फतहसागर तालाब में डूबी बुजुर्ग महिला,सिविल डिफेंस जोधपुर की टीम ने शव को निकाला बाहर जोधपुर पुलिस कंट्रोल रूम से नागरिक सुरक्षा विभाग एवं आपदा प्रबंधन कार्यालय जोधपुर को सूचना मिली कि नागौरी गेट थाना क्षेत्र के फ़तहसागर तालाब में एक संदिग्ध शव तैरता हुआ दिख रहा है,जिस पर उपनियंत्रक अंजुम ताहिर शम्मा के निर्देशानुसार नागरिक सुरक्षा विभाग की डीक्यूआरटी टीम के तैराक जितु सिंह, भजनलाल बिश्नोई, ख़ुमाराम पंवार(पारी प्रभारी),राकेश चौधरी एवं ड्राइवर राजेंद्र कुड़िया को मय रेस्क्यू सामान वाहन बोलेरो कैंपर आरजे 19 जीएफ 1336 को लेकर तुरंत प्रभाव से रवाना किया, सिविल डिफेंस की टीम ने फ़तहसागर तालाब में रेस्क्यू कार्य करके एक बुजुर्ग महिला गिलोत पत्नी हरिदास उम्र 70 वर्ष जाति वाल्मीकि(हरिजन) के शव को बाहर निकाल कर पुलिस थाना नागौरी गेट को सुपुर्द किया। मूलाराम जाखड़ ओसियां जिला ब्यूरो चीफ, जोधपुर (भारत संवाद न्यूज पेपर)
फतहसागर तालाब में डूबी बुजुर्ग महिला,सिविल डिफेंस जोधपुर की टीम ने शव को निकाला बाहर जोधपुर पुलिस कंट्रोल रूम से नागरिक सुरक्षा विभाग एवं आपदा प्रबंधन कार्यालय जोधपुर को सूचना मिली कि नागौरी गेट थाना क्षेत्र के फ़तहसागर तालाब में एक संदिग्ध शव तैरता हुआ दिख रहा है,जिस पर उपनियंत्रक अंजुम ताहिर शम्मा के निर्देशानुसार नागरिक सुरक्षा विभाग की डीक्यूआरटी टीम के तैराक जितु सिंह, भजनलाल बिश्नोई, ख़ुमाराम पंवार(पारी प्रभारी),राकेश चौधरी एवं ड्राइवर राजेंद्र कुड़िया को मय रेस्क्यू सामान वाहन बोलेरो कैंपर आरजे 19 जीएफ 1336 को लेकर तुरंत प्रभाव से रवाना किया, सिविल डिफेंस की टीम ने फ़तहसागर तालाब में रेस्क्यू कार्य करके एक बुजुर्ग महिला गिलोत पत्नी हरिदास उम्र 70 वर्ष जाति वाल्मीकि(हरिजन) के शव को बाहर निकाल कर पुलिस थाना नागौरी गेट को सुपुर्द किया। मूलाराम जाखड़ ओसियां जिला ब्यूरो चीफ, जोधपुर (भारत संवाद न्यूज पेपर)
- कविता और थीम मेहंदी से नारी-शक्ति का संदेश राजबाग, सूरसागर (जोधपुर) निवासी थीम मेहंदी कलाकार रेणु भदरार हर विशेष दिवस व त्योहार पर जागरूकता का संदेश देने वाली मेहंदी लगाती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने युवा कवयित्री सुरभि खीची के साथ साहित्य और कला को जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की। साहित्य लेखन का कई वर्षों से शौक रखने वाली सुरभि खीची ने अपनी ही लिखी कविता के भावों के अनुसार अपने हाथों में थीम मेहंदी रचवाई। उनकी कविता में एक स्त्री की बचपन से लेकर विवाह के बाद तक की जीवन-यात्रा, उसके सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास का संदेश व्यक्त किया गया है। इस विशेष मेहंदी को रेणु भदरार ने तैयार किया, जिसमें किताब, उड़ती चिड़िया और फूलों के माध्यम से नारी शिक्षा, स्वतंत्रता और सृजनशीलता का संदेश दर्शाया गया है। सुरभि खीची ने बताया कि मेहंदी में अंकित भाव उनकी अपनी कविता से लिए गए हैं और उसी के अनुसार रेणु भदरार ने उनके हाथों में यह थीम मेहंदी प्रदर्शित की। यह प्रयास नारी-शक्ति, शिक्षा और आत्मसम्मान का प्रेरणादायक संदेश देता है।2
- jodhpur :- जोधपुर से बड़ी खबर, भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद झूम उठे जोधपुर वासी, जोधपुरवासीयों ने पटाखे फोड़ कर मनाई जीत की खुशी ।1
- पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने जोधपुर में काजरी और आफरी का किया दौरा किसानों की आय दोगुनी करने में काजरी निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका : श्री तंवर, निदेशक काजरी मोटे अनाज से बिस्कुट एवं कुरकुरे बनाने का काजरी प्रदान करता है प्रशिक्षण वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए आफरी की महत्वपूर्ण भूमिका : श्री त्रिपाठी, निदेशक आफरी (पीआईबी), चंडीगढ़ द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल 8 से 14 मार्च के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। इस दौरान आज 9 मार्च को प्रतिनिधिमंडल ने काजरी और आफरी का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) से अपने दौरे की शुरुआत की। इस अवसर पर काजरी के निदेशक डॉ. सुरेशपाल सिंह तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि काजरी थार मरुस्थल एवं लेह जैसे ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्रों में कृषि के विकास के लिए कार्य कर रहा है। संस्थान ने टिब्बा स्थिरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, जल प्रबंधन, फलोद्यानिकी, पशुपालन आदि क्षेत्रों में शोध कार्य कर अनेक तकनीकियाँ विकसित की हैं और इन तकनीकों को गांवों और ढाणियों तक पहुँचाया है, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ा और हरियाली का विस्तार हुआ है। कम पानी, कम लागत और कम खर्च में पनपने वाली खरीफ एवं रबी की विभिन्न फसलों की किस्में विकसित की गई हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली का एक मॉडल विकसित किया गया है, जिसमें अनाज, फल, चारा, पेड़, औषधीय पौधे आदि के माध्यम से किसान को वर्ष भर आय प्राप्त होती रहती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में काजरी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोटे अनाज की ख्याति को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए काजरी मिलेट्स से विभिन्न उत्पाद जैसे बाजरा बिस्किट, कुरकुरे और चॉकलेट सहित अन्य उत्पाद तैयार कर रहा है। इसके साथ ही संस्थान की प्रयोगशाला में विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्यमियों को अपने स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ कौशल विकास के माध्यम से उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि काजरी के कृषि वैज्ञानिक एआई आधारित खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर भी कार्य कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसल उत्पादन बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करना है। उन्होंने संस्थान की शोध उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में बताते हुए वैकल्पिक चारा मॉडल, उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन, फसल वाटिका, पोषण तथा पशु आहार से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के एटिक केंद्र के माध्यम से किसानों को स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण पेड़-पौधे, बीज आदि उपलब्ध कराए जाते हैं। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक श्री पी. आर. मेघवाल ने शुष्क क्षेत्र की बागवानी फसलों जैसे बेर, आंवला, अनार और खजूर की खेती के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि काजरी द्वारा विकसित नवीन तकनीकों के माध्यम से विभिन्न फसलों की उन्नत पैदावार हो रही है। इसके माध्यम से किसानों को अपनी कृषि आय बढ़ाने में सहायता मिल रही है और किसान काजरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जिससे स्वरोजगार के साथ-साथ उद्यमियों का कौशल विकास भी हो रहा है। काजरी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने सौर ऊर्जा के विभिन्न संयंत्रों तथा एग्रो-वोल्टाइक प्रणाली के बारे में जानकारी दी, जिसके माध्यम से एक ही भूमि से बिजली, पानी और फसल उत्पादन संभव हो रहा है। वैज्ञानिक डॉ. राजशेखर ने बाजरा एवं अन्य मोटे अनाज से बिस्कुट और कुरकुरे बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आफरी) का भी दौरा किया। इस अवसर पर आफरी के निदेशक डॉ. आशुतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आफरी वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए विभिन्न कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसके लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए भी आफरी कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। उन्होंने बताया कि आफरी विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों का उपयोग कर वन संरक्षण और विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। मृदा संरक्षण के तहत आफरी द्वारा राजस्थान, गुजरात एवं दादरा और नगर हवेली क्षेत्र के लिए जारी किए गए वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में भी जानकारी दी गई। आफरी द्वारा विस्तार कार्यक्रमों के तहत किसानों, आमजन और विद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता के लिए प्रकृति, विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वृक्ष उत्पादक मेले जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों में वृक्षारोपण कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आफरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. तरुण कांत ने पीआईबी के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आफरी द्वारा वृक्ष सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तम गुणवत्ता के शीशम क्लोन विकसित किए गए हैं। उन्होंने खेजड़ी वृक्ष की मृत्यता पर आफरी द्वारा किए गए अनुसंधान एवं उसके समाधान के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही अवक्रमित पहाड़ियों के पुनर्वास, लवणीय भूमि के पुनर्वास और टिब्बा स्थिरीकरण के क्षेत्र में आफरी द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। भारतीय वन सेवा के अधिकारी श्री रमेश विश्नोई ने मंच संचालन करते हुए विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। पत्रकार दल ने काजरी और आफरी के विभिन्न शोध क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा वैज्ञानिकों से कृषि तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अंत में मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री आशीष वर्मा और श्री अहमद खान ने संस्थानों के निदेशक एवं समस्त स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- Post by Govind Singj1
- *श्री वैष्णव उच्च माध्यमिक शिक्षा सदन, नई बस्ती, पाल गांव, जोधपुर में आयोजित हुई प्रभावशाली विज्ञान प्रदर्शनी* श्री वैष्णव शिक्षण संस्थान एवं विद्या भारती जोधपुर प्रांत के तत्वावधान में श्री वैष्णव उच्च माध्यमिक शिक्षा सदन, पाल गांव में एक दिवसीय विज्ञान, वाणिज्य एवं कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान, कला और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए विद्यालय के प्रबंधक श्री लक्ष्मणदास वैष्णव एवं प्रधानाचार्य श्री आशीष कुमार तिवारी ने छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों और पोस्टरों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, अत्याधुनिक तकनीकी ज्ञान और सर्वांगीण विकास की भावना को मजबूत करती हैं उन्होंने नन्हे वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया प्रदर्शनी में विभिन्न संकायों के छात्रों ने आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए:भौतिक विज्ञान विभाग के छात्रों ने 'सरल विद्युत परिपथ' एवं 'फायर अलार्म सिस्टम' का मॉडल बनाया रसायन विज्ञान के छात्रों ने रासायनिक अभिक्रियाओं से नवीन उत्पादों का निर्माण करके दिखाया जीव विज्ञान के छात्रों ने 'मानव शरीर में दोहरा रक्त परिसंचरण तंत्र' का जीवंत मॉडल प्रस्तुत किया। कला संकाय के छात्रों ने 'भारत की भौगोलिक स्थिति' का 3डी मॉडल तैयार किया कंप्यूटर विज्ञान के छात्रों ने 'Li-Fi (लाइट फिडेलिटी)' वायरलेस संचार तकनीक का प्रारूप प्रदर्शित किया कार्यक्रम प्रभारी श्री देवेंद्र वैष्णव ने बताया कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान प्रदर्शनी, खेल महोत्सव जैसे अनेक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा निखरती है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के उपलक्ष्य में विद्यालय की होनहार छात्राओं पायल, दिव्या एवं खुशबू ने भारतीय महिला वैज्ञानिकों के योगदान को विशेष रूप से उजागर किया। उन्होंने कल्पना चावला (प्रथम भारतीय मूल की महिला अंतरिक्ष यात्री), ऋतु करिधाल (मंगलयान मिशन की उप-परियोजना निदेशक, 'रॉकेट वुमन ऑफ इंडिया') एवं नंदिनी हरिनाथ (चंद्रयान-3 सहित कई ISRO मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका) जैसी महान वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और छात्राओं को विज्ञान क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।प्रदर्शनी में विद्यालय के अलावा आसपास के अन्य स्कूलों जैसे विंग्स एकेडमी (झंबर), माउंट वैली (बोरानाडा), आर्यन एकेडमी (बासनी), सिलावटा एवं मिनर्वा नोबल एकेडमी (बोरानाडा) के संस्थापकगण एवं छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया उन्होंने प्रदर्शित मॉडलों और पोस्टरों की सराहना की तथा श्री वैष्णव के नन्हे वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ाया यह प्रदर्शनी न केवल छात्रों की वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में सफल रही, बल्कि भारतीय महिला वैज्ञानिकों के महान योगदान को याद दिलाकर लड़कियों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनी2
- पाली,मनीष राठौड़ । शहर के मंडिया रोड स्थित सरगरा समाज भवन में परंपरागत हर्षोल्लास के साथ गैर नृत्य का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल की थाप पर सामूहिक गैर नृत्य कर अपनी समृद्ध लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के अध्यक्ष मनोहर लाल गहलोत ने की। इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों और वरिष्ठ सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से मांगीलाल माठ, घीसू लाल, बाबूलाल खाटक, कानाराम, जेठाराम, शंकरलाल, शिवलाल,एडवोकेट प्रताप चौहान, सुखाराम मनिहारी, कैलाश, बद्रीराम, सुरेन्द्र, श्रवण माठ, मालाराम, दिलीप, रमेश माठ, बंशीलाल, भीमाराम और देवाराम सहित कई समाज बंधु उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान अध्यक्ष मनोहर लाल गहलोत ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है। सभी समाज बंधुओं ने मिलकर गैर का आयोजन रखा, जिसमें अनुशासन और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने समाज के विकास और एकजुटता का संकल्प लिया।1
- *विश्व हिन्दू परिषद की विभाग बैठक सम्पन्न हुई । समाज में संगठन नही समाज का संगठन है विश्व हिन्दू परिषद- उमाशंकर* रिपोर्टर रामलाल चौहान पाली पाली आज सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद की विभाग बैठक सोमवार को मंडिया रोड स्थित ताड़केश्वर रामेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर में सम्पन्न हुई । बैठक का आगाज केंद्रीय मंत्री व धर्मप्रसार के अखिल भारतीय सह प्रमुख उमाशंकर, प्रान्त मंत्री परमेश्वर जोशी, ने राम दरबार भारत माता के समक्ष दीपप्रज्वलन कर बेठक का आगाज किया गया । बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रथम सत्र में केंद्रीय मंत्री व धर्मप्रसार के अखिल भारतीय सह प्रमुख उमाशंकर, ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता संगठन की नींव है समाज में संगठन नही समाज का संगठन है विश्व हिन्दू परिषद 1964 से समाज के बीच रहकर कार्य कर रहा है 1 लाख गावो तक विश्व हिन्दू परिषद के कार्य भारत वर्ष में चल रहे है विश्व हिन्दू परिषद में जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता देवकार्य भगवान के कार्य कर रहे है विहिप की प्रस्तावना रखते हुए अपनी बात रखी । द्वितीय सत्र में प्रांत मंत्री परमेश्वर जोशी ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आगामी आने वाले रामोत्सव मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना है व हर ग्राम प्रखंड स्तर तक रामोत्सव कार्यक्रम करने है जिस तरह पाली विभाग में ऐतिहासिक हिन्दू शंखनाद कार्यक्रम पाली में हुआ उसी प्रकार रामोत्सव कार्यक्रम भी हर गाँव मे सम्पन्न हो साथ ही आगामी दुर्गावाहिनी वर्ग,परिषद वर्ग, की भी विस्तृत चर्चा की गई बेठक में पाली विभाग संगठन दृष्टि से पाली,बाली,सोजत संगठन जिला के कार्यकर्ता बन्धु मौजूद रहे। बैठक का संचालन विभाग मंत्री शैतान सिंह बिरोलिया ने किया । जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मनीष सेन ने बताया कि बैठक में प्रांत से सुरेश चौधरी,कुसुम थावानी,विनीता तनवानी,अनिल चौहान, भीमराज चौधरी,विभाग मंत्री शैतान सिंह बिरोलिया, पाली जिला मंत्री बाबूलाल कुमावत, सोजत जिला मंत्री मांगीलाल गहलोत,जिला टीम से किशन सीरवी,सन्तोष वैष्णव,प्रियंका माली,रेखा सोलंकी,प्रकाश वैष्णव,विक्रांत सिंह गणेशाराम कुमावत, परमेश्वर शर्मा,अभयवीर सिंह,सुनील लक्षकार,बाबूदास वैष्णव,प्रखंड टोली दुर्गेश चौहान,श्रवण भिलवाला,जीतू पंडित,दलपतसिंह भाटी,अजय वैष्णव, कुलदीप,गोविंद मेगवाल,जया कुमारी, ललिता दय्या, प्रकास कवर, सहित कार्यकर्ता पाली विभाग के कार्यकर्ता बैठक में उपस्थित रहे4
- आयुर्वेद विश्वविद्यालय में ‘आयुर्घोष–2026’ का भव्य आगाज़, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा सुश्रुत सभागार आयुर्वेद विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव की शुरुआत, विद्यार्थियों ने गायन, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से बांधा समां जोधपुर, 9 मार्च। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम “आयुर्घोष–2026” का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के सुश्रुत सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे सभागार को उत्साह और उमंग से भर दिया। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन माननीय कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10 बजे अतिथियों के स्वागत, मंगलाचरण और धन्वंतरि पूजन के साथ की गई। इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति की अध्यक्षा डॉ. रश्मि शर्मा ने “आयुर्घोष–2026” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल ने अपने आशीर्वचन में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र का समापन छात्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) गोविंद प्रसाद गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दिनभर चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभा देखने को मिली। गायन प्रतियोगिता में समूह और एकल प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समूह गायन में प्रियंका एवं ग्रुप (BAMS 2025) तथा दर्शना एवं ग्रुप (BHMS 2025) ने शानदार प्रस्तुति दी। वहीं एकल गायन में रितिका, आदित्य, बिलाल और नीतू सहित कई विद्यार्थियों ने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद आयोजित नाट्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अभिनय कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कसक तेजी (BNYS 2025) द्वारा प्रस्तुत मोनो एक्ट और योग के माध्यम से प्रस्तुत हनुमान चालीसा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। दोपहर के सत्र में नृत्य प्रतियोगिताओं की धूम रही। एकल नृत्य में वैशाली परिहार (BAMS 2021), आरती मीणा और मुस्कान ने अपनी प्रस्तुति से मंच पर ऊर्जा भर दी। वहीं समूह नृत्य में पिंकी एवं ग्रुप (BSC 2025), चिराग एवं ग्रुप (BNYS 2022) और कोमल एवं ग्रुप (BAMS 2021) ने शानदार तालमेल और आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबर्स ने भी अपनी प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को और अधिक यादगार बना दिया। पूरे दिन चले इस सांस्कृतिक उत्सव का समापन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के गौरवपूर्ण स्वरों के साथ हुआ। “आयुर्घोष–2026” के इस पहले दिन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, उत्साह और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।1