पीलीभीत में बीसलपुर-बरेली हाईवे पर भड़रिया मोड़ के पास जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क की अस्थायी मरम्मत किसान नेता एवं क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने कराई। उन्होंने मंगलवार रात संगठन के कार्यकर्ताओं और मंडरा सुमन के ग्राम प्रधान अजय सिंह गंगवार के सहयोग से ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से ईंट, रोड़ा और राबिश डलवाकर सड़क के गड्ढों को भरवाया। देव स्वरूप पटेल ने बताया कि भड़रिया मोड़ पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लगातार जलभराव हो रहा है, जिससे सड़क बार-बार टूट रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों ने उन्हें बताया कि पिछले वर्ष जल निकासी के लिए जो नाला खुदवाया गया था, उसका एक हिस्सा इस बार पाट दिया गया है। इस पर किसान नेता ने नाला पाटने को गैरकानूनी व जनहित के विरुद्ध बताते हुए जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बीसलपुर के उप जिलाधिकारी से संपर्क न होने पर जिलाधिकारी पीलीभीत तथा लोक निर्माण विभाग बरेली के मुख्य अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर पाटे गए नाले की तत्काल खुदाई और सड़क सुधार की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीसलपुर, बरेली और लखीमपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हाईवे है, जिससे रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। साथ ही सावन माह में कछला, बरेली, बाबा गुलेश्वरनाथ बीसलपुर और छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ जाने वाले हजारों कांवड़िए भी इसी मार्ग से गुजरेंगे। किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया और कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
पीलीभीत में बीसलपुर-बरेली हाईवे पर भड़रिया मोड़ के पास जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़क की अस्थायी मरम्मत किसान नेता एवं क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक देव स्वरूप पटेल ने कराई। उन्होंने मंगलवार रात संगठन के कार्यकर्ताओं और मंडरा सुमन के ग्राम प्रधान अजय सिंह गंगवार के सहयोग से ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से ईंट, रोड़ा और राबिश डलवाकर सड़क के गड्ढों को भरवाया। देव स्वरूप पटेल ने बताया कि भड़रिया मोड़ पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से लगातार जलभराव हो रहा है, जिससे सड़क बार-बार टूट रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। स्थानीय दुकानदारों ने उन्हें बताया कि पिछले वर्ष जल निकासी के लिए जो नाला खुदवाया गया था, उसका एक हिस्सा इस बार पाट दिया गया है। इस पर
किसान नेता ने नाला पाटने को गैरकानूनी व जनहित के विरुद्ध बताते हुए जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बीसलपुर के उप जिलाधिकारी से संपर्क न होने पर जिलाधिकारी पीलीभीत तथा लोक निर्माण विभाग बरेली के मुख्य अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर पाटे गए नाले की तत्काल खुदाई और सड़क सुधार की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीसलपुर, बरेली और लखीमपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हाईवे है, जिससे रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। साथ ही सावन माह में कछला, बरेली, बाबा गुलेश्वरनाथ बीसलपुर और छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ जाने वाले हजारों कांवड़िए भी इसी मार्ग से गुजरेंगे। किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया और कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में इलाहाबाद के बक्शी बांध पर छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और छात्रों की आवाज़ के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संकल्प है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सभी छात्रों, अभिभावकों, युवाओं, बुद्धिजीवियों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अपनी सहभागिता दर्ज करने का आह्वान किया गया है। "लाठी से आवाज़ नहीं दबेगी, युवा अपना अधिकार लेकर रहेंगे" और "छात्रों पर अत्याचार बंद करो – लोकतंत्र का सम्मान करो" के संकल्प के साथ यह आवाज़ उठाई जा रही है। हाल के दिनों में जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं और इस मुद्दे पर व्यापक बहस जारी है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो और उससे जुड़ा संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि एक राजनीतिक प्रदर्शन में कथित तौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल थे। इस पोस्ट में एक व्यक्ति की पहचान उजागर करते हुए उसके आपराधिक इतिहास को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की अब तक स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति, दिल्ली पुलिस या किसी भी अन्य सक्षम अधिकारी की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी को बिना सत्यापन के तथ्य मान लेना सही नहीं है और किसी व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक मामलों से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड या अदालती आदेश होने पर ही इसे तथ्य माना जाना चाहिए। फिलहाल वायरल पोस्ट में किए गए दावों की सत्यता की पुष्टि होना बाकी है और पुलिस या संबंधित एजेंसियों से आधिकारिक जानकारी आने का इंतजार किया जा रहा है।1
- जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब दिया है। इस आंदोलन के दौरान अखिलेश यादव की ओर से यह सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) का उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन 25 और 26 जुलाई को गोहनिया स्थित स्वास्तिक गेस्ट हाउस में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में एआईकेएमएस किसानों के अधिकारों पर मंथन करने के लिए जुटेगा। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड अशोक मेहता द्वारा उद्घाटन के साथ होगी। वहीं 25 जुलाई को सुबह 11 बजे सम्मेलन का खुला सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वागत समिति के अध्यक्ष विजय चितौरी करेंगे।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित रानीगंज तिराहे पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के कार्यकर्ताओं ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना से बेहद आक्रोशित थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग उठाई।1
- मूरतगंज ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा सैयद सरावां के निबिहा गांव में बच्चों को हर दिन पढ़ाई के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। हाथों में किताबें थामे मासूम बच्चे रोज कीचड़ और दलदल से भरे बदहाल रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। यह स्थिति इलाके में प्रशासनिक नाकामी और जिम्मेदार अधिकारियों की खुली लापरवाही को बयां करती है। बरसात का मौसम आते ही गांव की सड़कों की हालत बद से बदतर हो जाती है। रास्तों पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है और कीचड़ इतना गहरा है कि चलना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में भी बच्चे कीचड़ में फिसलते और संभलते हुए किसी तरह अपने स्कूल की ओर बढ़ते हैं। इसके साथ ही आसपास जमा गंदगी और जलभराव से गांव में बीमारियां फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। गांव के लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की तरफ से कागजों में तो विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, मगर जमीनी हकीकत में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है।1
- संदीपन घाट थाना क्षेत्र के क्यामुद्दीन गांव में सटरिंग में सरिया बांधते समय 11 हजार हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान भरवारी नगर पालिका वार्ड नंबर 11 मारुफपुर निवासी संतोष कुमार पटेल, पुत्र स्वर्गीय मिश्री लाल के रूप में हुई है। हादसे के बाद मकान मालिक और साथी मजदूर घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए मूरतगंज PHC ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।1