राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग ने आम जनता से अपील की है कि राज्य में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की उपलब्धता को लेकर निश्चित रहें। अमेरिका व इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों के बाद गैस सिलिंडर की किल्लत की खबरे सामने आई हैं । हालांकि घरेलू गैस उपलब्धता में 2- 3 दिन का बैकलॉग देखने को मिल रहा है। लेकिन गैस आपूर्ति विभाग ने सुचारू बताई है। उत्तराखंड़ के अलग-अलग क्षेत्रो में गैस एजेंसियों में गैस बुकिंग को लेकर 2-3 दिन की बैकलॉग होने की खबरें आ रही है। जिसपर आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड की ओर से जानकारी दी गई है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों व मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं इस सम्बंध में खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के साथ राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय मे प्रदेश में घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, जिस कारण उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत “प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026” लागू किया गया है, जिसके तहत देशभर में गैस आपूर्ति व्यवस्था व कालाबाज़ी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं गैस आपूर्ति बाधित होने की खबरों के बीच भारत सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एलपीजी, पीएनजी व सीएनजी की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं की गई है। इसके साथ ही अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में उपयोग होने वाली कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पूर्ववत जारी है तथा इसमें कोई कटौती नहीं की गई है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में राज्य शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों और ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी, पीएनजी व सीएनजी की उपलब्धता की निरंतर समीक्षा करें और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए इनकी समान आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो।आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति ने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर एलपीजी, पीएनजी व सीएनजी की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत या पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग ने आम जनता से अपील की है कि राज्य में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की उपलब्धता को लेकर निश्चित रहें। अमेरिका व इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों के बाद गैस सिलिंडर की किल्लत की खबरे सामने आई हैं । हालांकि घरेलू गैस उपलब्धता में 2- 3 दिन का बैकलॉग देखने को मिल रहा है। लेकिन गैस आपूर्ति विभाग ने सुचारू बताई है। उत्तराखंड़ के अलग-अलग क्षेत्रो में गैस एजेंसियों में गैस बुकिंग को लेकर 2-3 दिन की बैकलॉग होने की खबरें आ रही है। जिसपर आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड की ओर से जानकारी दी गई है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों व मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं इस सम्बंध में खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के साथ राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय मे प्रदेश में घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, जिस कारण उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत “प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026” लागू किया गया है, जिसके तहत देशभर में गैस आपूर्ति व्यवस्था व कालाबाज़ी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं गैस आपूर्ति बाधित होने की खबरों के बीच भारत सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एलपीजी, पीएनजी व सीएनजी की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं की गई है। इसके साथ ही अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में उपयोग होने वाली कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पूर्ववत जारी है तथा इसमें कोई कटौती नहीं की गई है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में राज्य शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों और ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी, पीएनजी व सीएनजी की उपलब्धता की निरंतर समीक्षा करें और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए इनकी समान आपूर्ति सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कहीं भी गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो।आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति ने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर एलपीजी, पीएनजी व सीएनजी की जमाखोरी अथवा कालाबाजारी की शिकायत या पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- हेडलाइट रात को रास्ता दिखाने के लिए होती है ना कि सामने वाले को अंधा करने के लिए ऐसी हेडलाइट से दुर्घटना हो सकती है कृपया नियमित हेडलाइट लगाए ताकि सामने वाला आराम से निकल जाये1
- ड्रोन से निगरानी, दस्तावेज न दिखा पाने वाले 20 संदिग्ध चिन्हित — किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस की सख्ती लेखक: स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ हरिद्वार। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संभावित आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से क्षेत्र में पुलिस ने व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर के तहत पुलिस ने महादेवपुरम और रवाली महदूद क्षेत्र में घर-घर जाकर किरायेदारों, घरेलू सहायकों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने कुल 407 लोगों का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान व्यक्तियों के मूल निवास, कार्यस्थल, परिवार के सदस्यों की जानकारी, वर्तमान फोटो और व्यवसाय से संबंधित विवरण एकत्र कर पुलिस द्वारा एक सुदृढ़ डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह डाटाबेस भविष्य में किसी भी आपराधिक घटना की स्थिति में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में अहम भूमिका निभाएगा। ड्रोन कैमरे से भी रखी गई कड़ी निगरानी सत्यापन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। क्षेत्र में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई, जिससे पूरे इलाके की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अभियान के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति भाग न सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित किया जा सके। किरायेदार सत्यापन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी लापरवाही भी सामने आई। जांच में 50 मकान मालिकों द्वारा किरायेदार सत्यापन न कराए जाने का मामला सामने आया, जिस पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल ₹5,00,000 का चालान किया। पुलिस का कहना है कि किरायेदार सत्यापन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि शहर की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। इसलिए इसमें लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 20 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, पूछताछ जारी सत्यापन के दौरान पुलिस ने 20 ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया, जो मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए और अपने संबंध में संतोषजनक जानकारी भी नहीं दे सके। इन सभी व्यक्तियों से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है और उनके संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस की जनता से अपील थाना सिडकुल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने किरायेदारों, घरेलू सहायकों और बाहरी व्यक्तियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। पुलिस द्वारा इस संबंध में सोशल मीडिया, लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसलिए हर मकान मालिक और परिवार की जिम्मेदारी है कि वे अपने आसपास रहने वाले लोगों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। निष्कर्ष: औद्योगिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस तरह के सत्यापन अभियान सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ साबित हो सकते हैं। सिडकुल क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि पुलिस अब संभावित अपराधों को रोकने के लिए पहले से अधिक सक्रिय और सतर्क नजर आ रही है।2
- Post by Dpk Chauhan1
- The Aman Times तेज रफ्तार का कहर: नकरौंदा में मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत नकरौंदा/हर्रा वाला राजधानी देहरादून के नकरौंदा क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला। सड़क किनारे खेल रही एक मासूम बच्ची को तेज गति से आ रही कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए वाहन और चालक की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी वाहन चालक को पकड़ लिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।1
- ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया के ईंधन बाजार पर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण कई देशों में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी देखी जा रही है और ईंधन भंडार भी तेजी से घट रहे हैं। इसी बीच भारत में भी रसोई गैस को लेकर संभावित किल्लत की आशंका के चलते केंद्र सरकार द्वारा नई एसओसोपी जारी की गई गई है.... लेकिन गैस किल्लत की खबरों ने उपभोक्ताओं मे भी खलबली मचा रखी है.... जिसके चलते हरिद्वार देहात की गैस एजेंसियो के बाहर गैस की बुकिंग और डिलीवरी क़ो लेकर मारमारी का माहौल दिखाई दे रहा है..... उपभोक्ताओं की लम्बी कतारे दिखाई दे रहीं है... उपभोक्ता गैस एजेंसियो और सिस्टम पर भी बद इंतजामी के आरोप लगा रहे है.... बाइट....महताब उपभोक्ता बाइट...सतेन्द्र उपभोक्ता बाइट....मतलुब उपभोकता4
- उत्तराखंड देहरादून से आ रही बड़ी खबर जानिए पूरी खबर क्या है मामला1
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- हरिद्वार: Navneet Singh के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में ज्वालापुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय वाहन चोरी गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मोसिन और गुल्सान नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 10 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार ये वाहन अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए थे, जिन्हें आरोपी बेचने की फिराक में थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद SSP हरिद्वार के निर्देश पर चलाए जा रहे संघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई से खरीदे गए वाहनों को यूँ ही अपराधियों के हवाले नहीं होने दिया जाएगा। अपराध और अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। A BHARAT NEWS10 | सबसे पहले आपकी आवाज1