पत्नी को बचाने के प्रयास में झुलसे सेना के जवान की भी मौत, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब सेना व पुलिस ने दी अंतिम सलामी, नम आंखों से दी गई विदाई रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13 मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठे हैं।
पत्नी को बचाने के प्रयास में झुलसे सेना के जवान की भी मौत, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब सेना व पुलिस ने दी अंतिम सलामी, नम आंखों से दी गई विदाई रामपुरा, जालौन। पत्नी को आग की लपटों से बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से झुलसे भारतीय सेना के जवान की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर पहुंचा तो पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। सेना के जवानों और पुलिस अधिकारियों ने पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा थाना क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी भारतीय थल सेना के जवान बृजेंद्र सिंह जोधावत पुत्र नवाब सिंह जोधावत कुछ दिन पहले ही अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। 4 मार्च 2026 की रात करीब 8:30 बजे उनकी पत्नी संगम देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थीं। उसी दौरान अचानक उनके कपड़ों में आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। आग लगने पर संगम देवी की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद बृजेंद्र सिंह तुरंत दौड़कर पहुंचे। पत्नी को आग की लपटों में घिरा देख उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की और पत्नी को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर अलग करने लगे, लेकिन आग की चपेट में आने से वह स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह आग बुझाई गई। घटना के बाद दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले पत्नी संगम देवी ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गंभीर रूप से झुलसे बृजेंद्र सिंह को आगे के उपचार के लिए लखनऊ के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत अधिक गंभीर होने के कारण 13
मार्च को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। जवान की मृत्यु की सूचना मिलते ही उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार 14 मार्च को उनका पार्थिव शरीर सेना के जवानों द्वारा उनके पैतृक गांव ऊमरी नगर लाया गया। जैसे ही गांव में उनका शव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा माहौल गमगीन हो गया। इसके बाद सेना के जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों ने नम आंखों से इस वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार वैभव गुप्ता, थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर रजत कुमार सिंह, रामपुरा थाने में तैनात कई उप निरीक्षक सहित थाना पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। बताया गया कि माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ऊमरी नगर निवासी बृजेंद्र सिंह जोधावत वर्ष 2013 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। बचपन से ही उनमें देश सेवा का जज्बा था और इसी भावना के चलते उन्होंने सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा का मार्ग चुना। वह अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत सहारा थे। वर्ष 2014 में उनका विवाह जनपद इटावा के चकरनगर क्षेत्र के ग्राम गनयावर निवासी संगम देवी से हुआ था। दंपति की एक चार वर्षीय पुत्री भी है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गई है। बृजेंद्र सिंह अपने माता-पिता की तीन संतानों में इकलौते पुत्र थे और उनकी दो बहनें हैं। बेटे की असमय मृत्यु से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और क्षेत्र के लोगों ने कहा कि बृजेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पत्नी को बचाने का प्रयास किया, जो उनके साहस और त्याग का उदाहरण है। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार में पति-पत्नी की कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई मृत्यु से गांव में गहरा शोक व्याप्त है और लोग इस घटना को याद कर भावुक हो उठे हैं।
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- जालौन में सुरक्षा को लेकर पुलिस का पैदल गश्त जालौन नगर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा पैदल गश्त किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र कुमार बाजपेई, कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार सिंह तथा क्राइम इंस्पेक्टर जगदंबा दुबे के नेतृत्व में कोतवाली जालौन का समस्त पुलिस स्टाफ सड़कों पर उतरा। पुलिस बल ने जालौन नगर के कोतवाली जालौन परिसर से पैदल गश्त शुरू किया, जो मुख्य मार्गों से होते हुए झंडा चौराहा तक पहुंचा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पैदल गश्त के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण रखने के लिए समय-समय पर ऐसे पैदल गश्त और फ्लैग मार्च जारी रहेंगे। इससे न केवल असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगेगा बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा का विश्वास मजबूत होगा।2
- जालौन। जालौन-बंगरा रोड पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर बैठी महिला सड़क पर उछलकर गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद बस चालक मौके से बस लेकर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार घटना दोपहर करीब 12:50 बजे सुढार के बंबा के पास की है। बताया जा रहा है कि रिरुआ करमेर (उरई) निवासी बाइक सवार किसी काम से खाकसीस की ओर जा रहे थे। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर बैठी गोमती विश्वकर्मा पत्नी मूलचंद विश्वकर्मा निवासी रिरुआ करमेर सड़क पर उछलकर गिर गईं और उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की रफ्तार काफी तेज थी और टक्कर मारने के बाद भी बस चालक नहीं रुका और मौके से बस लेकर भाग गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस की मदद से घायल महिला को सीएचसी जालौन पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिर में गंभीर चोट होने के कारण उनकी हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया। ✍️संजय कुमार पत्रकार जालौन3
- नगर जालौन के मोहल्ला तोपखाना में जायदा बेगम के घर के सामने लगा हेड पंप (सार्वजनिक नल) कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। इस कारण मोहल्ले के निवासियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे आम जनता में काफी असंतोष और रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया, किन्तु आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। अतः आपसे निवेदन है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देशित कर तत्काल बंद पड़े हेड पंप को ठीक कराकर चालू कराया जाए, ताकि मोहल्ले के लोगों को राहत मिल सके2
- मनरेगा भुगतान में ‘कमीशन कांड’! ब्लॉक परिसर में हाईवोल्टेज ड्रामा, ₹5 लाख की गड्डियों पर मचा बवाल – वीडियो वायरल जालौन। जनपद जालौन के एक ब्लॉक परिसर में गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब मनरेगा भुगतान को लेकर प्रधान प्रतिनिधि और लेखा सहायक आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि पूरे ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि छिरिया सलेमपुर के प्रधान प्रतिनिधि आशू तिवारी और लेखा सहायक दिव्या गोस्वामी के बीच मनरेगा भुगतान में 15 प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी होने लगी। आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि ने भुगतान कराने के लिए ब्लॉक परिसर में मौजूद लोगों के सामने ही करीब 5 लाख रुपये टेबल पर रख दिए। इस पर लेखा सहायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह खुलेआम रुपये क्यों दिए जा रहे हैं। इसी बात पर विवाद और भड़क गया। यह भी आरोप है कि लेखा सहायक ने अपने पति को मौके पर बुला लिया और बाद में रुपये उनके साथ चले गए, जबकि संबंधित भुगतान अब तक नहीं हुआ है। वहीं लेखा सहायक दिव्या गोस्वामी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रधान प्रतिनिधि उन पर जबरन रुपये लेकर काम करने का दबाव बना रहे थे। उनका कहना है कि प्रधान ने उनकी टेबल पर रुपये रखे थे, जिन्हें उन्होंने तुरंत फेंक दिया था। इसके बाद प्रधान अपने साथियों के साथ उन्हें धमकाने लगे। बताया जा रहा है कि प्रधान प्रतिनिधि दो गाड़ियों में कई लोगों के साथ ब्लॉक पहुंचे थे। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों ने इसकी शिकायत सीधे जिलाधिकारी से कर दी। बीडीओ अरुण कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के दौरान फेंके गए रुपयों को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के दौरान गिरे कुछ रुपये वहां मौजूद लोगों ने उठा लिए, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे मनरेगा भुगतान में कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहे हैं। कानूनी पहलू: विशेषज्ञों के अनुसार भारत में रिश्वत लेना ही नहीं बल्कि रिश्वत देना भी अपराध की श्रेणी में आता है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (Prevention of Corruption Act) के तहत आता है और यदि जांच में रिश्वत देने-लेने की पुष्टि होती है तो दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव है।1
- जिला जालौन नगर जालौन का मामला है जिलाधिकारी महोदय चुप बैठे हुए है सुबह से बिक रही ब्लैक में ठेके पर दारू 70 बाला क्वार्टर 100 रुपए में सुबह से पीने वालों से दुकानदार परेशान दारू पीकर क्वार्टर व गिलास दुकानों के सामने फेक देते है जिससे लोगों को दुकान खोलने से पहले झूठे गिलास व क्वार्टर को फेंकना पड़ता है दुकानदार बहुत ज्यादा परेशान है लगे हुए नल में झूठे गिलास को लगा कर पीते है नल को गंदा करते हैं और क्वार्टर को वही पीकर फेंक देते हैं जिससे नाली में पड़े क्वार्टरों से दिन भर दुकान खोलने वाले को बदबू का दिन भर सामना करना पड़ता है4
- उरई (जालौन)। जनपद में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जनपद में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। जिलाधिकारी ने बताया कि गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए एसडीएम, सीओ तथा आपूर्ति निरीक्षक की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम गैस एजेंसियों और वितरण व्यवस्था की लगातार जांच कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही तेल कंपनियों से समन्वय बनाकर जनपद में पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम नंबर 05162-257090 पर संपर्क करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि उपभोक्ता निर्धारित 25 दिन की साइकिल के अनुसार ही गैस बुकिंग करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। डीएम ने चेतावनी दी कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनावश्यक रूप से सिलेंडर लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट: अखिलेश सोनी, पत्रकार जालौन ✍️1
- उरई (जालौन)। जनपद में एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने उरई स्थित भारत गैस एजेंसी छीरसागर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गैस सिलेंडरों के भंडारण, वितरण व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी परिसर में मौजूद उपभोक्ताओं से बातचीत कर गैस आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली और उनसे फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि सभी उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था निर्बाध बनी रहे।जिलाधिकारी ने बताया कि कई बार उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त न होने से गैस बुकिंग में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए उपभोक्ताओं के लिए आईवीआरएस, मिस्ड कॉल, गूगल पे, फोन पे और व्हाट्सएप के माध्यम से वैकल्पिक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि कोई भी उपभोक्ता गैस बुकिंग से वंचित न रहे।उन्होंने एजेंसी संचालकों को गैस वितरण व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित रखने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी और एजेंसी के कर्मचारी मौजूद रहे।2