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गुमला के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विधायक भूषण तिर्की ने औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर गायब मिले। डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी से नदारद पाकर विधायक भूषण तिर्की बेहद भड़क गए और उन्होंने अपनी कड़ी नाराजगी जताई।
Sunderam Keshri
गुमला के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विधायक भूषण तिर्की ने औचक निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर गायब मिले। डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी से नदारद पाकर विधायक भूषण तिर्की बेहद भड़क गए और उन्होंने अपनी कड़ी नाराजगी जताई।
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- गुमला जिले के सिसई में पुराने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में सोमवार को भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सामाजिक अधिकारिता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत एलिम्को कंपनी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों में व्हीलचेयर, नी ब्रेस, स्पाइनल सपोर्ट, वॉकिंग स्टिक, सिलिकॉन कुशन और लोलटर सहित कई अन्य सहायक साधन शामिल थे। इस शिविर में पहुंचे कुल 568 वरिष्ठ नागरिकों के बीच इन सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। उपकरणों का वितरण सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, एलिम्को कंपनी के झारखंड प्रदेश प्रभारी तरुण कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव, अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, जेएसएलपीएस की बीपीएम रिजवाना, पंचायत समिति सदस्य रेखा देवी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आजाद अंसारी, पूर्व कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष बैबुल अंसारी और रूपेश कुमार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और एलिम्को कंपनी के कर्मी मौजूद रहे।2
- झारखंड के लोहरदगा में 8 एकड़ जमीन के विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। इस विवाद में पहले पक्ष ने गंभीर आरोप लगाया है कि एक तीसरा पक्ष लाठी लेकर उन्हें मारने के लिए आता है।1
- लातेहार के गारू क्षेत्र में दुबियाखाड़ से लेकर गारू महुआडांड़ के बीच की सड़क पूरी तरह जर्जर और बदहाल हो चुकी है। इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभरे हुए हैं और सड़क हर जगह से टूट-फूट गई है। सड़क की इस दयनीय स्थिति के कारण यहां से गुजरने वाले लोगों को भारी दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के किस्को में एक मां ने एम्बुलेंस और डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित मां का कहना है कि एम्बुलेंस और डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनकी बच्ची की जान चली गई है। मां द्वारा लगाए गए इस बड़े आरोप के बाद अब यह पूरा मामला जांच का विषय बन गया है।1
- झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा 2024, जो 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी, उसमें एक बड़ा खेल सामने आया है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थी परीक्षा देने से सिर्फ इसलिए वंचित रह गए क्योंकि उन्हें सिटी इंफॉर्मेशन स्लिप ही परीक्षा खत्म होने के बाद प्राप्त हुई। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अभ्यर्थियों को फाइनल एडमिट कार्ड मिला ही नहीं, बल्कि केवल सिटी स्लिप दी गई थी। इस स्लिप पर साफ तौर पर लिखा था कि परीक्षा केंद्र के नाम वाला फाइनल e-Admit Card परीक्षा से 3 दिन पहले जारी किया जाएगा, लेकिन जब सिटी स्लिप ही देर से आई तो फाइनल एडमिट कार्ड कभी आया ही नहीं। लातेहार के अभ्यर्थी अमित कुमार गुप्ता के पास मौजूद ईमेल सबूत के तौर पर इस लापरवाही को उजागर करता है। अमित की परीक्षा सुबह 7:30 बजे निर्धारित थी, लेकिन उनकी सिटी स्लिप का नोटिफिकेशन परीक्षा वाले दिन शाम को 5:52 बजे आया। अमित ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में फॉर्म भरा था और वे दो साल से इसके लिए सेल्फ स्टडी कर रहे थे। परीक्षा से 2-3 दिन पहले से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश करने के बावजूद जब तक स्लिप डाउनलोड हुई, तब तक परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था। अमित ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मौका छीन लिया गया है। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी पवन कुमार मिश्रा को तो यह ईमेल अगले दिन यानी 20 जुलाई को सुबह 08:08 बजे प्राप्त हुआ। इस अव्यवस्था पर लातेहार के माकपा नेता अयूब खान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे घोर अन्याय बताते हुए कहा कि बच्चे भूख, प्यास और धूप सहकर दो साल तक मेहनत करते हैं और ऐन मौके पर सूचना का विलंब से आना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस लापरवाही से वंचित रह गए सभी छात्रों के लिए तुरंत दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।1
- झारखंड के लोहरदगा में सड़क पर बेसहारा घूम रहे एक व्यक्ति की राजू रंजन ने सहायता की है। राजू रंजन ने आगे आकर इस लाचार व्यक्ति की मदद कर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।1
- झारखंड के लातेहार जिला मुख्यालय में संसद मार्च के समर्थन में भाकपा माले जिला कमिटी के बैनर तले सैकड़ों किसानों, मजदूरों, छात्रों और नौजवानों ने एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला। बाजारटांड़ से शुरू होकर यह मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, NTA को भंग करने और छात्रों को न्याय देने की पुरजोर मांग की। सभा को संबोधित करते हुए माले के जिला सचिव बिरजू राम ने गंभीर आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था संकट में है और लगातार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की। इस अवसर पर प्रमोद साहू, अलाउद्दीन, राजेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, रमेश कुमार, गोपाल प्रसाद, संतोष सिंह और दुर्गा सिंह समेत कई नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया और ऐलान किया कि छात्रों को न्याय मिलने तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।1
- झारखंड के लातेहार जिला मुख्यालय में रविवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत भाकपा माले जिला कमिटी के बैनर तले सैकड़ों किसानों, मजदूरों, छात्रों और नौजवानों ने एक जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला। बाजारटाड़ से शुरू होकर यह मार्च शहर की मुख्य सड़कों से होते हुए गुजरा, जिसमें मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने "शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "भाजपा हटाओ, देश बचाओ", "भ्रष्ट राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करो" और "लोकतंत्र पर दमन करना बंद करो" जैसे नारे बुलंद किए। यह मार्च आगे जाकर समाहरणालय मोड़ के पास एक सभा में तब्दील हो गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव बिरजू राम ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में देश की शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने देश के हजारों छात्रों के भविष्य को भारी संकट में डाल दिया है और अब छात्रों के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत कई छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल की है। इस दौरान सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की उन्होंने कड़ी आलोचना की और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। सभा में शामिल वक्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए दोटूक कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार किए जाने और पेपर लीक से प्रभावित पीड़ित छात्रों को न्याय मिलने तक उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस मौके पर झारखंड जनरल यूनियन के नेता प्रमोद साहू, सीपीआई नेता अलाउद्दीन, माले नेता राजेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, रमेश कुमार, गोपाल प्रसाद, संतोष सिंह, दुर्गा सिंह, धनेश्वर सिंह, मुनेश्वर सिंह और सुदामा राम सहित कई अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।2
- झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण एक बच्ची की जान चली गई है। क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है, जिसके कारण इस मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी।1