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Shiva Kumar awpl Hamirpur
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- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में शनिवार को जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने गायत्री तपोभूमि पहुंचकर गायत्री गंगा (कडोरन नदी) का अवलोकन किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द सर्वे कार्य पूरा कर नदी की सिल्ट सफाई के लिए कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अभियंता से सर्वे की प्रगति की जानकारी ली और नदी के जीर्णोद्धार की मुहिम चला रहे समाजसेवी राजेश बाबू शिवहरे से भी नदी के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इस दौरान सिंचाई विभाग के अभियंता ने बताया कि उद्गम स्थल से लेकर संगम स्थल तक इस नदी की कुल लंबाई 41 किलोमीटर है। वहीं एसडीएम सदर ने जानकारी दी कि राजस्व रिकॉर्ड में यह कुछ जगहों पर नाले के रूप में तो कुछ जगहों पर नदी के रूप में दर्ज है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर सफाई का काम नगर पंचायत द्वारा कराया जाएगा और इसके लिए अधिशाषी अधिकारी को तत्काल कार्य शुरू करने का आदेश दिया। नदी के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने राजकीय बीज भंडार का रुख किया, जहां उन्होंने बीज वितरण की जानकारी ली और गोदाम प्रभारी को किसानों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री एरिया पुलिस चौकी का निरीक्षण किया और हाईवे किनारे खड़े वाहनों को हटाने तथा चौकी के सामने की जगह को साफ-सुथरा कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक और थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल भी उपस्थित रहे।4
- कानपुर नगर जिले के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर में ग्रामीण अवैध पट्टों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। ग्रामीणों ने इन अवैध पट्टों का कड़ा विरोध करते हुए अपना प्रदर्शन दर्ज कराया है।1
- हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव में प्रशासन द्वारा कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के ही उसके निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसकी तरफ से की गई शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसी के खिलाफ यह कदम उठा लिया गया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इस कार्रवाई पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर थाने में महीने के दूसरे शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल और पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने पहुंचकर लोगों की शिकायतों को सुना। दोनों अधिकारियों ने शिकायतों को सुनने के बाद मातहतों को उनके त्वरित निस्तारण के आदेश जारी किए। इस समाधान दिवस में कुल पांच शिकायतें पंजीकृत की गईं। हाल ही में हुई बारिश के कारण थाना परिसर जलभराव से लबालब था, जिसे देखकर जिलाधिकारी बेहद नाराज हो गए। उन्होंने नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) दिनेश चंद्र को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। इसके बाद थाना परिसर में संयुक्त रूप से पौधरोपण किया गया, जिसके तहत जिलाधिकारी ने अमरूद और पुलिस अधीक्षक ने गुलमोहर का पौधा लगाया। इस मौके पर एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल और कैथी पुलिस चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह सहित अन्य पुलिस व राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।3
- कानपुर नगर के घाटमपुर कस्बे में दो प्राथमिक विद्यालयों में छत व प्लास्टर गिरने की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। पहला हादसा घाटमपुर के प्राथमिक कन्या पाठशाला में हुआ, जहां कक्षा में पढ़ाई के दौरान अचानक छत का चालू पंखा नीचे गिर गया। इस हादसे में कक्षा 2 की छात्रा वैष्णवी (7 वर्ष), पुत्री रोहित गौतम, निवासी शिवपुरी पूर्वी मोहल्ला, गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल छात्रा को तुरंत उपचार के लिए घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जब छात्रा के परिजनों ने इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य राशिद खान से बात की, तो उन्होंने इस घटना को महज एक 'प्राकृतिक घटना' बताकर टाल दिया। वहीं, दूसरा हादसा कानपुर रोड स्थित प्राथमिक सिहारी विद्यालय में हुआ, जहां कक्षा के दौरान अचानक छत का भारी प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। इस हादसे में गनीमत यह रही कि सभी छात्र और अध्यापक बाल-बाल बच गए। विद्यालय की प्रधानाचार्य रत्ना यादव ने बताया कि स्कूल की छत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और छात्रों को बैठाने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। उन्होंने आशंका जताई है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी पहले ही सूचित किया जा चुका है। इन हादसों के बाद कानपुर नगर के बेसिक शिक्षा अधिकारी हरि ओम सिंह ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इन घटनाओं ने सरकारी स्कूलों के रख-रखाव और वहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1