बिहार के बिहटा में शाहपुर प्रखंड के बीलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम से शुरू होकर बिहटा चौक तक पहुँचा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर गरीबों, वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी तथा जनसरोकारों के विभिन्न मुद्दों को उठाया, लेकिन वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही के शिकार हो गए। मार्च के दौरान "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "न्याय दो" और "सत्य की जीत हो" जैसे नारे लगाए गए। समाजसेवी कुश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। बिहटा चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी गरीबों की आवाज थे और जमानिया गांव के पुनर्स्थापन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मामले की जांच पूर्व डीजीपी अभयानंद की निगरानी में कराने की मांग की।
बिहार के बिहटा में शाहपुर प्रखंड के बीलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम से शुरू होकर बिहटा चौक तक पहुँचा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर गरीबों, वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी तथा जनसरोकारों के विभिन्न मुद्दों को उठाया, लेकिन वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही के शिकार हो गए। मार्च के दौरान "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "न्याय दो" और "सत्य की जीत हो" जैसे नारे लगाए गए। समाजसेवी कुश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। बिहटा चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी गरीबों की आवाज थे और जमानिया गांव के पुनर्स्थापन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मामले की जांच पूर्व डीजीपी अभयानंद की निगरानी में कराने की मांग की।
- निर्जला एवं भीमसेनी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री खाटू श्याम समिति ट्रस्ट, आरा (पंचदेव मंदिर, शीश महल चौक) द्वारा गुरुवार सुबह एक शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भीषण गर्मी में राहगीरों, जरूरतमंदों और वाहन चालकों को ठंडा व मीठा शरबत पिलाकर राहत पहुंचाई गई। इस सेवा कार्यक्रम में ट्रस्ट के अभिभावक ज्योति प्रकाश जी, अध्यक्ष अमित कुमार बजरंगी, कोषाध्यक्ष राजा बाबू, सचिव बंटी ब्याहुत, उपाध्यक्ष विश्वजीत कुमार, सहकोषाध्यक्ष रोशन केसरी समेत कई श्याम प्रेमियों ने सक्रिय योगदान दिया। शाम को, दुर्गेश बाबा द्वारा बाबा श्याम की भव्य आरती की गई। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस आरती में शामिल होकर बाबा श्याम के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। श्री खाटू श्याम समिति ट्रस्ट, आरा ने अपने आदर्श, "सेवा ही सच्ची भक्ति है" को इस आयोजन के माध्यम से साकार किया।1
- एसएसडीसीओडी108 (SSDCOD108) के संदर्भ में यह जानकारी सामने आई है कि आर. सीरियाल चाचा द्वारा एक चमत्कार होने का दावा किया जा रहा है, जिसके जल्द ही घटित होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- पूरे भोजपुर जिले में 'नशा मुक्त सप्ताह' का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन हो रहा है। इसी क्रम में, आरा स्थित कृषि कार्यालय में सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर नशा न करने की शपथ ली। इस अवसर पर, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि कृषि विभाग का कोई भी कर्मचारी नशे का सेवन नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि यह पहल 'नशा मुक्त भारत' के निर्माण के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।1
- भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में न्यायिक जांच की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। बिहार सरकार द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा गुरुवार को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने 17 जून को हुए इस घटनाक्रम से जुड़े घटनास्थल और विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इस दौरान शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और पुलिस अधीक्षक राज सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में न्यायिक जांच को आगे बढ़ाया गया और घटना से संबंधित तथ्यों को संकलित किया गया। गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण को लेकर लगातार सवाल उठते रहे थे, जिसके बाद बिहार सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया था। सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बिलौटी गांव पहुंचने के साथ ही इस बहुचर्चित मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, बिलौटी गांव और पूरे भोजपुर जिले की निगाहें इस जांच पर टिकी हुई हैं, यह देखने के लिए कि जांच रिपोर्ट में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और इस एनकाउंटर मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। बिहार सरकार द्वारा इस मामले की जांच के लिए नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा गुरुवार को बिलौटी गांव पहुंचे। उनके साथ शाहबाद रेंज के डीआईजी सत्य प्रकाश, भोजपुर के डीएम तनय सुल्तानिया और भोजपुर के एसपी राज सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। रिटायर्ड जज सिन्हा ने घटना स्थल का मुआयना किया और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने सबसे पहले भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। यह न्यायिक जांच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा न्यायिक जांच कराए जाने की बात कहे जाने के बाद शुरू हुई है। जांच के लिए बिहार स्टेट लॉ कमीशन की टीम भी शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंची है, जहां काफी संख्या में लोग मौजूद थे।1
- वेनेज़ुएला में एक भयानक भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसे पिछले 100 सालों का सबसे शक्तिशाली और खतरनाक भूकंप बताया गया है। इस विनाशकारी घटना ने, जो मात्र 39 सेकंड तक चली, 10,000 जिंदगियों को खत्म कर दिया। भूकंप के कारण पूरा वेनेज़ुएला तबाही के मलबे में तब्दील हो गया। हर तरफ चीख-पुकार मची थी, परिवार बिछड़ रहे थे और मौत का मंजर छाया हुआ था। इस भयावह त्रासदी के बाद यह सवाल उठता है कि क्या दुनिया इस घटना से कोई सबक लेगी।1
- गुलचू से संबंधित एक इतिहास गीत का उल्लेख किया गया है।1
- भीषण गर्मी और निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर, आरा के श्री खाटू श्याम ट्रस्ट ने आरा रेलवे स्टेशन, भोजपुर में यात्रियों और राहगीरों के लिए शरबत, मुरब्बा और ठंडा पानी वितरित कर मानवता की एक मिसाल पेश की। इस सेवा कार्य का उद्घाटन आरपीएफ थाना अध्यक्ष दीपक कुमार और जीआरपी थाना अध्यक्ष रणधीर कुमार ने किया। अधिकारियों ने ट्रस्ट के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पूरे दिन इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, यह दर्शाते हुए कि "यात्रियों की सेवा ही सच्ची भक्ति" है।1
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर लगातार बढ़ रहे आक्रोश के बीच, घटना के सात दिन बाद भोजपुर पुलिस अधीक्षक मिस्टर राज देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। भरत तिवारी की मौत के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा है, और इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। एसपी ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें हर संभव मदद के साथ-साथ निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से यह संवाद स्थापित करने की कोशिश मानी जा रही है। मुलाकात के दौरान एसपी मिस्टर राज ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है, और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को पुलिस प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग देने का भी आश्वासन दिया।1