पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र स्थित रामबाद में एक बिस्कुट फैक्ट्री में छत के रास्ते से घुसे चोरों ने कैश बॉक्स, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री चुरा ली। घटना की सूचना मिलने के बाद 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। यह फैक्ट्री रामबाद निवासी प्रभु दयाल साह की है, जिसका संचालन उनके पुत्र जय किशन कुमार संत गगन बाबा उच्च विद्यालय के समीप करते हैं। बीती रात एक चोर ने छत के सहारे घर में प्रवेश किया और कैश बॉक्स, मोबाइल व अन्य सामग्री चुराकर ले गया। घटना के समय संचालक जय किशन कुमार कैश बॉक्स के पास ही सोए हुए थे, लेकिन उन्हें चोरों के आने या उनके ही छत पर कैश बॉक्स व बैग तोड़ने की कोई आहट नहीं मिली। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि पीड़ित पर कोई नशीला पदार्थ छिड़का गया था, जिसके कारण चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल गया। चोरी की पूरी घटना बिस्कुट फैक्ट्री के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक हाफ पैंट पहना चोर इस घटना को अंजाम देते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस ने मौके से खाली कैश बॉक्स भी बरामद किया है और अब सीसीटीवी से मिले फुटेज के सहारे चोर तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।
पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र स्थित रामबाद में एक बिस्कुट फैक्ट्री में छत के रास्ते से घुसे चोरों ने कैश बॉक्स, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री चुरा ली। घटना की सूचना मिलने के बाद 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। यह फैक्ट्री रामबाद निवासी प्रभु दयाल साह की है, जिसका संचालन उनके पुत्र जय किशन कुमार संत गगन बाबा उच्च विद्यालय के समीप करते हैं। बीती रात एक चोर ने छत के सहारे घर में प्रवेश किया और कैश बॉक्स, मोबाइल व अन्य सामग्री चुराकर ले गया। घटना के समय संचालक जय किशन कुमार कैश बॉक्स के पास ही सोए हुए थे, लेकिन उन्हें चोरों के आने या उनके ही छत पर कैश बॉक्स व बैग तोड़ने की कोई आहट नहीं मिली। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि पीड़ित पर कोई नशीला पदार्थ छिड़का गया था, जिसके कारण चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल गया। चोरी की पूरी घटना बिस्कुट फैक्ट्री के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक हाफ पैंट पहना चोर इस घटना को अंजाम देते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस ने मौके से खाली कैश बॉक्स भी बरामद किया है और अब सीसीटीवी से मिले फुटेज के सहारे चोर तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।
- हिंदी पत्रकारिता दिवस के पावन अवसर पर परिधि गुप्ता ने पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने दृढ़तापूर्वक यह बात रखी कि पत्रकार वास्तव में समाज की आवाज होते हैं, जो विभिन्न मुद्दों और विचारों को लोगों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।1
- गेमिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी भोजपुर साइबर क्राइम डिपार्टमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए साइबर डीएसपी द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई थी।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में बिहार सरकार पर 'स्वर्ण गुंडे' पसंद करने का आरोप लगाया गया है। पोस्ट के अनुसार, जो व्यक्ति लालू को बदनाम करने में लगा है, वह असल में लालू का ही काम कर रहा है।1
- Post by Kaushal kumar1
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- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के भावी उम्मीदवार डॉ. दिव्य ज्योति ने बिहटा के अमहारा स्थित डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस में ग्लोबल शिक्षक आईकॉन अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य निजी और सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर, महिला शिक्षकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण, वित्त रहित शिक्षकों के अधिकार, और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जैसे मुद्दों को मजबूती से विधान परिषद तक पहुँचाना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. दिव्य ज्योति ने स्पष्ट किया कि एमएलसी फंड किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि शिक्षक समाज और शिक्षा व्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जिसका उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए। वहीं, डॉ. अशोक गगन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज को अब एक ऐसे संघर्षशील, ईमानदार और जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता है, जो शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से विधान परिषद तक पहुँचा सके। यह शिक्षण संवाद कार्यक्रम देखते ही देखते एक भव्य रूप ले लिया, जहाँ सभी शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं ने 'डॉ. दिव्य ज्योति जिंदाबाद' के नारों से हुंकार भरी। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अतिथियों में विशेष उत्साह देखने को मिला, और सभी ने प्रतिज्ञा ली कि इस बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में परिवर्तन लाना है और शिक्षकों की आवाज बुलंद करते हुए डॉ. दिव्य ज्योति के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। कई वक्ताओं ने इस आयोजन को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी और सकारात्मक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने आग्रह किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहें, ताकि शिक्षा एवं शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद एवं समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों और प्राचार्यों को शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके विशेष योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार हेमंत कुमार ने मंच समन्वयक के रूप में कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस आयोजन में दिलीप शर्मा, चंदन सिंह, चिंटू पटेल, पीयूष प्रसाद, रणजीत प्रसाद, रवि पासवान, जावेद अंसारी, नितेश कुमार, रितेश कुमार, अजित शर्मा, सुधीर कुमार, संजय कुमार, श्रवण कुमार, ई. आशीष सिन्हा, पंकज रजक सहित सैकड़ों शिक्षक, शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अंत में डॉ. दिव्य ज्योति ने डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस, अमहारा, बिहटा, पटना की प्रबंधन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह शिक्षक सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।1
- जगदीशपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय बभनियांव में एक शिक्षक सह अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक कंचनमाला कुमारी ने की। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की सोच पर प्रकाश डाला और बताया कि बच्चे, शिक्षक एवं अभिभावक मिलकर समन्वय से शिक्षा को सुदृढ़ कर सकते हैं। संगोष्ठी में मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण पर भी विशेष चर्चा की गई। इस दौरान, शिक्षक पंकज कुमार सिंह मंटु ने कहा कि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों का सर्वांगीण विकास कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के मानसिक विकास के प्रति संवेदनशील रहने और उन्हें घर पर पढ़ाई के लिए उचित वातावरण प्रदान करने का आग्रह किया। शारीरिक शिक्षक जयप्रकाश कश्यप ने सभी अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सेहत का भी ध्यान रखने की सलाह दी और उनसे प्रतिदिन बच्चों को नाश्ता कराकर ही विद्यालय भेजने का अनुरोध किया। शिक्षकों ने यह भी बताया कि सरकार बच्चों को पोशाक, छात्रवृत्ति और किताबें प्रदान कर रही है। संगोष्ठी में शिक्षकों एवं अभिभावकों ने बच्चों के खेल-कूद के लिए मैदान की समस्या पर भी चर्चा की और जल्द ही ग्रामीण जनता के साथ इस विषय पर एक बैठक करने पर सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक कंचनमाला कुमारी, शिक्षिका आशा कुमारी, पिंकी कुमारी, जुही कुमारी, तृप्ति रानी, ज्योति कुमारी, रबिना कुमारी, शिक्षक पंकज कुमार सिंह मंटु, शारीरिक शिक्षक जयप्रकाश कश्यप, चंदन कुमार, संजीव कुमार, धन्नजय कुमार सिंह, दीलिप कुमार मिश्र, नरेन्द्र कुमार और अभिभावक रामबदन राम, श्याम बिहारी साह, मदन साह, मनोज कुमार, किशोरी यादव, जनकालो देवी, दिनेश मिश्रा, सुबास प्रसाद सहित दर्जनों अभिभावक उपस्थित थे।1
- सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश को वोट देने के मामले में 'दुर्भाग्यपूर्ण और मनमाना' बताया गया है। इस आदेश के चलते लोगों को वोट देने से वंचित किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के करेंसी सिस्टम में एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत जल्द ही ₹100, ₹200 और ₹500 के कागजी नोटों की जगह प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट जारी किए जा सकते हैं। यह कदम देश में करेंसी की टिकाऊपन और सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत, इन नए प्लास्टिक नोटों का कुछ चुनिंदा शहरों में परीक्षण किया जाएगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो प्लास्टिक नोटों को धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जा सकता है, जिससे पूरे करेंसी सिस्टम में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। प्लास्टिक नोट कई मायनों में कागजी नोटों से बेहतर माने जाते हैं। ये अधिक टिकाऊ, वाटरप्रूफ और सुरक्षित होते हैं, जिससे ये जल्दी खराब नहीं होते और लंबे समय तक चलते हैं। इससे नोटों की छपाई पर होने वाला भारी खर्च भी कम होने की उम्मीद है। देश में डिजिटल भुगतान और UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद, नकदी की मांग अभी भी काफी अधिक बनी हुई है। ऐसे में, आरबीआई का यह कदम भारत के करेंसी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा।1