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किन्नौर के भावा घाटी मे पहाड़ी से गिरा गलेशियर, जान माल का नहीं नुकसान. ज़िला किन्नौर के भावा घाटी के रमेश हाइड्रो प्रोजेक्ट के करीब एक पहाड़ी से गलेशियर गिरा है। जिसके चलते मौके पर गलेशियर इकट्ठा हुआ है। हालांकि इस दौरान किसी के जान की हानि नहीं हुई है। बता दें कि ज़िला किन्नौर मे लगातार निचले क्षेत्रों मे बारिश व ऊपरी क्षेत्रों मे बर्फबारी के कारण गलेशियर गिरने के साथ साथ पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ है।
ANIL KUMAR NEGI
किन्नौर के भावा घाटी मे पहाड़ी से गिरा गलेशियर, जान माल का नहीं नुकसान. ज़िला किन्नौर के भावा घाटी के रमेश हाइड्रो प्रोजेक्ट के करीब एक पहाड़ी से गलेशियर गिरा है। जिसके चलते मौके पर गलेशियर इकट्ठा हुआ है। हालांकि इस दौरान किसी के जान की हानि नहीं हुई है। बता दें कि ज़िला किन्नौर मे लगातार निचले क्षेत्रों मे बारिश व ऊपरी क्षेत्रों मे बर्फबारी के कारण गलेशियर गिरने के साथ साथ पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ है।
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- Post by Dev Raj Thakur1
- अटल टनल रोहतांग में फिर से हुआ ताजा हिमपात सड़क पर बर्फबारी के चलते अटल टनल तक बंद हुआ हुई वाहनों की आवाजाही प्रशासन द्वारा नेहरूकुंड तक ही भेजे जा रहे वाहन कुल्लू के बाकी इलाकों में भी बारिश का सिलसिला रात से जारी1
- विज्ञान संचारक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल कहते हैं गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि एक जीवित पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी धड़कनों में जीवन, संस्कृति और विज्ञान कि धारा एक साथ प्रवाहित होते हैं। हिमालय से निकलकर मैदानों तक बहने वाली यह नदी अनगिनत जीवों का घर है.गंगा डॉल्फिन, घड़ियाल, कछुए, सैकड़ों मछलियाँ और हजारों पक्षी प्रजातियाँ इसके जीवन तंत्र का हिस्सा हैं। आज गंगा की जैव विविधता एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ चुनौतियाँ और संभावनाएँ साथ-साथ मौजूद हैं। प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते मानवीय दबाव ने नदी के संतुलन को प्रभावित किया है. लेकिन इसी बीच विज्ञान और समाज मिलकर एक नई उम्मीद भी जगा रहे हैं। गंगा के जल का एक अनोखा वैज्ञानिक पहलू है.बैक्टीरियोफेज (Bacteriophage)। ये सूक्ष्म वायरस हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं. जिससे जल की स्वाभाविक शुद्धता बनी रहती है। वैज्ञानिकों के अनुसार गंगा की आत्मशुद्धि क्षमता के पीछे इन सूक्ष्म जीवों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है.जो इसे अन्य नदियों से अलग बनाती है। इस बीच गंगा संरक्षण में समुदाय की भागीदारी एक नई ताकत के रूप में उभरी है.नदी किनारे सफाई अभियान, पौधारोपण, प्लास्टिक मुक्त पहल और जैव विविधता के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की सक्रिय भूमिका दिखाई दे रही है.ग्रामीण समुदाय, युवा और स्वयंसेवी संगठन मिलकर गंगा को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भविष्य की गंगा की कल्पना अब केवल एक सपना नहीं रही. नई तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान का समावेश इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.यदि समाज और विज्ञान मिलकर कार्य करें. तो गंगा एक बार फिर अपनी स्वाभाविक शक्ति और समृद्ध जैव विविधता को प्राप्त कर सकती है। विज्ञान संचारक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल का कहना हैं. गंगा (भागीरथी नदी )का भविष्य केवल योजनाओं पर नहीं,बल्कि समाज की जागरूकता और विज्ञान की समझ पर निर्भर करता है। बैक्टीरियोफेज जैसे सूक्ष्म तंत्र हमें यह सिखाते हैं कि प्रकृति स्वयं में समाधान छिपाए हुए है.जरूरत है उसे समझने और संरक्षित करने की। स्पष्ट है कि गंगा की रक्षा केवल पर्यावरण का प्रश्न नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है। यदि आज हम सजग होकर सामूहिक प्रयास करें, तो गंगा की धारा हमेशा की तरह जीवनदायिनी बनी रहेगी।2
- सदन में चिट्टे पर हंगामा, विपक्ष का नारेबाज़ी करते हुए सदन से किया वाकआउट... जयराम ठाकुर के गंभीर आरोप नशा तस्करों को पकड़ने के बजाय विपक्ष के विधायकों के फोन टैप कर रही पुलिस हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के छठे दिन सदन के भीतर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब शून्य काल के दौरान नशे का मुद्दा उठा. इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. इसके बाद विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया. विपक्ष की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाई गई STF के पुलिसकर्मी संलिप्त पाए गए और सरकार विपक्ष के नेताओं के फोन बिना इजाज़त सर्विलेंस पर लेने में लगी हुई है. VO -- नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में युवा नशे के ओवरडोज के कारण चौक-चौराहों पर अपनी जान गंवा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि जब उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को सदन में उठाया, तो मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी इस पर हंसते नजर आए, जो बेहद चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ केवल दिखावे के लिए वॉकथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों से बच्चों को बुलाकर 4 से 5 घंटे तक इंतजार करवाया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की कमी है। उन्होंने कहा कि बिना उचित जांच के पुलिस कर्मियों को एसटीएफ में तैनात किया गया है, जिससे नशे के खिलाफ अभियान की गंभीरता पर सवाल उठते हैं। विपक्ष ने पूर्व सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसके चलते कई लोगों को यह अवैध कारोबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के अधिकारी केवल सरकार को खुश करने में लगे हुए हैं और विपक्ष के नेताओं के फोन सर्विलांस पर रखे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर विपक्षी नेताओं की फोन निगरानी की गई थी। बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष1
- Post by Himachal Update 24 News1
- Post by Munishkoundal1
- Post by Dev Raj Thakur1
- हिमाचल की अर्थव्यवस्था मजबूत, 2.54 लाख करोड़ का अनुमान… प्रति व्यक्ति आय 2.83 लाख पहुंची.... हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश की कुल आर्थिक उत्पादन क्षमता लगभग 2.54 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। स्थिर मूल्यों पर यह वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और जलवायु चुनौतियों के बावजूद राज्य की मजबूत आर्थिक गतिविधियों को दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था परिवर्तन का परिणाम है। राज्य की आरडीजी अगर बंद न होती, तो प्रदेश में और अधिक तेजी से विकास होता। VO—- वहीं, विपक्ष पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार लगातार चिट्टे के ख़िलाफ़ मुहिम चला रही है। भारतीय जनता पार्टी का काम सिर्फ़ विरोध करना रह गया है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद नशा तस्करी के ख़िलाफ़ मज़बूत क़ानून बनाया। भाजपा ने सत्ता में रहते हुए कुछ नहीं किया। अब भाजपा राजनीति कर रही है। सरकार ने उन पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की है, जो नशा तस्करी में शामिल थे। पुलिस महकमा इसे लेकर गंभीरता से काम कर रहा है। बाइट—- सुखविंदर सिंह सुक्खू, CM, हिमाचल प्रदेश3
- Post by Himachal Update 24 News1