प्रतापगढ़ के पट्टी नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय जनपद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्की बरसात के बाद ही सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा बाजार पानी से लबालब हो गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया है और ग्राहक काफी परेशान हैं। यह पट्टी चांदा मार्ग सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर कादीपुर को जोड़ता है। बाजार में पानी की निकासी के लिए कोई ठोस नाली व्यवस्था नहीं है और पानी निकलने का कोई रास्ता भी नहीं बचा है। यह स्थिति हर बार बारिश होने पर पैदा होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो गया है। स्थानीय जनपद के अफसरों को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। नाली निर्माण और जल निकासी की योजनाएँ वर्षों से केवल फाइलों में चल रही हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी अमल में नहीं लाया गया है। जनता नियमित रूप से टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के विधायक और सांसद भी चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, जैसे स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत की बातें, लेकिन हल्की बारिश में नारंगपुर बाजार के डूबने पर वे कहीं नज़र नहीं आते। वे न तो स्थिति का निरीक्षण करते हैं और न ही कोई बयान देते हैं, जिससे प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की तकलीफों से कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इन बदतर हालातों को झेलेगी। अगर थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार पानी में डूब जाता है, तो विकास के तमाम दावे किस काम के हैं। यह समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकर्णी नींद से जागें और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करें।
प्रतापगढ़ के पट्टी नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय जनपद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्की बरसात के बाद ही सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा बाजार पानी से लबालब हो गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया है और ग्राहक काफी परेशान हैं। यह पट्टी चांदा मार्ग सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर कादीपुर को जोड़ता है। बाजार में पानी की निकासी के लिए कोई ठोस नाली व्यवस्था नहीं है और पानी निकलने का कोई रास्ता भी नहीं बचा है। यह स्थिति हर बार बारिश होने पर पैदा होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो गया है। स्थानीय जनपद के अफसरों को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। नाली निर्माण और जल निकासी की योजनाएँ वर्षों से केवल फाइलों में चल रही हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी अमल में नहीं लाया गया है। जनता नियमित रूप से टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के विधायक और सांसद भी चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, जैसे स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत की बातें, लेकिन हल्की बारिश में नारंगपुर बाजार के डूबने पर वे कहीं नज़र नहीं आते। वे न तो स्थिति का निरीक्षण करते हैं और न ही कोई बयान देते हैं, जिससे प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की तकलीफों से कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इन बदतर हालातों को झेलेगी। अगर थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार पानी में डूब जाता है, तो विकास के तमाम दावे किस काम के हैं। यह समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकर्णी नींद से जागें और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करें।
- बुधवार सुबह 9:00 बजे पट्टी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष और महामंत्री पदों के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। इस दौरान अधिवक्ताओं में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला, सुबह 11:00 बजे तक ही 100 वोट डाले जा चुके थे। कुल मतदाताओं की संख्या 278 है। अध्यक्ष पद के लिए जितेंद्र प्रताप सिंह, राधा रमण मिश्र, शैलेंद्र तिवारी और श्री राम वर्मा मैदान में हैं। वहीं, कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर महेश श्रीवास्तव, मनीष तिवारी, मनीष सिंह, वरुण कुमार पांडेय और सचिन सिंह के भाग्य का फैसला आज अधिवक्ता करेंगे। महामंत्री पद के लिए दिलीप मिश्रा, मनोज कुमार मिश्रा और विकास कुमार श्रीवास्तव के बीच मुकाबला है। एल्डर कमेटी के अध्यक्ष अच्छेलाल ओझा ने बताया कि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मतदान प्रक्रिया दोपहर 2:00 बजे तक समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद मतों की गिनती शुरू होगी और परिणाम की घोषणा कर दी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर, कोतवाल आनंदपाल सिंह और एस आई प्रशांत कटिहार सहित भारी पुलिस बल मतदान स्थल के पास तैनात है।1
- पट्टी तहसील क्षेत्र के आसपुर देवसरा अंतर्गत पूरा गांव में जमीन पर अवैध कब्जे के संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- कंधई थाना क्षेत्र के एक गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, जिसके बाद पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर एक नामजद और दो अज्ञात युवकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। घटना सोमवार की रात की है, जब गांव में मिलाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। देर रात करीब 9 बजे किशोरी किसी काम से घर से बाहर निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के तीन युवकों ने उसका मुंह दबाकर उसे एक सुनसान स्थान पर खींच लिया और फिर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। इस भयावह घटना के बाद डरी-सहमी किशोरी ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। मंगलवार को, पीड़िता के पिता कंधई थाने पहुंचे और गांव के एक युवक को नामजद करते हुए दो अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। कंधई थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने बताया कि मिली तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- जौनपुर जिले के केराकत तहसील क्षेत्र के अजोरपुर गाँव में प्रशासन ने ग्राम समाज की भूमि पर वर्षों पुराने अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। यह अभियान एसडीएम सुनील कुमार भारती के नेतृत्व में चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी जमीन को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया।1
- शहीदों की शहादत अप्रत्याशित रूपों में सामने आती रहती है, इसी क्रम में यह बात सामने आई है कि बिहार के रहने वाले शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने भगत सिंह के साथियों को फांसी देने वाले शख्स को कुल्हाड़ी से तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कस्बे में इस समय भीषण जाम लगा हुआ है। इस यातायात जाम के कारण राहगीर और स्थानीय निवासी कड़ी धूप में फँस गए हैं, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- आज भोर में प्रतापगढ़ के नगर पंचायत गड़वारा बाजार से भदौसी की तरफ जाने वाली कुंआ वार्ड की सड़क पर एक मैजिक लोडर वाहन सड़क किनारे बने नाले में गिर गया, जिससे उसका चालक घायल हो गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मदन किराना स्टोर के पास स्थित यह जगह एक टूटी हुई पुलिया के कारण हादसों का मुख्य केंद्र बन चुकी है। यह वही जगह है जहां कुछ दिन पहले एक ट्रैक्टर सहित कई अन्य वाहन नाले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, और यहां आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से जिम्मेदारों से इस पुलिया के निर्माण की मांग कर रहे हैं।1