कांठ में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच, श्री रामलीला महासंघ ने मधुबन चौक, कांठ रोड पर आज निःशुल्क शीतल शरबत का वितरण किया। इस सेवा शिविर में राहगीरों, बस यात्रियों, ऑटो-रिक्शा चालकों, ठेला-पटरी दुकानदारों और स्कूली बच्चों सहित सैकड़ों लोगों ने शरबत ग्रहण कर गर्मी से राहत महसूस की। यह कार्यक्रम महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय कमलेश कुमार की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। संस्था के अध्यक्ष राजेश रस्तोगी ने बताया कि महासंघ हमेशा सेवा भावना रखता आया है, और कमलेश जी का मानना था कि 'शरबत सेवा सबसे बड़ी सेवा है'। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के उत्साह को देखकर लगता है कि उनकी यह सीख आज भी जीवित है, और उन्हीं की प्रेरणा से यह संकल्प लिया गया है। इस सेवा कार्य में महामंत्री कुमार देव, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आनंद मोहन गुप्ता, डॉ. रोहित राजीव, नरेंद्र कुमार, अमिताभ अग्रवाल, केवल भाटिया, आलोक राठौर, संजीव यादव, अनिल कुमार सिंघल, डॉ. गौरव कुमार, संजय यादव, सौरभ यादव, महेंद्र सिंह बब्बू, कैलाश चंद्र गुप्ता, जादूगर जुगनू, डॉ. प्रदीप शर्मा, राकेश अग्रवाल, संजय सोनी, संजय यादव, शरद सक्सेना, श्रीराम शर्मा, सुरेंद्र दद्दा, सुशील कुमार शर्मा, डॉ. विनोद कुमार, विशालकांत गुप्ता, योगेश गुप्ता, विपुल रस्तोगी, नितिन गुप्ता, रोहित आहूजा और महासंघ के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया। अध्यक्ष राजेश रस्तोगी ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
कांठ में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच, श्री रामलीला महासंघ ने मधुबन चौक, कांठ रोड पर आज निःशुल्क शीतल शरबत का वितरण किया। इस सेवा शिविर में राहगीरों, बस यात्रियों, ऑटो-रिक्शा चालकों, ठेला-पटरी दुकानदारों और स्कूली बच्चों सहित सैकड़ों लोगों ने शरबत ग्रहण कर गर्मी से राहत महसूस की। यह कार्यक्रम महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय कमलेश कुमार की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। संस्था के अध्यक्ष राजेश रस्तोगी ने बताया कि महासंघ हमेशा सेवा भावना रखता आया है, और कमलेश जी का मानना था कि 'शरबत सेवा सबसे बड़ी सेवा है'। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के उत्साह को देखकर लगता है कि उनकी यह सीख आज भी जीवित है, और उन्हीं की प्रेरणा से यह संकल्प लिया गया है। इस सेवा कार्य में महामंत्री कुमार देव, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आनंद मोहन गुप्ता, डॉ. रोहित राजीव, नरेंद्र कुमार, अमिताभ अग्रवाल, केवल भाटिया, आलोक राठौर, संजीव यादव, अनिल कुमार सिंघल, डॉ. गौरव कुमार, संजय यादव, सौरभ यादव, महेंद्र सिंह बब्बू, कैलाश चंद्र गुप्ता, जादूगर जुगनू, डॉ. प्रदीप शर्मा, राकेश अग्रवाल, संजय सोनी, संजय यादव, शरद सक्सेना, श्रीराम शर्मा, सुरेंद्र दद्दा, सुशील कुमार शर्मा, डॉ. विनोद कुमार, विशालकांत गुप्ता, योगेश गुप्ता, विपुल रस्तोगी, नितिन गुप्ता, रोहित आहूजा और महासंघ के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया। अध्यक्ष राजेश रस्तोगी ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
- अब बिजली के बिलों पर भी लोगों को भारी मार का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति आम जनता के लिए एक नई परेशानी बनकर सामने आई है।1
- एक बच्ची को उसके परिवार से मिलाने के लिए एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस लड़की को उसके माता-पिता तक पहुंचाने में सहयोग करें।1
- अब सिम कार्ड बंद होने की टेंशन खत्म हो गई है। यूजर्स अपना मोबाइल नंबर मात्र ₹44 के खर्च पर पूरे एक साल तक लगातार चालू रख सकते हैं।1
- दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने अपना पदभार संभालने के बाद सम्मान व्यक्त किया और सशस्त्र बलों पर देश द्वारा दिखाए गए विश्वास के लिए आभार जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, रक्षा मंत्रालय, सामरिक संस्थान और सभी हितधारक भारत की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरे देश के नजरिए के हिस्से के तौर पर एकजुट हैं। जनरल सुब्रमणि ने प्रधानमंत्री के 'JAI' (जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन) विजन को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि संयुक्तता, तालमेल और एकीकरण को बढ़ाने के लिए सशस्त्र बलों में परिवर्तन और संगठनात्मक सुधार पर प्राथमिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस संदर्भ में, उन्होंने आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा का एक केंद्रीय स्तंभ बताया और कहा कि सशस्त्र बलों में स्वदेशी हथियारों के विकास, प्रेरण और एकीकरण को तेज किया जाएगा।1
- मिली जानकारी के अनुसार, अब किसी को भी मोदी की सरकार नहीं चाहिए।1
- अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का कथित तौर पर 'असली चेहरा' सामने आया है, जहाँ पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने रोते हुए यह गंभीर आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में महिलाओं का सम्मान नहीं होता बल्कि उन्हें अपमानित किया जाता है। इन महिला कार्यकर्ताओं ने अपने आँसुओं के साथ अखिलेश यादव के 'नकली समाजवाद' की पोल खोल दी है, जिससे पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।1
- पश्चिम बंगाल के हुगली में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले की खबर सामने आई है। यह घटना चंडीतला पुलिस स्टेशन के सामने हुई, जहां टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया है कि उन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया और उनके सिर पर पत्थर या गेंद जैसी किसी चीज़ से चोट पहुंचाई है। हालांकि, बीजेपी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कल्याण बनर्जी घायल नहीं हुए हैं, बल्कि केवल 'ड्रामा' कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कल्याण बनर्जी अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले और गिरफ्तार किए गए टीएमसी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला थाना ज्ञापन देने पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने से पहले ही तृणमूल और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर तृणमूल समर्थकों के खिलाफ "चोर-चोर" के नारे लगाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। इसी गहमा-गहमी के दौरान किसी ने उन पर गेंद या पत्थर जैसी चीज़ से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोट लगने का दावा किया गया है। कल्याण बनर्जी को अपने सिर पर भीगा हुआ रुमाल रखे हुए देखा गया, और उन्होंने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने जा रहे लोगों पर हमला किया गया। वहीं, बीजेपी ने कल्याण बनर्जी के चोट लगने के दावों को "झूठा" करार दिया। बीजेपी का कहना है कि कल्याण बनर्जी "ड्रामा" कर रहे हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह अभिषेक बनर्जी के मामले से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं।1