेत्र स्थित लक्ष्मी होटल में खाने के बिल के भुगतान को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। इन घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, होटल में खाना खाने आए चार युवकों और होटल संचालकों के बीच बिल भुगतान को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही उग्र मारपीट में बदल गई। इस घटना में धर्मात्मा सिंह, विपिन पांडे और राजन नामक युवक घायल हुए हैं, जिनके सिर में चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और होटल मालिक हर्षित पोपटानी तथा पूरन पोपटानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच में जुट गई है। क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामंत ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घंटाघर क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है।1
- देशभर में गर्मी से राहत दिलाने वाला मानसून इस बार खुद ही 'बीमार' दिख रहा है, जिसने मौसम वैज्ञानिकों और किसानों की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है। केरल में 4 जून को तीन दिन की देरी से दस्तक देने के बाद से मानसून की रफ्तार पर ऐसा ब्रेक लगा है कि अब पूरे देश में सूखे का संकट गहराने लगा है। पिछले तेरह दिनों से मानसून बेहद कमजोर बना हुआ है और आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे हाहाकार की स्थिति है। आंकड़ों के अनुसार, 1 से 17 जून के बीच देश में सामान्य से 38% कम बारिश दर्ज की गई है। आमतौर पर 15 जून तक देश के आधे हिस्से में अच्छी बारिश शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है, जिससे जमीन सूखी पड़ रही है और जलाशय खाली हो रहे हैं, जो एक बड़े संकट का संकेत है। मानसून के इस तरह अटकने और कमजोर पड़ने के पीछे मौसम के पाँच बड़े सिस्टमों को जिम्मेदार माना जा रहा है। इन प्रणालियों के सक्रिय न होने या कमजोर पड़ने की वजह से मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे देश के बड़े हिस्से में उमस और सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस भीषण गर्मी और सूखे से कब राहत मिलेगी, और क्या ये पाँच सिस्टम दोबारा सक्रिय होकर देश को भिगोएंगे या किसानों को इस बार सूखे की मार झेलनी पड़ेगी।1
- सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोशैसिंहपुर ग्रामसभा में रविवार की रात अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। गोशैसिंहपुर निवासी अनिल यादव के मकान में हुई इस वारदात में, परिवार के सदस्यों के सोते रहने के दौरान, देर रात चोरों ने खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया। चोरों ने कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले चटकाकर उनमें रखी नगदी सहित लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।1
- सुलतानपुर जिले के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास खण्ड पी.पी. कमैचा के इशीपुर गांव में 20 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। संजय मिश्रा के नेतृत्व में हुई इस बैठक में लम्भुआ विधानसभा के भावी विधायक शिक्षक श्यामलाल निषाद उपस्थित थे। इस अवसर पर "गुरुजी" श्यामलाल निषाद ने जोर देकर कहा कि मौजूदा समय में देश के सभी जाति और धर्म के लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से त्रस्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की संप्रभुता को सुरक्षित रखने के साथ-साथ महंगाई और बेरोजगारी से निजात पाने के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल करना प्रत्येक भारतीय का धर्म है। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ सामाजिक चिंतक कृष्ण कमल मिश्रा ने श्यामलाल निषाद के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीति को श्यामलाल निषाद जैसे शिक्षकों की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से लम्भुआ के राजनीतिक परिवेश को दूषित बताया और कहा कि इसे ठीक करने के लिए 'भौकाली' लोगों की नहीं, बल्कि श्यामलाल निषाद जैसे साधारण और संघर्षशील व्यक्ति की जरूरत है, जो लम्भुआ का प्रतिनिधित्व कर सकें। इस बैठक में ज़ीशान अहमद, राम उजागिर यादव, संजय सिंह, बेचूराम मौर्य, सहदेव यादव, ज्ञानचंद मिश्रा, राजेश कुमार मौर्य, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, विजय मौर्य, अकबर अली, ताहिर अली, गुफरान अली, शेर अली, इस्लाम, रघुराज, त्रिभुवन मिश्र, दयाशंकर गुप्ता, निजामुद्दीन, अनीस अंसारी, अब्दुल जब्बार, तरुण मिश्रा, शुभम सिंह, तुषार मिश्र, मोनू सिंह, रमेश, अखिलेश यादव, हरिकेश यादव, आज़ाद अंसारी, मंगरु, राजा तिवारी, सालिक राम प्रजापति, इबरार, बदरुद्दीन अंसारी, राजमणि मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ब्राह्मण समाज ने भी शिक्षक श्यामलाल निषाद को हर तरह से सहयोग करने का वचन दिया।4
- सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर प्रखंड में विश्व हिंदू परिषद की मासिक बैठक राजा राम इंटर कॉलेज में संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ आचार्य पद्धति से दीप प्रज्वलित कर विधिवत किया गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान प्रांत मठ मंदिर सह प्रमुख रमेश जी, जिला सह मंत्री शरद जी और प्रखंड अध्यक्ष अशोक जी की विशेष उपस्थिति रही, जबकि बैठक का संचालन प्रखंड मंत्री आलोक पाण्डेय जी ने किया। बैठक में प्रखंड की पूर्व स्थिति का अवलोकन करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। रमेश जी ने योग दिवस और प्रखंड विस्तार की योजना पर विस्तार से चर्चा की और कार्यकर्ताओं को लव जिहाद तथा गौ हत्या जैसे विषयों पर जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर संगठन को खंड स्तर पर मजबूत बनाने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में बृजलाल महात्मा जी (सत्संग प्रमुख), अमन जयसवाल (बजरंग दल संयोजक), रोहित जी (सह संयोजक), संतोष मिश्रा (धर्म प्रचार प्रमुख), शुभम पांडे (मंदिर अर्चक पुरोहित), रमेश विश्वकर्मा, मनोरम विश्वकर्मा, बलराम जी, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, सुरेंद्र यादव सनातनी और लल्लन सोनकर सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- सुल्तानपुर के विनोबापुरी में, कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत सहारा ढाबा के पीछे, स्थानीय लोग आए दिन हो रही चोरियों से बेहद परेशान थे। इसी परेशानी से तंग आकर आज जनता ने खुद मोर्चा संभाला। घर में घुसे दो चोरों को लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। हालांकि, एक चोर मौका पाकर भागने में सफल रहा, लेकिन स्थानीय लोगों की मुस्तैदी के कारण पकड़ा गया चोर अब पुलिस की गिरफ्त में है। गौरतलब है कि इस इलाके में लगातार चोरियां हो रही थीं और थाने में कई प्राथमिकियां (FIR) भी दर्ज थीं। जनता के इस त्वरित एक्शन और चोरों के पकड़े जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।1
- अम्बेडकर नगर के राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में एक कथित भूमि विवाद के कारण गरीब परिवारों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में ही जमीन पर कब्जा दिलाने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे प्रभावित परिवार खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जिस भूमि पर वे वर्षों से काबिज और निवासी हैं, उसे लेकर अब विवाद खड़ा कर दिया गया है। उनकी प्रमुख मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और गरीब परिवारों के अधिकारों की हर हाल में रक्षा सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस से स्पष्ट अपेक्षा व्यक्त की है कि वे कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करें, ताकि किसी भी निर्दोष परिवार के साथ कोई अन्याय न हो और उनके बीच व्याप्त दहशत खत्म हो।1