गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने उठाई मांग कांग्रेस विधायक श्री आतिफ़ अकील द्वारा आज विधानसभा सत्र के दौरान गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग रखी जिस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उनकी मांग उठाने को अत्यंत सराहनीय और संवेदनशील पहल बतलाया कहा कि मैं और मध्य प्रदेश कांग्रेस इस माँग का पूर्ण समर्थन करते हैं। यह विडंबना है कि जो लोग वर्षों से गौ संरक्षण के नाम पर राजनीति करते रहे, उन्हीं के शासन में गौमाताओं की स्थिति सबसे अधिक दयनीय हो गई है। न पर्याप्त गौशालाएँ हैं, न चारे और पानी की व्यवस्था है, और सड़कों पर बेसहारा घूमती गायें व्यवस्था की विफलता की गवाही दे रही हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि भाजपा शासित नगर निगमों द्वारा संचालित स्लॉटर हाउसों में हो रही गतिविधियाँ सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करती हैं। हम सब मिलकर सरकार से आग्रह करते हैं कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की दिशा में ठोस पहल की जाए और साथ ही वास्तविक संरक्षण, आश्रय, उपचार और पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने उठाई मांग कांग्रेस विधायक श्री आतिफ़ अकील द्वारा आज विधानसभा सत्र के दौरान गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग रखी जिस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उनकी मांग उठाने को अत्यंत सराहनीय और संवेदनशील पहल बतलाया कहा कि मैं और मध्य प्रदेश कांग्रेस इस माँग का पूर्ण समर्थन करते हैं। यह विडंबना है कि जो लोग वर्षों से गौ संरक्षण के नाम पर राजनीति करते रहे, उन्हीं के शासन में गौमाताओं की स्थिति सबसे अधिक दयनीय हो गई है। न पर्याप्त गौशालाएँ हैं, न चारे और पानी की व्यवस्था है, और सड़कों पर बेसहारा घूमती गायें व्यवस्था की विफलता की गवाही दे रही हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि भाजपा शासित नगर निगमों द्वारा संचालित स्लॉटर हाउसों में हो रही गतिविधियाँ सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करती हैं। हम सब मिलकर सरकार से आग्रह करते हैं कि गौ माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की दिशा में ठोस पहल की जाए और साथ ही वास्तविक संरक्षण, आश्रय, उपचार और पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- Post by Jurneslist Amit Sahu भूमिका भास्कर1
- Post by Rajendra verma1
- गोटेगांव विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र के किसानों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन दिया जिसमें उन्होंने बताया कि लगभग ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का 100 करोड रुपए का बकाया है और नवंबर से बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल ने किसानों का भुगतान नहीं किया है जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जब वह शुगर मिल जाते हैं तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता इसलिए आज वह कलेक्टर के पास आए हैं और मंगलवार आवेदन देते हुए कलेक्टर से बकाया भुगतान करवाने की मांग की1
- प्रत्येक मंगलवार को नरसिंहपुर के कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में लगने वाली जनसुनवाई में आज 144 आवेदक अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे जिस पर नरसिंहपुर कलेक्टर ने जनसुनवाई की1
- खबर, पत्रिका 18/02/2026 जिला नरसिंहपुर तहसील गाडरवारा जनपद पंचायत चीचली,,, चिचली, ग्राम पंचायत छेना कछार बी, में भू माफियाओं ने रोड तक नहीं छोड़ी, ,,, यहां सड़क से नहीं तालाब में से जाते हैं रहगीर यहां से लगभग 1 दर्जनों गांवों से रोजाना स्कूलों के बच्चे चिचली गंगाई पढ़ने आते जाते हैं और ग्रामीणो का भी कहना कि यह रोड प्रधान मंत्री हर गांव सड़क योजना से बनी है, छेना कछार के सरपंच का कहना है कि हमने कई बार इन लोगों से कहा गया फिर भी नहीं मान रहे हैं , अगर अधिकारियों के पास जाओ तो उनके पास टायम नहीं,, अब यह 1 दर्जन गांवों के लोग कहां जाए,,,, इन भू माफियाओं की सच्चाई को उजागर किया है1
- Post by Chanchal Shrivas1
- श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति की ऐतिहासिक पहल। डमरूघाटी मंदिर की हरित सामग्री से बनेगी जैविक खाद। नरसिहपुर। शिवधाम डमरूघाटी में महाशिवरात्रि से तीन दिवसीय महोत्सव चलता रहा जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही मेले के चलते भक्तों का उत्साह भी देखने को मिला। वही दूसरी ओर पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व पर ऐतिहासिक पहल समाजसेवी संगठन श्री साई श्रद्धा सेवा समिति द्वारा देखने को मिली। जहां भगवान शंकर पर श्रद्धालुओं द्वारा बेलपत्र, फूल आदि हरित सामग्री चढ़ाई जाती थी जिसे विसर्जित कर किया जाता था। लेकिन विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति की अनुकरणीय पहल से करीब पांच क्विंटल हरित सामग्री को कॉम्पोस्ट खाद बनाने हेतु समिति सदस्यों की घंटों की सेवा समर्पण से एकत्रित किया गया। जिसे खाद बनाने के उपरांत शहर के समस्त धार्मिक पेड़ पौधों में उपयोग किया जाएगा।1
- नरसिंहपुर जिला अधिवक्ता संघ ने तहसील कार्यालय को उसके वर्तमान स्थान से दूर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंगलवार अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मुलाकात की और आवेदन दिया,वही तहसील न्यायालय को आसपास कही सिप्ट करवाने की मांग की जिस पर कलेक्टर ने पुनः विचार करने की बात कही हैं।अधिवक्ताओं का कहना हैं की इसे दूर शिफ्ट करने से फरियादियों और वकीलों दोनों को भारी असुविधा होगी।संघ के अनुसार, कार्यालय के अन्यत्र जाने से न्यायिक कार्य प्रभावित होंगे और पक्षकारों को न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इस कारण कार्यालय शिफ्टिंग पर रोक लगाई जाए नहीं तो अधिवक्ता संघ इसका विरोध करते जुए आंदोलन करेंगे।1