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सामने लगे 'नो-पार्किंग' बोर्डों का कोई औचित्य नहीं रह गया है, क्योंकि सड़कों पर धड़ल्ले से गाड़ियां नो-पार्किंग वाले स्थानों पर भी खड़ी की जा रही हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि ऐसे बोर्ड लगाना व्यर्थ है।

2 hrs ago
user_A news 88
A news 88
TV News Anchor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

सामने लगे 'नो-पार्किंग' बोर्डों का कोई औचित्य नहीं रह गया है, क्योंकि सड़कों पर धड़ल्ले से गाड़ियां नो-पार्किंग वाले स्थानों पर भी खड़ी की जा रही हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि ऐसे बोर्ड लगाना व्यर्थ है।

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  • अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत बनकटवा इच्छौरी गांव निवासी मस्तराम वर्मा ने 17 जून 2026 को सुबह लगभग 10 बजे से तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने बीकापुर तहसील प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर यह कदम उठाया है, जो भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच किया जा रहा है। वर्मा ने बताया कि इससे पहले भी वे चार दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसे तहसील और पुलिस प्रशासन द्वारा यह आश्वासन देकर तुड़वाया गया था कि उनके मकान निर्माण को रोका नहीं जाएगा। हालांकि, जब उन्होंने मकान निर्माण शुरू किया, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें बीएनएसएस की धारा 170 के तहत शांति भंग के आरोप में चालान कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से की गई वादाखिलाफी का स्पष्ट उदाहरण है। मस्तराम वर्मा ने आगामी अनशन की जानकारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 18 जून तक उन्हें मकान निर्माण की अनुमति नहीं दी गई, तो वे किसी टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा कराए जा रहे मकान निर्माण के संबंध में किसी भी सक्षम न्यायालय से कोई स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी आवास न होने के बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासन द्वारा पहले चार दिनों से अनशन पर बैठे मस्तराम वर्मा को पानी पिलाकर अनशन तुड़वाकर मकान बनाने का आश्वासन देना और फिर मकान निर्माण के दौरान उन्हें जेल भेज देना, यह प्रशासन की असफलता है या कुछ और। लोग अब यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि मस्तराम वर्मा के इस मामले में तहसील और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
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    अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत बनकटवा इच्छौरी गांव निवासी मस्तराम वर्मा ने 17 जून 2026 को सुबह लगभग 10 बजे से तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने बीकापुर तहसील प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर यह कदम उठाया है, जो भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच किया जा रहा है।

वर्मा ने बताया कि इससे पहले भी वे चार दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसे तहसील और पुलिस प्रशासन द्वारा यह आश्वासन देकर तुड़वाया गया था कि उनके मकान निर्माण को रोका नहीं जाएगा। हालांकि, जब उन्होंने मकान निर्माण शुरू किया, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें बीएनएसएस की धारा 170 के तहत शांति भंग के आरोप में चालान कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से की गई वादाखिलाफी का स्पष्ट उदाहरण है।

मस्तराम वर्मा ने आगामी अनशन की जानकारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 18 जून तक उन्हें मकान निर्माण की अनुमति नहीं दी गई, तो वे किसी टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा कराए जा रहे मकान निर्माण के संबंध में किसी भी सक्षम न्यायालय से कोई स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी आवास न होने के बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।

इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासन द्वारा पहले चार दिनों से अनशन पर बैठे मस्तराम वर्मा को पानी पिलाकर अनशन तुड़वाकर मकान बनाने का आश्वासन देना और फिर मकान निर्माण के दौरान उन्हें जेल भेज देना, यह प्रशासन की असफलता है या कुछ और। लोग अब यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि मस्तराम वर्मा के इस मामले में तहसील और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
    user_हलचल अयोध्या समाचार
    हलचल अयोध्या समाचार
    Actor फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत बनकटवा इच्छौरी गांव निवासी मस्तराम वर्मा ने तहसील प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, अपनी नौ सूत्रीय मांगों के समर्थन में भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच 17 जून 2026 को लगभग 10 बजे से तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले भी वे चार दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसे तहसील और पुलिस प्रशासन ने यह आश्वासन देकर तुड़वाया था कि उनके मकान निर्माण को रोका नहीं जाएगा। हालाँकि, जब उन्होंने मकान निर्माण शुरू किया, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत चालान करके जेल भेज दिया। पीड़ित मस्तराम वर्मा ने 17 जून से शुरू किए जा रहे इस आमरण अनशन की जानकारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि दोबारा आमरण अनशन पर बैठने के बाद 18 जून तक उन्हें मकान निर्माण की अनुमति नहीं मिली, तो वे किसी टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वर्मा का दावा है कि उनके द्वारा कराए जा रहे मकान निर्माण के संबंध में किसी भी सक्षम न्यायालय से रोकने का कोई स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी आवास न होने के बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मस्तराम वर्मा के इस मामले में तहसील और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
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    अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत बनकटवा इच्छौरी गांव निवासी मस्तराम वर्मा ने तहसील प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, अपनी नौ सूत्रीय मांगों के समर्थन में भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच 17 जून 2026 को लगभग 10 बजे से तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है।

वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले भी वे चार दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसे तहसील और पुलिस प्रशासन ने यह आश्वासन देकर तुड़वाया था कि उनके मकान निर्माण को रोका नहीं जाएगा। हालाँकि, जब उन्होंने मकान निर्माण शुरू किया, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत चालान करके जेल भेज दिया।

पीड़ित मस्तराम वर्मा ने 17 जून से शुरू किए जा रहे इस आमरण अनशन की जानकारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि दोबारा आमरण अनशन पर बैठने के बाद 18 जून तक उन्हें मकान निर्माण की अनुमति नहीं मिली, तो वे किसी टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वर्मा का दावा है कि उनके द्वारा कराए जा रहे मकान निर्माण के संबंध में किसी भी सक्षम न्यायालय से रोकने का कोई स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी आवास न होने के बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मस्तराम वर्मा के इस मामले में तहसील और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।
    user_प्रहरी न्यूज दर्पण
    प्रहरी न्यूज दर्पण
    Building society फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • राम मंदिर से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है, जिसमें एक शहीद की बेटी ने अपनी आवाज बुलंद की है।
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    राम मंदिर से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है, जिसमें एक शहीद की बेटी ने अपनी आवाज बुलंद की है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    23 hrs ago
  • सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि यदि राम मंदिर घोटाला साबित हुआ, तो वे राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे और कार्यकारिणी से भी अलग हो जाएँगे। त्रिपाठी का यह बयान राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद और घोटाले की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए यह कड़ा संकल्प व्यक्त किया है।
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    सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि यदि राम मंदिर घोटाला साबित हुआ, तो वे राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे और कार्यकारिणी से भी अलग हो जाएँगे। त्रिपाठी का यह बयान राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद और घोटाले की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए यह कड़ा संकल्प व्यक्त किया है।
    user_NW BHARAT NEWS
    NW BHARAT NEWS
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा के पूर्व बीजेपी विधायक बाबा गोरखनाथ ने अपने 42वें जन्मदिन के अवसर पर खुलकर अपनी बात रखी।
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    अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा के पूर्व बीजेपी विधायक बाबा गोरखनाथ ने अपने 42वें जन्मदिन के अवसर पर खुलकर अपनी बात रखी।
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • योगेश प्रताप सिंह ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भय और लोभ के कारण टूट रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में भय का माहौल बना हुआ है।
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    योगेश प्रताप सिंह ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भय और लोभ के कारण टूट रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में भय का माहौल बना हुआ है।
    user_अंकुर गर्ग
    अंकुर गर्ग
    Local News Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    15 min ago
  • बाराबंकी में समाजवादी पार्टी द्वारा विधायक गौरव रावत का जन्मदिन मनाया जा रहा है। यह समारोह 15 जून, 2026 को बाराबंकी के बड़ेल स्थित शांति पैलेस में आयोजित किया जाएगा।
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    बाराबंकी में समाजवादी पार्टी द्वारा विधायक गौरव रावत का जन्मदिन मनाया जा रहा है। यह समारोह 15 जून, 2026 को बाराबंकी के बड़ेल स्थित शांति पैलेस में आयोजित किया जाएगा।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों के बीच, होटल एलीगेंस के मालिक और समाजसेवी अमित वर्मा ने इन दावों को झूठा, बेबुनियाद और अफवाह बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर से एक भी रुपया चोरी नहीं हुआ है और ऐसी खबरें लोगों की आस्था को ठेस पहुँचाने का प्रयास हैं। पत्रकारों द्वारा रुदौली विधानसभा क्षेत्र के एक गाँव में गोबर के ढेर से कथित तौर पर बड़ी रकम बरामद होने, कुछ लोगों की गिरफ्तारी और कई लोगों से पूछताछ की खबरों के संबंध में पूछे जाने पर, अमित वर्मा ने कहा कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की नगरी है, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। उन्होंने बिना तथ्यों के मंदिर को बदनाम करने वाली बातों पर विश्वास न करने की अपील की। वर्मा ने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया है, तो कानून को अपना काम करना चाहिए और दोषी को निश्चित रूप से सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति की करतूत को राम मंदिर से जोड़कर पूरे मंदिर और उसकी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने को पूरी तरह गलत बताया। अमित वर्मा ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों से बचने तथा केवल आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करने का आग्रह किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसे राजनीतिक या सनसनीखेज अफवाहों का विषय बनाने के बजाय सत्य और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, "यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले, लेकिन बिना प्रमाण राम मंदिर पर उंगली उठाना स्वीकार्य नहीं है।"
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    अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों के बीच, होटल एलीगेंस के मालिक और समाजसेवी अमित वर्मा ने इन दावों को झूठा, बेबुनियाद और अफवाह बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर से एक भी रुपया चोरी नहीं हुआ है और ऐसी खबरें लोगों की आस्था को ठेस पहुँचाने का प्रयास हैं।

पत्रकारों द्वारा रुदौली विधानसभा क्षेत्र के एक गाँव में गोबर के ढेर से कथित तौर पर बड़ी रकम बरामद होने, कुछ लोगों की गिरफ्तारी और कई लोगों से पूछताछ की खबरों के संबंध में पूछे जाने पर, अमित वर्मा ने कहा कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की नगरी है, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। उन्होंने बिना तथ्यों के मंदिर को बदनाम करने वाली बातों पर विश्वास न करने की अपील की।

वर्मा ने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया है, तो कानून को अपना काम करना चाहिए और दोषी को निश्चित रूप से सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति की करतूत को राम मंदिर से जोड़कर पूरे मंदिर और उसकी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने को पूरी तरह गलत बताया। अमित वर्मा ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों से बचने तथा केवल आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करने का आग्रह किया।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसे राजनीतिक या सनसनीखेज अफवाहों का विषय बनाने के बजाय सत्य और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, "यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले, लेकिन बिना प्रमाण राम मंदिर पर उंगली उठाना स्वीकार्य नहीं है।"
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बस्ती में मनोरमा नदी को स्वच्छ, अविरल और अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग को लेकर आयोजित हुई "मनोरमा जनजागृति यात्रा" रविवार को जनसमर्थन के अभूतपूर्व उत्साह के साथ संपन्न हो गई। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के नेतृत्व में यह यात्रा मखौड़ा धाम से शुरू होकर बस्ती स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसमें हजारों लोगों ने मोटरसाइकिल और अन्य माध्यमों से सहभागिता की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह छोटी नदियों की सफाई और संरक्षण को समर्पित प्रदेश की सबसे बड़ी एवं सबसे लंबी जनजागरण यात्राओं में से एक रही। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मखौड़ा धाम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने मनोरमा नदी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल को जीवन का आधार बताते हुए नदियों के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय बताया। जनजागरण यात्रा के दौरान, मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने यात्रियों का स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मनोरमा नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और नदी पुनर्जीवन के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग रखी, जिस पर अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता भी हुई। प्रतिनिधिमंडल को विकास भवन में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया, लेकिन वहां अपेक्षित स्तर पर अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। इस पर श्री पाण्डेय ने आरोप लगाया कि नदी संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रशासनिक उदासीनता चिंताजनक है और जनहित के इस मुद्दे पर प्रशासन का सहयोग अपेक्षित था, जो दिखाई नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बीते डेढ़ दशक में मनोरमा नदी के संरक्षण के लिए अनेक ज्ञापन, पत्र, धरना-प्रदर्शन और सुझाव दिए गए हैं। साथ ही, स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों के सहयोग से विभिन्न घाटों के आसपास लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर 1500 कुंतल से अधिक मलबा भी निकाला गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। श्री पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हुआ तो वह शासन स्तर पर विस्तृत शिकायत एवं सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने की यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और जनहित की लड़ाई है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर शिवचरन जायसवाल, शक्तीदीप पाठक, विमलेन्द्र सिंह, अनुज त्रिपाठी सहित हजारों कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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    बस्ती में मनोरमा नदी को स्वच्छ, अविरल और अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग को लेकर आयोजित हुई "मनोरमा जनजागृति यात्रा" रविवार को जनसमर्थन के अभूतपूर्व उत्साह के साथ संपन्न हो गई। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के नेतृत्व में यह यात्रा मखौड़ा धाम से शुरू होकर बस्ती स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसमें हजारों लोगों ने मोटरसाइकिल और अन्य माध्यमों से सहभागिता की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह छोटी नदियों की सफाई और संरक्षण को समर्पित प्रदेश की सबसे बड़ी एवं सबसे लंबी जनजागरण यात्राओं में से एक रही।

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर मखौड़ा धाम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए श्री पाण्डेय ने मनोरमा नदी के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल को जीवन का आधार बताते हुए नदियों के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय बताया। जनजागरण यात्रा के दौरान, मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने यात्रियों का स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर मनोरमा नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और नदी पुनर्जीवन के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग रखी, जिस पर अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता भी हुई।

प्रतिनिधिमंडल को विकास भवन में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया, लेकिन वहां अपेक्षित स्तर पर अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। इस पर श्री पाण्डेय ने आरोप लगाया कि नदी संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रशासनिक उदासीनता चिंताजनक है और जनहित के इस मुद्दे पर प्रशासन का सहयोग अपेक्षित था, जो दिखाई नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बीते डेढ़ दशक में मनोरमा नदी के संरक्षण के लिए अनेक ज्ञापन, पत्र, धरना-प्रदर्शन और सुझाव दिए गए हैं। साथ ही, स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों के सहयोग से विभिन्न घाटों के आसपास लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में सफाई अभियान चलाकर 1500 कुंतल से अधिक मलबा भी निकाला गया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

श्री पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं हुआ तो वह शासन स्तर पर विस्तृत शिकायत एवं सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने की यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और जनहित की लड़ाई है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर शिवचरन जायसवाल, शक्तीदीप पाठक, विमलेन्द्र सिंह, अनुज त्रिपाठी सहित हजारों कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
    user_आनंद धर द्विवेदी
    आनंद धर द्विवेदी
    Local News Reporter हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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