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राजस्थान में नीट और जेईई की तैयारी के लिए आकाश इंस्टीट्यूट को सबसे बेहतरीन संस्थान बताया गया है। नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इसे प्रदेश का बेस्ट इंस्टीट्यूट माना गया है।
Rajendra Kumar Doveriya
राजस्थान में नीट और जेईई की तैयारी के लिए आकाश इंस्टीट्यूट को सबसे बेहतरीन संस्थान बताया गया है। नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इसे प्रदेश का बेस्ट इंस्टीट्यूट माना गया है।
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- खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताते हुए एक व्यक्ति ने तीखा रुख अपनाया और बहस करते हुए पूछा कि उससे किस बात का ट्रोल मांगा जा रहा है। उसने आक्रामक और सख्त लहजे में कहा कि यह ट्रोल किसी के बाप की संपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी अपनी सरकार का है। उसने अपनी पार्टी और सत्ता का हवाला देते हुए ट्रोल मांगे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया और तीखी बयानबाजी की।1
- कोटा में जिला कलेक्टर आवास के सामने स्थित मिशन कंपाउंड परिसर में शुक्रवार को हरियाली को भारी नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। कुछ लोग मजदूरों के साथ परिसर में घुसे और कुल्हाड़ी से वर्षों पुराने पेड़ों को काट डाला, साथ ही वहां लगे हरे-भरे पौधों को भी उखाड़ दिया। इस घटना को अंजाम देने के बाद सभी लोग मौके से चले गए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस पूरी घटना में प्रदीप, नीता, प्रवीण, आशीष, बबलू व अन्य व्यक्तियों के शामिल होने का आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों और शिकायतकर्ता ने जिला कलेक्टर आवास के ठीक सामने हुई इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों ने पुलिस और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण संबंधी कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।2
- कोटा जिले के कैथून सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए 'प्रसव सखी हेल्प डेस्क' की शुरुआत की गई है। सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने इस हेल्प डेस्क का शुभारंभ करते हुए बताया कि अब गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण, भर्ती, जांच और लेबर रूम तक सहायता की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। इसके अलावा, महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रसव के बाद नवजात की देखभाल और स्तनपान से संबंधी आवश्यक परामर्श भी इसी हेल्प डेस्क के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस नई पहल से अस्पताल आने वाली महिलाओं को सही समय पर बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा, जिससे सुरक्षित और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा।1
- पश्चिम बंगाल के रानीगंज में 12 जुलाई 2026 की रात स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के कारण महापंडित राहुल सांकृत्यायन की आदमकद प्रतिमा को जेसीबी मशीन की मदद से आधार सहित उखाड़कर हटाने की घटना सामने आई है। इस घटना से कोटा के बौद्धिक हलकों में गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त हो गया है। इसके विरोध में रविवार को कोटा के किशोर सागर तालाब स्थित बारहदरी में शहर के दर्जनों साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और रंगकर्मियों ने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया तथा घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन में 'विकल्प' संस्था के महेंद्र नेह, साहित्यकार अंबिका दत्त, लक्ष्मीकांत वाजपेई, दिनेश राय द्विवेदी, नारायण शर्मा और इमरोज सिकंदराबादी सहित कई वक्ताओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि महापंडित राहुल सांकृत्यायन भारतीय बौद्धिक परंपरा की वह शख्सियत थे, जिनका इतिहास, पुरातत्त्व, दर्शन, भाषा, यात्रा-साहित्य, बौद्ध अध्ययन, समाजवाद और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के क्षेत्र में अमिट योगदान है। उन्होंने समाज को अंधविश्वास, रूढ़िवादिता और मानसिक दासता से मुक्ति का निरंतर आह्वान किया। ऐसे में उनकी प्रतिमा को उखाड़ना केवल मूर्ति हटाना नहीं, बल्कि उनके विचारों, प्रगतिशील बौद्धिक परंपरा और तर्क-विवेक आधारित समाज निर्माण के सपने पर सीधा हमला है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि विचारों से भयभीत होने वाली ताकतें हमेशा स्मृतियों को निशाना बनाती हैं। पुस्तकें जलाना, प्रतिमाएं गिराना, इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना और सार्वजनिक स्मृति पर कब्जा जमाना इसी मानसिकता का परिणाम है, ताकि वर्तमान और भविष्य को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने रानीगंज की इस घटना को केवल प्रतीकात्मक हमला न मानकर वैचारिक स्वतंत्रता और खुली बहस की संस्कृति पर आक्रमण करार दिया।1
- बूंदी जिले के केशोरायपाटन स्थित टाकरवाडा के पास बाइक फिसलने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में गंभीर चोटें आने के कारण उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।1
- करौली जिले के नरोली डांग थाना क्षेत्र स्थित डांडा गांव में 25 जुलाई की देर रात जमीन विवाद को लेकर भीषण हिंसा हो गई। कोटा शहर में रहने वाले परिवार के सदस्य खेती-किसानी के बाद रात में घर पर सो रहे थे, तभी पड़ोसियों ने घर में घुसकर लाठी, सरियों, गंडासों और तलवारों से जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में मां ऊमा देवी और उनके दो बेटे रणजीत तथा पिंटू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल करौली में भर्ती कराया गया है। पीड़ित महावीर प्रसाद पुत्र फेलू राम के अनुसार, गांव के ही शंकर, गोविंद, दिलीप, कमला, विमला, मनभर तथा उनके पुत्र ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर काफी समय से उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। एसडीएम कोर्ट, जिला करौली का फैसला पीड़ित परिवार के पक्ष में आने के बावजूद आरोपी परिवार जबरन कब्जा करने पर आमादा था। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। महावीर प्रसाद का कहना है कि उन्होंने गुंडों से खतरे की लिखित शिकायत पहले ही पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। घटना की रात पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। फिलहाल तीनों घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और सभी आरोपी वारदात के बाद से फरार हैं। पुलिस द्वारा अभी तक कोई गिरफ्तारी न किए जाने पर पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है।4