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मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों तथा गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया। पर्यटक कृषि विकास अधिकारी अभिषेक तिवारी ने एसडीओ के रूप में ब्यौहारी में यह निरीक्षण किया, जिसमें स्टॉक अभिलेख, लाइसेंस और विक्रय व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया। इस दौरान, गुणवत्ता परीक्षण हेतु विभिन्न कृषि आदानों के नमूने नियमानुसार संग्रहित कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए। निरीक्षण के दौरान सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे केवल प्रमाणित एवं मानक गुणवत्ता वाले कृषि आदानों का ही विक्रय करें, सभी अभिलेखों को अद्यतन रखें तथा किसानों को निर्धारित दर पर सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्हें शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करने एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने के लिए भी निर्देशित किया गया।

1 day ago
user_Durgesh Kumar Gupta
Durgesh Kumar Gupta
Electrician Beohari, Shahdol•
1 day ago

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों तथा गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया। पर्यटक कृषि विकास अधिकारी अभिषेक तिवारी ने एसडीओ के रूप में ब्यौहारी में यह निरीक्षण किया, जिसमें स्टॉक अभिलेख, लाइसेंस और विक्रय व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया। इस दौरान, गुणवत्ता परीक्षण हेतु विभिन्न कृषि आदानों के

नमूने नियमानुसार संग्रहित कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए। निरीक्षण के दौरान सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे केवल प्रमाणित एवं मानक गुणवत्ता वाले कृषि आदानों का ही विक्रय करें, सभी अभिलेखों को अद्यतन रखें तथा किसानों को निर्धारित दर पर सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्हें शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करने एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने के लिए भी निर्देशित किया गया।

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  • शहडोल जिले में 9 जुलाई 2026 को नवागत पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण किया। श्री अग्रवाल मध्यप्रदेश पुलिस की राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 1997 बैच के अधिकारी हैं और वर्ष 2016 से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने डीसीपी इंटेलिजेंस भोपाल और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में अपनी सेवाएँ दी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भिंड, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दतिया, शिवपुरी, जबलपुर एवं भोपाल सहित विभिन्न जिलों में कार्य किया है। उनकी सेवाएँ पुलिस अकादमी, सीआईडी, विशेष शाखा, विशेष सशस्त्र बल, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और एसआईएसएफ जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी रही हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्री अग्रवाल को मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 और 2018 का के.एफ. रुस्तम पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। साथ ही, वर्ष 2020 में भारत सरकार ने उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया था।
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    शहडोल जिले में 9 जुलाई 2026 को नवागत पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण किया।

श्री अग्रवाल मध्यप्रदेश पुलिस की राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 1997 बैच के अधिकारी हैं और वर्ष 2016 से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने डीसीपी इंटेलिजेंस भोपाल और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में अपनी सेवाएँ दी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भिंड, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दतिया, शिवपुरी, जबलपुर एवं भोपाल सहित विभिन्न जिलों में कार्य किया है। उनकी सेवाएँ पुलिस अकादमी, सीआईडी, विशेष शाखा, विशेष सशस्त्र बल, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और एसआईएसएफ जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी रही हैं।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्री अग्रवाल को मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 और 2018 का के.एफ. रुस्तम पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। साथ ही, वर्ष 2020 में भारत सरकार ने उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया था।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल न होने के कारण बारिश के मौसम में बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुँचने के लिए सामान्य 4 से 5 किलोमीटर की दूरी के बजाय अमरपुर होकर लगभग 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बार विद्यालय पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान नदी में जलभराव से पूर्व में भी कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई सुचारु रखने और पुल निर्माण की मांग को लेकर 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि हलफल-भदार नदी के संगम क्षेत्र में जलभराव पहले से अधिक हो रहा है, कुछ ग्रामीणों ने इसके लिए ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे आवागमन के साथ-साथ किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हलफल-भदार नदी से जुड़े रेत समूहों से शासन को राजस्व मिलता है, इसलिए जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद या अन्य उपयुक्त योजना से पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मौखिक एवं लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने शिक्षकों पर कार्रवाई तो कर दी, लेकिन पुल के अभाव में हर वर्ष हजारों छात्र-छात्राओं की प्रभावित होती पढ़ाई और उनके भविष्य की चिंता नहीं की। उन्होंने जिला कलेक्टर से शीघ्र मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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    जनपद पंचायत मानपुर के अंतर्गत ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल न होने के कारण बारिश के मौसम में बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुँचने के लिए सामान्य 4 से 5 किलोमीटर की दूरी के बजाय अमरपुर होकर लगभग 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बार विद्यालय पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान नदी में जलभराव से पूर्व में भी कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई सुचारु रखने और पुल निर्माण की मांग को लेकर 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था, जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि हलफल-भदार नदी के संगम क्षेत्र में जलभराव पहले से अधिक हो रहा है, कुछ ग्रामीणों ने इसके लिए ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे आवागमन के साथ-साथ किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि हलफल-भदार नदी से जुड़े रेत समूहों से शासन को राजस्व मिलता है, इसलिए जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद या अन्य उपयुक्त योजना से पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मौखिक एवं लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने शिक्षकों पर कार्रवाई तो कर दी, लेकिन पुल के अभाव में हर वर्ष हजारों छात्र-छात्राओं की प्रभावित होती पढ़ाई और उनके भविष्य की चिंता नहीं की। उन्होंने जिला कलेक्टर से शीघ्र मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय नागरिक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में पदस्थ निलंबित उपयंत्री सतीश समेले ने मीडिया के सामने आकर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश समेले ने दावा किया है कि निर्माण कार्यों के लिए 10 से 15 प्रतिशत तक का कमीशन पहले से तय किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कमीशन जनपद स्तर से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है।
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    सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में पदस्थ निलंबित उपयंत्री सतीश समेले ने मीडिया के सामने आकर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश समेले ने दावा किया है कि निर्माण कार्यों के लिए 10 से 15 प्रतिशत तक का कमीशन पहले से तय किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कमीशन जनपद स्तर से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शिव सिंह राजपूत दहिया अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।
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    शिव सिंह राजपूत दहिया अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    7 hrs ago
  • Post by Abhishek Pandey
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    Post by Abhishek Pandey
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    16 hrs ago
  • सतना में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण के कार्यकाल को लेकर संविदाकारों ने एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया है। इस दौरान संविदाकारों ने प्राधिकरण के महाप्रबंधक के कथित "काले कारनामों" का पर्दाफाश करने का दावा किया है। संविदाकारों के अनुसार, महाप्रबंधक द्वारा बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की जा रही है और उन्हें कमीशन देने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कमीशन के लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब प्रस्तुत किया, साथ ही एमबी (माप पुस्तिका) में की गई काट-छांट के भी पुख्ता सबूत पेश किए हैं। महाप्रबंधक उमेश साहू के इन कथित भ्रष्ट आचरणों और "काले कारनामों" को संविदाकारों ने जिला प्रशासन के सामने भी उजागर किया है।
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    सतना में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क प्राधिकरण के कार्यकाल को लेकर संविदाकारों ने एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया है। इस दौरान संविदाकारों ने प्राधिकरण के महाप्रबंधक के कथित "काले कारनामों" का पर्दाफाश करने का दावा किया है।

संविदाकारों के अनुसार, महाप्रबंधक द्वारा बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की जा रही है और उन्हें कमीशन देने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कमीशन के लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब प्रस्तुत किया, साथ ही एमबी (माप पुस्तिका) में की गई काट-छांट के भी पुख्ता सबूत पेश किए हैं।

महाप्रबंधक उमेश साहू के इन कथित भ्रष्ट आचरणों और "काले कारनामों" को संविदाकारों ने जिला प्रशासन के सामने भी उजागर किया है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मैहर में आज दिनांक 10 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी का अद्भुत प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया। इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे, जय हो माई की।
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    मैहर में आज दिनांक 10 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी का अद्भुत प्रातः कालीन श्रृंगार किया गया। इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे, जय हो माई की।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    2 hrs ago
  • शहडोल में 9 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों और ट्रस्ट समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और मध्यप्रदेश तीर्थ स्थल एवं मेला प्राधिकरण (धर्मस्व न्यास) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जोर देकर कहा कि मंदिर श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, श्रद्धा और विश्वास के प्रमुख केंद्र होते हैं, इसलिए उनकी आस्था बनाए रखना पुजारियों की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पुजारियों का व्यवहार ही मंदिर की पहचान बनाता है और मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे का उपयोग मंदिर के विकास, रखरखाव और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों से आपसी समन्वय स्थापित कर मंदिर परिसरों में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने मुंडन जैसे धार्मिक संस्कारों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने और मंदिरों में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मिले सुझावों के आधार पर, कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित रामजानकी मंदिर परिसर की खाली भूमि पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कंकाली मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने और आवश्यकतानुसार मंदिरों में पुजारियों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने पुजारियों को समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया। उन्होंने जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों, तीर्थस्थलों, आश्रमों तथा आयोजित होने वाले मेलों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने और उनका पंजीयन कराने का आह्वान किया। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकृत मंदिरों एवं ट्रस्टों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, साथ ही पात्र पुजारियों को मानदेय भी दिया जाता है। उन्होंने पुजारियों को पूजा-पद्धति, उचित वेशभूषा, मंदिर के इतिहास, मंत्रों के शुद्ध उच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं का ज्ञान रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने मंदिरों में घंटी, शंख, धर्मग्रंथ जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं जनसहयोग से करने, खंडित मूर्तियों की पूजा न करने, मंदिर परिसरों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा स्वच्छता बनाए रखने की भी बात कही। डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने यह भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में शहडोल संभाग में धर्मगुरुओं एवं पुजारियों की एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पुजारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले में भी जिले के पुजारियों का सहयोग लिया जाएगा।
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    शहडोल में 9 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों और ट्रस्ट समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और मध्यप्रदेश तीर्थ स्थल एवं मेला प्राधिकरण (धर्मस्व न्यास) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जोर देकर कहा कि मंदिर श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, श्रद्धा और विश्वास के प्रमुख केंद्र होते हैं, इसलिए उनकी आस्था बनाए रखना पुजारियों की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पुजारियों का व्यवहार ही मंदिर की पहचान बनाता है और मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे का उपयोग मंदिर के विकास, रखरखाव और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए।

कलेक्टर ने पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों से आपसी समन्वय स्थापित कर मंदिर परिसरों में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने मुंडन जैसे धार्मिक संस्कारों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने और मंदिरों में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मिले सुझावों के आधार पर, कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित रामजानकी मंदिर परिसर की खाली भूमि पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कंकाली मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने और आवश्यकतानुसार मंदिरों में पुजारियों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने पुजारियों को समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया। उन्होंने जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों, तीर्थस्थलों, आश्रमों तथा आयोजित होने वाले मेलों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने और उनका पंजीयन कराने का आह्वान किया। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकृत मंदिरों एवं ट्रस्टों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, साथ ही पात्र पुजारियों को मानदेय भी दिया जाता है। उन्होंने पुजारियों को पूजा-पद्धति, उचित वेशभूषा, मंदिर के इतिहास, मंत्रों के शुद्ध उच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं का ज्ञान रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने मंदिरों में घंटी, शंख, धर्मग्रंथ जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं जनसहयोग से करने, खंडित मूर्तियों की पूजा न करने, मंदिर परिसरों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा स्वच्छता बनाए रखने की भी बात कही।

डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने यह भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में शहडोल संभाग में धर्मगुरुओं एवं पुजारियों की एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पुजारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले में भी जिले के पुजारियों का सहयोग लिया जाएगा।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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