जनपद प्रतापगढ़ में नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2023 के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे से नियुक्त हुए आठ आरक्षियों के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। प्रमाण पत्रों की जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद पुलिस ने इन संबंधित आरक्षियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के अंतर्गत चयनित इन आठ आरक्षियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया था। जांच के दौरान संबंधित जनपदों एवं कार्यालयों से प्राप्त रिपोर्टों में यह खुलासा हुआ कि जिन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में लाभ उठाया था, वे संबंधित कार्यालयों द्वारा जारी ही नहीं किए गए थे। प्राथमिक जांच में इन प्रमाण पत्रों के कूटरचित और फर्जी होने की पुष्टि हुई, जिससे भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर नियुक्ति प्राप्त करने का मामला उजागर हुआ। इस संबंध में, 5 जून 2026 को थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 320/2026, धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3) एवं 340(2) बीएनएस के तहत आठ आरक्षियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है, साथ ही संबंधित आरक्षियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनपद प्रतापगढ़ में नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2023 के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे से नियुक्त हुए आठ आरक्षियों के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। प्रमाण पत्रों की जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद पुलिस ने इन संबंधित आरक्षियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के अंतर्गत चयनित इन आठ आरक्षियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया था। जांच के दौरान संबंधित जनपदों एवं कार्यालयों से प्राप्त रिपोर्टों में यह खुलासा हुआ कि जिन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में लाभ उठाया था, वे संबंधित कार्यालयों द्वारा जारी ही नहीं किए गए थे। प्राथमिक जांच में इन प्रमाण पत्रों के कूटरचित और फर्जी होने की पुष्टि हुई, जिससे भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर नियुक्ति प्राप्त करने का मामला उजागर हुआ। इस संबंध में, 5 जून 2026 को थाना कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 320/2026, धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3) एवं 340(2) बीएनएस के तहत आठ आरक्षियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है, साथ ही संबंधित आरक्षियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- लखनऊ में हनुमान सेतु पुल के पास एक दरोगा जी को बुलेट वाहन चलाते हुए देखा गया, जहाँ वे 'वर्दी के रौब' में सड़क सुरक्षा नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते नज़र आए। उनकी बुलेट पर न तो हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नंबर था और न ही वाहन में लगा साइलेंसर सड़क नियमों के अनुसार था। इसके अलावा, दरोगा जी स्वयं बिना हेलमेट पहने बुलेट चला रहे थे। इस घटना ने लखनऊ RTO पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि आम जनता से इन नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाता है। लोगों ने RTO पुलिस से इन उल्लंघनों पर भी ध्यान देने की मांग की है।1
- हरदोई के माधौगंज मोहल्ला (गोखले नगर), पुरानी गुड़ मंडी निवासी श्री अरविंद सोनी (गुड्डू) जी और अनुराग सोनी (मन्नू) जी के निवास पर सुंदरकांड पाठ, हवन पूजन और प्रसाद वितरण (भण्डारा) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस भक्तिमय अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण मौजूद रहे, जिन्होंने प्रसाद ग्रहण कर ईश्वर का गुणगान किया और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में आशीष कुमार, सुजीत कुमार, उत्तम पाल, दुर्विजय पाल, राहुल राठौर, रोहित राठौर, अमर सिंह, शिवाकांत, आयुष, कृष्णा, अमन सोनी, वेदप्रकाश तिवारी, रामकृष्ण राठौर और आकाश सोनी सहित सैकड़ों लोगों का विशेष योगदान रहा।4
- बख्शी का तालाब तहसील में पिछले पांच दिनों से जारी किसान आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर अभद्रता, उत्पीड़न और आंदोलन को जबरन कुचलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया, हालांकि भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। भाकियू श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि 15 जून से चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पहले धरनास्थल की बिजली और पानी बंद करवा दी। जब किसान पीछे नहीं हटे, तो शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में धरनास्थल से तंबू और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिसके दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यादव ने तहसील में भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री और खनन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को प्रताड़ित करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और महिला किसानों को भी जबरन हटाने का प्रयास किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। संगठन के एक सेवानिवृत्त सैनिक पदाधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। enraged किसानों ने तहसील रोड जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और बीकेटी सहायक पुलिस आयुक्त विकास पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अभद्रता के आरोपित अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे और एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक लिया। घंटों तक चली वार्ता और मान-मनौव्वल के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक, तहसील प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।2
- लखनऊ में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने NEET (UG)-2026 परीक्षा को देखते हुए किए गए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने इन व्यवस्थाओं पर एक बाइट जारी की है।1
- सीतापुर के मिश्रित तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत जैनापुर में प्रशासन द्वारा कथित तौर पर बिना किसी पूर्व सूचना के एक ग्रामीण का छप्पर गिराने का मामला तूल पकड़ गया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इसे एकतरफा कार्रवाई करार देते हुए लेखपाल व नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीड़ित परिवार को कोई लिखित नोटिस या पूर्व सूचना नहीं दी गई, बल्कि सीधे मौके पर पहुंचकर छप्पर गिरा दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे गांव में गहरा रोष फैल गया है, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकत्र होकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि यदि कोई अतिक्रमण या विवाद था भी, तो नियमानुसार पहले नोटिस देकर संबंधित पक्ष को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम ने पूरे प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जैनापुर गांव में इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से न्यायपूर्ण कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।1
- लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावों के अनुसार, टैक्सी संचालन से संबंधित किसी विवाद को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी और कथित तौर पर मारपीट की स्थिति उत्पन्न हुई। एक दावा यह भी है कि विवाद टैक्सी चालक से पर्ची कटवाने को लेकर हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों और आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां संबंधित पक्षों के बयान और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।1