दतिया जिले के उनाव थाना पुलिस ने श्रीमान पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लकुमार शिवहरे तथा एसडीओपी भांडेर पूनमचंद्र यादव के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की है। दिनांक 07.06.26 की रात मुखबिर की सूचना पर, उनाव थाना क्षेत्र के ग्राम सेरसा स्थित पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे आरोपियों को लमान माता मंदिर के नीचे बनी धर्मशाला के बगल से धर दबोचा गया। पुलिस ने इस योजना को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में समीर पुत्र रफीक कुरैशी (23, निवासी बाबा कपूर की दरगाह किलागेट ग्वालियर), भोला कुरैशी पुत्र मुन्ना कुरैशी (20, निवासी कौंच, आराजी लेन कसाई मंडी काँच जिला जालौन, यूपी), सादिक पुत्र सल्लू खान (20, निवासी बाबा कपूर की दरगाह घासमंडी किलागेट ग्वालियर) और धर्मेन्द्र यादव पुत्र रामसिंह यादव (45, निवासी गौसपुरा नंबर 01, चार शहर का नाका ग्वालियर) शामिल हैं। इनके कब्जे से एक 315 बोर का कट्टा, एक 12 बोर का कट्टा, 07 जिंदा राउंड 315 बोर, 02 जिंदा कारतूस 12 बोर, 04 मोबाइल, 01 लोहे का सरिया, 02 टॉर्च, 01 फनर मय पत्ती के और 01 पेचकस जब्त किए गए। हालांकि, आरोपी सलमान खान पुत्र लियाकत खान (निवासी कसाई मंडी अलापुर जौरा रोड जिला मुरैना) मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश अभी जारी है। आरोपियों ने थाना मौ जिला भिंड और थाना सेंवढा में भैंस चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। साथ ही, आरोपी समीर कुरैशी और भोला कुरैशी के खिलाफ थाना एट, थाना कोंच, कोतवाली झांसी और थाना पूंछ में कई मामले दर्ज होने की बात सामने आई है, और पूर्व में उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जा चुकी है। पुलिस द्वारा उनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस सफल कार्यवाही में उनि. यतेंद्र भदौरिया (थाना प्रभारी उनाव), सउनि नीरज विमल, प्रआर संजय सिंह, प्रआर आदित्य शर्मा, आर. विकास यादव, आर मोहित शर्मा, आर दर्शन यादव, आर भूपेंद्र, आर दीपांशु साहू, आर आनंद चौरसिया, आर अरविंद सिंह और आर. अनूप शर्मा की टीम शामिल रही।
दतिया जिले के उनाव थाना पुलिस ने श्रीमान पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लकुमार शिवहरे तथा एसडीओपी भांडेर पूनमचंद्र यादव के नेतृत्व में एक बड़ी कार्रवाई की है। दिनांक 07.06.26 की रात मुखबिर की सूचना पर, उनाव थाना क्षेत्र के ग्राम सेरसा स्थित पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे आरोपियों को लमान माता मंदिर के नीचे बनी धर्मशाला के बगल से धर दबोचा गया। पुलिस ने इस योजना को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में समीर पुत्र रफीक कुरैशी (23, निवासी बाबा कपूर की दरगाह किलागेट ग्वालियर), भोला कुरैशी पुत्र मुन्ना कुरैशी (20, निवासी कौंच, आराजी लेन कसाई मंडी काँच जिला जालौन, यूपी), सादिक पुत्र सल्लू खान (20, निवासी बाबा कपूर की दरगाह घासमंडी किलागेट ग्वालियर) और धर्मेन्द्र यादव पुत्र रामसिंह यादव (45, निवासी गौसपुरा नंबर 01, चार शहर का नाका ग्वालियर) शामिल हैं। इनके कब्जे से एक 315 बोर का कट्टा, एक 12 बोर का कट्टा, 07 जिंदा राउंड 315 बोर, 02 जिंदा कारतूस 12 बोर, 04 मोबाइल, 01 लोहे का सरिया, 02 टॉर्च, 01 फनर मय पत्ती के और 01 पेचकस जब्त किए गए। हालांकि, आरोपी सलमान खान पुत्र लियाकत खान (निवासी कसाई मंडी अलापुर जौरा रोड जिला मुरैना) मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश अभी जारी है। आरोपियों ने थाना मौ जिला भिंड और थाना सेंवढा में भैंस चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। साथ ही, आरोपी समीर कुरैशी और भोला कुरैशी के खिलाफ थाना एट, थाना कोंच, कोतवाली झांसी और थाना पूंछ में कई मामले दर्ज होने की बात सामने आई है, और पूर्व में उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जा चुकी है। पुलिस द्वारा उनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस सफल कार्यवाही में उनि. यतेंद्र भदौरिया (थाना प्रभारी उनाव), सउनि नीरज विमल, प्रआर संजय सिंह, प्रआर आदित्य शर्मा, आर. विकास यादव, आर मोहित शर्मा, आर दर्शन यादव, आर भूपेंद्र, आर दीपांशु साहू, आर आनंद चौरसिया, आर अरविंद सिंह और आर. अनूप शर्मा की टीम शामिल रही।
- उनाव पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो एक पेट्रोल पंप को लूटने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इन शातिर अपराधियों को उनकी योजना को अंजाम देने से पहले ही धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों में से एक ग्वालियर का रहने वाला बताया गया है, जबकि अन्य दो जालौन जिले के कोंच से हैं।1
- दतिया जिले के भाण्डेर थाना क्षेत्र में नदी में मिले एक युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने महज चार दिन में सुलझाने का दावा किया है। सोमवार शाम 05 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी सुनील शिवहरे ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, ग्राम अजीतपुरा निवासी विनोद यादव उर्फ खुशी यादव (38) बीते एक जून को दूध देने के लिए भाण्डेर गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा। अगले दिन उसकी मोटरसाइकिल खेत में खड़ी मिली और पास की नदी से उसका शव बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर परिजनों ने किसी पर संदेह नहीं जताया था, लेकिन घटना की परिस्थितियां संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में खुलासा हुआ कि जमीन और पारिवारिक संपत्ति के विवाद के चलते विनोद के बड़े भाई मनोज यादव ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने विनोद को कार में घुमाया, शराब पिलाई और नशे की हालत में उसे नदी में डुबोकर मार डाला, ताकि यह मामला दुर्घटना लगे। पुलिस ने मुख्य आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि इस मामले में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।1
- दतिया पुलिस ने जिले में अवैध शराब के निर्माण के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक दतिया श्री मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में, थाना डीपार पुलिस ने ग्राम ग्यारा स्थित कंजर डेरा पर दबिश दी। इस दौरान टीम ने 55 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की और मौके पर पाए गए लगभग 5000 लीटर लाहन को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में, ग्यारा की पहाड़िया, राजपुर रोड निवासी 50 वर्षीय रमेश पुत्र गंगाराम कंजर के कब्जे से 30 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब जब्त की गई। वहीं, कंजर डेरा ग्यारा निवासी 50 वर्षीय शीला देवी पत्नी राजेन्द्र कंजर के पास से 25 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब मिली। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की है। इस अभियान में थाना डीपार प्रभारी उप निरीक्षक श्री यादवेन्द्र गुर्जर, उनि सियाराम गौड, प्रआर मंशाराम, आर दीपेंद्र गुर्जर, आर निजाम खान और आर आकाश यादव की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।2
- रतनगढ़ माता धाम पर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने पहुँचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं, मानो श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा हो। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी के चरणों में शीश नवाया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के साथ-साथ क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। माता रानी के दर्शन के उपरांत, भक्तों ने कुंवर बाबा के दरबार में भी पहुँचकर आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- दतिया जिले की बड़ौनी तहसील में तहसीलदार सुनील प्रभास पर आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, कुछ ग्रामीण अपनी जमीन और राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील कार्यालय पहुँचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें दफ्तर से चले जाने को कहा। उनका कहना है कि वे कई दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा था, और जब उन्होंने अपनी परेशानी बताने की कोशिश की, तो उन्हें अपमानित कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। उनका कहना है कि सरकारी अधिकारियों का आचरण जनता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। वहीं, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि मामले की जाँच होती है, तो वायरल वीडियो और घटना के समय मौजूद लोगों के बयान अहम भूमिका निभा सकते हैं।1
- दतिया जिले के वार्ड क्रमांक 20 में निवासी जनता पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि उन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए भी अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़-लांच रोड पर एक गंभीर विद्युत हादसे में मंटू मास्टर के खेत के पास 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन युवक बुरी तरह झुलस गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तीनों घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। यह हादसा उस समय हुआ जब प्राइवेट कंपनी BTL द्वारा 11 केवी विद्युत लाइन पर मेंटेनेंस और शिफ्टिंग का काम किया जा रहा था। काम के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने ऊपर से गुजर रही 33 केवी हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा, जिसके परिणामस्वरूप तार आपस में संपर्क में आ गए और करंट फैल गया। हादसे में पुनीत आदिवासी (30 वर्ष), अंकित आदिवासी (30 वर्ष) और पारस वर्मा (20 वर्ष) गंभीर रूप से झुलसे हैं। इन्हें तत्काल इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति के चलते ग्वालियर रेफर कर दिया गया। लाइनमैन कालीचरण प्रजापति के अनुसार, ठेकेदार के मैनेजर ने केवल 11 केवी लाइन का परमिट लिया था, जबकि ऊपर से गुजर रही 33 केवी लाइन का शटडाउन नहीं कराया गया। इसी लापरवाही को इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और मामले की जांच शुरू कर दी। बिजली विभाग के अधिकारी नीरज यादव ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और यदि प्राइवेट कंपनी BTL तथा संबंधित ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों ने इस मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ितों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण में BTL कंपनी की कार्यप्रणाली और बरती गई कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1