आज करोड़ों सनातनी हिंदुओं के 'रामतीर्थ' को 'धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों' ने अपनी सात पीढ़ियों की तिजोरियां भरने का धंधा बना लिया है, जिसे 'महालूट' करार दिया गया है। शुरू में 200 करोड़ का आंकड़ा अब 1400 करोड़ बताया जा रहा है, और इस पूरे घटनाक्रम को 'महालूट की क्रोनोलॉजी' के रूप में पेश किया गया है। आरोप है कि रामलला की सोने-चांदी की ईंटें, भक्तों के गहने और नकद चढ़ावा गायब हो चुके हैं। अयोध्या की बेशकीमती जमीनों पर बाहर से आए 'वीआईपी डकैतों' का कब्ज़ा हो चुका है, जहाँ 'कॉरपोरेट स्टाइल में टूरिज्म हब' बनाकर रियल एस्टेट, होटल्स और मॉल्स के नाम पर अरबों का 'खेल' चल रहा है। पूरे रामलला तीर्थ और अयोध्या को 'एक संगठित राजनीतिक गिरोह की जागीर' बना दिया गया है। एक कड़वा सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यदि आज केंद्र में विपक्ष की सरकार होती, यूपी में समाजवादी पार्टी का मुख्यमंत्री होता और ट्रस्ट में उनके लोग होते, तो ये 'फर्जी ठेकेदार' पूरे भारत में 'नंगा नाच' कर रहे होते, सुबह से शाम तक प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा होता, और अगर गलती से भी आरोपियों में कोई एक 'दीनी' नाम निकल आता तो पूरी कौम को देशद्रोही घोषित कर दिया जाता। लेकिन आज, 'राम को लाने का दावा करने वाले इन पाखंडी चोरों के मुंह में दही जम चुका है' और वे जुबान से एक शब्द नहीं फूटने दे रहे हैं। आरोप है कि 'लीपापोती का कुकर्म' चालू है, जहाँ बिना FIR के, सिर्फ SIT के नाम पर मामले को रफा-दफा करने का खेल शुरू हो चुका है, और सच को दफन करने के लिए पिछले 8 महीनों के CCTV फुटेज तक डिलीट कर दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि 'अंधभक्ति में अपने दिमाग को गटर बना चुके' लोग इस 'डकैती' को भी सही ठहराने के कुतर्क ढूंढ रहे हैं। इस पूरी स्थिति को 'सनातन का सबसे बड़ा अपमान' बताया गया है, क्योंकि हजारों सालों से सनातन की रक्षा करने वाले पूज्य शंकराचार्यों को इस तीर्थ से दूर रखा गया। शास्त्र सम्मत निर्माण न होने की उनकी चेतावनियों को 'लात मारकर' इसे सिर्फ एक 'चुनावी इवेंट' बनाया गया, और मर्यादा पुरुषोत्तम रामलला को 'एक पार्टी विशेष की बपौती' बना दिया गया। यह दावा किया गया है कि राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैकड़ों कारसेवकों की आत्माएं आज रो रही होंगी, और भक्तों का भरोसा इस कदर टूटा है कि रामलला का चढ़ावा 90% घटकर सिर्फ 10% रह गया है। 'चढ़ावा चोरों' और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को कुचलने वालों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें नरक में भी जगह नहीं मिलेगी। यह भी कहा गया है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भले ही उन्हें एक बार के लिए क्षमा भी कर दें, लेकिन बाबा हनुमान महाप्रभु की गदा और उनके भयंकर कोप से वे पाखंडी किसी जनम में नहीं बच पाएंगे।
आज करोड़ों सनातनी हिंदुओं के 'रामतीर्थ' को 'धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों' ने अपनी सात पीढ़ियों की तिजोरियां भरने का धंधा बना लिया है, जिसे 'महालूट' करार दिया गया है। शुरू में 200 करोड़ का आंकड़ा अब 1400 करोड़ बताया जा रहा है, और इस पूरे घटनाक्रम को 'महालूट की क्रोनोलॉजी' के रूप में पेश किया गया है। आरोप है कि रामलला की सोने-चांदी की ईंटें, भक्तों के गहने और नकद चढ़ावा गायब हो चुके हैं। अयोध्या की बेशकीमती जमीनों पर बाहर से आए 'वीआईपी डकैतों' का कब्ज़ा हो चुका है, जहाँ 'कॉरपोरेट स्टाइल में टूरिज्म हब' बनाकर रियल एस्टेट, होटल्स और मॉल्स के नाम पर अरबों का 'खेल' चल रहा है। पूरे रामलला तीर्थ और अयोध्या को 'एक संगठित राजनीतिक गिरोह की जागीर' बना दिया गया है। एक कड़वा सवाल उठाते हुए कहा गया है कि यदि आज केंद्र में विपक्ष की सरकार होती, यूपी में समाजवादी पार्टी का मुख्यमंत्री होता और ट्रस्ट में उनके लोग होते, तो ये 'फर्जी ठेकेदार' पूरे भारत में 'नंगा नाच' कर रहे होते, सुबह से शाम तक प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा होता, और अगर गलती से भी आरोपियों में कोई एक 'दीनी' नाम निकल आता तो पूरी कौम को देशद्रोही घोषित कर दिया जाता। लेकिन आज, 'राम को लाने का दावा करने वाले इन पाखंडी चोरों के मुंह में दही जम चुका है' और वे जुबान से एक शब्द नहीं फूटने दे रहे हैं। आरोप है कि 'लीपापोती का कुकर्म' चालू है, जहाँ बिना FIR के, सिर्फ SIT के नाम पर मामले को रफा-दफा करने का खेल शुरू हो चुका है, और सच को दफन करने के लिए पिछले 8 महीनों के CCTV फुटेज तक डिलीट कर दिए गए हैं। यह भी कहा गया है कि 'अंधभक्ति में अपने दिमाग को गटर बना चुके' लोग इस 'डकैती' को भी सही ठहराने के कुतर्क ढूंढ रहे हैं। इस पूरी स्थिति को 'सनातन का सबसे बड़ा अपमान' बताया गया है, क्योंकि हजारों सालों से सनातन की रक्षा करने वाले पूज्य शंकराचार्यों को इस तीर्थ से दूर रखा गया। शास्त्र सम्मत निर्माण न होने की उनकी चेतावनियों को 'लात मारकर' इसे सिर्फ एक 'चुनावी इवेंट' बनाया गया, और मर्यादा पुरुषोत्तम रामलला को 'एक पार्टी विशेष की बपौती' बना दिया गया। यह दावा किया गया है कि राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैकड़ों कारसेवकों की आत्माएं आज रो रही होंगी, और भक्तों का भरोसा इस कदर टूटा है कि रामलला का चढ़ावा 90% घटकर सिर्फ 10% रह गया है। 'चढ़ावा चोरों' और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को कुचलने वालों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें नरक में भी जगह नहीं मिलेगी। यह भी कहा गया है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भले ही उन्हें एक बार के लिए क्षमा भी कर दें, लेकिन बाबा हनुमान महाप्रभु की गदा और उनके भयंकर कोप से वे पाखंडी किसी जनम में नहीं बच पाएंगे।
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के स्थल पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पहुँचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना के सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर के पनकी गंगागंज वार्ड 50 के पूर्व पार्षद अशोक दुबे ने अपने ईष्ट मित्रों के साथ बद्री विशाल मंदिर में प्रवेश किया। इस घटना की जानकारी गंगागंज से न्यूज़ रिपोर्टर अनूप मिश्रा ने दी है।1
- कानपुर देहात में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान लगभग 9.44 करोड़ रुपये की कीमत का 8745 टिन घी और मिल्क पाउडर जब्त किया गया। यह कार्रवाई भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज पर छापेमारी के दौरान अंजाम दी गई, जहां से जांच के लिए कुल 13 नमूने भी भेजे गए हैं। इस बड़ी कार्रवाई से साफ होता है कि मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं।1
- विनय रतन सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि भीम आर्मी और ए.एस.पी. (ASP) के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं है। उनके बयान के अनुसार, ये दोनों एक परिवार की तरह हैं।1
- कानपुर में यात्रियों की सुरक्षा के प्रति सदैव तत्पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर एक यात्री की जान बचाई है। यह घटना प्लेटफार्म नंबर 5 पर हुई, जब एक यात्री चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में लड़खड़ा गया। ड्यूटी पर तैनात RPF उप निरीक्षक अनिल कुमार गौतम ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते उस लापरवाह यात्री को ट्रेन के नीचे आने से बचा लिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। RPF ने पहले भी कई बार इसी तरह यात्रियों की जान बचाई है। उनकी उत्कृष्ट और सतर्क कार्यशैली यह दर्शाती है कि वे यात्रियों की सुरक्षा के प्रति हमेशा गंभीर रहे हैं।1
- प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को गाली देते हुए एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसे महंगा पड़ गया। खटीमा पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी है।1
- सामने आई जानकारी के अनुसार, फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर पहुँचने में एक घंटे का विलंब हुआ।1