वाह रे सिस्टम! अन्नदाता बना 'फुटबॉल', अपनी ही फसल का पैसा पाने के लिए कलेक्ट्रेट में घिस रही चप्पलें वाह रे सिस्टम! अन्नदाता बना 'फुटबॉल', अपनी ही फसल का पैसा पाने के लिए कलेक्ट्रेट में घिस रही चप्पलें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला में सत्ता की कुर्सी तक पहुँचने का रास्ता किसानों के खेतों से होकर गुजरता है। सरकारें मंचों से चीख-चीख कर कहती हैं कि हम 'दाने-दाने का मोल' देंगे, लेकिन बलरामपुर की जमीनी हकीकत इन दावों के मुंह पर तमाचा मार रही है। यहां के विजयनगर का एक किसान अपनी ही मेहनत की गाढ़ी कमाई पाने के लिए पिछले कई महीनों से 'सरकारी फुटबॉल' बना हुआ है। विभागों का 'पासिंग द पार्सल' खेल विजयनगर निवासी इस पीड़ित किसान का गुनाह बस इतना है कि उसने शासन के भरोसे अपनी जमीन का धान बेचा था। खाद्य विभाग के पास जाओ तो वो बैंक का रास्ता दिखाते हैं। बैंक जाओ तो वो हाथ खड़े कर देते हैं। और जब कलेक्टर की चौखट पर गुहार लगाओ, तो साहेब कहते है कृषि विभाग जाओ और आवेदन दो हैरानी की बात है कि डिजिटल इंडिया और पारदर्शी व्यवस्था के दौर में एक किसान को अपनी ही फसल के पैसे के लिए अपराधी की तरह एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर क्यों धकेला जा रहा है? किसका कलेजा फटेगा किसान की व्यथा केवल पैसों तक सीमित नहीं है। घर में लोग बीमार पड़े हैं, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, और घर की आर्थिक कमर टूट चुकी है। पीड़ित किसान की आंखों की नमी बता रही है कि सिस्टम की संवेदनहीनता ने उसे कितना लाचार कर दिया है। सवाल यह है कि क्या फाइलों में डूबे अधिकारियों को किसान की बेबसी दिखाई नहीं देती या फिर उन्हें सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से मतलब है सत्ता के वादे बनाम जमीनी हकीकत सरकार चाहे कितने भी विज्ञापनों में अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन जब तक बलरामपुर जैसे जिलों में किसान अपनी हक की राशि के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा है, तब तक ये सारे दावे खोखले हैं। अधिकारियों का यह अड़ियल रवैया सरकार की छवि पर कालिख पोतने का काम कर रहा है। आखिर कब तक किसान अपने हक की भीख मांगता रहेगा? क्या प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार है, या फिर इस बार भी फाइलों के नीचे किसान की उम्मीदों को दबा दिया जाएगा
वाह रे सिस्टम! अन्नदाता बना 'फुटबॉल', अपनी ही फसल का पैसा पाने के लिए कलेक्ट्रेट में घिस रही चप्पलें वाह रे सिस्टम! अन्नदाता बना 'फुटबॉल', अपनी ही फसल का पैसा पाने के लिए कलेक्ट्रेट में घिस रही चप्पलें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला में सत्ता की कुर्सी तक पहुँचने का रास्ता किसानों के खेतों से होकर गुजरता है। सरकारें मंचों से चीख-चीख कर कहती हैं कि हम 'दाने-दाने का मोल' देंगे, लेकिन बलरामपुर की जमीनी हकीकत इन दावों के मुंह पर तमाचा मार रही है। यहां के विजयनगर का एक किसान अपनी ही मेहनत की गाढ़ी कमाई पाने के लिए पिछले कई महीनों से 'सरकारी फुटबॉल' बना हुआ है। विभागों का 'पासिंग द पार्सल' खेल विजयनगर निवासी इस पीड़ित किसान का गुनाह बस इतना है कि उसने शासन के भरोसे अपनी जमीन का धान बेचा था। खाद्य विभाग के पास जाओ तो वो बैंक का रास्ता दिखाते हैं। बैंक जाओ तो वो हाथ खड़े कर देते हैं। और जब कलेक्टर की चौखट पर गुहार लगाओ, तो साहेब कहते है कृषि विभाग जाओ और आवेदन दो हैरानी की बात है कि डिजिटल इंडिया और पारदर्शी व्यवस्था के दौर में एक किसान को अपनी ही फसल के पैसे के लिए अपराधी की तरह एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर क्यों धकेला जा रहा है? किसका कलेजा फटेगा किसान की व्यथा केवल पैसों तक सीमित नहीं है। घर में लोग बीमार पड़े हैं, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, और घर की आर्थिक कमर टूट चुकी है। पीड़ित किसान की आंखों की नमी बता रही है कि सिस्टम की संवेदनहीनता ने उसे कितना लाचार कर दिया है। सवाल यह है कि क्या फाइलों में डूबे अधिकारियों को किसान की बेबसी दिखाई नहीं देती या फिर उन्हें सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से मतलब है सत्ता के वादे बनाम जमीनी हकीकत सरकार चाहे कितने भी विज्ञापनों में अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन जब तक बलरामपुर जैसे जिलों में किसान अपनी हक की राशि के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा है, तब तक ये सारे दावे खोखले हैं। अधिकारियों का यह अड़ियल रवैया सरकार की छवि पर कालिख पोतने का काम कर रहा है। आखिर कब तक किसान अपने हक की भीख मांगता रहेगा? क्या प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार है, या फिर इस बार भी फाइलों के नीचे किसान की उम्मीदों को दबा दिया जाएगा
- *अपराध क्रमांक 111/2026 धारा छ.ग.कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,6,10 एव पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)घ* *आरोपी आबिद अंसारी पिता सहमीर अंसारी उम्र 32 वर्ष पता सोनपूर्वा थाना रंका जिला गढ़वा झारखंड* *चौकी बारिया पुलिस की कार्यवाही मवेशियों की खरीद बिक्री एवं तस्करी करने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया सलाखों के पीछे* *मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पूर्व में घटना दिनांक को चौकी बारियों के ग्राम आरा सरना पारा के पास से पिकप वाहन से मवेशी तस्करी होने की सूचना प्राप्त होने पर चौकी बारियों पुलिस के मौके पर पहुँचने पर पुलिस को देखकर तस्कर पिकअप वाहन को लेकर भागने के दौरान खेत में पिकअप के फंस जाने से ड्राइवर मवेशी से भरा पिकअप को छोड़ कर फरार हो गया था। मामले में अपराध क्रमांक 111/2026 धारा छ.ग.कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,6,10 एव पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)घ का अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही करते हुए पूर्व में वाहन स्वामी एवं ड्राइवर को जेल भेजा जा चुका है।* *मामले में एंड टू एंड कार्यवाही करते हुए मवेशियो की खरीद बिक्री करने वाले फरार आरोपी आबिद खान को घेराबंदी कर सीतापुर रोड अंबिकापुर से विधिवत हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपराध करना स्वीकार करने पर आरोपी आबिद खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।*1
- Post by Manoj💔💔🙏👍❤️🩹🥀🥀1
- Post by Sunil singh1
- न्यूजवॉल अपडेट सरगुजा संभाग सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि दिनांक 11.4.26 को आबकारी उड़नदस्ता टीम ने मुखबीर की सूचना पर आईटीआई कॉलोनी विश्रामपुर मकान नंबर 1030 में निवासरत भोले घसिया के शयन कक्ष से 132 नग SPASMO PROXYVON PLUS capsule, 73 नग ALPRASCEN tablet एवं 90 नग ALPRAX Alprazolam tablet जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 सी के तहत कार्यवाही कर रिमाण्ड के लिए सूरजपुर आबकारी नियंत्रण कक्ष लाया गया..आरोपी भोले घसिया को आबकारी नियंत्रण कक्ष सूरजपुर में प्रधान आरक्षक मेवालाल सोनवानी एवं एक महिला सैनिक के हवाले कर एक अन्य कार्यवाही के लिए आबकारी उड़नदस्ता एवं सूरजपुर की टीम दूसरी तरफ चली गई.. तभी आरोपी भोले घसिया पानी पीने के बहाने चकमा देकर फरार हो गया था.. भोले घसिया ने आज दिनांक 15/04/26 को माननीय विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स के समक्ष आत्मसमर्पण किया..आरोपे भोले घसिया को पुनः गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय से रिमाण्ड लेकर आज जेल दाखिल कर दिया गया है।।1
- Post by हमर जशपुर1
- वाहन स्वामी ध्यान दें: सार्वजनिक स्थलों पर खराब वाहन छोड़ने वालों पर निगम सख्त, समय सीमा के बाद सीधे नीलामी.. अम्बिकापुर। नगर पालिक निगम अम्बिकापुर ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए अब सीधे वाहन स्वामियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम क्षेत्र के अंतर्गत सार्वजनिक सड़कों और प्रमुख स्थलों पर लंबे समय से लावारिस हालत में अपने खराब (कंडम) वाहन छोड़ने वाले मालिकों को प्रशासन ने कड़ी चेतावनी जारी की है। इन वाहनों के कारण सड़कों पर जगह कम हो रही है, जिससे आम जनता को आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह सख्त कदम बीते 17 मार्च 2026 को अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद उठाया गया है। अधिकारियों और व्यापारियों के बीच हुई इस चर्चा में यह बात सामने आई कि सड़कों के किनारे खड़े ये कबाड़ वाहन न केवल यातायात में बाधा हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा और सुंदरता पर भी असर डाल रहे हैं। इसी के मद्देनजर अब सभी संबंधित वाहन स्वामियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल कार्रवाई करें। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 322 के तहत जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी वाहन स्वामी सार्वजनिक मार्ग अथवा स्थलों पर खड़े अपने खराब वाहनों को अगले 7 दिनों के भीतर वहां से हटा लें। निगम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर मालिक अपने वाहनों को नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन उन्हें लावारिस मानकर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। नगर निगम की इस मुहिम के तहत जब्त किए गए वाहनों को धारा 322 (4) के तहत नीलाम करने की तैयारी भी कर ली गई है। निगम प्रशासन ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए समय-सीमा का पालन करें और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने में सहयोग दें।भौगोलिक संदर्भ1
- बलरामपुर, आज संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम ने ग्राम पंचायत डिंडो में 1154.45 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सामाजिक उत्थान को गति देना है।आवागमन को सुगम बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया (कुल लंबाई लगभग 11 किमी सामाजिक बुनियादी ढांचा: गोंड समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन और धान उपार्जन केंद्र में चबूतरा निर्माण। खेल एवं युवा युवाओं के शारीरिक विकास के लिए खेल मैदान का निर्माण1
- प्रेस विज्ञप्ति 15/04/2026 सरस्वती शिशु मंदिर अंबिकापुर में प्राचार्य/प्रधानाचार्य वार्षिक कार्ययोजना बैठक का भव्य उद्घाटन सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा आयोजित प्रांतीय प्राचार्य/प्रधानाचार्य वार्षिक कार्य योजना त्रिदिवसीय बैठक आज सरस्वती शिशु मंदिर उ.मा.विद्यालय में आयोजित हुआ।इस उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि श्री अभय राम जी प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत, अध्यक्षता डॉ.देवनारायण साहू जी संगठन मंत्री सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ प्रांत ,विशेष अतिथि माननीय श्री लक्ष्मण राव मगर जी प्रादेशिक सचिव सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ प्रांत एवं विशिष्ट अतिथि श्री सुभाष चंद्र अग्रवाल अध्यक्ष सरस्वती शिशु मंदिर अंबिकापुर के उपस्थिति में संपन्न हुआ इस वार्षिक कार्य योजना बैठक में पूरे छत्तीसगढ़ प्रांत के 242प्राचार्य प्रधानाचार्य उपस्थित हुए। उद्घाटन अवसर पर माननीय संगठन मंत्री प्रस्तावना भाषण में गतवर्ष कार्य योजना की समीक्षा और आगामी लक्ष्य कार्य योजना बनाने तथा संघ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन समाज के बीच लेकर जाने का , 12 शैक्षिक व्यवस्था शिशु वाटिका के लिए लक्ष्य लेकर नई शिक्षा नीति के अनुसार कार्य करने का योजना हेतु उपस्थित की बात कही। इसी प्रकार मुख्य अतिथि माननीय श्री अभय राम जी प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रांत के द्वारा संस्कार के द्वारा पुनः समाज में छात्र छात्राओं के द्वारा भारत को शिक्षा के क्षेत्र में विश्व गुरु बनाने हेतु विद्या भारती के कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद प्रदान किया गया। इस अवसर पर श्री चन्द्रकिशोर श्रीवास्तव वनांचल शिक्षा सेवा न्यास के सचिव, श्री गौरीशंकर कटकवार महाप्रबंधक कोनी प्रकल्प,श्री दीपक सोनी प्रांत प्रमुख, श्री मानिक लाल साहू सह प्रांत प्रमुख, श्री नरेश जायसवाल, श्री चन्द्रकुमार डड़सेना, श्री रामकुमार वर्मा प्रांतीय कार्यकर्ता व सभी पूर्ण कालिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कल द्वितीय दिवस में प्रातः 6:30 बजे नशा मुक्ति अभियान का संकल्प लेकर कार्य करने हेतु पंच कुंडी यज्ञ हवन आयोजित किया गया है जिसमें उपस्थित प्रधानाचार्य प्राचार्य के साथ नगर के सभी प्रबुद्ध जनों को सादर आमंत्रित किया गया है।2
- Post by Anit tiwary1