बेतिया सिविल कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, आपसी सहमति से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू बेतिया से रिपोर्ट बेतिया। बेतिया के सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ। न्यायालय परिसर में सकारात्मक और न्यायिक माहौल देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष अनामिका टी, जिला पदाधिकारी तरुणजोत सिंह, सदर डीएसपी समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद लोक अदालत की विभिन्न बेंचों पर मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई, जहां वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर आपसी सहमति से विवादों का निपटारा कराया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुलभ, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। यहां ऐसे मामलों की सुनवाई की जा रही है जिनका आपसी समझौते के आधार पर समाधान संभव है। इनमें बिजली बिल से जुड़े विवाद, बैंक ऋण से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद तथा अन्य सुलह योग्य प्रकरण शामिल हैं। लोक अदालत में पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाते हुए कम समय और कम खर्च में न्याय दिलाने की कोशिश की जाती है। प्रधान जिला जज अनामिका टी ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी माध्यम है, जहां आपसी सहमति से मामलों का समाधान कर लोगों को राहत दी जाती है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि आम लोगों को भी त्वरित न्याय मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाएं और अपने विवादों को आपसी समझौते के माध्यम से समाप्त करें। लोक अदालत के आयोजन को लेकर न्यायालय परिसर में अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया है, जहां न्यायिक पदाधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि बैठकर मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को समझाइश देकर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि विवादों का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान हो सके। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमरेंद्र कुमार राज, विभिन्न न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता संघ के सदस्य, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे। लोक अदालत के दौरान लोगों में अपने पुराने मामलों के समाधान को लेकर उत्साह भी देखा गया। लोक अदालत के माध्यम से न्याय व्यवस्था को और अधिक जनसुलभ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यहां आने वाले लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित उनके विवादों का समाधान आपसी सहमति से हो सकेगा और उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
बेतिया सिविल कोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, आपसी सहमति से मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू बेतिया से रिपोर्ट बेतिया। बेतिया के सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ। न्यायालय परिसर में सकारात्मक और न्यायिक माहौल देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्ष अनामिका टी, जिला पदाधिकारी तरुणजोत सिंह, सदर डीएसपी समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद लोक अदालत की विभिन्न बेंचों पर मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई, जहां वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर आपसी सहमति से विवादों का निपटारा कराया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुलभ, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। यहां ऐसे मामलों की सुनवाई की जा रही है जिनका आपसी समझौते के आधार पर समाधान संभव है। इनमें बिजली बिल से जुड़े विवाद, बैंक ऋण से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद तथा अन्य सुलह योग्य प्रकरण शामिल हैं। लोक अदालत में पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाते हुए कम समय और कम खर्च में न्याय दिलाने की कोशिश की जाती है। प्रधान जिला जज अनामिका टी ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी माध्यम है, जहां आपसी सहमति से मामलों का समाधान कर लोगों को राहत दी जाती है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि आम लोगों को भी त्वरित न्याय मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाएं और अपने विवादों को आपसी समझौते के माध्यम से समाप्त करें। लोक अदालत के आयोजन को लेकर न्यायालय परिसर में अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया है, जहां न्यायिक पदाधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि बैठकर मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को समझाइश देकर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि विवादों का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान हो सके। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमरेंद्र कुमार राज, विभिन्न न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता संघ के सदस्य, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे। लोक अदालत के दौरान लोगों में अपने पुराने मामलों के समाधान को लेकर उत्साह भी देखा गया। लोक अदालत के माध्यम से न्याय व्यवस्था को और अधिक जनसुलभ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यहां आने वाले लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित उनके विवादों का समाधान आपसी सहमति से हो सकेगा और उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
- मझौलिया क्षेत्र में एक प्रेमी युगल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवती यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि उसने अपनी मर्जी से युवक के साथ शादी की है और वह जहां भी है, खुश है। युवती ने वीडियो में यह भी स्वीकार किया है कि वह अपनी इच्छा से घर से भागी थी। हालांकि मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि A9BHARAT न्यूज नही करता है ।1
- Post by Vinay Kumar1
- Post by RAVI PANDEY3
- मझौलिया में तीन दिवसीय यूडीआईडी शिविर संपन्न, 455 दिव्यांगजनों का बना पहचान पत्र मझौलिया। प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार के दोपहर करीब 12:00 बजे दिव्यांगजनों के लिए यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड बनाने हेतु 11 मार्च से 13 मार्च तक तीन दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग, पश्चिम चम्पारण के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए। शिविर के दौरान चिकित्सकों की टीम ने दिव्यांगजनों की स्वास्थ्य जांच की और पात्र लाभुकों का यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की। शिविर के अंतिम दिन 165 दिव्यांगजनों का कार्ड बनाया गया, जबकि तीनों दिनों में कुल 455 दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाकर उन्हें लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने कहा कि यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र है। इसके माध्यम से उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रखंड के सभी पात्र दिव्यांगजनों को इस योजना से जोड़ा जाए। शिविर के सफल संचालन में डॉक्टरों की टीम, पंचायत कार्यपालक सहायक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्वच्छता पर्यवेक्षक, विकास मित्र, पंचायत सचिव और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सराहनीय भूमिका रही।1
- Post by Akash Kumar1
- बेतिया में मध्य निषेध थाना की टीम ने शराबबंदी अभियान के तहत विशेष कार्रवाई की। 13 मार्च शुक्रवार की शाम करीब 4:30 बजे नौतन थाना क्षेत्र के बुधवलिया पुल के नीचे टीम ने एक बाइक चालक को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से 25. 920 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार युवक की पहचान बैरा परसौनी गांव निवासी , स्वर्गीय पारस चौधरी के पुत्र भूली कुमार के रूप में हुई है। आरोपी को तत्काल हिरासत में लिया गया और उसके वाहन—बाइक को भी जप्त कर लिया गया। मध्य निषेध थाना अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि राबबंदी अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अवैध शराब तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। 14 मार्च शनिवार दोपहर करीब 3 बजे इस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की गई, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ी और लोगों में राहत की भावना देखी गई।1
- सुगौली के रघुनाथपुर में पूर्व मंत्री ने राज इलेक्ट्रिक बाइक शो रूम का किया उद्घाटन। पूर्व मंत्री ने इस शो रूम को ग्रामीण क्षेत्र में सुविधा और व्यापारिक विकास बताया।1
- मझौलिया में 24 घंटे का अखंड अष्टयाम संपन्न, भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु बेतिया से संवाददाता सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। शनिवार को मझौलिया बाजार स्थित व्यवसायी बिनोद प्रसाद जायसवाल के आवास पर 24 घंटे का अखंड अष्टयाम का आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान “हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे” की मधुर धुन पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। अष्टयाम मंडली के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति धुन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। राम-नाम की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। वहीं आचार्य पंडित मिथलेश तिवारी के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। बैंजु मास्टर और तबला वादक की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आध्यात्मिक आयोजन से क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान जायसवाल एंड पार्टी की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। देर रात तक भंडारा चलता रहा और श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर होते रहे। इस आयोजन को सफल बनाने में आभा जायसवाल, नीरज कुमार जायसवाल, पंकज जायसवाल, विजय जायसवाल, नागेंद्र जायसवाल, अर्चना जायसवाल, सोनल जायसवाल, मनोज कुमार खरवार, गोलू श्रीवास्तव, मनोज खरवार, शिक्षक मुरारी प्रसाद, दिलीप चौधरी, बीरा दास, चोकट राम सहित कई लोगों का उल्लेखनीय योगदान रहा।1