Shuru
Apke Nagar Ki App…
पन्ना स्थित बृहस्पति कुंड में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद लोग बिना किसी सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के सेल्फी लेने के चक्कर में लगे हुए हैं।
Rupesh Jain
पन्ना स्थित बृहस्पति कुंड में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद लोग बिना किसी सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के सेल्फी लेने के चक्कर में लगे हुए हैं।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पन्ना जिले की तारा ग्राम पंचायत में गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ ग्राम पंचायत के सरपंच और उनके साथियों पर एक युवक को बीच सड़क लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। इन बेखौफ आरोपियों ने युवक को सरेआम घेरकर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे पीड़ित खून से लथपथ होकर सड़क पर ही गिर पड़ा। अचानक हुई इस मारपीट से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पूरी सड़क रणभूमि में तब्दील हो गई, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस खौफनाक घटना के बाद पीड़ित और उसके परिजनों द्वारा पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या जिले में दबंगों के सिर से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है?1
- छतरपुर के छत्रसाल चौक पर 21 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने जलते हुए पुतले पर पानी डालकर आग बुझाई। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीएसपी अरुण सोनी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस का बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- सतना के वार्ड क्रमांक 32 की जनता सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से बुरी तरह परेशान है। नगर निगम सतना की इस बिगड़ी हुई व्यवस्था से यहाँ की जनता त्राहिमाम कर रही है। अपनी इस बदहाली से तंग आकर वार्ड के निवासियों ने सी न्यूज़ के माध्यम से नगर निगम कमिश्नर को अपनी समस्या का सीधा संदेश भेजा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर मुद्दे पर नगर निगम को कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचना दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सी न्यूज़ भारत के शिवम गुप्ता के अनुसार, नगर निगम कमिश्नर इस पूरे मामले पर कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं और अब देखना यह होगा कि प्रशासन आखिर कब अपनी नींद से जागता है।1
- छतरपुर के नौगांव में अधिकारियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए मानवता का एक बड़ा संदेश दिया है। नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल और जनपद सीईओ प्रभाष राज घनघोरिया सहित कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वयं आगे आकर ब्लड डोनेट बस में रक्तदान किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान करने से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है और इससे समाज में मानवता की भावना और अधिक मजबूत होती है।1
- छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन उदासीनता के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रात के समय पूरे गांव में घना अंधेरा छा जाता है, जिससे जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है और ग्रामीणों में हमेशा डर का माहौल रहता है। इसके अलावा भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से लोगों का दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विभाग के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मऊ सहनिया विद्युत केंद्र पहुंचकर जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।1
- छतरपुर शहर में गंगा सागर स्कूल के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर में 21 जुलाई की सुबह करीब 10:00 बजे शिवलिंग से एक नाग लिपटा हुआ दिखाई दिया, जिससे श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल फैल गया। गर्भगृह में करीब दो घंटे तक नाग के मौजूद रहने के कारण श्रद्धालुओं ने सुरक्षित दूरी बनाकर बाहर से ही भगवान शिव के दर्शन किए। नाग के अपने आप मंदिर से बाहर निकलने के बाद ही नियमित पूजा-अर्चना दोबारा शुरू हो सकी। इस दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी और कई श्रद्धालुओं ने इस घटना को आस्था और प्रकृति के अद्भुत संयोग के रूप में देखा।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले के विवादित रामनगर थाने में थाना प्रभारी (टीआई) द्वारा एक मीडिया संस्थान के प्रतिनिधि के साथ मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या इस मामले में कोई निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई होगी, या फिर जांच के नाम पर केवल माहौल को ठंडा करने की योजना बनाई जा रही है। रामनगर थाने की छवि पहले से ही बेहद विवादित रही है, जहां लाइन हाजिर किए गए आरक्षक दोबारा घूम-फिरकर इसी थाने में तैनात हो जाते हैं। इसके अलावा, यहां के थाना प्रभारी पर लगातार रेत माफियाओं को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं। मीडिया प्रतिनिधि के साथ हुई इस मारपीट के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। अब देखना यह होगा कि रामनगर क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत के कारोबार पर हमेशा चुप्पी साधने वाला जिला प्रशासन इस मामले में भी मौन धारण किए रहता है या कोई कार्रवाई करता है। क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि क्या जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सच का साथ देंगे या थाना प्रभारी को पाकसाफ होने का सर्टिफिकेट थमाकर मामले को रफा-दफा कर देंगे।1
- दिल्ली में CJP के 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला। संसद की ओर आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई और लाठीचार्ज तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस द्वारा छात्रों और महिलाओं के साथ भी बल प्रयोग किया गया। वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जे.पी. नड्डा और CJP प्रतिनिधियों की मुलाकात भी हुई है। इस प्रदर्शन की पूरी टाइमलाइन, पुलिस की कार्रवाई और दोनों पक्षों के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस कार्रवाई का आगे आंदोलन पर क्या असर पड़ेगा।1