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पीलीभीत के पूरनपुर तहसील परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान लगभग 60 वर्षीय एक महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और हड़कंप मच गया। इस घटना ने धरना-प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की व्यवस्थाओं और आंदोलन की अवधि पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
पीलीभीत के पूरनपुर तहसील परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान लगभग 60 वर्षीय एक महिला की अचानक तबीयत खराब हो गई। महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और हड़कंप मच गया। इस घटना ने धरना-प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की व्यवस्थाओं और आंदोलन की अवधि पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
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- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, आरोप लगाया कि इन पार्टियों को तुष्टिकरण से ही फुर्सत नहीं मिलती और इनकी चिंता केवल मुसलमानों तक ही सीमित है। उन्होंने यह भी कहा कि लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और उन्हें अपनी जन्मभूमि छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नागरिकता पाने वाले लोग दलित और पिछड़े हैं। योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को पाकिस्तान के निर्माण के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसे उन्होंने कांग्रेस के 'पाप' का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध किया और इन पार्टियों के लोगों ने 'बेशर्मी' से काम किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस को सिखों और हिंदुओं की कोई चिंता नहीं है और ये पार्टियाँ देश की कीमत पर अपनी राजनीति करती हैं। मुख्यमंत्री ने 'बबुआ' पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं, 2 बजे तैयार होते हैं और शाम 5 बजे जिम चले जाते हैं, जिनके पास गरीबों के बारे में सोचने का समय नहीं है। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उनके समय में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया और सम्मानित किया जाता था। इसके विपरीत, योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश में 'नो कर्फ्यू नो दंगा, सब चंगा' का माहौल है और दंगा करने वाले अब तख्ती लगाकर चलते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीसलपुर के पतरासा कुंवरपुर गाँव पहुँचे।2
- इथेनॉल तेल को लेकर एक गंभीर चिंता सामने आई है, जिसमें इसकी सच्चाई पर सवाल उठाए गए हैं। यह मुद्दा उठाया गया है कि क्या इथेनॉल तेल के कारण लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हुई है। इस संबंध में आगे की जानकारी की अपेक्षा की जा रही है।1
- एक घोषणा में 'जैसी करनी वैसी भरनी' के सिद्धांत पर आधारित हिन्दू राष्ट्र बनाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया है। इस संकल्प के तहत, यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे हिन्दू राष्ट्र में यम के माध्यम से दण्डित किया जाएगा।1
- पीलीभीत में अविमुक्तेश्वरा नंद की प्रस्तावित गविष्ठि यात्रा और कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी है, जिसके बाद आयोजकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि “चाहे जान देनी पड़े, हर हाल में कार्यक्रम होकर रहेगा।” 1 जुलाई को प्रस्तावित इस गविष्ठि यात्रा के संबंध में आयोजकों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी यात्रा की सूचना हेतु लगाए गए पोस्टर फड़वाए गए हैं। इस घटनाक्रम से पीलीभीत में सियासी और प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है।1
- भीषण गर्मी के इस दौर में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण वीडियो देखने का आग्रह किया गया है। यह वीडियो लोगों को अत्यधिक गर्मी से बचाव के उपायों और अपनी सुरक्षा बनाए रखने के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीलीभीत दौरे से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त रही। पूरनपुर से लेकर जिला मुख्यालय तक पुलिस ने कई राजनीतिक दलों के नेताओं को एहतियातन उनके घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किया। यह कार्रवाई संभावित विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। इस दौरान जिले भर में पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।1
- पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल के दौरान एक महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, महिला की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर यह प्रदर्शन कब तक चलेगा और इसका क्या परिणाम होगा।1