मध्य प्रदेश के दतिया जिले में ग्रामदर्शन न्यूज़ के संपादक दीपक तिवारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दीपक तिवारी ने आरोप लगाया है कि पंचायत के निर्माण कार्यों की कवरेज और समाचार प्रकाशित करने के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें जबरन एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले गए और उनके मोबाइल फोन से वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। जानकारी के अनुसार, दीपक तिवारी ने राऊरी पंचायत में सड़क और अंबेडकर पार्क के निर्माण कार्यों की वीडियो कवरेज की थी। इसके बाद जब समाचार प्रकाशित हुआ, तो सोनागिर तिराहे पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। दीपक तिवारी का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि फौजी यादव और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन सीतापुर ले गए। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उनके मोबाइल में मौजूद निर्माण कार्यों से जुड़े वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। दीपक तिवारी ने बताया कि उन्हें करीब एक किलोमीटर तक मारते-पीटते हुए ले जाया गया और बाद में परिचितों को घटना की जानकारी मिलने पर उन्हें छोड़ा गया। घटना के बाद दीपक तिवारी ने फेसबुक पर अपनी आपबीती साझा करते हुए पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट वायरल हो गई है। पत्रकारों और आम लोगों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सभी की नजरें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, ये आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं और वास्तविक स्थिति तथा तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में ग्रामदर्शन न्यूज़ के संपादक दीपक तिवारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। दीपक तिवारी ने आरोप लगाया है कि पंचायत के निर्माण कार्यों की कवरेज और समाचार प्रकाशित करने के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें जबरन एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले गए और उनके मोबाइल फोन से वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। जानकारी के अनुसार, दीपक तिवारी ने राऊरी पंचायत में सड़क और अंबेडकर पार्क के निर्माण कार्यों की वीडियो कवरेज की थी। इसके बाद जब समाचार प्रकाशित हुआ, तो सोनागिर तिराहे पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। दीपक तिवारी का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि फौजी यादव और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन सीतापुर ले गए। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उनके मोबाइल में मौजूद निर्माण कार्यों से जुड़े वीडियो भी डिलीट करवा दिए गए। दीपक तिवारी ने बताया कि उन्हें करीब एक किलोमीटर तक मारते-पीटते हुए ले जाया गया और बाद में परिचितों को घटना की जानकारी मिलने पर उन्हें छोड़ा गया। घटना के बाद दीपक तिवारी ने फेसबुक पर अपनी आपबीती साझा करते हुए पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट वायरल हो गई है। पत्रकारों और आम लोगों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सभी की नजरें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं कि क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, ये आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं और वास्तविक स्थिति तथा तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
- दतिया जिले में प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए एक अवैध अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में की गई, जिससे अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की एक संयुक्त टीम ने लांच घाट पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। रेत माफिया इस अस्थायी पुल का उपयोग भारी मशीनों और वाहनों की आवाजाही के लिए कर रहे थे, जिसके माध्यम से लंबे समय से अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। प्रशासन को लगातार मिल रही शिकायतों और निगरानी के बाद टीम मौके पर पहुंची और मशीनों की मदद से पूरे पुल को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध गतिविधि से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा था और साथ ही नदी के प्राकृतिक स्वरूप व पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी लांच शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आनंद भदौरिया, माइनिंग इंस्पेक्टर संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा, जबकि पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और इसे पर्यावरण संरक्षण तथा राजस्व हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।1
- दतिया जिले में हुए विशाल कुशवाहा हत्याकांड के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई विशाल कुशवाहा की हत्या से संबंधित है।1
- दतिया जिले को अपराध मुक्त बनाने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने इंदरगढ़ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 'जन संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और युवाओं के साथ सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। पुलिस अधीक्षक खंडेलवाल ने भरोसा दिलाया कि पुलिस अब सीधे जनता के संपर्क में है और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध गतिविधियों और अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी, जिसका लक्ष्य क्षेत्र को पूरी तरह अपराध मुक्त बनाना है। उन्होंने लोगों से किसी भी परेशानी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने में संकोच न करने की अपील की, यह कहते हुए कि उनकी सूचना ही अपराधी तक पहुँचने का सबसे सशक्त माध्यम है। इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु बनाना है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। एसपी मयूर खंडेलवाल ने संदेश दिया कि दतिया को अपराध मुक्त बनाना उनका प्राथमिक लक्ष्य है और जनता का सहयोग पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय निवासियों ने पुलिस अधीक्षक के इस जन संवाद कार्यक्रम की सराहना की, यह मानते हुए कि इससे पुलिसिंग में कसावट आएगी और अपराधी तत्वों में भय का माहौल बनेगा। इस अवसर पर स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।1
- दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम 6 बजे से भांडेर पुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। दतिया रोड पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व भांडेर थाना प्रभारी कोमल परिहार ने किया, और यह कार्रवाई दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल के निर्देश पर की गई थी। अभियान के दौरान, पुलिस ने चार पहिया वाहनों और बाइक चालकों को रोककर उनके वाहनों की तलाशी ली। चेकिंग के दौरान, पुलिस ने बकारों से काली फिल्म और हूटर पदनाम की प्लेटें हटवाईं, साथ ही वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की। पुलिस ने वाहन चालकों को सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की समझाइश भी दी। इस चेकिंग अभियान के चलते वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।1
- दतिया में उपचुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज हो गया है, जहाँ बयानबाज़ी का बवाल देखने को मिल रहा है। कांग्रेस और आज़ाद समाज पार्टी (ASP) के नेता आमने-सामने आ गए हैं। यह विवाद राजेंद्र भारती के तंज पर केशव यादव के पलटवार के बाद शुरू हुआ है, जिससे दतिया की राजनीति में गहमागहमी बढ़ गई है।1
- दतिया में एक सगाई समारोह से लौट रहे कार सवारों पर अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है।1