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इटावा जिले के भरथना में एसएसपी चौराहे के पास एक वृद्ध व्यक्ति गंभीर अवस्था में जमीन पर पड़े मिले। सूचना मिलने पर 112 पर पुलिस मौके पर पहुंची। 108 पर कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं आई, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में वहां मौजूद लोगों ने एक ई-रिक्शा से वृद्ध को मोतीझील पहुंचाया। फिलहाल वृद्ध मोतीझील में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी को उनकी पहचान मालूम हो तो कृपया सूचित करें।
Kanhaiya lal
इटावा जिले के भरथना में एसएसपी चौराहे के पास एक वृद्ध व्यक्ति गंभीर अवस्था में जमीन पर पड़े मिले। सूचना मिलने पर 112 पर पुलिस मौके पर पहुंची। 108 पर कॉल करने के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं आई, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में वहां मौजूद लोगों ने एक ई-रिक्शा से वृद्ध को मोतीझील पहुंचाया। फिलहाल वृद्ध मोतीझील में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी को उनकी पहचान मालूम हो तो कृपया सूचित करें।
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- जनपद इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने थाना ऊसराहार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, CCTNS कक्ष, साइबर हेल्प डेस्क, मिशन शक्ति केंद्र, पुलिस आवास और भोजनालय सहित विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। साथ ही, संबंधित अभिलेखों एवं कार्यों की समीक्षा भी की गई। एसएसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, जनसुनवाई व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में, थाना परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के साथ-साथ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के निर्देश भी जारी किए गए।1
- औरैया जनपद के अजीतमल तहसील में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ ग्राम कुल्हुरुआ अटसू निवासी रामकिशन, पुत्र श्री राम शंकर, अपनी जीवित सास श्रीमती विमला देवी के साथ तहसील दिवस पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष एक प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनकी पुत्रवधु श्रीदेवी और उसके पुत्र सोनू ने पुलिस अधीक्षक औरैया को एक फर्जी शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि रामकिशन और उनकी पत्नी फूलन देवी ने विमला देवी की खेती अपने नाम कराकर उनकी हत्या कर दी है। रामकिशन ने इन आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए अपनी सास विमला देवी को अधिकारियों के सामने पेश किया। उन्होंने प्रशासन को गुमराह करने और झूठे आरोप में फंसाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान, जीवित विमला देवी ने स्वयं मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पुत्रवधु श्रीदेवी और उसका पुत्र सोनू आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं और उनकी जमीन हड़पकर उनकी हत्या करना चाहते हैं। अपनी जान बचाने के लिए वह अपनी बेटी फूलन देवी और दामाद रामकिशन के साथ कुल्हुरुआ अटसू में सकुशल रह रही हैं। पीड़ित वृद्ध महिला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।4
- ग्राम बंसरी में कठेरिया समाज के लड़कों द्वारा डॉक्टर बी आर अंबेडकर बाबा साहब के झंडे का अपमान किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह इसी परिवार द्वारा झंडे के अनादर की दूसरी घटना है। पहली बार 14 अप्रैल की रैली के कुछ ही दिन बाद इसी लड़के के छोटे भाई ने झंडे को जलाया था, और अब दोबारा उसी के बड़े भाई ने इस झंडे का अपमान किया है। पिछली बार पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। हालांकि, अबकी बार जब यह खबर फिर से चर्चा में आई, तो संबंधित लड़कों को गिरफ्तार करवा दिया गया है।1
- अभद्रता के एक मामले में एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब एक युवक ने इस पुलिसकर्मी पर उसे जूतों से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया था।1
- जसवंतनगर नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 22 के सभासद मु. इरफान ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी और निम्न गुणवत्ता के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह शिकायत इटावा जिले के जसवंतनगर से सामने आई है, जहाँ वार्ड संख्या 22 के मोहल्ला कटरा बिल्लोचियान पश्चिमी में लाल गुलाब के मकान से बरातघर होते हुए अंसार के मकान तक सीसी सड़क, उच्चीकरण एवं नाली निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। इस कार्य के लिए 19 जून 2025 को निविदा प्रकाशित की गई थी। सभासद इरफान का आरोप है कि धरातल पर यह निर्माण कार्य कराया ही नहीं गया, जबकि पुरानी इंटरलॉकिंग सड़क आज भी जर्जर हालत में मौजूद है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि इस कथित निर्माण कार्य का लगभग 7,63,433 रुपये का भुगतान 16 दिसंबर 2025 को कर दिया गया, जिसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताया गया है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, जेई और संबंधित ठेकेदार की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सभासद ने जिलाधिकारी शुभारंत कुमार शुक्ल से इस निर्माण कार्य की तकनीकी एवं स्थलीय जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता या दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, सरकारी धन की रिकवरी कराई जाए और सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, नगर पालिका अध्यक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सभासदों द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप तथ्यहीन हैं और इन मामलों की पूर्व में भी जांच हो चुकी है, जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं पाई गई थी।1
- इटावा के भरथना तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के कुशगवा अहिरान में एक दलित परिवार की दर्दभरी कहानी सामने आई है, जहाँ प्रशासन द्वारा जमीन का कब्जा दिलाए जाने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें फिर से बेदखल कर दिया गया। योगी सरकार में न्याय की उम्मीद लिए अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंचे इस परिवार को महीनों की जद्दोजहद के बाद 18 मार्च 2026 को दो बीघा जमीन का कब्जा दिलाया गया था, जिससे उन्हें लगा कि उनकी परेशानियाँ अब खत्म हो गई हैं। हालांकि, परिवार की यह खुशी अल्पकालिक साबित हुई। पीड़ित महिला सदाप्यारी ने आरोप लगाया है कि कब्जा मिलने के मात्र दो-तीन दिन बाद ही दबंगों ने फिर से जमीन पर धावा बोल दिया। जब परिवार अपनी जमीन पर खेती करने पहुंचा, तो कथित तौर पर लाठी-डंडों के साथ उन्हें धमकाकर वहाँ से भगा दिया गया और जमीन पर दोबारा कब्जा कर लिया गया। महिला के पति भूरे सिंह दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, और अब यह परिवार अपनी आँखों के सामने अपनी ही जमीन पर दूसरों का कब्जा देखने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक दोबारा न्याय नहीं मिल सका है। यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि जब प्रशासन ने खुद जमीन का कब्जा दिलाया था, तो दोबारा कब्जा कैसे हो गया? और अगर एक गरीब को उसके हक की जमीन भी सुरक्षित नहीं मिल पा रही है, तो वह न्याय की उम्मीद किससे करे? अब पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वे उसी जमीन पर आत्महत्या कर लेंगे।1
- जसवंतनगर के बलरई थाना क्षेत्र के ग्राम बाउथ में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ थानाध्यक्ष कृपाल सिंह ने अपनी मिशन शक्ति टीम के साथ पहुँचकर महिला-पुरुषों और युवाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण, महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध से बचाव और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चौपाल में थानाध्यक्ष ने बताया कि आपातकालीन स्थितियों में पुलिस सहायता के लिए 112, महिला हेल्पलाइन के लिए 1090, महिला शक्ति हेल्पलाइन के लिए 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, एंबुलेंस सेवा के लिए 108 और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए 1930 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से इन महत्वपूर्ण नंबरों को याद रखने और जरूरतमंद लोगों तक यह जानकारी पहुँचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रहने के तरीके भी समझाए गए। इस चौपाल में मिशन शक्ति टीम के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- पवन आयुर्वेदा द्वारा स्वदेशी आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स के लिए 8057060489 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में घंटाघर चौराहे पर तैनात एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) एक व्यक्ति को सड़क पर गिराकर कथित तौर पर लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति सड़क पर गिरा हुआ है, और ट्रैफिक दरोगा उसे पैर से मारते नजर आ रहे हैं। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बस से यह वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का अभद्र व्यवहार बिल्कुल भी उचित नहीं है। हालांकि, इस घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियां और वीडियो का पूरा संदर्भ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस विभाग की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, वायरल वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।1