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लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 900 किलोमीटर पीछा कर डंपर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का चोरी गया डंपर बरामद आगासौद पुलिस और मंडी बामौरा चौकी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार सागर/बीना। सागर जिले की आगासौद थाना पुलिस और मंडी बामौरा चौकी पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तक चोरी गए डंपर की आवाजाही का पीछा करते हुए राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव, निवासी झांसी ने 20 जुलाई को थाना आगासौद में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। टोल प्लाजा के CCTV से मिला सुराग शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चोरी गया डंपर गुना की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने डंपर की आवाजाही का लगातार पीछा किया। जांच के दौरान बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के पास निम्बाली टोल प्लाजा तक वाहन के मूवमेंट का पता लगाया गया। करीब 900 किलोमीटर तक तकनीकी और भौतिक जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए राजस्थान में पंजीकृत एक दूसरे डंपर के फास्टैग का इस्तेमाल किया था। फास्टैग ने खोला चोरी का राज पुलिस ने फास्टैग के मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार करीब एक सप्ताह तक चले तकनीकी विश्लेषण और पुलिस प्रयासों के बाद 5 अगस्त की रात संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से हिरासत में लिया गया। तीन आरोपियों ने मिलकर बनाई थी चोरी की योजना पूछताछ में पुलिस के मुताबिक भंवराराम ने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर डंपर चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए थे और पुलिस से बचने के लिए आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी में थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया डंपर बरामद कर लिया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में— भंवराराम ढाका, उम्र 22 वर्ष विकास उर्फ हेमाराम ढाका, उम्र 24 वर्ष सरूपाराम मायला, उम्र 20 वर्ष सभी निवासी जिला बालोतरा, राजस्थान, को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में चौकी मंडी बामौरा प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष और आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा और आरक्षक जीतेन्द्र का भी विशेष योगदान रहा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में की गई। 900 किलोमीटर पीछा, तकनीकी जांच और फास्टैग से खुलासा आगासौद पुलिस की यह कार्रवाई इस मायने में खास रही कि स्थानीय स्तर पर सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV, फास्टैग और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से करीब 900 किलोमीटर दूर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय वाहन चोरी के मामले का खुलासा हुआ और चोरी गया भारी वाहन भी बरामद कर लिया गया। लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 900 किलोमीटर पीछा कर डंपर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का चोरी गया डंपर बरामद आगासौद पुलिस और मंडी बामौरा चौकी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार सागर/बीना। सागर जिले की आगासौद थाना पुलिस और मंडी बामौरा चौकी पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तक चोरी गए डंपर की आवाजाही का पीछा करते हुए राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव, निवासी झांसी ने 20 जुलाई को थाना आगासौद में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। टोल प्लाजा के CCTV से मिला सुराग शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चोरी गया डंपर गुना की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने डंपर की आवाजाही का लगातार पीछा किया। जांच के दौरान बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के पास निम्बाली टोल प्लाजा तक वाहन के मूवमेंट का पता लगाया गया। करीब 900 किलोमीटर तक तकनीकी और भौतिक जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए राजस्थान में पंजीकृत एक दूसरे डंपर के फास्टैग का इस्तेमाल किया था। फास्टैग ने खोला चोरी का राज पुलिस ने फास्टैग के मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार करीब एक सप्ताह तक चले तकनीकी विश्लेषण और पुलिस प्रयासों के बाद 5 अगस्त की रात संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से हिरासत में लिया गया। तीन आरोपियों ने मिलकर बनाई थी चोरी की योजना पूछताछ में पुलिस के मुताबिक भंवराराम ने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर डंपर चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए थे और पुलिस से बचने के लिए आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी में थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया डंपर बरामद कर लिया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में— भंवराराम ढाका, उम्र 22 वर्ष विकास उर्फ हेमाराम ढाका, उम्र 24 वर्ष सरूपाराम मायला, उम्र 20 वर्ष सभी निवासी जिला बालोतरा, राजस्थान, को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में चौकी मंडी बामौरा प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष और आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा और आरक्षक जीतेन्द्र का भी विशेष योगदान रहा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में की गई। 900 किलोमीटर पीछा, तकनीकी जांच और फास्टैग से खुलासा आगासौद पुलिस की यह कार्रवाई इस मायने में खास रही कि स्थानीय स्तर पर सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV, फास्टैग और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से करीब 900 किलोमीटर दूर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय वाहन चोरी के मामले का खुलासा हुआ और चोरी गया भारी वाहन भी बरामद कर लिया गया।

5 hrs ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 900 किलोमीटर पीछा कर डंपर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का चोरी गया डंपर बरामद आगासौद पुलिस और मंडी बामौरा चौकी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार सागर/बीना। सागर जिले की आगासौद थाना पुलिस और मंडी बामौरा चौकी पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तक चोरी गए डंपर की आवाजाही का पीछा करते हुए राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव, निवासी झांसी ने 20 जुलाई को थाना आगासौद में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। टोल प्लाजा के CCTV से मिला सुराग शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चोरी गया डंपर गुना की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने डंपर की आवाजाही का लगातार पीछा किया। जांच के दौरान बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के पास निम्बाली टोल प्लाजा तक वाहन के मूवमेंट का पता लगाया गया। करीब 900 किलोमीटर तक तकनीकी और भौतिक जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए राजस्थान में पंजीकृत एक दूसरे डंपर के फास्टैग का इस्तेमाल किया था। फास्टैग ने खोला चोरी का राज पुलिस ने फास्टैग के मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार करीब एक सप्ताह तक चले तकनीकी विश्लेषण और पुलिस प्रयासों के बाद 5 अगस्त की रात संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से हिरासत में लिया गया। तीन आरोपियों ने मिलकर बनाई थी चोरी की योजना पूछताछ में पुलिस के मुताबिक भंवराराम ने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर डंपर चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए थे और पुलिस से बचने के लिए आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी में थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया डंपर बरामद कर लिया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में— भंवराराम ढाका, उम्र 22 वर्ष विकास उर्फ हेमाराम ढाका, उम्र 24 वर्ष सरूपाराम मायला, उम्र 20 वर्ष सभी निवासी जिला बालोतरा, राजस्थान, को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में चौकी मंडी बामौरा प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष और आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा और आरक्षक जीतेन्द्र का भी विशेष योगदान रहा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में की गई। 900 किलोमीटर पीछा, तकनीकी जांच और फास्टैग से खुलासा आगासौद पुलिस की यह कार्रवाई इस मायने में खास रही कि स्थानीय स्तर पर सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV, फास्टैग और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से करीब 900 किलोमीटर दूर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय वाहन चोरी के मामले का खुलासा हुआ और चोरी गया भारी वाहन भी बरामद कर लिया गया। लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 900 किलोमीटर पीछा कर डंपर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का चोरी गया डंपर बरामद आगासौद पुलिस और मंडी बामौरा चौकी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार सागर/बीना। सागर जिले की आगासौद थाना पुलिस और मंडी बामौरा चौकी पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तक चोरी गए डंपर की आवाजाही का पीछा करते हुए राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव, निवासी झांसी ने 20 जुलाई को थाना आगासौद में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। टोल प्लाजा के CCTV से मिला सुराग शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चोरी गया डंपर गुना की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने डंपर की आवाजाही का लगातार पीछा किया। जांच के दौरान बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के पास निम्बाली टोल प्लाजा तक वाहन के मूवमेंट का पता लगाया गया। करीब 900 किलोमीटर तक तकनीकी और भौतिक जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए राजस्थान में पंजीकृत एक दूसरे डंपर के फास्टैग का इस्तेमाल किया था। फास्टैग ने खोला चोरी का राज पुलिस ने फास्टैग के मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार करीब एक सप्ताह तक चले तकनीकी विश्लेषण और पुलिस प्रयासों के बाद 5 अगस्त की रात संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से हिरासत में लिया गया। तीन आरोपियों ने मिलकर बनाई थी चोरी की योजना पूछताछ में पुलिस के मुताबिक भंवराराम ने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर डंपर चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए थे और पुलिस से बचने के लिए आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी में थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया डंपर बरामद कर लिया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में— भंवराराम ढाका, उम्र 22 वर्ष विकास उर्फ हेमाराम ढाका, उम्र 24 वर्ष सरूपाराम मायला, उम्र 20 वर्ष सभी निवासी जिला बालोतरा, राजस्थान, को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में चौकी मंडी बामौरा प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष और आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा और आरक्षक जीतेन्द्र का भी विशेष योगदान रहा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में की गई। 900 किलोमीटर पीछा, तकनीकी जांच और फास्टैग से खुलासा आगासौद पुलिस की यह कार्रवाई इस मायने में खास रही कि स्थानीय स्तर पर सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV, फास्टैग और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से करीब 900 किलोमीटर दूर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय वाहन चोरी के मामले 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    user_Rajid ahmad
    Rajid ahmad
    अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एसडीएम के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, खाद विक्रेताओं ने दुकानों की गिराई शटर शुक्रवार दोपहर उपजिलाधिकारी मड़ावरा एमएम गुप्ता द्वारा कस्बे में स्थित रासायनिक खाद विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। बाजार में एसडीएम द्वारा निरीक्षण की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और अधिकांश दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के शटर बंद कर दिए। निरीक्षण के दौरान सिंघई सेवा केंद्र खुली पाये जाने पर उपजिलाधिकारी द्वारा स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर एवं पॉश मशीन का निरीक्षण किया जिसमें पॉश मशीन खराब पाई गई जिसपर उसे शीघ्र सही कराने एवं सभी रजिस्टरों को अपडेट रखने के निर्देश दिये गये। इस बावत उपजिलाधिकारी ने बताया कि बाजार में खाद को उपलब्धता बनाए रखने एवं कालाबाजारी को रोकने के लिये दुकानों का निरीक्षण किया गया लेकिन हाट बाजार के दिन भी दुकानों को जानबूझकर बंद कर देना अनियमितता की श्रेणी में आता है, निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई दुकानों के संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जायेगा।
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    एसडीएम के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, खाद विक्रेताओं ने दुकानों की गिराई शटर
शुक्रवार दोपहर उपजिलाधिकारी मड़ावरा एमएम गुप्ता द्वारा कस्बे में स्थित रासायनिक खाद विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। बाजार में एसडीएम द्वारा निरीक्षण की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और अधिकांश दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के शटर बंद कर दिए। निरीक्षण के दौरान सिंघई सेवा केंद्र खुली पाये जाने पर उपजिलाधिकारी द्वारा स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर एवं पॉश मशीन का निरीक्षण किया जिसमें पॉश मशीन खराब पाई गई जिसपर उसे शीघ्र सही कराने एवं सभी रजिस्टरों को अपडेट रखने के निर्देश दिये गये। इस बावत उपजिलाधिकारी ने बताया कि बाजार में खाद को उपलब्धता बनाए रखने एवं कालाबाजारी को रोकने के लिये दुकानों का निरीक्षण किया गया लेकिन हाट बाजार के दिन भी दुकानों को जानबूझकर बंद कर देना अनियमितता की श्रेणी में आता है, निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई दुकानों के संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जायेगा।
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    इमरान ख़ान, मड़ावरा
    Social Media Manager मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 🐃 दुग्ध उत्पादन से स्वरोजगार की पहल, महिलाओं को वितरित की गईं भैंसें 🐃 दुग्ध उत्पादन से स्वरोजगार की पहल, महिलाओं को वितरित की गईं भैंसें ललितपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं एवं आम नागरिकों को दुग्ध उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा भैंसों का वितरण किया गया। इस दौरान अधिक से अधिक लोगों से योजना से जुड़कर दुग्ध उत्पादन को आय का साधन बनाने की अपील की गई। बताया गया कि योजना से जुड़कर पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से दूध को अच्छे दामों पर बेचकर अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
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    🐃 दुग्ध उत्पादन से स्वरोजगार की पहल, महिलाओं को वितरित की गईं भैंसें
🐃 दुग्ध उत्पादन से स्वरोजगार की पहल, महिलाओं को वितरित की गईं भैंसें
ललितपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं एवं आम नागरिकों को दुग्ध उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा भैंसों का वितरण किया गया।
इस दौरान अधिक से अधिक लोगों से योजना से जुड़कर दुग्ध उत्पादन को आय का साधन बनाने की अपील की गई। बताया गया कि योजना से जुड़कर पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से दूध को अच्छे दामों पर बेचकर अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
    user_Akhilesh sahu
    Akhilesh sahu
    महरौनी, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • लोकल न्यूज़ बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 900 किलोमीटर पीछा कर डंपर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का चोरी गया डंपर बरामद आगासौद पुलिस और मंडी बामौरा चौकी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार सागर/बीना। सागर जिले की आगासौद थाना पुलिस और मंडी बामौरा चौकी पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तक चोरी गए डंपर की आवाजाही का पीछा करते हुए राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव, निवासी झांसी ने 20 जुलाई को थाना आगासौद में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। टोल प्लाजा के CCTV से मिला सुराग शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चोरी गया डंपर गुना की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने डंपर की आवाजाही का लगातार पीछा किया। जांच के दौरान बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के पास निम्बाली टोल प्लाजा तक वाहन के मूवमेंट का पता लगाया गया। करीब 900 किलोमीटर तक तकनीकी और भौतिक जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए राजस्थान में पंजीकृत एक दूसरे डंपर के फास्टैग का इस्तेमाल किया था। फास्टैग ने खोला चोरी का राज पुलिस ने फास्टैग के मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार करीब एक सप्ताह तक चले तकनीकी विश्लेषण और पुलिस प्रयासों के बाद 5 अगस्त की रात संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से हिरासत में लिया गया। तीन आरोपियों ने मिलकर बनाई थी चोरी की योजना पूछताछ में पुलिस के मुताबिक भंवराराम ने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर डंपर चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए थे और पुलिस से बचने के लिए आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी में थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया डंपर बरामद कर लिया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में— भंवराराम ढाका, उम्र 22 वर्ष विकास उर्फ हेमाराम ढाका, उम्र 24 वर्ष सरूपाराम मायला, उम्र 20 वर्ष सभी निवासी जिला बालोतरा, राजस्थान, को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में चौकी मंडी बामौरा प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष और आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा और आरक्षक जीतेन्द्र का भी विशेष योगदान रहा। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में की गई। 900 किलोमीटर पीछा, तकनीकी जांच और फास्टैग से खुलासा आगासौद पुलिस की यह कार्रवाई इस मायने में खास रही कि स्थानीय स्तर पर सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV, फास्टैग और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से करीब 900 किलोमीटर दूर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय वाहन चोरी के मामले का खुलासा हुआ और चोरी गया भारी वाहन भी बरामद कर लिया गया।
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    लोकल न्यूज़ बीना 
रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत 
900 किलोमीटर पीछा कर डंपर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का चोरी गया डंपर बरामद
आगासौद पुलिस और मंडी बामौरा चौकी की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से तीन आरोपी गिरफ्तार
सागर/बीना। सागर जिले की आगासौद थाना पुलिस और मंडी बामौरा चौकी पुलिस ने अंतर्राज्यीय डंपर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 900 किलोमीटर तक चोरी गए डंपर की आवाजाही का पीछा करते हुए राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 12 लाख रुपये कीमत का चोरी गया टाटा 10 व्हीलर टिपर (डंपर) क्रमांक UP93 ET 0065 बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात बीना रिफाइनरी गेट के पास पार्क किया गया डंपर चोरी हो गया था। वाहन मालिक नवल सिंह यादव, निवासी झांसी ने 20 जुलाई को थाना आगासौद में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 138/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
टोल प्लाजा के CCTV से मिला सुराग
शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में चोरी गया डंपर गुना की ओर जाता हुआ दिखाई दिया।
पुलिस ने डंपर की आवाजाही का लगातार पीछा किया। जांच के दौरान बारां, कोटा, ब्यावर, पाली और जोधपुर के पास निम्बाली टोल प्लाजा तक वाहन के मूवमेंट का पता लगाया गया। करीब 900 किलोमीटर तक तकनीकी और भौतिक जांच के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए राजस्थान में पंजीकृत एक दूसरे डंपर के फास्टैग का इस्तेमाल किया था।
फास्टैग ने खोला चोरी का राज
पुलिस ने फास्टैग के मालिक डालूराम, निवासी बायतू, जिला बाड़मेर से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि फास्टैग उसके पूर्व चालक भंवराराम ढाका के पास था। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर जिलों में आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार करीब एक सप्ताह तक चले तकनीकी विश्लेषण और पुलिस प्रयासों के बाद 5 अगस्त की रात संदेही भंवराराम ढाका को सिणधरी, जिला बालोतरा से हिरासत में लिया गया।
तीन आरोपियों ने मिलकर बनाई थी चोरी की योजना
पूछताछ में पुलिस के मुताबिक भंवराराम ने अपने बड़े भाई विकास उर्फ हेमाराम ढाका और मित्र सरूपाराम मायला, जो बीना रिफाइनरी क्षेत्र में डंपर चालक था, के साथ मिलकर डंपर चोरी करने की बात कबूल की।
पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी डंपर को राजस्थान ले गए थे और पुलिस से बचने के लिए आगे महाराष्ट्र के कोल्हापुर भागने की तैयारी में थे। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया डंपर बरामद कर लिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में—
भंवराराम ढाका, उम्र 22 वर्ष
विकास उर्फ हेमाराम ढाका, उम्र 24 वर्ष
सरूपाराम मायला, उम्र 20 वर्ष
सभी निवासी जिला बालोतरा, राजस्थान, को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में चौकी मंडी बामौरा प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कुमार जाटव, प्रधान आरक्षक जयपाल सिंह घोष और आरक्षक दीपेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, हेमंत सिंह, सुशील सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, रोहित विश्वकर्मा और आरक्षक जीतेन्द्र का भी विशेष योगदान रहा।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेंद्र सोलंकी तथा एसडीओपी बीना श्री अजय सनकत के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आगासौद श्रीमती अनुपमा शर्मा के नेतृत्व में की गई।
900 किलोमीटर पीछा, तकनीकी जांच और फास्टैग से खुलासा
आगासौद पुलिस की यह कार्रवाई इस मायने में खास रही कि स्थानीय स्तर पर सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने CCTV, फास्टैग और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से करीब 900 किलोमीटर दूर राजस्थान तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय वाहन चोरी के मामले का खुलासा हुआ और चोरी गया भारी वाहन भी बरामद कर लिया गया।
    user_Laxman Singh Rajput
    Laxman Singh Rajput
    Local News Reporter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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