राजस्थान के डूंगरपुर जिले में धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव स्थित दुधेश्वर महादेव मंदिर के पास नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ नदी में नहाने के दौरान चार बालक अचानक गहरे पानी में डूब गए, जिससे मौके पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। उपसरपंच राजेश प्रजापत ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से चारों बालकों को नदी से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से बरसात के मौसम में नदी-नालों और गहरे जलाशयों से दूर रहने तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव स्थित दुधेश्वर महादेव मंदिर के पास नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ नदी में नहाने के दौरान चार बालक अचानक गहरे पानी में डूब गए, जिससे मौके पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। उपसरपंच राजेश प्रजापत ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से चारों बालकों को नदी से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से बरसात के मौसम में नदी-नालों और गहरे जलाशयों से दूर रहने तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अशोक गहलोत जी ने हॉस्पिटल पहुंचकर श्रद्धेय श्री दिनेश जी खोडनिया जी को एक साथ दो जुड़वां पोत्रों के दादा बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। इस अवसर पर गहलोत साहब ने दोनों नवजात बच्चों के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। खोडनिया परिवार के लिए यह बेहद गर्व का दिन रहा।1
- डूंगरपुर के सीमलवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी का एक प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला है। यहाँ विद्या भारती जनजाति समिति राजस्थान द्वारा संचालित विद्या निकेतन प्राथमिक विद्यालय, वाकाखाण्डा भीण्डा में भामाशाह के सहयोग से 52 विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग वितरित किए गए। नए बैग पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जनजाति समिति राजस्थान के अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण का कार्य भी कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं, भामाशाह राजकुमार कलाल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षित और संस्कारित पीढ़ी से होती है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में आगे आकर सहयोग करने की अपील की, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने भामाशाह राजकुमार कलाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हुई है, जिससे उनका उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस कार्यक्रम में विभाग प्रमुख दिनेश डामोर, जिला प्रवासी देवीलाल मनात, सह खण्ड कार्यवाह राजेन्द्र पाटीदार, विद्यालय के प्रधानाचार्य, आचार्य तथा विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस सामाजिक सहयोग को शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल बताया।4
- डूंगरपुर के सिद्धनाथ मठ, आसन स्थित श्री सहस्त्रबाहु मंदिर परिसर में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सर्ववर्गीय कलाल समाज के संयुक्त तत्वावधान में 8 से 14 दिसंबर 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक सात दिवसीय आयोजन के तहत कीर्ति स्तंभ उद्यापन, भव्य कलश यात्रा, नानीबाई का मायरा, संगीतमय कथा और हवन-कुंड महायज्ञ आयोजित होंगे। मंदिर कमेटी के महासचिव रजनीश आसन के अनुसार, समाज के युवा, मातृशक्ति और पदाधिकारी पूरे उत्साह के साथ इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस महाआयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए मंदिर परिसर में कमेटी अध्यक्ष दिनेश कुआं की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। परम पूज्य गुरुदेव श्री गोकुल जी महाराज, गुरु माता कमला बा और मुकेश महाराज के सानिध्य में आयोजित इस बैठक में सुंदरलाल डडूका ने नानूलाल सागवाड़ा को 'नानीबाई का मायरा' एवं संगीतमय कथा का कथा संयोजक मनोनीत किया। कथा संयोजक नानूलाल सागवाड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय संत परम पूज्य पुष्कर दास जी महाराज (उदयपुर) के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से 4:00 बजे तक कथा का वाचन किया जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय कलाल-कलार-कलवार महासभा के नवनियुक्त प्रदेश कोषाध्यक्ष दिलीप सागवाड़ा और सागवाड़ा चौखला अध्यक्ष रघुनाथ जी का साफा एवं उपरणा पहनाकर सम्मान किया गया। इस बैठक में पूर्व अध्यक्ष कन्हैयालाल कौलखंडा, राजेश आसन, चुन्नीलाल गढ़ी, पन्नालाल बस्सी, कल्पेश मोटागांव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आगामी 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर एक और विस्तृत बैठक होगी, जिसमें विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियों का अंतिम रूप से बंटवारा किया जाएगा।1
- डूंगरपुर के पुनाली गांव में स्थित मां अंबे मंदिर और शिव शक्ति धाम श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस भव्य मां अंबे मंदिर की स्थापना नीलकंठ मित्र मंडल जय अंबे पदयात्रा संघ के सानिध्य में 18 वर्षों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद ग्राम वासियों ने मिलकर की थी। वर्तमान में इस मंदिर में सुबह-शाम नियम से आरती की जाती है और हर पूर्णिमा को विशेष हवन का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों भक्त अपनी मन्नतें पूरी होने पर शामिल होकर हवन का लाभ उठाते हैं। इसी के समीप स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर शिव शक्ति धाम की स्थापना भी देश के 22 संतों और समस्त ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी, जिसमें लोगों की गहरी श्रद्धा बसी हुई है। इस पावन मंदिर परिसर में गणपति दादा की मूर्ति भी विराजमान है, जिसकी स्थापना स्वर्गीय नीता बहन की इच्छा के अनुसार की गई थी। इसके साथ ही, जय अंबे संघ डूंगरपुर द्वारा कई वर्षों से बिछीवाड़ा रोड पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाई और रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है। सभी भक्तों से एक बार यहाँ पधारकर दर्शन का लाभ उठाने का आग्रह किया गया है।1
- देश के करोड़ों आदिवासियों के लिए गर्व और सम्मान का ऐतिहासिक क्षण आया है। बांसवाड़ा के सांसद राजकुमार रोत आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई तक जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र (UN) के आदिवासी अधिकारों पर विशेष मंच EMRIP (Expert Mechanism on the Rights of Indigenous Peoples) के 19वें सत्र में भारत के आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को केवल एक सांसद की विदेश यात्रा नहीं, बल्कि भारत के आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान, परंपराओं, जल-जंगल-जमीन, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की आवाज को विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इस वैश्विक मंच पर देश के आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, विस्थापन, प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार, भाषा, संस्कृति और सम्मान जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। पूरा विश्वास जताया गया है कि इस सहभागिता से विश्व समुदाय के सामने भारतीय आदिवासियों की वास्तविक स्थिति और उनके अधिकारों की बात प्रभावी ढंग से प्रस्तुत होगी। राजकुमार रोत को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल प्रतिनिधित्व की कामना की गई है, ताकि यह यात्रा आदिवासियों के अधिकारों और पहचान को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती प्रदान करे। साथ ही, जनता की आवाज चैनल को सभी से सपोर्ट, लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने की अपील की गई है।1
- डूँगरपुर जिले के सिमलवाड़ा में धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव स्थित दुधेश्वर महादेव मंदिर के समीप नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां नहाने के दौरान 4 बालक अचानक गहरे पानी में डूब गए। इस घटना से मौके पर तुरंत अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उपसरपंच राजेश प्रजापत ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से इन 4 बालकों को नदी से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनकी स्थिति की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बन गया है और फिलहाल बालकों की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से बरसात के मौसम में नदी-नालों व गहरे जलाशयों से दूर रहने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है।1