आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अलहनी गांव में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। इस घटना में 32 वर्षीय महिला पिंकी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7 बजे अलहनी निवासी नीरज निषाद और उसकी पत्नी पिंकी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर पिंकी अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नीरज ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और फिर चाकू से अपनी पत्नी पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कप्तानगंज थाना प्रभारी जयप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। क्षेत्राधिकारी बुढ़नपुर ने बताया कि मृतका के मायके वालों ने पति नीरज निषाद पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना में आरोपी पति नीरज निषाद भी घायल बताया जा रहा है और उसका उपचार चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एक टीम को लखनऊ भी रवाना किया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव और क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है, और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अलहनी गांव में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। इस घटना में 32 वर्षीय महिला पिंकी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7 बजे अलहनी निवासी नीरज निषाद और उसकी पत्नी पिंकी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। विवाद बढ़ने पर पिंकी अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नीरज ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और फिर चाकू से अपनी पत्नी पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कप्तानगंज थाना प्रभारी जयप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। क्षेत्राधिकारी बुढ़नपुर ने बताया कि मृतका के मायके वालों ने पति नीरज निषाद पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना में आरोपी पति नीरज निषाद भी घायल बताया जा रहा है और उसका उपचार चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एक टीम को लखनऊ भी रवाना किया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव और क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है, और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
- अंबेडकरनगर के विकास खंड भियावं की ग्राम सभा भियावं से सामने आई एक हृदयविदारक तस्वीर समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहाँ एक वृद्ध विधवा महिला अपने बुढ़ापे में अकेले एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है, जबकि उसके तीन-तीन बेटे हैं, जिनमें से कोई भी अपनी माँ की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं दिख रहा। यह घटना उस समाज की पहचान पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जो अपने बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले व्यवहार से आंका जाता है; यदि एक माँ, जिसने अपने बच्चों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा किया, वही अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में दो वक्त की रोटी और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष करे, तो यह केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की विफलता है। मामले में ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि महिला के पास अन्त्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद उसे निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि एक असहाय बुजुर्ग के हक पर सीधा डाका है। इस पर सवाल उठता है कि जहाँ सरकार गरीबों और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है, वहीं यदि वास्तविक लाभार्थी तक उसका पूरा हक नहीं पहुँच रहा, तो इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सबसे बड़ा सवाल उन बेटों से पूछा गया है, जो अपनी माँ की देखभाल तक नहीं कर पा रहे। क्या आधुनिकता और स्वार्थ की इस दौड़ में इंसान अपने मूल संस्कारों को भूलता जा रहा है? जिस माँ ने अपनी उँगली पकड़कर चलना सिखाया, उसके बुढ़ापे का सहारा बनना बेटों का कर्तव्य क्यों नहीं है? यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक आईना है जो माता-पिता के त्याग को भुला देते हैं, और साथ ही प्रशासन के लिए भी यह एक चेतावनी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी ईमानदारी से वास्तविक पात्रों तक पहुँचे। यही सवाल आज भियावं ही नहीं, बल्कि पूरे समाज से जवाब मांग रहा है कि जब एक माँ तीन बेटों का पालन-पोषण कर सकती है, तो तीन बेटे मिलकर एक माँ का सहारा क्यों नहीं बन सकते?1
- अम्बेडकर नगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद लालजी पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान भी दिया।1
- जौनपुर जिले के जलालगंज रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक खराब हो जाने के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया है।1
- यह पोस्ट मानवीय रिश्तों और भावनाओं पर एक मार्मिक विचार प्रस्तुत करती है। इसमें कहा गया है कि कुछ रिश्ते, भले ही अधूरे रह जाएं, वे हमेशा यादों में स्पष्ट रूप से बसे रहते हैं। इसी तरह, कुछ लोग शारीरिक रूप से दूर होने के बावजूद भी कभी दिल से नहीं जाते हैं, उनकी उपस्थिति हमेशा मन में बनी रहती है।1
- आजमगढ़ नगर पालिका परिषद ने अपने विशेष स्वच्छता अभियान के तहत एक वार्ड में व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया। यह पहल नगर पालिका परिषद के पत्रांक 312 (दिनांक 19 जून 2026) के अनुपालन में आयोजित की गई थी, जिसका नेतृत्व जिला योजना समिति के सदस्य और क्षेत्रीय सभासद मोहम्मद अफजल ने किया। अभियान के दौरान, सभासद अफजल ने स्वयं श्रमदान कर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। सभासद मोहम्मद अफजल ने झाड़ू लगाकर सफाई कार्य में सक्रिय रूप से भाग लिया और इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपने आस-पास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में अपना सहयोग देने की अपील की। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर, वार्डवासियों ने बड़ी संख्या में अभियान में हिस्सा लिया। लोगों ने मिलकर मोहल्ले की गलियों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की तथा भविष्य में भी ऐसे स्वच्छता अभियानों में सहयोग करने का भरोसा दिलाया। इस अभियान में सिराज अहमद उर्फ मिट्ठू, मोहम्मद दानिश, सोनू इदरीसी, जावेद इदरीसी, रियाज इदरीसी, आफताब, इस्तियाक, इम्तियाज इदरीसी, शमीम अहमद, पुनीत सोनी, समी मोहम्मद, सफाई नायक मुनीर अहमद और कमल देव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- अम्बेडकरनगर जिले के जैतपुर में एक महिला से चैन छीनने की घटना सामने आई है, जिसमें गोली चलने की बात भी संदिग्ध बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने एक महिला से उसकी चैन मांगी। जब महिला ने चैन दे दी, तो उसके पति ने इस पर विरोध व्यक्त किया, जिसके बाद अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है, क्योंकि यह घटना फिलहाल जांच का विषय है। इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में एएसपी पूर्बी तेजबीर सिंह का बयान भी सामने आया है।1
- जौनपुर के जलालपुर स्थित रेलवे फाटक में खराबी आने के कारण, इंजीनियर मौके पर उसकी मरम्मत करने में जुटे हुए हैं।1
- देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के उद्योग नगर वार्ड नंबर-2 में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ श्रवण जायसवाल (60) और उनके पुत्र राकेश जायसवाल (28) का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना परिवार के लिए दुखों का पहाड़ बनकर आई है, जो पहले से ही गहरे सदमे में था। मिली जानकारी के अनुसार, पिता-पुत्र कपड़ों की खरीदारी के लिए चौरीचौरा गए थे। उन्होंने रात करीब 10:30 बजे परिवार से आखिरी बार बात की थी और जल्द घर लौटने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद ही दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। सुबह रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिलने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। यह परिवार पहले से ही एक बड़ी त्रासदी झेल रहा था, क्योंकि तीन महीने पहले ही उनके बड़े बेटे श्वेतांक जायसवाल की एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इन लगातार हुई घटनाओं से जायसवाल परिवार पूरी तरह टूट गया है, और अब घर में केवल एक बुजुर्ग माँ और एक अविवाहित बेटी ही बची हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इन मौतों का कारण, चाहे वह हादसा हो, आत्महत्या हो या कोई अन्य वजह, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।1