बिलासपुर तहसील परिसर में शुक्रवार को खराब मौसम के बीच भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के दर्जनों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने तहसील के पार्क में अपनी समस्याओं पर चर्चा की और इसके बाद नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी को प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों की बात सुनी और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। भाकियू अंबावता के नेता मोहम्मद सलीम वारसी ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि किसान सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और अधिकारियों द्वारा बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार और महंगाई को चरम पर बताते हुए किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। साथ ही, सरकार द्वारा एक हेक्टेयर भूमि पर सालाना सात कट्टे यूरिया की सीमा तय करने के फैसले को किसान विरोधी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। किसानों की मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना, फसलों का उचित मूल्य तय करने का अधिकार मिलना, कर्ज माफी और पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण शामिल है। इसके अतिरिक्त, कृषि मशीनरी व सामग्री पर जीएसटी समाप्त करने, खाद-बीज और कीटनाशक पर 80 प्रतिशत सब्सिडी देने, अमेरिका के साथ कृषि समझौते रद्द करने और सामान्य नलकूप कनेक्शन योजना दोबारा शुरू करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में घरेलू बिजली दरों में कटौती, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस प्रदर्शन में मोहम्मद अहकाम मिर्जा, मोहम्मद आसिम रजा, लखविंदर सिंह, सुजान सिंह, रणजीत सिंह और मुरारी लाल सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
बिलासपुर तहसील परिसर में शुक्रवार को खराब मौसम के बीच भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के दर्जनों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने तहसील के पार्क में अपनी समस्याओं पर चर्चा की और इसके बाद नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी को प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों की बात सुनी और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। भाकियू अंबावता के नेता मोहम्मद सलीम वारसी ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि किसान सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और अधिकारियों द्वारा बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार और महंगाई को चरम पर बताते हुए किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। साथ ही, सरकार द्वारा एक हेक्टेयर भूमि पर सालाना सात कट्टे यूरिया
की सीमा तय करने के फैसले को किसान विरोधी बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। किसानों की मांगों में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना, फसलों का उचित मूल्य तय करने का अधिकार मिलना, कर्ज माफी और पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण शामिल है। इसके अतिरिक्त, कृषि मशीनरी व सामग्री पर जीएसटी समाप्त करने, खाद-बीज और कीटनाशक पर 80 प्रतिशत सब्सिडी देने, अमेरिका के साथ कृषि समझौते रद्द करने और सामान्य नलकूप कनेक्शन योजना दोबारा शुरू करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में घरेलू बिजली दरों में कटौती, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इस प्रदर्शन में मोहम्मद अहकाम मिर्जा, मोहम्मद आसिम रजा, लखविंदर सिंह, सुजान सिंह, रणजीत सिंह और मुरारी लाल सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
- बरेली के मीरगंज में पुलिस ने एक व्यक्ति को धर्म परिवर्तन और ईसाई धर्म के प्रचार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान ग्राम भुडासी निवासी प्रेमपाल के रूप में की गई है।1
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- मुरादाबाद में आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में मशहूर पंजाबी सिंगर काका ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया है। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों का हौसला बढ़ाया और अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में काका की उपस्थिति और समर्थन स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
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- बरेली पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अपराधी गिरोहों को जनपद स्तरीय माफिया घोषित किया है। ये गिरोह गौकशी, मादक पदार्थों की तस्करी और लूटपाट जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए गए थे। इस महत्वपूर्ण कदम के संबंध में एसपी साउथ ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई संगठित अपराध पर लगाम लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।1
- उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक 12 वर्षीय बच्ची के लापता होने की दुखद घटना सामने आई है। बच्ची घर से सब्जी लेने के लिए बाजार गई थी, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटी। बेटी के अचानक गायब हो जाने से उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।1
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