ओवरलोड ट्रक पलटा — बाल-बाल बची बड़ी दुर्घटना, परिवहन विभाग पर उठे सवाल ओवरलोड ट्रक पलटा — बाल-बाल बची बड़ी दुर्घटना, परिवहन विभाग पर उठे सवाल! ईसानगर (धौरहरा तहसील), लखीमपुर खीरी धौरहरा तहसील क्षेत्र के ईसानगर से सिमरिया बाजार के पास एक ओवरलोड ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने एक बार फिर परिवहन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन ओवरलोड वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार ट्रक असंतुलित होकर पलटने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवहन विभाग द्वारा कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आती। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ओवरलोडिंग और लापरवाही किस तरह सड़कों पर खतरा बन चुकी है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। अब सवाल यह उठता है कि क्या परिवहन विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं? जनता की मांग है कि ओवरलोड वाहनों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर चलने वाले आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हक की आवाज न्यूज़ संपादक — ऑल इंडिया प्रेस महापात्र सन्नो आचार्य 📞 9005899149
ओवरलोड ट्रक पलटा — बाल-बाल बची बड़ी दुर्घटना, परिवहन विभाग पर उठे सवाल ओवरलोड ट्रक पलटा — बाल-बाल बची बड़ी दुर्घटना, परिवहन विभाग पर उठे सवाल! ईसानगर (धौरहरा तहसील), लखीमपुर खीरी धौरहरा तहसील क्षेत्र के ईसानगर से सिमरिया बाजार के पास एक ओवरलोड ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने एक बार फिर परिवहन विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन ओवरलोड वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार ट्रक असंतुलित होकर पलटने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद परिवहन विभाग द्वारा कोई सख्त कार्रवाई होती नजर नहीं आती। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ओवरलोडिंग और लापरवाही किस तरह सड़कों पर खतरा बन चुकी है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। अब सवाल यह उठता है कि क्या परिवहन विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं? जनता की मांग है कि ओवरलोड वाहनों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर चलने वाले आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हक की आवाज न्यूज़ संपादक — ऑल इंडिया प्रेस महापात्र सन्नो आचार्य 📞 9005899149
- ईसानगर–हसनपुर कटौली में आम के पेड़ों पर आरी, गरीब बच्चों के मुंह से छीने जा रहे मीठे फल? ईसानगर थाना क्षेत्र, हसनपुर कटौली (लखीमपुर खीरी) ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली में इन दिनों बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों में लकड़ी भरकर बाहर भेजी जा रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन आम के पेड़ों से हर साल गरीब परिवारों के बच्चे मीठे फल खाकर खुश होते थे, वही पेड़ अब ठेकेदारों की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों के मुताबिक अगर यही हाल रहा तो इस सीजन में गरीब जनता के बच्चों को आम खाने के लिए तरसना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग और वन रेंज अधिकारी की चुप्पी आखिर क्यों है? ग्रामीणों में चर्चा है कि क्या यह सब “गुलाबी नोटों” के दम पर हो रहा है, या फिर प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार “एक वृक्ष मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एक तरफ पेड़ लगाने की बात, तो दूसरी तरफ हजारों पेड़ों पर आरी चलने से पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हसनपुर कटौली क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी के ढेर और ड्रम पड़ी लकड़ी देखी जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि: इतनी बड़ी कटाई की अनुमति किसने दी? वन विभाग की जिम्मेदारी किसकी है? पर्यावरण और गरीबों के हक की रक्षा कौन करेगा? इस पूरे मामले को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण भी बचे और गरीबों के बच्चों के मुंह से मीठे फल न छीने जाएं। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक: ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा सन्नोआचार्य 📞 9005899149 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- घटना के दिन 4 महिला कि डेथ हुई थी उसके बाद इलाज के दौरान 3 और मौत हुई है आगाजनी कि घटना मे 18 से 20 लोग घायल हुवे है अभी भी कुछ लोगो कि हालत गंभीर बनी हुई है घटना कि वजह फैक्ट्री के अंदर किसी स्मोकिंग चीज के इस्तेमाल से हुई है आगजनी कि घटना के मामले मे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और 4 से 5 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है फैक्ट्री रिहायसी इलाके के बिच मे थी और सेफ्टी को लेकर कोई उपकरण भी नहीं थे सफीदों में पटाखा फैक्टरी में लगी भीषण आग में दो और महिलाओं की मौत गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान फैक्ट्री के मालिक राकेश वासी सफीदो के रूप में हुई है । थाना शहर सफीदों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कि है । वीवो...पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 07 मार्च 2026 को थाना शहर सफीदों पुलिस को सूचना मिली कि एक फैक्टरी में अचानक आग लग गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि एक मकाननुमा फैक्टरी में आग भयंकर रूप से धधक रही थी और फैक्टरी का मुख्य गेट बंद था। तुरंत फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया और संयुक्त प्रयासों से आग पर काबू पाया गया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान फैक्टरी के अंदर से कई लोग गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में मिले, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से सामान्य अस्पताल सफीदों तथा पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के दौरान 4 महिलाओं को मृत घोषित कर दिया थ । मृतका गुड्डी के पुत्र विजय वासी रड्डा मोहल्ला, सफीदों के बयान पर थाना शहर सफीदों में मुकदमा नंबर 30 दिनांक 07.03.2026 के तहत धारा 287, 288, 106(1), 125, 143(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS), धारा 5 विस्फोटक अधिनियम तथा बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके फैक्ट्री के मालिक राकेश वासी सफीदों को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया तथा दिनांक 08.03.2026 को में 3 और महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया अब मृतको कि संख्या 7 हो गई है1
- बरवाला शहर के हंस नगर मार्ग पर स्थित नेशनल हॉस्पिटल रक्तदान शिविर में जिला हिसार में बना रिकॉर्ड हजारों की संख्या में रक्तदान करके मानव भलाई का कार्य किया1
- #महिला दिवस पर लड़कियों के लिए तोफा #इस स्कूल ने कर दी पहली से आठवीं तक लड़कियों की फीस माफ #बाबा बालक नाथ वरिष्ठ माध्यमिक विधालय लेघा जिला भिवानी1
- Post by Rajender Chauhan1
- यह क्या हो रहा है संसार में पता नहीं कैसी दुनिया हो गई1
- रोहतक जिले के कलानौर स्थित श्री बाबा खाटू श्याम जी धाम में एक निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रोटरी क्लब रोहतक सेंट्रल के सहयोग से मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा लगाया गया। शिविर में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया। इसमें रेंडम ब्लड शुगर जांच, एनीमिया जांच, रक्तचाप परीक्षण, पीएफटी, बीएमटी, चेस्ट एक्स-रे और ईसीजी जैसी विभिन्न जांचें शामिल थीं। यह कार्यक्रम टिकाणा लऊ वाला महंत बाबा हरपाल दास जी महाराज के आशीर्वाद से संपन्न हुआ। शिविर में जांच के साथ-साथ जरूरतमंदों को निशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।4
- हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबद्ध HSEB वर्कर्स यूनियन (हेड ऑफिस भिवानी, रजि. नंबर 292) के बैनर तले जींद यूनिट द्वारा कार्यकारी अभियंता विकास मलिक के खिलाफ दिया जा रहा धरना सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता के खिलाफ रोष जताते हुए उनका घेराव भी किया। धरने की अध्यक्षता यूनिट प्रधान हरिओम ने की, जबकि मंच संचालन वरिष्ठ उपप्रधान सुनील शर्मा ने किया। कर्मचारियों का आरोप है कि कार्यकारी अभियंता द्वारा कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि उपमंडल अधिकारियों पर दबाव बनाकर कर्मचारियों को अनुपस्थित दिखाया जाता है, जबकि जेई इंचार्ज द्वारा उनकी उपस्थिति का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों की सैलरी रोकी जा रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि उपमंडल अधिकारियों को दरकिनार कर कर्मचारियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। पूर्व उपमहासचिव राजेश शर्मा, पूर्व उप राज्य प्रधान राजा शामदो और पूर्व सर्किल सचिव राजेश आसन ने संयुक्त बयान में कहा कि जब तक कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कर उनकी रोकी गई सैलरी जारी नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। इस फैसले का सभी कर्मचारियों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। यूनियन ने चेतावनी दी कि जब तक कार्यकारी अभियंता धरना स्थल पर आकर कर्मचारियों और संगठन से माफी नहीं मांगते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही यह भी फैसला लिया गया कि कार्यकारी अभियंता जिस भी सब-डिवीजन में जाएंगे, वहां यूनियन द्वारा उनका घेराव किया जाएगा।1