हिमाचल प्रदेश में न्यू पेंशन स्कीम दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर संजीव गुलेरीया ने सरकार से दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक पेंशन और ग्रेच्युटी लाभ बहाल करने की मांग की है। नूरपुर में आयोजित एक प्रैस वार्ता में उन्होंने कहा कि ये वे कर्मचारी हैं जिन्होंने सरकारी खजाने को बचाने के लिए कम वेतन पर और नियमित स्टाफ से अधिक श्रम करके विभागों में अपनी सेवाएं दीं। डाक्टर संजीव गुलेरीया ने वर्तमान सरकार के समक्ष इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की दयनीय स्थिति को रखते हुए कहा कि बुढ़ापे में दो वक्त की रोटी और दवाई के लिए भी इन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने ग्रेच्युटी रोकने के लिए सरकार द्वारा कोर्ट का रुख करने और एकल न्यायाधीश के फैसले पर रोक लगने को इन बुजुर्गों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि कई कर्मचारी बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के ही इस दुनिया से चले गए हैं। महासंघ ने सरकार से आग्रह किया है कि 10 वर्ष से कम सेवाकाल वाले कर्मचारियों को उनके पद के अनुरूप न्यूनतम पेंशन दी जाए और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट के तकनीकी दांव-पेंचों से ऊपर उठकर ग्रेच्युटी का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक संवेदनशील नेता के रूप में सरकार इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेकर इतिहास रचेगी।
हिमाचल प्रदेश में न्यू पेंशन स्कीम दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर संजीव गुलेरीया ने सरकार से दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक पेंशन और ग्रेच्युटी लाभ बहाल करने की मांग की है। नूरपुर में आयोजित एक प्रैस वार्ता में उन्होंने कहा कि ये वे कर्मचारी हैं जिन्होंने सरकारी खजाने को बचाने के लिए कम वेतन पर और नियमित स्टाफ से अधिक श्रम करके विभागों में अपनी सेवाएं दीं। डाक्टर संजीव गुलेरीया ने वर्तमान सरकार के समक्ष इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की दयनीय स्थिति को रखते हुए कहा कि बुढ़ापे में दो वक्त की रोटी और दवाई के लिए भी इन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने ग्रेच्युटी रोकने के लिए सरकार द्वारा कोर्ट का रुख करने और एकल न्यायाधीश के फैसले पर रोक लगने को इन बुजुर्गों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि कई कर्मचारी बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के ही इस दुनिया से चले गए हैं। महासंघ ने सरकार से आग्रह किया है कि 10 वर्ष से कम सेवाकाल वाले कर्मचारियों को उनके पद के अनुरूप न्यूनतम पेंशन दी जाए और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट के तकनीकी दांव-पेंचों से ऊपर उठकर ग्रेच्युटी का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक संवेदनशील नेता के रूप में सरकार इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेकर इतिहास रचेगी।
- कांगड़ा जिले के नूरपुर में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से प्रदेश की जनता संतुष्ट है। इसी सकारात्मक माहौल के दम पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में वापसी करेगी। प्रेसवार्ता में सुदर्शन शर्मा ने संगठन और स्थानीय नेतृत्व पर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि नूरपुर ब्लॉक कांग्रेस की कार्यकारिणी का अभी तक विस्तार नहीं हो पाया है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता का माहौल है। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश के 67 विधानसभा क्षेत्रों में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन नूरपुर एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र रहा जहां के स्थानीय नेतृत्व ने उन्हें श्रद्धांजलि देना उचित नहीं समझा, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नूरपुर के विकास कार्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरे प्रदेश को समान दृष्टि से देखते हैं और वे नूरपुर के विकास के प्रति गंभीर हैं। लेकिन असली चिंता की बात यह है कि स्थानीय नेतृत्व नूरपुर की समस्याओं और आवश्यकताओं को सरकार के समक्ष कितनी प्रभावी ढंग से रख पा रहा है। वहीं, नूरपुर के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही बेहतर जवाब दे सकता है।1
- हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चौराहा उपमंडल में भालुओं का भारी आतंक फैला हुआ है। सलोनी और सलोनी के ऊपर स्थित माला अपना गांव में भालुओं की बढ़ती आवाजाही और सक्रियता ने स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित हरोली कॉलेज के 14 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन का लोकार्पण कर दिया गया है। इस नए भवन के लोकार्पण के साथ ही कॉलेज में अगले सत्र से एमएससी और लॉ की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।1
- ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार सुबह प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय डिग्री कॉलेज, हरोली के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा कॉलेज स्टाफ ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में स्थापित की गई प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए और साथ ही परिसर में पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस महाविद्यालय में बीए, बी.कॉम, बीसीए, बीबीए, बी.एससी. (मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल), एम.कॉम तथा राजनीति शास्त्र, अंग्रेज़ी, इतिहास और हिंदी विषयों में एम.ए. की पढ़ाई संचालित की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि नए शैक्षणिक सत्र से यहां पीजीडीसीए और बी.एससी. कंप्यूटर साइंस की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और जूलॉजी विषयों हेतु अत्याधुनिक मॉड्यूलर साइंस लैब स्थापित करने की स्वीकृति भी मिल चुकी है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके अपने ही क्षेत्र में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार आधारभूत ढांचे का विस्तार कर रही है। आधुनिक शैक्षणिक ढांचे, नई प्रयोगशालाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विस्तार से हरोली क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनके लिए करियर के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलेज आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश के सबसे उत्कृष्ट और मॉडल महाविद्यालयों के रूप में अपनी एक अलग पहचान स्थापित करेगा।1
- हमीरपुर के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर से अब श्रद्धालु और भक्तजन ऑनलाइन भी प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसी गंधर्व राठौड़ ने बताया कि बाबा बालक नाथ मंदिर से अब भक्तों के लिए ऑनलाइन प्रसाद प्राप्त करने की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे भक्त जन अब आसानी से प्रसाद पा सकेंगे।1
- मंडी जिले के रिवालसर में बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें टूट गई हैं। सड़कों की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कमलेश शर्मा ने सरकार से एक बड़ी अपील की है।1
- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से बड़ी खबर है कि आगामी 15 जुलाई से श्री मचैल माता धाम के कपाट बंद होने जा रहे हैं। इसके बाद, भक्तों के लिए आस्था का महापर्व कही जाने वाली 'श्री मचैल माता यात्रा' का शुभारंभ 25 जुलाई 2026 से होगा। भक्ति, विश्वास और जयकारों के बीच एक बार फिर "जय माता दी!" का जयघोष गूंजेगा। इस पावन यात्रा की तैयारी कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली में मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां ध्वस्तीकरण के दौरान मंदिर का गुंबद सड़क की ओर गिर गया, जिससे एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई। इस हादसे में कुछ अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1