हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के गांवों में मिट्टी खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन कर रहे हैं। इस कार्य को कथित तौर पर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। कोतवाली क्षेत्र के नयागांव, देवरिया, करीमनगर, सुनौवा, पत्तीपुर, डही, सलेमपुर, जमुनिया, सिकंदरपुर, महादेवपुरवा, मडपाई और महमूदपुर सहित दर्जनों गांवों में यह अवैध कारोबार दिन-रात फल-फूल रहा है। सूर्यास्त होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गांवों में पहुंचने लगती हैं और जेसीबी व हाइड्रा का इस्तेमाल कर रोजाना सैकड़ों ट्रॉलियां मिट्टी अवैध तरीके से भरी जा रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचना देने पर कुछ समय के लिए कार्य रोका जाता है, लेकिन जल्द ही यह फिर से शुरू हो जाता है। सुल्तानपुरवा निवासी विनोद और सलेमपुर निवासी राजू सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि रात में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गुजरने से गर्मी, उमस और बिजली कटौती के साथ-साथ ट्रैक्टरो के शोर से गांव में दहशत का माहौल बन जाता है, जिससे उनकी नींद खराब हो रही है और उनमें पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बीती रात सलेमपुर में हो रहे मिट्टी खनन की सूचना पर पहुंचे कुछ मीडिया कर्मियों को खननकर्ताओं ने जान से मारने का प्रयास किया। इसकी सूचना 112 पुलिस के साथ-साथ उच्चाधिकारियों को भी दी गई, लेकिन मिट्टी खनन के नाम पर अधिकारी मौन धारण कर लेते हैं। ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों का कहना है कि जब सच्चाई उजागर की जाती है, तो पत्रकारिता को बदनाम किया जाता है, जबकि पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसके बावजूद खननकर्ता उन पर हावी होते नजर आ रहे हैं, जिससे न केवल आमजन परेशान हैं, बल्कि सरकार को भी भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के गांवों में मिट्टी खनन माफिया रात के अंधेरे का फायदा उठाकर धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन कर रहे हैं। इस कार्य को कथित तौर पर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। कोतवाली क्षेत्र के नयागांव, देवरिया, करीमनगर, सुनौवा, पत्तीपुर, डही, सलेमपुर, जमुनिया, सिकंदरपुर, महादेवपुरवा, मडपाई और महमूदपुर सहित दर्जनों गांवों में यह अवैध कारोबार दिन-रात फल-फूल रहा है। सूर्यास्त होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गांवों में पहुंचने लगती हैं और जेसीबी व हाइड्रा का इस्तेमाल कर रोजाना सैकड़ों ट्रॉलियां मिट्टी अवैध तरीके से भरी जा रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा उच्चाधिकारियों को सूचना देने पर कुछ समय के लिए कार्य रोका जाता है, लेकिन जल्द ही यह फिर से शुरू हो जाता है। सुल्तानपुरवा निवासी विनोद और सलेमपुर निवासी राजू सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि रात में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के गुजरने से गर्मी, उमस और बिजली कटौती के साथ-साथ ट्रैक्टरो के शोर से गांव में दहशत का माहौल बन जाता है, जिससे उनकी नींद खराब हो रही है और उनमें पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है। उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बीती रात सलेमपुर में हो रहे मिट्टी खनन की सूचना पर पहुंचे कुछ मीडिया कर्मियों को खननकर्ताओं ने जान से मारने का प्रयास किया। इसकी सूचना 112 पुलिस के साथ-साथ उच्चाधिकारियों को भी दी गई, लेकिन मिट्टी खनन के नाम पर अधिकारी मौन धारण कर लेते हैं। ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों का कहना है कि जब सच्चाई उजागर की जाती है, तो पत्रकारिता को बदनाम किया जाता है, जबकि पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर आमजन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसके बावजूद खननकर्ता उन पर हावी होते नजर आ रहे हैं, जिससे न केवल आमजन परेशान हैं, बल्कि सरकार को भी भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने विकास, निवेश और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इसी क्रम में, प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 18 शहरों में कुल 982 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को और सुगम बनाने के लक्ष्य के साथ उत्तर प्रदेश के 21 स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की योजना को भी गति मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास को नई रफ्तार मिली है।1
- जालौन पुलिस ने आटा थाना क्षेत्र में 2 जून 2026 को हुए एक सनसनीखेज अपहरण मामले का मात्र दो दिन में खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त कार व मोटरसाइकिल सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, 2 जून 2026 को एक महिला वादिनी ने थाना आटा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति रोहित पुत्र महेन्द्रपाल का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद थाना आटा में रविन्द्र, गुल्टू, अजय तथा 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया। अपहृत रोहित ने पुलिस को बताया कि यह अपहरण पैसों के विवाद के चलते हुआ था और 2 जून 2026 को करीब साढ़े तीन बजे कुसमरा रोड से उन्हें गाड़ी में डालकर अगवा कर लिया गया था। उसने यह भी बताया कि सुनील और रिजवान मोटरसाइकिल पर उनके साथ थे, और वह इन सभी को पहले से जानता था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह ने तीन विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और साक्ष्यों के आधार पर अपहृत और आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की, जिसके बाद गाजियाबाद व दिल्ली में दबिश दी गई। दिल्ली पुलिस के सहयोग से अपहृत रोहित को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों अजय और शंकर के साथ सुनील, रिजवान और दीपक को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस सफल अभियान के लिए टीमों की सराहना की है। पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों रविन्द्र और गुल्टू सहित अन्य की तलाश कर रही है। गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और थाना आटा पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।4
- राजधानी लखनऊ में फायर सेफ्टी को लेकर एक बड़ा निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए हादसे के बाद लखनऊ प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है, जिसके चलते यह सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में आगजनी की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। इस अभियान के तहत सीएफओ लखनऊ की टीम शहर के विभिन्न होटलों में सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। इसमें फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट सहित सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। जिन होटलों में सुरक्षा संबंधी खामियां पाई जा रही हैं, उन्हें नोटिस जारी करने के साथ-साथ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है।1
- आगरा के फतेहपुर सीकरी में एक पुलिसकर्मी ने समय रहते डूब रही एक महिला की जान बचाकर अपनी तत्परता और बहादुरी का परिचय दिया है। इस साहसिक बचाव कार्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी के इस जांबाज कारनामे की खूब सराहना की जा रही है।1
- जालौन जिले के कदौरा नगर में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नगर पंचायत की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया गया। कदौरा बाजार समेत पूरे कस्बे से सड़क किनारे बने चबूतरे और टीनशेड जैसे अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया। इस अचानक हुई बुलडोजर कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई एसडीएम के नेतृत्व में नायब तहसीलदार, नगर पंचायत कर्मचारियों और पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा की गई।4
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा के महानिदेशक के आदेशानुसार, कानपुर देहात जिले में अग्निसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव और जिले के सभी फायर स्टेशन प्रभारियों ने अपनी-अपनी टीमों के साथ मिलकर विभिन्न होटलों और व्यावसायिक भवनों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान, जिन इमारतों और होटलों में कमियां पाई गईं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए। साथ ही, प्रबंधकों और स्टाफ को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिसके तहत 'फायर व विद्युत सुरक्षा ऑडिट' किया गया।1
- थाना आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दिल्ली पुलिस की मदद से एक अपहरण की घटना का सफल खुलासा किया है। इस कार्रवाई में अपहृत व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस घटना में संलिप्त पाँच अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया है। टीम ने अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त कार और अपहृत की मोटरसाइकिल भी बरामद की। आटा थाना क्षेत्र की इस घटना के खुलासे के बाद अपर पुलिस अधीक्षक जालौन ने इस संबंध में अपना बयान जारी किया है।1
- जालौन पुलिस ने एक चर्चित अपहरण मामले का खुलासा करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आटा थाना क्षेत्र के ग्राम बारा निवासी 24 वर्षीय रोहित पुत्र महेन्द्रपाल को सकुशल बरामद कर लिया गया है, जिसका कथित अपहरण 2 जून 2026 को कुसमरा रोड क्षेत्र से हुआ था। इस संबंध में थाना आटा में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना आटा पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीमों को मिलाकर विशेष दल गठित किए गए थे। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इन टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली और गाजियाबाद में दबिश दी, जहाँ से अपहृत युवक को बरामद किया गया और अजय, शंकर कुमार, सुनील, रिजवान और दीपक सहित पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक डिजायर कार और एक मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह घटना पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद का परिणाम है। हालाँकि, मामले की विस्तृत जाँच अभी भी जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में किसी और व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कथित दिनदहाड़े अपहरण की घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है, क्योंकि ऐसी घटनाएँ आम लोगों में चिंता पैदा करती हैं। हालाँकि, युवक की समय रहते सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र की अजनारी रोड पर एक शराब ठेके के बाहर शराबियों ने आतंक मचाते हुए जमकर तांडव किया। इसी बीच दबंगों ने एक युवक की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मारपीट के दौरान दबंगों ने युवक पर लाठी-डंडों के साथ-साथ ईंट-पत्थर भी बरसाए। जब एक महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो शराबियों ने उसके साथ भी अभद्रता की। यह शराब ठेका एक मंदिर और कोचिंग संस्थान के पास खुला हुआ है, जहां आए दिन शराबियों का ऐसा ही उत्पात देखने को मिलता रहता है। इस घटना ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि घटनास्थल से मात्र 100 कदम की दूरी पर ही एक पुलिस चौकी और सीओ आवास मौजूद हैं। इसके बावजूद दबंगों ने कानून को खुलेआम चुनौती दी और सरेआम मारपीट व अभद्रता को अंजाम दिया।1