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जयपुर के बस्सी इलाके में एक मोबाइल चोर दो मोबाइल फोन लेकर भाग रहा है।

11 hrs ago
user_Naresh kumar
Naresh kumar
Farmer आंधी, जयपुर, राजस्थान•
11 hrs ago

जयपुर के बस्सी इलाके में एक मोबाइल चोर दो मोबाइल फोन लेकर भाग रहा है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • 6 जून से 11 जून तक के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि के दौरान सभी को विशेष रूप से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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    6 जून से 11 जून तक के लिए मौसम को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। इस अवधि के दौरान सभी को विशेष रूप से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
    user_Naresh kumar
    Naresh kumar
    Farmer आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    59 min ago
  • टैक्सी चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, एक ओर जहाँ उन पर गाड़ी की किस्तें, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, डीजल-पेट्रोल जैसे बढ़ते खर्चों का बोझ है, वहीं दूसरी ओर मामूली गलतियों पर ₹5000 के भारी चालानों से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं। चालकों का कहना है कि न तो सरकार और न ही बड़ी कंपनियाँ उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही हैं। दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले ये टैक्सी चालक आज गहरे आर्थिक दबाव में हैं। आरटीओ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई ने उनकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, टैक्सी ड्राइवर यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहाँ जाएँ। वे संबंधित विभागों और सरकार से अपनी मुश्किलों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान उतना ही महत्वपूर्ण है।
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    टैक्सी चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, एक ओर जहाँ उन पर गाड़ी की किस्तें, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, डीजल-पेट्रोल जैसे बढ़ते खर्चों का बोझ है, वहीं दूसरी ओर मामूली गलतियों पर ₹5000 के भारी चालानों से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं।

चालकों का कहना है कि न तो सरकार और न ही बड़ी कंपनियाँ उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही हैं। दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले ये टैक्सी चालक आज गहरे आर्थिक दबाव में हैं। आरटीओ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई ने उनकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है, जिससे उनकी कमाई लगातार घट रही है और खर्चे बढ़ते जा रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति में, टैक्सी ड्राइवर यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहाँ जाएँ। वे संबंधित विभागों और सरकार से अपनी मुश्किलों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि टैक्सी चालक केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान उतना ही महत्वपूर्ण है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक भीषण आग लग गई। इस भीषण हादसे में झुलसने और दम घुटने से 10 लोगों की मौत होने की खबर है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक 5 मौतों की ही पुष्टि की गई है। इसके अतिरिक्त, 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों को आपात स्थिति में दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा ताकि उनकी जान बचाई जा सके। इस दर्दनाक मुजफ्फरपुर आईसीयू अग्निकांड के बाद 'जिम्मेवार कौन?' यह सवाल उठ रहा है, और पूछा जा रहा है कि क्या इसके लिए 'वो 10000' जिम्मेदार हैं या सरकार।
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    मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल स्थित आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक भीषण आग लग गई। इस भीषण हादसे में झुलसने और दम घुटने से 10 लोगों की मौत होने की खबर है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक 5 मौतों की ही पुष्टि की गई है। इसके अतिरिक्त, 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी बताए जा रहे हैं।

घटना के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों को आपात स्थिति में दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा ताकि उनकी जान बचाई जा सके।

इस दर्दनाक मुजफ्फरपुर आईसीयू अग्निकांड के बाद 'जिम्मेवार कौन?' यह सवाल उठ रहा है, और पूछा जा रहा है कि क्या इसके लिए 'वो 10000' जिम्मेदार हैं या सरकार।
    user_Jitesh kumar
    Jitesh kumar
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजस्थान में सड़कों की खराब हालत को लेकर एक मंत्रीजी ने अजीबोगरीब बयान दिया है। उनके अनुसार, राज्य में खराब सड़कों की समस्या का समाधान 'अंतरराष्ट्रीय स्तर' पर किया जाएगा। मंत्रीजी ने इसके पीछे तर्क दिया है कि पूरे राजस्थान में सड़कों से संबंधित कार्य 'अंतरराष्ट्रीय समस्या' के कारण लंबित पड़े हैं। इस बयान पर आश्चर्य और हैरानी व्यक्त की गई है।
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    राजस्थान में सड़कों की खराब हालत को लेकर एक मंत्रीजी ने अजीबोगरीब बयान दिया है। उनके अनुसार, राज्य में खराब सड़कों की समस्या का समाधान 'अंतरराष्ट्रीय स्तर' पर किया जाएगा। मंत्रीजी ने इसके पीछे तर्क दिया है कि पूरे राजस्थान में सड़कों से संबंधित कार्य 'अंतरराष्ट्रीय समस्या' के कारण लंबित पड़े हैं। इस बयान पर आश्चर्य और हैरानी व्यक्त की गई है।
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • जयपुर के रामगंज क्षेत्र में चीता वालों का मोहल्ला में निर्माण के दौरान एक ओर झुकी हुई छह मंजिला इमारत को नगर निगम प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इमारत के गिरने के साथ ही एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। यह इमारत चौकड़ी रामचंद्रजी क्षेत्र के जगन्नाथ शाह के रास्ते में स्थित थी और निर्माण कार्य के दौरान इसके कुछ पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी के परिणामस्वरूप, 9 मई को पूरी इमारत एक तरफ झुक गई थी। इसके बाद, निगम की टीम ने बिल्डिंग को खाली करवाया था, और विशेषज्ञों की जांच में भवन को असुरक्षित पाए जाने के बाद इसे गिराने का निर्णय लिया गया। बिल्डिंग गिराने से पहले, प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसमें बिल्डिंग के आसपास के रास्तों को बंद करना और बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकना शामिल था। आसपास के 10 से 15 मकानों को खाली कराकर वहां रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया था और लाइट भी बंद कर दी गई थी। इस दौरान रामगंज थाना पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग गिराने की यह प्रक्रिया पूरी सावधानी और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में की गई, जिसमें आसपास की इमारतों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया।
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    जयपुर के रामगंज क्षेत्र में चीता वालों का मोहल्ला में निर्माण के दौरान एक ओर झुकी हुई छह मंजिला इमारत को नगर निगम प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इमारत के गिरने के साथ ही एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

यह इमारत चौकड़ी रामचंद्रजी क्षेत्र के जगन्नाथ शाह के रास्ते में स्थित थी और निर्माण कार्य के दौरान इसके कुछ पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी के परिणामस्वरूप, 9 मई को पूरी इमारत एक तरफ झुक गई थी। इसके बाद, निगम की टीम ने बिल्डिंग को खाली करवाया था, और विशेषज्ञों की जांच में भवन को असुरक्षित पाए जाने के बाद इसे गिराने का निर्णय लिया गया।

बिल्डिंग गिराने से पहले, प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसमें बिल्डिंग के आसपास के रास्तों को बंद करना और बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकना शामिल था। आसपास के 10 से 15 मकानों को खाली कराकर वहां रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया था और लाइट भी बंद कर दी गई थी। इस दौरान रामगंज थाना पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग गिराने की यह प्रक्रिया पूरी सावधानी और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में की गई, जिसमें आसपास की इमारतों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    20 hrs ago
  • लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के घर के बाहर हजारों छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने पसंदीदा शिक्षक के प्रति चिंता और समर्थन व्यक्त करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे कि खान सर को खुद बाहर आकर हाथ जोड़कर उनसे घर लौटने की अपील करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में छात्रों का अपने शिक्षक के प्रति गहरा लगाव और भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आ रहा है। छात्र केवल उनकी कुशलक्षेम जानने और समर्थन व्यक्त करने के उद्देश्य से ही इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। समर्थकों का कहना है कि किसी शिक्षक के प्रति छात्रों का ऐसा प्रेम और विश्वास बहुत कम देखने को मिलता है, जबकि कई लोगों ने इसे खान सर की लोकप्रियता और छात्रों के बीच उनकी मजबूत पकड़ का प्रमाण बताया। फिलहाल, छात्रों की भीड़ को शांतिपूर्वक वापस भेज दिया गया है और स्थिति सामान्य है। यह दृश्य शिक्षक और छात्रों के बीच बने एक विशेष रिश्ते की अनोखी मिसाल के रूप में चर्चा में बना हुआ है।
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    लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के घर के बाहर हजारों छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने पसंदीदा शिक्षक के प्रति चिंता और समर्थन व्यक्त करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे कि खान सर को खुद बाहर आकर हाथ जोड़कर उनसे घर लौटने की अपील करनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में छात्रों का अपने शिक्षक के प्रति गहरा लगाव और भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आ रहा है। छात्र केवल उनकी कुशलक्षेम जानने और समर्थन व्यक्त करने के उद्देश्य से ही इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। समर्थकों का कहना है कि किसी शिक्षक के प्रति छात्रों का ऐसा प्रेम और विश्वास बहुत कम देखने को मिलता है, जबकि कई लोगों ने इसे खान सर की लोकप्रियता और छात्रों के बीच उनकी मजबूत पकड़ का प्रमाण बताया। फिलहाल, छात्रों की भीड़ को शांतिपूर्वक वापस भेज दिया गया है और स्थिति सामान्य है। यह दृश्य शिक्षक और छात्रों के बीच बने एक विशेष रिश्ते की अनोखी मिसाल के रूप में चर्चा में बना हुआ है।
    user_Sunita sharma
    Sunita sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • एक राजनीतिक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है, जब तथाकथित "कॉकरोच पार्टी" ने अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की और अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक बयान से आगे बढ़कर संगठनात्मक गतिविधियों तक पहुंच गया है। इस बीच, 6 जून को प्रस्तावित एक कार्यक्रम और उसमें जुटने वाली भीड़ को लेकर खासी उत्सुकता बनी हुई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस सरकार पर अक्सर विपक्षी गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप लगते रहे हैं, उसने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बिना किसी व्यवधान के कैसे होने दिया। हालांकि, इन दावों और अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, सभी राजनीतिक निगाहें 6 जून पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उस दिन के कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ और उससे निकलने वाले संदेश से भविष्य की राजनीतिक तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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    एक राजनीतिक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है, जब तथाकथित "कॉकरोच पार्टी" ने अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की और अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक बयान से आगे बढ़कर संगठनात्मक गतिविधियों तक पहुंच गया है।

इस बीच, 6 जून को प्रस्तावित एक कार्यक्रम और उसमें जुटने वाली भीड़ को लेकर खासी उत्सुकता बनी हुई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस सरकार पर अक्सर विपक्षी गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप लगते रहे हैं, उसने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बिना किसी व्यवधान के कैसे होने दिया। हालांकि, इन दावों और अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, सभी राजनीतिक निगाहें 6 जून पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उस दिन के कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ और उससे निकलने वाले संदेश से भविष्य की राजनीतिक तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    1 day ago
  • संसद में राहुल गांधी को बोलने से मना कर दिया गया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई सही थी।
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    संसद में राहुल गांधी को बोलने से मना कर दिया गया है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई सही थी।
    user_Naresh kumar
    Naresh kumar
    Farmer आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
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