राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने अपने राष्ट्रीय संगठन प्रभारी भागवत प्रसाद द्विवेदी को उनके संगठन विस्तार की अभूतपूर्व क्षमता, दमदारी और ईमानदारी के लिए संगठन के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। मधुबन में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें ₹5000 नकद पारितोषिक, एक प्रशस्ति पत्र और विशेष सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। संघ ने बताया कि मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक सुविधाविहीन पहाड़ी गांव से निकलकर, भागवत द्विवेदी ने अपनी अथक मेहनत और समर्पण के दम पर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी इसी कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत का संगठन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और बिहार सहित कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है। इस बीच, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह ने घोषणा की है कि वर्ष 2027 के प्रतिष्ठित सम्मान के लिए मॉनिटरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार को लेकर कई कार्यकर्ताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें अरुण पांडेय का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्होंने संगठन से जुड़ने के मात्र तीन दिनों के भीतर 15 नए साथियों को जोड़कर अपनी सक्रियता और निष्ठा का परिचय दिया है, जिसके लिए उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का संगठन प्रभारी बनाया गया है। राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के छठे स्थापना दिवस समारोह में दिए जाने वाले "उत्तर प्रदेश योद्धा पुरस्कार" को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इस सम्मान के तहत ₹2100 नकद, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे, और विजेता को मंच पर फूल-मालाओं से लादकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के कार्यों की समीक्षा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह ने बताया कि अगले छह महीनों तक उत्तर प्रदेश की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी, और संगठन के लिए सबसे अधिक योगदान देने वाला कार्यकर्ता ही "उत्तर प्रदेश योद्धा पुरस्कार" का असली हकदार बनेगा।
राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने अपने राष्ट्रीय संगठन प्रभारी भागवत प्रसाद द्विवेदी को उनके संगठन विस्तार की अभूतपूर्व क्षमता, दमदारी और ईमानदारी के लिए संगठन के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। मधुबन में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें ₹5000 नकद पारितोषिक, एक प्रशस्ति पत्र और विशेष सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। संघ ने बताया कि मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक सुविधाविहीन पहाड़ी गांव से निकलकर, भागवत द्विवेदी ने अपनी अथक मेहनत और समर्पण के दम पर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी इसी कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत का संगठन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और बिहार सहित कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है। इस बीच, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह ने घोषणा की है कि वर्ष 2027 के प्रतिष्ठित सम्मान के लिए मॉनिटरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार को लेकर कई कार्यकर्ताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें अरुण पांडेय का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्होंने संगठन से जुड़ने के मात्र तीन दिनों के भीतर 15 नए साथियों को जोड़कर अपनी सक्रियता और निष्ठा का परिचय दिया है, जिसके लिए उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का संगठन प्रभारी बनाया गया है। राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के छठे स्थापना दिवस समारोह में दिए जाने वाले "उत्तर प्रदेश योद्धा पुरस्कार" को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इस सम्मान के तहत ₹2100 नकद, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे, और विजेता को मंच पर फूल-मालाओं से लादकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के कार्यों की समीक्षा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह ने बताया कि अगले छह महीनों तक उत्तर प्रदेश की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी, और संगठन के लिए सबसे अधिक योगदान देने वाला कार्यकर्ता ही "उत्तर प्रदेश योद्धा पुरस्कार" का असली हकदार बनेगा।
- इल्मा फाउंडेशन और अल मुस्लमीन कमेटी, मैहर ने इतवार को होटल ग्रैंड इन में "इल्म के सितारों का हौसला-अफ़ज़ाई समारोह 2026" का शानदार आयोजन किया। इस समारोह में मुस्लिम समाज के 53 होनहार छात्र-छात्राओं को, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं जमात की इम्तिहानों में शानदार कामयाबी हासिल की थी, सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दसवीं जमात से मोहम्मद अयान, मोहम्मद मुजीब, मोहम्मद दानिश और सैय्यद अयान, तथा बारहवीं जमात से शाहिना खातून, महक ख़ान और अराबिया खातून को उनके बेहतरीन शैक्षिक प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति की नींव है। उन्होंने युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन, पाबंदी और आत्म-विश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने की सलाह दी। इस दौरान मेधावी छात्रों को मोमेंटो और पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में रहीश ख़ान (सरपंच बठिया), रसीदा बेगम (पार्षद अमरपाटन), नाज़िया परवीन (पार्षद अमरपाटन), जावेद अहमद (पार्षद वार्ड क्रमांक-08 मैहर) सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे और उन्होंने सफल छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआएं दीं। इस समारोह का एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने यूपीएससी 2023 में सफलता हासिल कर बीएसएफ में सहायक कमांडेंट के तौर पर कार्यरत राशिद नसीम को शॉल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने राशिद नसीम की उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया। सतना से आए जनाब एहतिशाम आमिर एडवोकेट और जनाब इमरान ख़ान (डायरेक्टर, आदित्य इंजीनियरिंग कॉलेज) समेत अन्य वक्ताओं ने इस तरह के शैक्षिक और प्रोत्साहन कार्यक्रमों को बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने तथा दूसरों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने वाला बताया। इल्मा फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने छात्रों से कहा कि बड़ी सफलता पाने के लिए उन्हें अपनी कौम और समाज के सफल व्यक्तियों को अपना आदर्श मानना चाहिए, विशेषकर मैहर से पहली बार यूपीएससी में सफल हुए राशिद नसीम और नीट इम्तिहान में सफल छात्रों का उदाहरण देते हुए। इस साल, इल्मा फाउंडेशन और अल मुस्लमीन कमेटी ने सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों का भी मंच से सम्मान किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है, जो किसी भी समाज को उन्नति और कामयाबी की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों, ख़ास तौर पर बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, ताकि आने वाली पीढ़ी एक बेहतर और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सके। उन्होंने समाज में शैक्षिक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित बच्चे समाज और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस समारोह का उद्देश्य सिर्फ मेधावी छात्रों का सम्मान करना ही नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को उजागर करना, नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करना भी था। उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम जारी रहेंगे, जिसका मूल उद्देश्य शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना, युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करना और होनहार छात्रों को प्रोत्साहित करना है।1
- सतना में रॉयल राजपूत संगठन द्वारा एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। यह शोभा रैली भव्यता के साथ निकाली जा रही है।1
- महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी का जबलपुर प्रवास सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर जबलपुर हवाई अड्डे पर उन्हें विदाई दी गई।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने 21 जून को सतना जिले के मैहर स्थित बड़ा अखाड़ा परिसर में अपना स्थापना दिवस समारोह मनाया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर जितेंद्र वशिष्ठ रहे, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने इसकी अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में संस्थापक गंगा विश्वकर्मा, इंद्रभान सिंह बघेल और भूपेंद्र सिंह परिहार शामिल थे, और कार्यक्रम का संचालन मंजू सर ने किया। समारोह को संबोधित करते हुए, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय ने अपनी पार्टी को एक विशुद्ध हिंदूवादी पार्टी बताया, जो देश की अन्य पार्टियों से अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जन मोर्चा पार्टी में कोई भी गैर-हिंदू सदस्य नहीं रहेगा, जिसे उन्होंने पार्टी की सबसे बड़ी विशेषता करार दिया। राय ने संगठन की विचारधारा और विस्तार योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर दिलीप बुनकर, रविशंकर यादव, शैलेश सिंह, सोनू, ऋषु श्रीवास्तव, विष्णु सोनी, विष्णु गुप्ता, संजीव शर्मा और अनूप श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह का समापन संगठन के विस्तार और पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के सर्वसम्मत संकल्प के साथ हुआ।1
- सतना जिले के नागौद-परसमनिया मार्ग पर यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। इस मार्ग पर संचालित कुछ यात्री वाहन न केवल अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे हैं, बल्कि वे यात्रियों के साथ-साथ भारी मात्रा में लोहे की सरिया और अन्य निर्माण सामग्री भी ढो रहे हैं। पहाड़ी और घुमावदार रास्ते पर ऐसे ओवरलोड वाहनों का संचालन दुर्घटना की आशंका को कई गुना बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यात्री वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर उनके बीच लोहे की सरिया जैसी भारी सामग्री रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उनका कहना है कि विशेष रूप से परसमनिया घाटी के तीखे मोड़ों और ढलानों पर इन वाहनों का चलना सीधे तौर पर हादसों को न्योता देने जैसा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस मार्ग पर चल रहे ओवरलोड वाहनों की तत्काल जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1
- सतना शहर के सिद्धार्थनगर वार्ड में हुई मात्र 10 मिनट की बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस अल्पकालिक बारिश के कारण वार्ड की सड़कें और गलियाँ पूरी तरह से जलमग्न हो गईं, जिससे सिद्धार्थनगर के निवासियों का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस स्थिति ने 'विकास की पोल खोल दी' है, और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- सतना जिले के कोटर क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक डॉ. प्रीतम सिंह पर एक किसान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि उनके बीमार बछड़े के उपचार के दौरान डॉक्टर ने गलत दवा दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह अपने बछड़े को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा था, जहां उपचार और दवा दिए जाने के बाद पशु की तबीयत में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। किसान ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जांच की मांग भी उठने लगी है।1
- उचेहरा के संकट मोचन मंदिर के पास 16 जून की रात युवा व्यवसायी अभिनव ताम्रकार उर्फ श्रीलाल पर 15 आरोपियों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला तब हुआ जब व्यवसायी ने कथित तौर पर उधार दिए गए ₹5 लाख वापस मांगे। घटना के पाँच दिन बीत जाने के बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ताम्रकार समाज ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर सभी अभियुक्तों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही कर उन्हें जेल नहीं भेजा गया, तो एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस ज्ञापन की प्रतियाँ डीजीपी भोपाल, आईजी रीवा, एसपी सतना और एसडीओपी नागौद को भी उचित कार्यवाही के लिए भेजी गई हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ 6 मई को एक 11000 वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आने से लाइनमेन सहायक राजेश द्विवेदी गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा तब हुआ जब पड़खुरी ग्राम पंचायत निवासी राजेश द्विवेदी बाधा गाँव में एक डियो बांधने के लिए पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे और रवि कुशवाहा द्वारा जानकारी होने के बावजूद लाइन चालू करा दी गई। अचानक एक मिनट के लिए लाइन चालू होने से राजेश द्विवेदी तार से चिपक कर आग की तरह धू-धू कर जलने लगे और लाइन बंद होते ही खंभे से नीचे गिर पड़े। इस भयावह दुर्घटना में राजेश द्विवेदी की रीढ़ की हड्डी टूट गई, उनके दोनों पैर बुरी तरह जल गए और दोनों हाथ करंट की चपेट में आकर झुलस गए। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें रामपुर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उन्हें बिड़ला अस्पताल सतना, फिर जबलपुर और अंततः नागपुर रेफर किया गया, जहाँ वे अब खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इस दुर्घटना से उनका शरीर अपाहिज हो चुका है और उनके इलाज में लाखों रुपये का खर्च आया है। दुखद रूप से, शासन द्वारा उन्हें सहायता राशि के तौर पर मात्र 10,000 रुपये दिए गए हैं, जबकि परिवार ने उनकी जान बचाने के लिए कर्ज लिया है। राजेश द्विवेदी शासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कह रहे हैं कि 'साहब, मेरा शरीर जनता और शासन की सेवा में झुलस गया, अब मेरा न्याय कर दो।' यह सवाल उठ रहा है कि लाखों के इलाज के लिए वे राशि कहाँ से लाएँगे और अपाहिज होने के बाद उनके बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। खबर में शासन-प्रशासन पर अंधा होकर बैठने और गरीबों के प्रति गांधी जी के तीन बंदरों वाले 'अनदेखा, अनसुना, अनबोला' नियम अपनाने का आरोप लगाया गया है। अब देखना यह है कि इस गंभीर घटना पर कितने अधिकारियों के कान में जूँ रेंगती है और राजेश द्विवेदी को न्याय मिलता है या सभी मूक-बधिर बने रहते हैं।2