जनपद बहराइच के नानपारा नगर में इस्लामी नववर्ष के पहले महीने मोहर्रम की दसवीं तारीख, यौमे आशूरा, को हजरत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में यह पर्व पूरी अकीदत, परंपरा और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान पूरा नगर गम, इबादत, इंसानियत और भाईचारे की भावना से सराबोर रहा, जहां जगह-जगह 'या हुसैन' और 'या अली' की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने नम आँखों से कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मोहर्रम के अवसर पर नगर के विभिन्न इमामबाड़ों और मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शिया समुदाय ने मजलिसों का आयोजन किया, जिसमें उलेमा-ए-किराम ने कर्बला की घटना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने अत्याचार, अन्याय और झूठ के आगे झुकने के बजाय सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी यह कुर्बानी आज भी दुनिया को इंसाफ, सब्र, त्याग और इंसानियत का संदेश देती है। यौमे आशूरा पर नगर से पारंपरिक ताजिया और अलम के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से निकाले गए, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। मातम, नौहाख्वानी और सोजख्वानी के बीच लोगों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया। जुलूस अपने तय मार्गों से गुजरता हुआ कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान नानपारा नगर में हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की एक सुंदर मिसाल भी देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोगों ने जुलूसों में सहयोग कर शांति और सौहार्द बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रशासन की सतर्कता और आमजन के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुम सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ लगातार पूरे नगर में भ्रमण करते रहे। अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और सीमा सुरक्षा के जवानों को भी विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था। चौकी इंचार्ज राजा बाजार राम गोविंद वर्मा के साथ कांस्टेबल अमित सिंह, संजय सिंह, श्रीकांत अनिल, ज़ुहेब और कस्बा चौकी इंचार्ज संदीप प्रमोद भी मौजूद रहे। भारत न्यूज़ चैनल की पूरी टीम, जिसमें एडिटर अब्दुल नासिर और जॉइंट एडिटर फराज खान सहित अन्य साथी रिपोर्टर शामिल थे, कार्यक्रम को कवर करने के लिए मौजूद रही। यह मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग, धैर्य और मानवता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की अमर याद है, जो आज भी अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और इंसानियत की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
जनपद बहराइच के नानपारा नगर में इस्लामी नववर्ष के पहले महीने मोहर्रम की दसवीं तारीख, यौमे आशूरा, को हजरत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में यह पर्व पूरी अकीदत, परंपरा और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस दौरान पूरा नगर गम, इबादत, इंसानियत और भाईचारे की भावना से सराबोर रहा, जहां जगह-जगह 'या हुसैन' और 'या अली' की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने नम आँखों से कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मोहर्रम के अवसर पर नगर के विभिन्न इमामबाड़ों और मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शिया समुदाय ने मजलिसों का आयोजन किया, जिसमें उलेमा-ए-किराम ने कर्बला की घटना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने अत्याचार, अन्याय और झूठ के आगे झुकने के बजाय सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपने परिवार और 72 साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी यह कुर्बानी आज भी दुनिया को इंसाफ, सब्र, त्याग और इंसानियत का संदेश देती है। यौमे आशूरा पर नगर से पारंपरिक ताजिया और अलम के जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से निकाले गए, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। मातम, नौहाख्वानी और सोजख्वानी के बीच लोगों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया। जुलूस अपने तय मार्गों से गुजरता हुआ कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान नानपारा नगर में हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की एक सुंदर मिसाल भी देखने को मिली, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोगों ने जुलूसों में सहयोग कर शांति और सौहार्द बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रशासन की सतर्कता और आमजन के सहयोग से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुम सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ लगातार पूरे नगर में भ्रमण करते रहे। अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और सीमा सुरक्षा के जवानों को भी विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था। चौकी इंचार्ज राजा बाजार राम गोविंद वर्मा के साथ कांस्टेबल अमित सिंह, संजय सिंह, श्रीकांत अनिल, ज़ुहेब और कस्बा चौकी इंचार्ज संदीप प्रमोद भी मौजूद रहे। भारत न्यूज़ चैनल की पूरी टीम, जिसमें एडिटर अब्दुल नासिर और जॉइंट एडिटर फराज खान सहित अन्य साथी रिपोर्टर शामिल थे, कार्यक्रम को कवर करने के लिए मौजूद रही। यह मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग, धैर्य और मानवता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की अमर याद है, जो आज भी अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और इंसानियत की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
- रितेश पांडे बीर भारत तिवारी के घर पहुंचे। यह मुलाकात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।1
- Post by फ़राज़ अन्सारी निर्भीक पत्रकार1
- बहराइच के थाना रानीपुर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक ढेलहा कर्बला में 10वीं मोहर्रम के मौके पर अकीदतमंदों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान “या हुसैन... या हुसैन...” की सदाओं के बीच हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीदों को नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। भीषण गर्मी के बावजूद, आशिकाने रसूल कमेटी ने मानवता और सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए हजारों जायरीनों के लिए ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक और मिठाई का सेवा लंगर लगाया। हजारों श्रद्धालुओं को राहत पहुँचाने वाले इस नेक कार्य की हर ओर सराहना हो रही है।1
- बहराइच के नानपारा स्थित इमामगंज चौराहे पर एक कथन सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि "तुम सब यही कहते थे कि दरिया है तुम्हारा"।1
- बहराइच जिले की विधानसभा पयागपुर में देवीपाटन मंडल के सबसे बड़े भक्ति मंच का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में बॉलीवुड के मशहूर भक्ति गायक और इंडियन आइडल विजेता गुंजन राय सहित कई विश्व प्रसिद्ध गायक बहराइच पहुंचे। इस अवसर पर एक दिवसीय विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें पूरी पयागपुर विधानसभा के लोगों को निमंत्रण दिया गया था। इस आयोजन में हनुमान जी के भक्त भक्ति में लीन दिखे और सभी ने गायकों द्वारा प्रस्तुत भजनों का साक्षी बने। बहराइच पहुंचे भक्ति गायक गुंजन राय ने आयोजक आनंद सिंह भदोरिया और बहराइच की जनता का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इतने लोग, इतने भक्त और इतना उत्साह उन्होंने पहली बार कहीं देखने को मिला है। आयोजक आनंद सिंह भदोरिया ने भी इस पूरे कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पयागपुर की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।3
- नानपारा में शिया समुदाय द्वारा 10 मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस इमाम गंज चौराहे पर ताज़िया मिलान के लिए आयोजित किया गया था। यह आयोजन मुहर्रम के दिनों, जिसमें 9 मोहर्रम भी शामिल है, और विशेष रूप से 2026/1447 के संदर्भ में, इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के सम्मान में मातम और अज़ादारी का प्रदर्शन करने के लिए था। इस धार्मिक कार्यक्रम के तहत "आग का मातम" जैसे अनुष्ठान भी किए गए, जो शिया समुदाय के गहन शोक को दर्शाता है। यह सभी गतिविधियाँ नानपारा और बहराइच में अज़ादारी और कर्बला की याद में की गईं।1
- Post by फ़राज़ अन्सारी निर्भीक पत्रकार1
- बहराइच के पूरेगंगा प्रसाद स्थित कबीर आश्रम में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जहाँ हैंडपंप से पानी की जगह बालू निकल रही है। यह समस्या ऐसे समय आई है जब तीन दिनों बाद आश्रम में एक विशाल भंडारा आयोजित होने वाला है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे उनके सामने गहरा पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। इस भीषण गर्मी के मौसम में, राहगीरों और श्रद्धालुओं को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, और हैंडपंप खराब होने के कारण लोग बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे हैं। संत राधे श्याम दास ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं हुई तो परेशानी बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हैंडपंप की रीबोरिंग या मरम्मत कराने की मांग उठाई है। भंडारे से पहले इस पानी के संकट ने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन समय रहते जागकर पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भंडारे से पूर्व पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की है।1
- बहराइच-नानपारा हाईवे पर रिसिया मोड़ के पास दो कारों की जोरदार भिड़ंत होने से अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण सड़क हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए सड़क पर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार या लापरवाही इस हादसे की वजह हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, सभी घायल व्यक्तियों का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1