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पुल प्रहलादपुर मे ट्रैफ़िक पुलिस स्टाफ चेकिंग के नाम पर कर रहा हैं उगाही
सनसनी ऑफ़ इंडिया SANSANI
पुल प्रहलादपुर मे ट्रैफ़िक पुलिस स्टाफ चेकिंग के नाम पर कर रहा हैं उगाही
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- Post by Kishanveer Rajput1
- नया फोन बिकवाने जानबूझकर 'स्लो' किए जा रहे पुराने हैंडसेट, अब यूरोप में सख्ती क्या आपने गौर किया है कि जो स्मार्टफोन खरीदते वक्त सुपरफास्ट था, वह 2-3 साल बाद दम तोड़ने लगता है। बैटरी जवाब देने लगती है, एप हैंग होने लगते हैं और अंत में आप झुंझलाकर नया फोन खरीद लेते हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) का मानना है कि यह सोची-समझी डिजाइन (प्लान्ड ऑब्सोलेसेंस) का नतीजा है। इसमें फोन को इतना असुविधाजनक बना दिया जाता है कि यूजर नया मॉडल खरीदने के लिए मजबूर हो जाता है। ईयू इस सिस्टम पर लगाम लगाने के प्रयास में है। उसकी जॉइंट रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट बताती है कि स्मार्टफोन हर 2-3 साल में बदले जाते हैं। ईयू के नए नियम क्या हैं और इससे स्मार्टफोन की लाइफ कैसे बढ़ेगी? यूरोपीय संघ फरवरी 2027 से "इकोडिजाइन' के कड़े नियम लागू करेगा। इसके बाद कंपनियों की जवाबदेही तय हो जाएगी। नए नियमों को मुख्य रूप से चार कैटेगरी में बांटा जा सकता है... बचतः यूरोप में नए नियम लागू होने के बाद एक औसत स्मार्टफोन की लाइफ 3 साल से बढ़कर 4.1 साल हो जाएगी। इसकी वजह से साल 2030 तक हर यूरोप के हर परिवार को सालाना करीब 10,700 रुपए (98 यूरो) की बचत होने का अनुमान है। 5 साल के अपडेट स्मार्टफोन कंपनियों के लिए अब कम से कम 5 साल तक अनिवार्य सॉफ्टवेयर अपडेट देना जरूरी होगा, ताकि पुराने फोन सुरक्षा और फीचर्स के मामले में पीछे न रह जाएं।1
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- दिल्ली में नशे के खिलाफ जंग को तेज करते हुए क्राइम ब्रांच की एएनटीएफ टीम सड़कों पर उतरकर जागरूकता अभियान चला रही है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत यह मुहिम कक्षा से लेकर समुदाय तक फैल चुकी है, जिसमें जे.जे. क्लस्टर्स, स्कूल, बाजार और पुनर्वास केंद्रों को शामिल किया गया है। इस अभियान में 1000 से अधिक नागरिकों और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रमों के तहत प्रतियोगिताएं, रैप परफॉर्मेंस और जागरूकता गतिविधियों के जरिए युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। साथ ही, लोगों को सहायता और सूचना के लिए 1933 हेल्पलाइन के बारे में जागरूक किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और जागरूकता के जरिए समाज को नशा मुक्त बनाना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।1