उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार की शिकायतों से डरने का आरोप लगा है। इसी बीच, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिर्जापुर जनपद में प्रशासनिक बैठक और भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दो दिन पहले करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बनाई थी। वे मिर्जापुर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे जर्जर सड़कें, गड्ढों में भरा पानी, नटवा ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी, और स्वास्थ्य विभाग में हुए ₹6 करोड़ 82 लाख के कथित व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायत करना चाहते थे। उनकी मांग थी कि इन मुद्दों का तत्काल निस्तारण किया जाए। हालांकि, प्रदेश सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि वह अपने नुमाइंदों की शिकायतें सुनने से डरती है और शिकायतकर्ताओं को अपने पास नहीं आने देना चाहती। मिर्जापुर जिला और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री से न तो कोई जनप्रतिनिधि, न पत्रकार और न ही कोई समाजसेवी अपनी समस्या या मांग को लेकर मिल पाएगा। यह सवाल उठाया गया है कि राजा से जनता अपनी दुख बयान न कर सके तो कैसा शासन और कैसा प्रशासन? इसके परिणामस्वरूप, सरकार पर मूलभूत सुविधाओं की कमी और भ्रष्टाचार को उजागर होने से बचाने, तथा जनता की शिकायतें न सुनने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश देने का आरोप लगा है। इसी के तहत, करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार को उनके निवास चंदईपुर में ही घर पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया गया। उनके घर पर ही उनसे मांग पत्र लिया गया और उन्हें व उनके साथियों को तब तक हाउस अरेस्ट में रखा जाएगा जब तक मुख्यमंत्री अपने गंतव्य पर वापस नहीं चले जाते। मौके पर दिलीप सिंह गहरवार सहित अभिषेक सिंह धवल, इंस्पेक्टर सिंह (शिवम), डॉ. अवनीश सिंह गहरवार, शाश्वत सिंह, पुष्कर सिंह राठौड़, अनुराग सिंह, विनीत सिंह, उदय सिंह, प्रीतम सिंह, युवराज सिंह, अभय सिंह, मंदीप, पंचम सिंह, अतुल सिंह, संजय गुप्ता, रमाकांत सिंह, हेमंत कुमार, प्रदीप सिंह, शिवम सिंह, धीरज सिंह, राकेश सिंह, अवनीश सिंह, राकेश सिंह राणा, शिवपाल सिंह, कुश सिंह, अमित सिंह, मोहित सिंह, मंगल सिंह, फुलेल सिंह, रत्नेश सिंह, अतुल सिंह और आवेश सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस घटना को प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 'उड़ी नींद' के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री के आगमन पर जिला प्रशासन ने समाजसेवियों को भ्रष्टाचार उजागर करने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया और उनका मांग पत्र घर पर ही लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार की शिकायतों से डरने का आरोप लगा है। इसी बीच, 8 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिर्जापुर जनपद में प्रशासनिक बैठक और भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से दो दिन पहले करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बनाई थी। वे मिर्जापुर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं जैसे जर्जर सड़कें, गड्ढों में भरा पानी, नटवा ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी, और स्वास्थ्य विभाग में हुए ₹6 करोड़ 82 लाख के कथित व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायत करना चाहते थे। उनकी मांग थी कि इन मुद्दों का तत्काल निस्तारण किया जाए। हालांकि, प्रदेश सरकार पर यह आरोप लगाया गया है कि वह अपने नुमाइंदों की शिकायतें सुनने से डरती है और शिकायतकर्ताओं को अपने पास नहीं आने देना चाहती। मिर्जापुर जिला और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री से न तो कोई जनप्रतिनिधि, न पत्रकार और न ही कोई समाजसेवी अपनी समस्या या मांग को लेकर मिल पाएगा। यह सवाल उठाया गया है कि राजा से जनता अपनी दुख बयान न कर सके तो कैसा शासन और कैसा प्रशासन? इसके परिणामस्वरूप, सरकार पर मूलभूत सुविधाओं की कमी और भ्रष्टाचार को उजागर होने से बचाने, तथा जनता की शिकायतें न सुनने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश देने का आरोप लगा है। इसी के तहत, करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार को उनके निवास चंदईपुर में ही घर पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया गया। उनके घर पर ही उनसे मांग पत्र लिया गया और उन्हें व उनके साथियों को तब तक हाउस अरेस्ट में रखा जाएगा जब तक मुख्यमंत्री अपने गंतव्य पर वापस नहीं चले जाते। मौके पर दिलीप सिंह गहरवार सहित अभिषेक सिंह धवल, इंस्पेक्टर सिंह (शिवम), डॉ. अवनीश सिंह गहरवार, शाश्वत सिंह, पुष्कर सिंह राठौड़, अनुराग सिंह, विनीत सिंह, उदय सिंह, प्रीतम सिंह, युवराज सिंह, अभय सिंह, मंदीप, पंचम सिंह, अतुल सिंह, संजय गुप्ता, रमाकांत सिंह, हेमंत कुमार, प्रदीप सिंह, शिवम सिंह, धीरज सिंह, राकेश सिंह, अवनीश सिंह, राकेश सिंह राणा, शिवपाल सिंह, कुश सिंह, अमित सिंह, मोहित सिंह, मंगल सिंह, फुलेल सिंह, रत्नेश सिंह, अतुल सिंह और आवेश सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस घटना को प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 'उड़ी नींद' के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ मुख्यमंत्री के आगमन पर जिला प्रशासन ने समाजसेवियों को भ्रष्टाचार उजागर करने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया और उनका मांग पत्र घर पर ही लिया।
- मीरजापुर में चोरी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली देहात पुलिस ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी किए गए गहने बरामद किए हैं। यह मामला 17 अप्रैल 2026 का है, जब बहोरना निवासी अनिल कुमार ने अपनी दुकान से गहने चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर आरोपी की तलाश तेज़ कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने तेंदुआ खुर्द, थाना लालगंज निवासी 30 वर्षीय अनिल धरिकार को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से कई चोरी के गहने बरामद हुए, जिनमें पाजेब, करधनी, पायल, बिछुआ, सिकड़ी, जुड़ा पिन और अन्य सफेद धातु के आभूषण शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी अनिल धरिकार के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया है। इस पूरी गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई को उपनिरीक्षक सुरेश कुमार सिंह और उनकी टीम ने अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- मिर्जापुर से एक बड़ी और ताजा खबर सामने आई है, जहाँ एक बेटे ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि दहेज के रूप में जमीन की मांग की जा रही थी, और इसी के चलते जहर देकर मौत का आरोप लगाया गया है।1
- पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक विजय मिश्रा के गैंग से संबंधित ₹100.25 करोड़ की एक दाल मिल को कुर्क कर लिया है। यह एक्शन पुलिस द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।1
- भदोही पुलिस ने शासन स्तर पर चिन्हित सफेदपोश माफिया और पूर्व विधायक विजय मिश्रा के गैंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज (दाल मिल) को कुर्क कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस संपत्ति की अनुमानित कीमत ₹100 करोड़ 25 लाख है। गैंगेस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत की गई इस कार्रवाई में, पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित अवैध धनराशि से बनाई गई थी। यह कार्रवाई भदोही पुलिस के उस विशेष अभियान का हिस्सा है जिसके तहत संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच विजय मिश्रा गैंग की ₹2.41 अरब से अधिक मूल्य की संपत्तियां भी पहले ही कुर्क की जा चुकी हैं।1
- भदोही पुलिस ने शासन द्वारा चिन्हित सफेदपोश माफिया और पूर्व विधायक विजय मिश्रा के गैंग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज (दाल मिल) को कुर्क किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस संपत्ति की अनुमानित कीमत ₹100 करोड़ 25 लाख है।1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन4
- मिर्जापुर के थाना कछवां क्षेत्रांतर्गत एक तालाब में मछुआरों को 31 पासपोर्ट मिले हैं। इस सूचना के तुरंत बाद, थाना कछवां के प्रभारी निरीक्षक अपनी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और सभी पासपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और प्राप्त तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा साझा की गई है।1
- मुंबई के वडाला इलाके में एक मेडिकल स्टोर की छत गिर गई, जिससे तीन लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और बचाव अभियान चलाया।1
- मिर्जापुर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के बिशुनपुरा गाँव में एक बोलेरो गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई है।1