इंसानियत कब तक शर्मशार होती रहेगी,ओर पुलिस मूक दर्शक, क्या गरीब को कभी न्याय नहीं मिल सकता इंसानियत शर्मसार — क्या हमारी बेटियां सुरक्षित हैं? 🚨 एक 16 साल की मासूम बच्ची को उसके ही रिश्तेदार ने मात्र 1 लाख रुपये में अपने से दोगुनी उम्र के व्यक्ति को बेच दिया… 10 दिनों तक उसके साथ दरिंदगी होती रही… किसी तरह हिम्मत जुटाकर जब बच्ची ने अपने माता-पिता को सब बताया, तो वे न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे… लेकिन अफसोस! वहां भी उन्हें निराशा ही मिली… जब माता-पिता अपनी बेटी को वापस लाने गए, तो दबंगों ने उनके साथ मारपीट की… और पुलिस फिर भी खामोश क्यों रही ❗ क्या यही है हमारा कानून? ❗ क्या गरीब और बेबस लोगों को न्याय नहीं मिलेगा? यह सिर्फ एक घटना नहीं, यह पूरे समाज के लिए चेतावनी है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल यह किसी के साथ भी हो सकता है। 👉 हम मांग करते हैं: बच्ची की सुरक्षित बरामदगी उस समय के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई 📢 अपनी आवाज उठाइए, इस पोस्ट को शेयर कीजिए ताकि ऐसी घटना की पुनरावृति नहीं हो
इंसानियत कब तक शर्मशार होती रहेगी,ओर पुलिस मूक दर्शक, क्या गरीब को कभी न्याय नहीं मिल सकता इंसानियत शर्मसार — क्या हमारी बेटियां सुरक्षित हैं? 🚨 एक 16 साल की मासूम बच्ची को उसके ही रिश्तेदार ने मात्र 1 लाख रुपये में अपने से दोगुनी उम्र के व्यक्ति को बेच दिया… 10 दिनों तक उसके साथ दरिंदगी होती रही… किसी तरह हिम्मत जुटाकर जब बच्ची ने अपने माता-पिता को सब बताया, तो वे न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे… लेकिन अफसोस! वहां भी उन्हें निराशा ही मिली… जब माता-पिता अपनी बेटी को वापस लाने गए, तो दबंगों ने उनके साथ मारपीट की… और पुलिस फिर भी खामोश क्यों रही ❗ क्या यही है हमारा कानून? ❗ क्या गरीब और बेबस लोगों को न्याय नहीं मिलेगा? यह सिर्फ एक घटना नहीं, यह पूरे समाज के लिए चेतावनी है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल यह किसी के साथ भी हो सकता है। 👉 हम मांग करते हैं: बच्ची की सुरक्षित बरामदगी उस समय के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई 📢 अपनी आवाज उठाइए, इस पोस्ट को शेयर कीजिए ताकि ऐसी घटना की पुनरावृति नहीं हो
- Post by Hello Chittorgarh News1
- भदेसर। गो सम्मान अभियान के तहत भदेसर उपखंड मुख्यालय पर गो भक्तों के द्वारा संकीर्तन प्रार्थना करते हुए मुख्य बाजार से गुजरे तथा उपखंड कार्यालय पहुंचे जहां पर उपखंड अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण भदेसर तहसीलदार शिव सिंह को ज्ञापन पत्र सोपा। ज्ञापन में बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना, गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना वह गो संवर्धन संरक्षण के लिए सरकारी नीतियां बनाने की मांग के साथ ही उपखंड मुख्यालय पर गो भक्तों ग्राम वासियों एवं संतों के सानिध्य में ज्ञापन पत्र सोपा गया। इस कार्यक्रम को सर्व समाज के प्रतिनिधि शामिल थे ज्ञापन देने से पूर्व पूरे नगर में जुलूस निकाला गया जिसमें गौ भक्त भजनों पर थिरकते हुए चल रहे थे। तथा गौ माता के जयकारे लगाए जा रहे थे ज्ञापन पत्र सोपने से पूर्व उपस्थित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये तथा आज के परिपेक्ष में गौ माता की उपयोगिता बताई।1
- खुला पत्र: एक ससुर की पीड़ा, **सेवा में,समस्त देशवासियों एवं न्याय के रक्षकगण, **आखिर कितने बेगुनाह पुरुषों की जान लेगी ये अबला समझी जाने वाली नारी, आखिर क्यों ये समाज ओर हमारे देश का कानून ** किसी बेगुनाह की मौत से पहले अपनी संवेदना व्यक्त नहीं करता **सोते रहो आज इस युवक ने आत्महत्या की है,कल आपके बेटे की बारी है ** यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है—यह उन लाखों पति, सास-ससुर और ससुराल वालों की अनकही पीड़ा है, जो आज अदालतों की गलियों में गूंज रही है। आज जब हम न्याय के मंदिर में खड़े होते हैं, तो आंखों में आंसू और दिल में निराशा होती है। क्या यही वह स्थान है जहां सत्य और धर्म की रक्षा की शपथ ली जाती थी? हमारी आंखों के सामने विवाह जैसे पवित्र बंधन का चीरहरण हो रहा है। यह अब प्रेम का रिश्ता नहीं, बल्कि एक खुली तिजोरी बन गया है, जिसकी चाबी तलाक के कागजों में छिपी है। जब हम अपने बच्चों का विवाह करते हैं, तो सपने देखते हैं—एक घर होगा, परिवार होगा, बच्चे होंगे जो बुढ़ापे का सहारा बनेंगे।लेकिन आज उन्हीं सपनों की कीमत वसूली जा रही है। क्या पति, सास-ससुर होना अपराध बन गया है?क्या विवाह का अर्थ केवल एटीएम बनकर रह गया है? हमारी मेहनत, हमारी कमाई, हमारा आत्मसम्मान—सब कुछ लुट रहा है, और हम असहाय खड़े हैं।झूठे आरोपों के सामने हमारा चरित्र अपराधी बना दिया जाता है। न्यायाधीश महोदय, क्या हमारी पीड़ा आपको दिखाई नहीं देती?कब तक निर्दोष लोगों को धमकियों, झूठे केसों और अपमान का सामना करना पड़ेगा? हमारे बैंक खाते खाली हो गए, हमारा सम्मान भीड़ में कुचला गया, कभी सड़क पर, कभी थाने में।क्या कानून के पास इसका कोई समाधान नहीं है? यह प्रश्न आज हर उस निर्दोष पुरुष का है—हमें न्याय कब मिलेगा? क्या कोई पूछेगा कि पुरुष के भी आंसू होते हैं?क्या उनकी पीड़ा का कोई मूल्य नहीं? **यह केवल एक पत्र नहीं, बल्कि टूटे हुए परिवारों की अंतिम पुकार है।आज हर पुरुष हाथ जोड़कर , दिल की गहराई से पूछ रहा है ** क्या न्याय अब केवल धन और भावनाओं का खेल बन गया है? जागो देशवासियों, जागो न्याय के रक्षकों।इस व्यवस्था में सुधार जरूरी है, इससे पहले कि जनता का विश्वास न्याय के मंदिर से हमेशा के लिए खत्म हो जाए। अगर आज नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियां विवाह को ही एक खतरा मानने लगेंगी। मेरे आंसू ही इस पत्र की कीमत हैं।क्या आप इसे स्वीकार करेंगे? **— पीड़ित सास-ससुर, पति और ससुराल पक्ष की ओर से(एक टूटे हुए दिल की आवाज)**न्याय की टूटती उम्मी1
- 🌹🙏🏽🙏SRI LAKSHMINATH BHAGVAN SIV SANKAR JI VASAKRAJ 🙏🏽 ♥️ MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH 🌺 🙏🏽 ♥️ JI AAPKI JAY HO SDA SARVDA AAP HI AAP HO HARI OM 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI OM 🕉 SIVAY NAMAH ♥️ SRI RAM JAY RAM JAY JAY RAM ♥️3
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ1
- आबूरोड में आरपीएफ का जनसंवाद कार्यक्रम, नागरिकों की सुनी समस्याएं, सुरक्षा व सहयोग का दिया भरोसा। आबूरोड। रेलवे सुरक्षा बल ने शनिवार को आबूरोड में शहर के विभिन्न वर्गों के साथ "रेलवे सेफ्टी विद विलेज़" पर जनसंवाद किया। जनसंवाद करने के साथ ही आमजन की समस्याएं सुनी एवं सुझाव पर विचार विमर्श किया। अजमेर मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद की अध्यक्षता में आयोजित "रेलवे सेफ्टी विद विलेज़" जनसंवाद कार्यक्रम मे आरपीएफ निरीक्षक खुमाराम और जीआरपी थाना अधिकारी मनोज कुमार सहित शहर के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान अजमेर मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद ने नागरिकों से रेलवे परिसर में सुरक्षा, सफाई, यात्री सुविधाएं, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना, ट्रेनों में होने वाली चोरी की घटनाएं तथा रेलवे ट्रैक पार करने जैसी समस्याओं पर चर्चा की। आयुक्त आजाद ने कहा कि रेलवे सुरक्षा में जनता की भागीदारी बेहद आवश्यक है और नागरिकों के सहयोग से ही बेहतर व्यवस्था बनाई जा सकती है। आरपीएफ अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि रेलवे क्षेत्र में सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस दौरान मौजूद नागरिकों ने भी अपने सुझाव रखे और रेलवे परिसर में सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने तथा नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में आरपीएफ अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम मे पार्षद रमेश वैष्णव, समाजसेवी गोविन्द अग्रवाल, पंचायत सदस्य देवाराम ग्रासीया, व्यवसाई बसंत प्रजापत, अशोक चंचलानी, जीतेन्द्र कमलानी (कुणाल होटल), सागर भाई अग्रवाल, नरेन्द्र अग्रवाल (छोटु भाई), गोविन्द कटारिया, नविन सांखला समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।4
- नीमच जिले के जावद नगर के बस स्टैंड पर यातायात व्यवस्था बेहाल दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है जावद बस स्टैंड से अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर प्रशासन नाकाम बस स्टैंड से अतिक्रमण को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए सारे दावे फेल आमजन परेशान प्रशासन मौन या दबाव में4
- Post by Hello Chittorgarh News1