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- नई दिल्ली। 8 मार्च को सवर्ण समाज द्वारा दिल्ली में विशाल धरने का आह्वान किया गया था। इस धरने में शामिल होने के लिए सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश पाण्डेय को भी जाना था, लेकिन आज सुबह ही प्रशासन द्वारा उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की। वहीं सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सवर्ण समाज की आवाज को दबाने का प्रयास है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहा है, लेकिन प्रशासन द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। संगठन की ओर से कहा गया कि “सवर्ण समाज की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हमें जितना दबाया जाएगा, हम उतनी ही मजबूती के साथ उभरेंगे और अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।” इस घटना के बाद सवर्ण समाज के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।2
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)2
- police ka rubab dekh sakte hain1
- बच्चा चोर (या बाल अपहरण) की अफवाहें या घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, यह एक पुरानी समस्या है जो अक्सर समय-समय पर सोशल मीडिया और अफवाहों के माध्यम से फैलती रहती है। ये डर आमतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण पैदा होते हैं और कई मामलों में इन्हें निराधार या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। मुख्य बातें: अक्सर अफवाहें: बच्चा चोर की अफवाहें सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैलती हैं, जिससे डर का माहौल बनता है, लेकिन अक्सर ये घटनाएं झूठी साबित होती हैं। सुरक्षा का मुद्दा: इन अफवाहों के पीछे का कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ता डर है, जो पुरानी घटनाओं या खबरों के कारण होता है। सतर्कता जरूरी: ऐसे में, हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देनी चाहिए। जांच: पुलिस अक्सर ऐसी अफवाहों की जांच करती है और लोगों से शांत रहने और अफवाहें न फैलाने की अपील करती है। सावधानी: सोशल मीडिया पर किसी भी मैसेज पर आँख बंद करके विश्वास न करें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखती है, तो स्थानीय पुलिस को सूचित करें।1
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