संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मनरेगा योजना में कथित 400 करोड़ रुपये के घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। श्री समरीते ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री के 14 वर्ष के कार्यकाल में हुए अच्छे कार्यों के बावजूद कुछ स्थानों पर मंत्री, अधिकारी और ठेकेदारों ने उनकी छवि को खराब किया है। उनके अनुसार, मध्यप्रदेश में लगभग 400 करोड़ रुपये का यह घोटाला प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ, 27 हजार ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों की मिलीभगत से हुआ है। आरोप है कि इस मामले में विभागीय मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, मनरेगा परिषद के आयुक्त और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख अभियंता भी शामिल हैं, और पैसों का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तक पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री दोनों ही प्रधानमंत्री की छवि खराब होने के डर से इस मामले पर मौन साधे हुए हैं, जबकि राज्य की लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और एसटीएफ जैसी जांच एजेंसियां सरकार के जांच आदेश का इंतजार कर रही हैं। श्री समरीते ने मुरैना जिले के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगीड़ (आईएएस) द्वारा 1 जून 2026 को ग्राम पंचायत खड़कपुर के रोजगार सहायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 337, 340, 316 (5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 65 एवं 66 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में मजदूरों के फर्जी फोटो और हस्ताक्षर का उपयोग कर राशि निकाली गई, और सायबर सेल इस मामले की जांच नहीं कर रही है। इसे गरीबों से जुड़ी मनरेगा (जीरामजी) योजना का अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए, उन्होंने कहा कि करीब 80 हजार प्रशासकीय स्वीकृतियां जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ और ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा जारी की गईं, जिससे बिना काम कराए कथित रूप से बोगस आहरण किया गया। इसके प्रमाण के तौर पर बालाघाट जिले की बिरसा जनपद को सबसे बड़ा उदाहरण बताया गया है। पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है, यह कहते हुए कि मध्यप्रदेश की जनता प्रधानमंत्री से ईमानदारी और पारदर्शिता की अपेक्षा रखती है।
संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मनरेगा योजना में कथित 400 करोड़ रुपये के घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। श्री समरीते ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री के 14 वर्ष के कार्यकाल में हुए अच्छे कार्यों के बावजूद कुछ स्थानों पर मंत्री, अधिकारी और ठेकेदारों ने उनकी छवि को खराब किया है। उनके अनुसार, मध्यप्रदेश में लगभग 400 करोड़ रुपये का यह घोटाला प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ, 27 हजार ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों की मिलीभगत से हुआ है। आरोप है कि इस मामले में विभागीय मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, मनरेगा परिषद के आयुक्त और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख अभियंता भी शामिल हैं, और पैसों का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तक पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री दोनों ही प्रधानमंत्री की छवि खराब होने के डर से इस मामले पर मौन साधे हुए हैं, जबकि राज्य की लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और एसटीएफ जैसी जांच एजेंसियां सरकार के जांच आदेश का इंतजार कर रही हैं। श्री समरीते ने मुरैना जिले के कलेक्टर लोकेश कुमार जांगीड़ (आईएएस) द्वारा 1 जून 2026 को ग्राम पंचायत खड़कपुर के रोजगार सहायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 337, 340, 316 (5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 65 एवं 66 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में मजदूरों के फर्जी फोटो और हस्ताक्षर का उपयोग कर राशि निकाली गई, और सायबर सेल इस मामले की जांच नहीं कर रही है। इसे गरीबों से जुड़ी मनरेगा (जीरामजी) योजना का अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए, उन्होंने कहा कि करीब 80 हजार प्रशासकीय स्वीकृतियां जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ और ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा जारी की गईं, जिससे बिना काम कराए कथित रूप से बोगस आहरण किया गया। इसके प्रमाण के तौर पर बालाघाट जिले की बिरसा जनपद को सबसे बड़ा उदाहरण बताया गया है। पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है, यह कहते हुए कि मध्यप्रदेश की जनता प्रधानमंत्री से ईमानदारी और पारदर्शिता की अपेक्षा रखती है।
- शासन के निर्देशानुसार, नगर परिषद लांजी में 15, 16 और 17 जून 2026 को जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों के लिए एक विशेष शिविर अभियान चलाया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मयूर वाहने के मार्गदर्शन में, नगर परिषद लांजी के प्रांगण में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्य विभाग लांजी, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, वित्त विभाग और अन्य विभाग शामिल थे। इस शिविर में प्राप्त अधिक से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। अभियान के समापन पर, यानी 17 जून 2026 को, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती रेखा ताराचंद कालबेले, उपाध्यक्ष श्री संदीप रामटेककर और सीएमओ श्री मयूर वाहने के हाथों पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। शिविर अभियान में सभी विभागीय स्टॉलों के साथ-साथ नगर परिषद लांजी के कर्मचारी श्री रणदीप मोनू वराडे, श्री विनोद रहमतकर, श्री संतोष भार्गव, श्रीमती वंदना भार्गव, श्रीमती जयवती कच्छवाहे, श्री लक्ष्मीकांत सोनवाने, श्री गोविंद राउत, श्री उपकेन्द्र वराडे, श्री श्याम vagare, श्री तेजराम आसटकर, श्री छगन मिश्रा, श्रीमती रेखा नागपुर, श्री काजू दुर्गकार और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- किरनापुर के सुसवा गाँव में पिछले चार वर्षों से एक जल टंकी का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल, हर घर जल' योजना का सपना इन ग्रामीणों के लिए अब तक अधूरा ही है। इस अधूरी परियोजना को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ठेकेदार की उदासीनता के चलते निर्माण कार्य रुका हुआ है। भीषण गर्मी के इस मौसम में, सुसवा के निवासियों को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।1
- 21 जून रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा के प्रतिष्ठित वरिष्ठ व्यापारी स्वर्गीय गोविंद लाल अग्रवाल की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके पुत्र संदीप अग्रवाल और पौत्र आभास अग्रवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र साल्हेवारा को दो ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट किए हैं। इस योगदान को स्वर्गीय गोविंद लाल अग्रवाल की स्मृति को जनसेवा से जोड़ने का एक प्रेरणादायी उदाहरण माना जा रहा है। इस पहल पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रकाश वर्मा ने दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की ऐसी सक्रिय सहभागिता स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिला स्वास्थ्य समिति खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने भी इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की, साथ ही भविष्य में भी जनहित एवं सामुदायिक विकास के लिए इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई।1
- बालाघाट में री-नीट (यूजी) परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गई है। इस परीक्षा के लिए कुल 3112 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2783 परीक्षार्थी शामिल हुए। वहीं, 329 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे।1
- राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन के लिए एक मार्ग प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों ने अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया, जिस पर डॉ. रमन सिंह ने प्रभावित होकर उन्हें 51 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजनांदगांव में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ योग से निरोग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- एक युवती ट्रेन में बिना टिकट सफर कर रही थी। जब टीटीई ने आकर उससे टिकट मांगा, तो उसने अपनी महिला होने का गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। युवती ने टीटीई को मारना-पीटना शुरू कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी कि वह उसकी इज्जत पर हाथ डाल रहा है। इस घटना पर सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों का इस तरह से गलत फायदा उठाया जाना चाहिए, जैसा कि कई लड़कियां कर रही हैं।1
- वैनगंगा नदी के जागपुर घाट पर एक युवक डूब गया। घटना के बाद, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमों ने तत्काल सर्च अभियान चलाया। लगभग एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, जगपुर घाट से ही युवक का शव बरामद कर लिया गया।1
- सोशल मीडिया पर "ब्लास्टिंग पेन" को लेकर तेजी से फैल रहे वायरल दावों का सच सामने आया है, जिसके बाद रायपुर पुलिस ने इन अफवाहों को पूरी तरह से भ्रामक बताया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही थीं, जिनमें दावा किया गया था कि बाजार में एक ऐसा पेन उपलब्ध है जो छूते ही फट जाता है। इन मनगढ़ंत दावों ने लोगों के बीच गहरी चिंता और भ्रम पैदा कर दिया था। रायपुर पुलिस ने इन दावों को निराधार करार देते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया गया है कि "ब्लास्टिंग पेन" से जुड़ी ऐसी किसी भी घटना की अब तक पुष्टि नहीं हुई है, और सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावे तथ्यात्मक रूप से गलत पाए गए हैं। पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन सूचनाओं पर पैनी नजर रख रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना सत्यापन के किसी भी खबर, वीडियो या तस्वीर को साझा करने से अफवाहों को बढ़ावा मिलता है, जिससे समाज में अनावश्यक भय और भ्रम का माहौल बनता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल संदेश या दावे पर तुरंत भरोसा न करें और यदि कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। विशेषज्ञों ने भी इस बात पर जोर दिया है कि सोशल मीडिया पर हर जानकारी सही नहीं होती और किसी भी समाचार की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करना बेहद जरूरी है। रायपुर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है, इसलिए नागरिकों को केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए।1