logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मेरठ स्थित जिला अधिकारी कार्यालय पर दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की माँग कर रहे दलित समुदाय के लोगों के साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी घटनाएँ बेहद चिंताजनक मानी जा रही हैं।

3 hrs ago
user_BHARAT TODAY NEWS
BHARAT TODAY NEWS
Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
3 hrs ago

मेरठ स्थित जिला अधिकारी कार्यालय पर दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की माँग कर रहे दलित समुदाय के लोगों के साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी घटनाएँ बेहद चिंताजनक मानी जा रही हैं।

More news from North West Delhi and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के बरेली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की वर्दी पर गहरा दाग लगाया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 'मिशन शक्ति' से जुड़े एक दरोगा, नरेश बाबू, पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता महिला का दावा है कि दरोगा ने पहले उसे नौकरी और शादी का झांसा देकर भरोसा जीता, और फिर इसी भरोसे का फायदा उठाकर लंबे समय तक उसका शोषण किया। महिला के अनुसार, यह सब उसकी मर्जी के खिलाफ दबाव और धोखे से होता रहा, और जब उसने विरोध किया तो उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए। पीड़िता ने बताया कि उसे लगातार डर और धमकियों के जाल में फंसाया गया, जिससे वह आवाज नहीं उठा सकी। आरोपी दरोगा ने कथित तौर पर यह कहकर अपना घमंड दिखाया कि "मैं दरोगा हूं… दिल्ली तक जाओगी, तब भी कुछ नहीं होगा!" यह आरोप भी है कि आरोपी पहले से शादीशुदा और बच्चों वाला है। इस घटना ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है, खासकर तब जब 'मिशन शक्ति' के नाम पर महिलाओं की सुरक्षा का दावा किया जा रहा है। यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों में भारी गुस्सा और कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार वर्दी के पीछे छिपा काला सच सामने आएगा, या फिर हमेशा की तरह इसे दबा दिया जाएगा? यह घटना वर्दी की सुरक्षा गारंटी पर ही प्रश्नचिन्ह लगाती है, पूछती है कि क्या यह डर और दबाव का नया चेहरा बनती जा रही है।
    1
    उत्तर प्रदेश के बरेली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की वर्दी पर गहरा दाग लगाया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 'मिशन शक्ति' से जुड़े एक दरोगा, नरेश बाबू, पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता महिला का दावा है कि दरोगा ने पहले उसे नौकरी और शादी का झांसा देकर भरोसा जीता, और फिर इसी भरोसे का फायदा उठाकर लंबे समय तक उसका शोषण किया। महिला के अनुसार, यह सब उसकी मर्जी के खिलाफ दबाव और धोखे से होता रहा, और जब उसने विरोध किया तो उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए।

पीड़िता ने बताया कि उसे लगातार डर और धमकियों के जाल में फंसाया गया, जिससे वह आवाज नहीं उठा सकी। आरोपी दरोगा ने कथित तौर पर यह कहकर अपना घमंड दिखाया कि "मैं दरोगा हूं… दिल्ली तक जाओगी, तब भी कुछ नहीं होगा!" यह आरोप भी है कि आरोपी पहले से शादीशुदा और बच्चों वाला है। इस घटना ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है, खासकर तब जब 'मिशन शक्ति' के नाम पर महिलाओं की सुरक्षा का दावा किया जा रहा है।

यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों में भारी गुस्सा और कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार वर्दी के पीछे छिपा काला सच सामने आएगा, या फिर हमेशा की तरह इसे दबा दिया जाएगा? यह घटना वर्दी की सुरक्षा गारंटी पर ही प्रश्नचिन्ह लगाती है, पूछती है कि क्या यह डर और दबाव का नया चेहरा बनती जा रही है।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    1 hr ago
  • Post by Chandan,kumar
    2
    Post by Chandan,kumar
    user_Chandan,kumar
    Chandan,kumar
    Advertising agency सरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • अयोध्या में राम जन्मभूमि क्षेत्र के श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बड़ी मात्रा में गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है। इस कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। राम जन्मभूमि आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सड़क पर लगातार बह रहे पानी के चलते फिसलन तथा जलभराव से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से इस समस्या के तत्काल और स्थायी समाधान की मांग की है। उनकी अपील है कि नाले की मरम्मत शीघ्र की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके।
    1
    अयोध्या में राम जन्मभूमि क्षेत्र के श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बड़ी मात्रा में गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है।

इस कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। राम जन्मभूमि आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सड़क पर लगातार बह रहे पानी के चलते फिसलन तथा जलभराव से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से इस समस्या के तत्काल और स्थायी समाधान की मांग की है। उनकी अपील है कि नाले की मरम्मत शीघ्र की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके।
    user_Amit mishra
    Amit mishra
    Local News Reporter Rohini, North West Delhi•
    3 hrs ago
  • इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।
    1
    इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा।

"ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है।

इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है।

भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।

निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।
    user_Vishal Sharma journalist
    Vishal Sharma journalist
    Media company Rohini, North West Delhi•
    12 hrs ago
  • नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।
    1
    नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत इस प्रकरण से जुड़े दो अपराधियों की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले की गहन जांच लगातार जारी है।
    user_सफाई सैनिक न्यूज़
    सफाई सैनिक न्यूज़
    Artist रोहिणी, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली•
    16 hrs ago
  • दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ के घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन राजधानी के विभिन्न स्थानों पर जारी हैं, जहाँ पार्टी इस मामले पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है।
    1
    दिल्ली में कथित ₹650 करोड़ के घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन राजधानी के विभिन्न स्थानों पर जारी हैं, जहाँ पार्टी इस मामले पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है।
    user_SURYA NEWS
    SURYA NEWS
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    17 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि हर साल 8 जुलाई को मनाई जाती है। उनका निधन 8 जुलाई 2021 को हुआ था। स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का जीवन और राजनीतिक सफर सफलतापूर्वक रहा है।
    1
    हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि हर साल 8 जुलाई को मनाई जाती है। उनका निधन 8 जुलाई 2021 को हुआ था। स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का जीवन और राजनीतिक सफर सफलतापूर्वक रहा है।
    user_BCHANDEL
    BCHANDEL
    Social worker पंजाबी बाग, पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    18 hrs ago
  • आपको दी जा रही कैशलेस इलाज की सुविधा के तहत, यह स्पष्ट किया गया है कि इसका भुगतान हम करेंगे और आपसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
    1
    आपको दी जा रही कैशलेस इलाज की सुविधा के तहत, यह स्पष्ट किया गया है कि इसका भुगतान हम करेंगे और आपसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
    user_BHARAT TODAY NEWS
    BHARAT TODAY NEWS
    Media house Saraswati Vihar, North West Delhi•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.