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पर्यावरण संरक्षण का ढोंग या बंटरबांट का खेल बांधवगढ़ में डब्लू-डब्लू-एफ की ‘गुप्त’ कार्यशाला पर उठे गंभीर सवाल पर्यावरण संरक्षण का ढोंग या बंटरबांट का खेल बांधवगढ़ में डब्लू-डब्लू-एफ की ‘गुप्त’ कार्यशाला पर उठे गंभीर सवाल उमरिया। पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का दम भरने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘डब्लू-डब्लू-एफ इंडिया’ इन दिनों मीडिया जगत के निशाने पर है। बांधवगढ़ के सफेद बाघों की छांव में, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आलीशान ‘व्हाइट टाइगर फॉरेस्ट लॉज’ में 23 अगस्त को एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन रचा गया। कागजों पर तो इसका उद्देश्य बांधवगढ़ के वन्यजीव परिदृश्य, मानव-वन्यजीव संघर्ष और संरक्षण के मुद्दों पर विमर्श करना बताया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इस कथित ‘ज्ञान सत्र’ के बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय पत्रकारों और मीडिया जगत में अब यह चर्चा जोरों पर है कि यह पूरी कवायद केवल एक कागजी दिखावा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सब लाखों रुपये के विदेशी व सरकारी अनुदानों को ठिकाने लगाने और सामग्रियों के बंदरबांट का एक सुनियोजित जरिया मात्र है? स्थानीय पत्रकारों को दरकिनार कर कैसी पारदर्शिता? बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र में जो स्थानीय पत्रकार वर्षों से चिलचिलाती धूप और बारिश में धरातल पर डटकर रिपोर्टिंग करते हैं, उन्हें इस कार्यशाला से दूर रखा गया। जो पत्रकार दिन-रात वनों की कटाई, शिकार, और बाघों की मौत की जमीनी सच्चाइयों को उजागर करते हैं, आयोजकों की नजर में शायद वे इस योग्य ही नहीं समझे गए। सवाल यह खड़ा होता है कि इस कार्यशाला के लिए पत्रकारों के चयन का आखिर मापदंड क्या था? क्या आयोजकों के पास कोई पारदर्शी सूची थी या फिर केवल अपने चहेतों और हां में हां मिलाने वालों को ही आमंत्रित किया गया? यदि कोई तय प्रक्रिया थी, तो उसे सार्वजनिक करने में संस्था के हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं? अनुदान डकारने का जरिया बनी कार्यशालाएं वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बांधवगढ़ केवल एक सैरगाह नहीं है, बल्कि यह मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष का संवेदनशील केंद्र है। ऐसे में स्थानीय मीडिया को अलग-थलग करके बंद कमरों में वातानुकूलित चर्चाएं आयोजित करना संस्था की मंशा पर साफ प्रश्नचिह्न लगाता है। आरोप लग रहे हैं कि संरक्षण के नाम पर बड़ी-बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को मिलने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के अनुदान का एक बड़ा हिस्सा इसी तरह की रस्मी और दिखावटी बैठकों में उड़ा दिया जाता है। कागजों पर तो बड़ी-बड़ी उपलब्धियां दर्ज कर ली जाती हैं, लेकिन धरातल पर वन्यजीवों की स्थिति जस की तस बनी रहती है। क्या नियम और नैतिकता ताक पर रखी गई पत्रकारिता और सार्वजनिक विमर्श से जुड़ा एक स्थापित नियम है कि यदि कोई संस्था किसी सार्वजनिक विषय या संरक्षण मुद्दे पर संवाद आयोजित करती है, तो उसमें उस क्षेत्र में कार्यरत सभी वैध व स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के लिए समान और पारदर्शी अवसर उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। किसी गैर-सरकारी संस्था द्वारा गोपनीयता का पर्दा डालकर चुनिंदा लोगों के साथ बैठक करना प्रेस की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार की भावना के विपरीत है।

3 hrs ago
user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
Lawyer Bandhogarh, Umaria•
3 hrs ago
41a0df28-6141-4a0d-921d-faba9cd805ef

पर्यावरण संरक्षण का ढोंग या बंटरबांट का खेल बांधवगढ़ में डब्लू-डब्लू-एफ की ‘गुप्त’ कार्यशाला पर उठे गंभीर सवाल पर्यावरण संरक्षण का ढोंग या बंटरबांट का खेल बांधवगढ़ में डब्लू-डब्लू-एफ की ‘गुप्त’ कार्यशाला पर उठे गंभीर सवाल उमरिया। पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का दम भरने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘डब्लू-डब्लू-एफ इंडिया’ इन दिनों मीडिया जगत के निशाने पर है। बांधवगढ़ के सफेद बाघों की छांव में, मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आलीशान ‘व्हाइट टाइगर फॉरेस्ट लॉज’ में 23 अगस्त को एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन रचा गया। कागजों पर तो इसका उद्देश्य बांधवगढ़ के वन्यजीव परिदृश्य, मानव-वन्यजीव संघर्ष और संरक्षण के मुद्दों पर विमर्श करना बताया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत इस कथित ‘ज्ञान सत्र’ के बिल्कुल उलट नजर आ रही है। स्थानीय पत्रकारों और मीडिया जगत में अब यह चर्चा जोरों पर है कि यह पूरी कवायद केवल एक कागजी दिखावा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सब लाखों रुपये के विदेशी व सरकारी अनुदानों को ठिकाने लगाने और सामग्रियों के बंदरबांट का एक सुनियोजित जरिया मात्र है? स्थानीय पत्रकारों को दरकिनार कर कैसी पारदर्शिता? बांधवगढ़ जैसे संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र में जो स्थानीय पत्रकार वर्षों से चिलचिलाती धूप और बारिश में धरातल पर डटकर रिपोर्टिंग करते हैं, उन्हें इस कार्यशाला से दूर रखा गया। जो पत्रकार दिन-रात वनों की कटाई, शिकार, और बाघों की मौत की जमीनी सच्चाइयों को उजागर करते हैं, आयोजकों की नजर में शायद वे इस योग्य ही नहीं समझे गए। सवाल यह खड़ा होता है कि इस कार्यशाला के लिए पत्रकारों के चयन का आखिर मापदंड क्या था? क्या आयोजकों के पास कोई पारदर्शी सूची थी या फिर केवल अपने चहेतों और हां में हां मिलाने वालों को ही आमंत्रित किया गया? यदि कोई तय प्रक्रिया थी, तो उसे सार्वजनिक करने में संस्था के हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं? अनुदान डकारने का जरिया बनी कार्यशालाएं वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बांधवगढ़ केवल एक सैरगाह नहीं है, बल्कि यह मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष का संवेदनशील केंद्र है। ऐसे में स्थानीय मीडिया को अलग-थलग करके बंद कमरों में वातानुकूलित चर्चाएं आयोजित करना संस्था की मंशा पर साफ प्रश्नचिह्न लगाता है। आरोप लग रहे हैं कि संरक्षण के नाम पर बड़ी-बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को मिलने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के अनुदान का एक बड़ा हिस्सा इसी तरह की रस्मी और दिखावटी बैठकों में उड़ा दिया जाता है। कागजों पर तो बड़ी-बड़ी उपलब्धियां दर्ज कर ली जाती हैं, लेकिन धरातल पर वन्यजीवों की स्थिति जस की तस बनी रहती है। क्या नियम और नैतिकता ताक पर रखी गई पत्रकारिता और सार्वजनिक विमर्श से जुड़ा एक स्थापित नियम है कि यदि कोई संस्था किसी सार्वजनिक विषय या संरक्षण मुद्दे पर संवाद आयोजित करती है, तो उसमें उस क्षेत्र में कार्यरत सभी वैध व स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के लिए समान और पारदर्शी अवसर उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। किसी गैर-सरकारी संस्था द्वारा गोपनीयता का पर्दा डालकर चुनिंदा लोगों के साथ बैठक करना प्रेस की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार की भावना के विपरीत है।

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  • पुलिस को मिली सफलताः दो नकबजनी/चोरी के मामलों का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, चोरी गया लाखों का मशरूका बरामद* • उमरिया *चंदिया थाना क्षेत्र में हुई 02 चोरी की घटनाओं का तत्परता से खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गया मशरूका बरामद किया गया है* • *पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी, अति. पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री आलोक शर्मा के निर्देशन एवं एसडीओपी उमरिया श्री पी.एस.परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली सफलता* दिनांक 11.08.2026 को फरियादी विकास चतुर्वेदी पिता रमाकांत चतुर्वेदी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छाहर मोहल्ला चंदिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 09.08.2026 को अज्ञात चोर द्वारा घर के पीछे खेत में लगी कटीली तार काटकर घर में प्रवेश किया तथा अलमारी का लॉकर तोड़कर चांदी की बिछिया, पायल, सोने का मंगलसूत्र, एवं तांबे का लोटा चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर थाना चंदिया में अपराध क्रमांक 241/2026, धारा 331(4), 305(ए) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। इसी प्रकार दिनांक 21.08.2026 को फरियादिया शाहजहां खान पति मो. हारून खान, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम सोनारी थाना बड़वारा जिला कटनी, हाल वार्ड क्र. 07 चंदिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 18.08.2026 को अज्ञात चोर द्वारा घर का ताला खोलकर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 256/2026, धारा 331(4), 305(ए) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध किया गया। घटित दोनो मामलो में पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री आलोक शर्मा के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग उमरिया श्री पी.एस.परस्ते के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह पाटले सहित पुलिस टीम गठित कर मामले में संलिप्त आरोपी एवं चोरी गये मशरूका के पतासाजी के प्रयास शुरू किये गये । पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन एवं विश्लेषण, तकनीकी सहयोग, आसूचना संकलन की मदद से संदेही की पहचान की गई। संदेही निवासी चंदिया को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की गई। आरोपी के कब्जे से फरियादिया शाहजहां खान के प्रकरण में 01 नग सोने की पंचाली, 01 नग सोने की अंगूठी, 01 नग सोने का लौंग, 01 जोड़ी चांदी की पायल एवं 1,900/- नगदी, कुल करीब 1,00,000/- का मशरूका बरामद किया गया। वहीं फरियादी विकास चतुर्वेदी के घर हुई चोरी के मामले में आरोपी के कब्जे से 01 नग सोने का मंगलसूत्र एवं 01 जोड़ी चांदी की पायल, करीब 1,00,000/- कीमत का मशरूका बरामद किया गया। पुलिस टीम का योगदान उक्त कार्रवाई में निरीक्षक विजय सिंह पाटले, उनि भगत सिंह, सउनि शिवपाल सिंह, प्रआर. सूर्यप्रकाश शुक्ला, आर. गनेन्द्र परस्ते, आर.प्रदीप परते, आर. प्रदीप उईके, मआर. दिव्या कुशवाहा एवं मआर. प्रिया ओड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    पुलिस को मिली सफलताः दो नकबजनी/चोरी के मामलों का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, चोरी गया लाखों का मशरूका बरामद*
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उमरिया	*चंदिया थाना क्षेत्र में हुई 02 चोरी की घटनाओं का तत्परता से खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गया मशरूका बरामद किया गया है*
•	*पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी, अति. पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री आलोक शर्मा के निर्देशन एवं एसडीओपी उमरिया श्री पी.एस.परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली सफलता*
दिनांक 11.08.2026 को फरियादी विकास चतुर्वेदी पिता रमाकांत चतुर्वेदी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छाहर मोहल्ला चंदिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 09.08.2026 को अज्ञात चोर द्वारा घर के पीछे खेत में लगी कटीली तार काटकर घर में प्रवेश किया तथा अलमारी का लॉकर तोड़कर चांदी की बिछिया, पायल, सोने का मंगलसूत्र,  एवं तांबे का लोटा  चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर थाना चंदिया में अपराध क्रमांक 241/2026, धारा 331(4), 305(ए) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
इसी प्रकार दिनांक 21.08.2026 को फरियादिया शाहजहां खान पति मो. हारून खान, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम सोनारी थाना बड़वारा जिला कटनी, हाल वार्ड क्र. 07 चंदिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 18.08.2026 को अज्ञात चोर द्वारा घर का ताला खोलकर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं   नगदी  चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 256/2026, धारा 331(4), 305(ए) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध किया गया।
घटित दोनो मामलो में पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री आलोक शर्मा के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग उमरिया श्री पी.एस.परस्ते के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह पाटले सहित पुलिस टीम गठित कर मामले में संलिप्त आरोपी एवं चोरी गये मशरूका के पतासाजी के प्रयास शुरू किये गये । पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन एवं विश्लेषण, तकनीकी सहयोग, आसूचना संकलन की मदद से संदेही की पहचान की गई। संदेही निवासी  चंदिया को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की गई।
आरोपी के कब्जे से फरियादिया शाहजहां खान के प्रकरण में 01 नग सोने की पंचाली, 01 नग सोने की अंगूठी, 01 नग सोने का लौंग, 01 जोड़ी चांदी की पायल एवं 1,900/- नगदी, कुल करीब  1,00,000/- का मशरूका बरामद किया गया। वहीं फरियादी विकास चतुर्वेदी के घर हुई चोरी के मामले में आरोपी के कब्जे से 01 नग सोने का मंगलसूत्र एवं 01 जोड़ी चांदी की पायल, करीब  1,00,000/- कीमत का मशरूका बरामद किया गया।
पुलिस टीम का योगदान
उक्त कार्रवाई में निरीक्षक विजय सिंह पाटले, उनि भगत सिंह, सउनि शिवपाल सिंह, प्रआर. सूर्यप्रकाश शुक्ला, आर. गनेन्द्र परस्ते, आर.प्रदीप परते, आर. प्रदीप उईके, मआर. दिव्या कुशवाहा एवं मआर. प्रिया ओड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    28 min ago
  • भिंड मध्य प्रदेश में विकास की नई उड़ान_ सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की विस्तारिक चौथी विनिर्माण इकाई का शुभारंभ किया।
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    भिंड मध्य प्रदेश में विकास की नई उड़ान_ सीएम  डॉक्टर मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड  की विस्तारिक चौथी विनिर्माण इकाई का शुभारंभ किया।
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    31 min ago
  • मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना उमरिया। जिले के ग्राम मानिकपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सिंदली-बिंदी बड़की नदी पर पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मानिकपुर और बिलासपुर के बीच नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और बच्चों, मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, मानिकपुर से बिलासपुर की दूरी करीब 1.50 किलोमीटर है और प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात के समय नदी में पानी बढ़ जाने से बच्चे कई दिनों तक विद्यालय नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। आवेदन में बताया गया कि गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो बरसात के दिनों में नदी पार कर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि 108 एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, क्योंकि नदी पर पुल नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी शासन-प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मानिकपुर की नदी पर शीघ्र पुल या पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी अपने जायज हक के लिए शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे।
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    मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना
मानिकपुर के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की उठाई मांग, नहीं तो करेंगे धरना
उमरिया। जिले के ग्राम मानिकपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सिंदली-बिंदी बड़की नदी पर पुल निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मानिकपुर और बिलासपुर के बीच नदी पर पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और बच्चों, मरीजों तथा गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, मानिकपुर से बिलासपुर की दूरी करीब 1.50 किलोमीटर है और प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए इस रास्ते का उपयोग करते हैं। बरसात के समय नदी में पानी बढ़ जाने से बच्चे कई दिनों तक विद्यालय नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
आवेदन में बताया गया कि गांव का कोई व्यक्ति बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो बरसात के दिनों में नदी पार कर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि 108 एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, क्योंकि नदी पर पुल नहीं है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर पूर्व में भी शासन-प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और किसी अप्रिय दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मानिकपुर की नदी पर शीघ्र पुल या पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी अपने जायज हक के लिए शांतिपूर्ण धरना देने को बाध्य होंगे।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में किसने का महा आंदोलन की तैयारी भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई नव प्राइवेट काली खदान खनिज खदानों की अनुमतियों को लेकर जिलाप्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था **उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी** भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया । **खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं** विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।
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    मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में किसने का महा आंदोलन की तैयारी भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई नव प्राइवेट काली खदान खनिज खदानों की अनुमतियों को लेकर जिलाप्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था
**उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी**
भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर  पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया ।
**खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं**
विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया 
**9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन**
किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 min ago
  • लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
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    लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप*
*कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान*
*भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*
    user_सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    सतीश पांडे मध्य प्रदेश
    Newspaper publisher पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए। किताबों से पहले सड़क की चिंता जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है। 'गिरते हैं, चोट भी लगती है' छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। 2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी। जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।
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    जेन अल्फा का अनोखा विरोध,स्कूल ड्रेस में कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, बोले सड़क चाहिए

उमरिया। हाथों में किताबें, शरीर पर स्कूल की ड्रेस और मन में पढ़ाई का सपना लेकर पटपरिहाटोला के बच्चे मंगलवार को स्कूल की जगह कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यह कोई छुट्टी या शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि अपने गांव की सड़क की समस्या को लेकर जेन अल्फा की सीधी दस्तक थी। बच्चों ने कलेक्टर राखी सहाय से मुलाकात कर कहा कि बारिश में कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए गांव से हाईस्कूल तक पक्की सड़क बनवाई जाए।
किताबों से पहले सड़क की चिंता
जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत बड़ागांव अंतर्गत पटपरिहाटोला में बारिश के दौरान कच्चा रास्ता बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। पानी और कीचड़ से रास्ता भर जाने के कारण कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल ड्रेस खराब होने और चोट लगने के डर से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते।
छात्रा राशि पाल ने बताया कि बरसात में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। कई बार ड्रेस खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है। इसका सीधा असर उनकी स्कूल उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ रहा है।
'गिरते हैं, चोट भी लगती है'
छात्र रविंद्र सोनी ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की।
2.5 किलोमीटर सड़क के लिए आवाज
ग्रामीणों के अनुसार NH-43 मसूरपानी रोड से मदन सोलंकी के घर होते हुए पटपरिहाटोला से हाईस्कूल तक करीब 2.5 किलोमीटर पक्की सड़क की जरूरत है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का सर्वे कराया जा चुका है। ग्रामीण वर्ष 2023 से इस सड़क की मांग कर रहे हैं।
कलेक्टर ने कहा, प्रस्ताव भोपाल भेजा
कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि बच्चे सड़क सहित विद्यालय की अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे। विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया है। सड़क का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है और निर्माण का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने तक बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए सड़क पर अस्थायी व्यवस्था कराई जाएगी।
जेन अल्फा ने दिखाया अपना अंदाज
पटपरिहाटोला के बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना इस बात का संकेत भी है कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हो रही है। इन बच्चों ने शिकायत सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ी, बल्कि खुद प्रशासन तक पहुंचकर अपनी बात रखी। अब बच्चों को इंतजार है कि जिस सड़क के लिए उन्होंने आवाज उठाई है, वह कब उनके स्कूल जाने का आसान रास्ता बनेगी।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • श्रीमती राखी सहाय कलेक्टर उमरिया ने जन सुनवाई में सुनी 76आवेदको की समस्याएंl साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने जिले के दूर दराज से आए 76 आवेदकों की समस्याओं को सुना तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित किया तथा विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विशाल फलैक्स उमरिया ने फ्लैक्स बैनर का भुगतान कराने, बुदद्यी बाई पटेल नौगवां ने रसोई का कार्य पुनः दिलाने, सुनीता शुक्ला उमरिया ने तीन माह से लाडली बहना योजना की किश्त दिलाने, मोहसिन खान नैगवांटोला ने टूटी एवं जर्जर पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने, सुरेश यादव पथरहठा ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, बोधनी बैगा सिलौडी ने बिजली कनेक्शन नही होने के बाद भी बिजली का बिल आने, विश्वनाथ व्दिवेदी मुडगुडी ने 25 केव्ही की जगह 63 केव्ही का ट्रांसफार्मर लगवाने, उगेंद्र सिंह परस्ते कौडिया ने आधार कार्ड में जन्मतिथि लिमिट एवं जन्म तिथि सुधरवाने संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने संबंधित आवेदनों को विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव, प्रिया अग्रवाल, तहसीलदार बांधवगढ दिलीप सोनी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेl
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    श्रीमती राखी सहाय कलेक्टर उमरिया ने जन सुनवाई में सुनी 76आवेदको की समस्याएंl
साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने जिले के दूर दराज से आए 76 आवेदकों की समस्याओं को सुना  तथा आवेदनों के निराकरण के लिए आवेदन संबंधित विभाग की ओर प्रेषित किया तथा विभागीय अधिकारियों को समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए।  
जनसुनवाई में विशाल फलैक्स उमरिया ने फ्लैक्स बैनर का भुगतान कराने, बुदद्यी बाई पटेल नौगवां ने रसोई का कार्य पुनः दिलाने, सुनीता शुक्ला उमरिया ने तीन माह से लाडली बहना योजना की किश्त दिलाने, मोहसिन खान नैगवांटोला ने टूटी एवं जर्जर पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने, सुरेश यादव पथरहठा ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, बोधनी बैगा सिलौडी ने बिजली कनेक्शन नही होने के बाद भी बिजली का बिल आने, विश्वनाथ व्दिवेदी मुडगुडी ने 25 केव्ही की जगह 63 केव्ही का ट्रांसफार्मर लगवाने, उगेंद्र सिंह परस्ते कौडिया ने आधार कार्ड में जन्मतिथि लिमिट एवं जन्म तिथि सुधरवाने संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने संबंधित आवेदनों को विभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर समुचित कार्यवाही करनें के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव,  प्रिया अग्रवाल, तहसीलदार बांधवगढ दिलीप सोनी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेl
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *बारिश के कारण बिरसिंहपुर पाली में घुस रहे जहरीले सर्प* "बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा: घरों में घुस रहे हैं बिन बुलाए मेहमान, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित" बारिश का पानी सांपों के बिलों (जैसे चूहों के बिल या मिट्टी के गड्ढों) में भर जाता है। पानी से बचने और सूखी व गर्म जगह की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और घरों का रुख करते हैं। देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आने लगा है। रिहायशी इलाकों, सोसायटियों और घरों के अंदर सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वन विभाग और स्नेक कैचर्स (सर्प मित्रों) के पास रोजाना दर्जनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिनमें घरों के बाथरूम, किचन, जूते की रैक और बेड के नीचे सांप मिलने की शिकायतें होती हैं। सांप हमेशा ऐसी जगहों पर छिपना पसंद करते हैं जहाँ इंसानों की नजर आसानी से न पड़े।
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    *बारिश के कारण बिरसिंहपुर पाली में घुस रहे जहरीले सर्प*
"बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा: घरों में घुस रहे हैं बिन बुलाए मेहमान, ऐसे रखें खुद को सुरक्षित"
बारिश का पानी सांपों के बिलों (जैसे चूहों के बिल या मिट्टी के गड्ढों) में भर जाता है।
पानी से बचने और सूखी व गर्म जगह की तलाश में सांप बाहर निकलते हैं और घरों का रुख करते हैं।
देश के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जहाँ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब एक नया और गंभीर खतरा सामने आने लगा है। रिहायशी इलाकों, सोसायटियों और घरों के अंदर सांपों के निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। वन विभाग और स्नेक कैचर्स (सर्प मित्रों) के पास रोजाना दर्जनों ऐसे फोन आ रहे हैं, जिनमें घरों के बाथरूम, किचन, जूते की रैक और बेड के नीचे सांप मिलने की शिकायतें होती हैं।
सांप हमेशा ऐसी जगहों पर छिपना पसंद करते हैं जहाँ इंसानों की नजर आसानी से न पड़े।
    user_MONIKA YADAV
    MONIKA YADAV
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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